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उत्तर प्रदेश पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर ने अंडरपास में भरे गहरे पानी में डूबे एक व्यक्ति की तलाश के दौरान अपनी बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया है। जांबाज सब-इंस्पेक्टर ने अपनी वर्दी उतारी और गहरे पानी में उतरकर स्थानीय लोगों की मदद से डूबे व्यक्ति की खोजबीन शुरू कर दी। काफी कठिन प्रयासों के बाद आखिरकार डूबे हुए व्यक्ति को पानी से बाहर निकाल लिया गया। इस घटना के दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के इस संयुक्त प्रयास की हर तरफ सराहना की जा रही है। घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद सब-इंस्पेक्टर की बहादुरी और कर्तव्य के प्रति समर्पण की जमकर चर्चा हो रही है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने आपदा की स्थिति में मानवीय संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को बखूबी प्रदर्शित किया है।
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उत्तर प्रदेश पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर ने अंडरपास में भरे गहरे पानी में डूबे एक व्यक्ति की तलाश के दौरान अपनी बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया है। जांबाज सब-इंस्पेक्टर ने अपनी वर्दी उतारी और गहरे पानी में उतरकर स्थानीय लोगों की मदद से डूबे व्यक्ति की खोजबीन शुरू कर दी। काफी कठिन प्रयासों के बाद आखिरकार डूबे हुए व्यक्ति को पानी से बाहर निकाल लिया गया। इस घटना के दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के इस संयुक्त प्रयास की हर तरफ सराहना की जा रही है। घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद सब-इंस्पेक्टर की बहादुरी और कर्तव्य के प्रति समर्पण की जमकर चर्चा हो रही है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने आपदा की स्थिति में मानवीय संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को बखूबी प्रदर्शित किया है।
- Rakesh Kumarगाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश🙏10 hrs ago
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- राजधानी लखनऊ के भारतेंदु हरिश्चंद्र वार्ड में बदहाल सफाई व्यवस्था और जाम नालियों के कारण स्थानीय निवासियों का जीवन मुश्किल हो गया है। क्षेत्र की गलियों में लगातार गंदा पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस दूषित माहौल की वजह से कई परिवारों में डेंगू सहित अन्य संक्रामक बीमारियों के मामले भी सामने आने लगे हैं। बरसात के मौसम में यह स्थिति और अधिक चिंताजनक हो जाती है, जिससे बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन प्रशासन की तरफ से अब तक न तो नालियों की सफाई कराई गई और न ही जलभराव का कोई स्थायी समाधान निकाला गया। घरों के बाहर बदबूदार पानी भरा रहने से लोगों का रोजमर्रा का आवागमन भी कठिन हो गया है, जिससे सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों की मांग है कि जाम नालियों की तुरंत सफाई की जाए, जल निकासी की समुचित व्यवस्था हो और क्षेत्र में नियमित रूप से फॉगिंग व एंटी-लार्वा का छिड़काव कराया जाए। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सफाई व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो डेंगू और अन्य जलजनित बीमारियां क्षेत्र में महामारी का रूप ले सकती हैं।1
- जंतर मंतर पर जारी आंदोलन के समर्थन में मुंबई, महाराष्ट्र के रहने वाले अनुज रावत ने एक अनोखी मिसाल पेश की है। जोमैटो के एक डिलीवरी बॉय ने इस बात का खुलासा करते हुए बताया कि मुंबई से अनुज रावत ने ऑनलाइन भुगतान कर खाना ऑर्डर किया है और निर्देश दिया है कि जंतर मंतर पर जो कोई भी भूखा दिखाई दे, उसे यह खाना दे दिया जाए। आंदोलन को मिल रहे इस तरह के निस्वार्थ जन-समर्थन को लेकर गहरी भावना व्यक्त करते हुए कहा गया है कि जब तक आंदोलन के समर्थन में ऐसे लोग खड़े रहेंगे, तब तक देश का लोकतंत्र जिंदा रहेगा।1
