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मधुबनी जिले के हरलाखी प्रखंड अंतर्गत दुर्गा पट्टी पीपरोन गांव में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ विमल राय के 14 वर्षीय पुत्र आर्यन कुमार का सर्प दंश से निधन हो गया है।
Avinash Kumar paswan
मधुबनी जिले के हरलाखी प्रखंड अंतर्गत दुर्गा पट्टी पीपरोन गांव में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ विमल राय के 14 वर्षीय पुत्र आर्यन कुमार का सर्प दंश से निधन हो गया है।
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- विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर, मधुबनी जिले में बाल श्रम के उन्मूलन और बच्चों के अधिकारों के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान की शुरुआत की गई। जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर, अपर समाहर्ता (आपदा) संतोष कुमार ने समाहरणालय परिसर से एक प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर, अपर समाहर्ता संतोष कुमार ने बाल श्रम को समाज के लिए एक गंभीर समस्या बताया, जिसके समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित बचपन का अधिकार प्राप्त है, और बच्चों से मजदूरी करवाना न केवल कानूनी अपराध है बल्कि उनके भविष्य के साथ अन्याय भी है। यह प्रचार वाहन शहर के विभिन्न चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर जाकर लोगों को बाल श्रम के दुष्परिणामों, बच्चों के अधिकारों और संबंधित कानूनी प्रावधानों के बारे में जागरूक करेगा। वाहन के माध्यम से ऑडियो संदेश, पोस्टर, बैनर और पंपलेट के जरिए आम जनता को यह जानकारी दी जाएगी कि बाल श्रम की सूचना मिलने पर संबंधित विभाग को तुरंत सूचित करें। श्रम अधीक्षक ने बताया कि बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कराना पूरी तरह प्रतिबंधित है, और उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बच्चों को विद्यालय भेजें और उनके सर्वांगीण विकास में सहयोग करें। बाल श्रम उन्मूलन हेतु इस प्रचार-प्रसार वाहन कार्यक्रम के तहत, वाहन संख्या BR-32 ER 5044 जिला परिषद कैंपस से प्रस्थान करते हुए थाना मोड़, पोस्ट ऑफिस रोड, रेलवे स्टेशन, गंगा सागर चौक, तिलक चौक, शंकर चौक, बाबूसाहेब चौक से होते हुए वापस चमच्चा चौक से चमच्चा चौक लहेरियागंज (बुबना मंदिर तक), संतुनगर चौक से लोहरसारी चौक होते हुए किशोरी लाल चौक, सूड़ी स्कूल चौक से गाँधी चौक, सुभाष चौक से लोहापट्टी होते हुए चूड़ी बाजार से बाटा चौक होते हुए गंगा सागर चौक से रेलवे स्टेशन होते हुए थाना मोड़, फिर निलम चौक से सुभाष चौक होते हुए गिलेशन से बाटा चौक होते हुए निलम चौक होते हुए थाना मोड़, और अंत में जिला परिषद कैंपस तक पहुँचेगी। इसी क्रम में, दूसरा प्रचार वाहन संख्या BR 32 ER 1643 भी जिला परिषद कैंपस से वाट्सन स्कूल होते हुए जलधारी चौक से हॉस्पीटल चौक, कोतवाली चौक, निधि चौक, मेडिकल कॉलेज तक जाएगा। वापसी में यह हवाई अड्डा होते हुए सिंघानियाँ चौक से बिजली ऑफिस रोड होते हुए थाना चौक से वापस जिला परिषद कैंपस तक पहुँचेगी। इस कार्यक्रम के दौरान उप निदेशक सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आनंद शर्मा, सहायक निदेशक (सामाजिक सुरक्षा) नितेश पाठक, सहायक आपदा पदाधिकारी रजनीश कुमार सहित अन्य पदाधिकारी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।4
- जनसुराज के जिला अध्यक्ष अनिल कुमार मिश्रा ने 'CJP (कॉकक्रोच जनता पार्टी)' द्वारा 6 जून 2026 को जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाले धरने को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। मिश्रा ने इस प्रस्तावित धरने के 'हिट या फ्लॉप' होने पर सवाल उठाया है, और उनके इस संबंध में दिए गए बयान को सुनने की बात कही गई है।1
- जयनगर प्रखंड के देवधा उत्तरी में नव-निर्मित शवदाह गृह के निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। आरोप है कि 15वें वित्त आयोग की राशि से बने इस शवदाह गृह का फर्श निर्माण के मात्र एक साल के भीतर ही टूट गया है, जो सीधे तौर पर निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल और बड़े भ्रष्टाचार का संकेत देता है। लोग इस घटिया निर्माण को एक घोटाला मान रहे हैं।1
- बिहार के दरभंगा में इस समय गहरा गम और जनसैलाब में जबरदस्त गुस्सा देखा जा रहा है। मोहम्मद फैज के जनाज़े के दौरान उमड़ी भीड़ ने उनके हत्यारों को तत्काल फांसी देने की पुरजोर मांग उठाई है। यह #PublicOutrage स्पष्ट रूप से #JusticeForFaiz की तीव्र भावना को दर्शाता है, जहां न्याय की मांग के साथ लोगों का गुस्सा सड़कों पर उबल पड़ा।1
- जन सुराज पार्टी के अति पिछड़ा कर्पूरी मंच के जिलाध्यक्ष ने शराबबंदी के विषय पर अपनी बात रखी है। उन्होंने इस मुद्दे पर विचार साझा किए, जिसका विवरण लोगों से सुनने का आग्रह किया गया है।1
- मधुबनी जिले के जयनगर प्रखंड में पड़ने वाली उत्तरी पंचायत देवधा की मौजूदा स्थिति पर ध्यान देने का आग्रह किया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे इस क्षेत्र का अवलोकन करें और वहाँ के हालात को समझें।1
- विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर मधुबनी समाहरणालय परिसर में बाल श्रम उन्मूलन और बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के लिए एक शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान अपर समाहर्ता (आपदा) संतोष कुमार के नेतृत्व में सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को बाल श्रम के विरुद्ध जागरूकता और प्रतिबद्धता की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और कर्मियों ने संकल्प लिया कि वे किसी भी रूप में बाल श्रम का समर्थन या उसे बढ़ावा नहीं देंगे। उन्होंने यह सुनिश्चित करने की शपथ भी ली कि 14 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे से श्रम कार्य नहीं कराया जाएगा। सभी ने अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया। इस अवसर पर, जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने अपने संदेश में कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानपूर्ण बचपन का अधिकार है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि समाज में कोई भी बच्चा श्रम के लिए विवश न हो और हर बच्चा विद्यालय जाकर अपना उज्ज्वल भविष्य बना सके। जिलाधिकारी ने बाल श्रम उन्मूलन को एक सामाजिक दायित्व बताते हुए इसके विरुद्ध व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। शपथ ग्रहण के बाद, सभी अधिकारियों और कर्मियों ने शपथ पत्र भरकर जमा किया, जिससे बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका की प्रतिबद्धता सशक्त हुई। इस कार्यक्रम में उप निदेशक-सह-जिला जनसंपर्क पदाधिकारी परिमल कुमार, सहायक निदेशक, एडीसी सौंपा सिम्पा ठाकुर, सामाजिक सुरक्षा नितेश पाठक, सहायक आपदा पदाधिकारी रजनीश कुमार सहित अन्य पदाधिकारी, कर्मी एवं संबंधित व्यक्ति उपस्थित रहे।4
- पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने पश्चिम बंगाल की राजनीति और तृणमूल कांग्रेस (TMC) को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उनके बयान में TMC के नेताओं पर निशाना साधा गया है, जहाँ वे उन्हें 'हरकाते' हुए (यानी चुनौती देते हुए या उन पर तीखी टिप्पणी करते हुए) नजर आ रहे हैं। पप्पू यादव ने स्पष्ट रूप से घोषणा की है कि बंगाल में अब TMC का काम 'तमाम' हो चुका है।1
- सीतामढ़ी के बैरगनिया रेलवे स्टेशन पर नियमों की अनदेखी और यात्रियों की लापरवाही से किसी बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है। पोस्ट में इस बात पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है कि यदि इसी तरह की स्थिति बनी रहती है और अचानक ट्रेन आ जाए, तो क्या होगा। यह सवाल उठाया गया है कि आखिर बैरगनिया रेलवे स्टेशन पर हालात कब सुधरेंगे, क्योंकि मौजूदा परिस्थितियाँ बड़ी दुर्घटना को न्योता दे रही हैं।1