- उत्तर प्रदेश के शामली में तेज बहाव के कारण एक छोटी नहर की पटरी टूटने से भारी तबाही मची है। कांधला थाना क्षेत्र के नाला गांव के पास नहर की पटरी कटने से इसके किनारे बनी मुख्य सड़क करीब 10 फीट तक धंस गई है, जिसके चलते वहां यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। इस भीषण तबाही के बीच पिछले 48 घंटों में 10 लोगों की मौत हो चुकी है। लखनऊ से संवाददाता आशीष मिश्रा के अनुसार, स्थिति को देखते हुए राज्य के 75 जिलों में बरसात की चेतावनी जारी की गई है।1
- मेरठ के अतुल पंवार हत्याकांड मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। अपने पति की सांप से कटवाकर हत्या करने वाली कातिल पत्नी दामिनी ने जेल जाते ही खाना नहीं खाया और भूखी रहकर ही बैरक में अपनी रात काटी। दामिनी को जेल की उसी बैरक में रखा गया है, जहां कातिल मुस्कान सहित 5 कातिल पत्नियां बंद हैं। अपने प्रेमी तुषार के लिए पति अतुल पंवार को मौत के घाट उतारने वाली दामिनी ने अब जेल प्रशासन से रामायण के सुंदरकांड का पाठ करने की इच्छा जताई है। इस पूरे मामले को लेकर मेरठ के वरिष्ठ जेल अधीक्षक विरेश राज शर्मा ने जानकारी साझा की है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुखौटा पहनकर एक अनोखा और प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया है। प्रदर्शनकारियों ने इस तरीके का इस्तेमाल कर अपनी मांगों और असंतोष को जाहिर करने की कोशिश की है। मौके पर पुलिस बल की मौजूदगी के बीच छात्रों का यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहा। इस बीच सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक कड़ा कर दिया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग भी की गई है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।1
- लखनऊ के रहीमाबाद थाना क्षेत्र में दरोगा चक्की, लालूहार रोड स्थित आशीर्वाद भोग होटल का मामला सुलह होने के बाद भी लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। होटल संचालक सुशील (पुत्र विवेक) के सोशल मीडिया पर ओवरस्पीडिंग, खतरनाक स्टंट और अवैध हथियारों के तीन वीडियो वायरल होने के बाद से स्थानीय लोगों में भारी दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि एक मामले में तो दोनों पक्षों के बीच सुलह हो गई है, लेकिन कानून का उल्लंघन तो रोजाना किया जा रहा है। इस मामले की पृष्ठभूमि में पूर्व में एक ग्रामीण ने रहीमाबाद थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसे नौकरी के नाम पर आशीर्वाद भोग होटल बुलाकर बंधक बना लिया गया था। उसका आरोप था कि होटल संचालक सुशील, विवेक और मंजेश ने उसके साथ मारपीट की और असलहा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों में सुलह-समझौता हो गया और शिकायतकर्ता ने अपनी अर्जी वापस ले ली। इस सुलह के बावजूद विवेक की इंस्टाग्राम आईडी 'call_me_vivek_0486' और 'Mahindra airline' से लगातार कानून की धज्जियां उड़ाने वाले वीडियो पोस्ट किए जा रहे हैं। इसमें पहले वीडियो में रात के समय महिंद्रा कार को 112 से 152 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया जा रहा है, दूसरे वीडियो में खाली सड़क पर काली एसयूवी से ड्रिफ्ट कर स्टंट किया जा रहा है, और तीसरे वीडियो में एक कमरे के भीतर बंदूक, राइफल और कारतूसों को मेज पर रखकर रील बनाई गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विवेक बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाता है और सिर्फ रील्स बनाने के लिए आम जनता की जान खतरे में डाल रहा है। होटल की आड़ में चल रही इस दबंगई को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। नाम न छापने की शर्त पर एक ग्रामीण ने सवाल उठाया कि सुलह होना अपनी जगह ठीक है, लेकिन इस तरह 150 की रफ्तार पर गाड़ी दौड़ाना और हथियारों के साथ रील बनाना बेहद खतरनाक है; यदि कल को कोई बड़ा हादसा हो जाता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?1