राज्य सरकार ने तबादलों पर लगी रोक हटाते हुए शुक्रवार देर शाम 178 RAS अधिकारियों की एक बड़ी तबादला सूची जारी की है। इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल को लंबे समय बाद आई पहली बड़ी सूची माना जा रहा है, जिससे प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। इस सूची के अनुसार, झालावाड़ एडीएम के पद पर पुष्पा हरवानी को नियुक्त किया गया है, जबकि वर्तमान एडीएम अनुराग भार्गव को कोटा वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार बनाया गया है। पुष्पा हरवानी इससे पहले गंगधार एसडीएम और परवन बांध परियोजना में झालावाड़ भूमि अवाप्ति अधिकारी के पद पर रह चुकी हैं। झालावाड़ जिले में अकलेरा और पिड़ावा के एसडीएम भी बदले गए हैं; अकलेरा एसडीएम ब्रजेश कुमार को बहरोड़ कोटपूतली के पावटा और पिड़ावा एसडीएम दिनेश कुमार मीणा को बागीदौरा (बांसवाड़ा) स्थानांतरित किया गया है। जानकारों का मानना है कि सरकार ने यह बड़ा फेरबदल प्रशासनिक कार्यों में गति लाने, अधिकारियों के अनुभव का बेहतर उपयोग करने और विभिन्न जिलों में प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से किया है। तबादला सूची में प्रदेशभर के कई जिलों के उपखंड अधिकारियों, अतिरिक्त जिला कलक्टरों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत अधिकारियों के नाम शामिल हैं। आदेश जारी होने के साथ ही संबंधित अधिकारियों को नई जगह पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश भी दिए गए हैं। राज्य सरकार के इस फैसले के बाद विभिन्न जिलों में नए प्रशासनिक समीकरण बनने शुरू हो गए हैं, और इसे आगामी प्रशासनिक रणनीति तथा शासन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राज्य सरकार ने तबादलों पर लगी रोक हटाते हुए शुक्रवार देर शाम 178 RAS अधिकारियों की एक बड़ी तबादला सूची जारी की है। इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल को लंबे समय बाद आई पहली बड़ी सूची माना जा रहा है, जिससे प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। इस सूची के अनुसार, झालावाड़ एडीएम के पद पर पुष्पा हरवानी को नियुक्त किया गया है, जबकि वर्तमान एडीएम अनुराग भार्गव को कोटा वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार बनाया गया है। पुष्पा हरवानी इससे पहले गंगधार एसडीएम और परवन बांध परियोजना में झालावाड़ भूमि अवाप्ति अधिकारी के पद पर रह चुकी हैं। झालावाड़ जिले में अकलेरा और पिड़ावा के एसडीएम भी बदले गए हैं; अकलेरा एसडीएम ब्रजेश कुमार को बहरोड़ कोटपूतली के पावटा और पिड़ावा एसडीएम दिनेश कुमार मीणा को बागीदौरा (बांसवाड़ा) स्थानांतरित किया गया है। जानकारों का मानना है कि सरकार ने यह बड़ा फेरबदल प्रशासनिक कार्यों में गति लाने, अधिकारियों के अनुभव का बेहतर उपयोग करने और विभिन्न जिलों में प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से किया है। तबादला सूची में प्रदेशभर के कई जिलों के उपखंड अधिकारियों, अतिरिक्त जिला कलक्टरों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत अधिकारियों के नाम शामिल हैं। आदेश जारी होने के साथ ही संबंधित अधिकारियों को नई जगह पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश भी दिए गए हैं। राज्य सरकार के इस फैसले के बाद विभिन्न जिलों में नए प्रशासनिक समीकरण बनने शुरू हो गए हैं, और इसे आगामी प्रशासनिक रणनीति तथा शासन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
- यह बुढ़ापे के सहारे पर आधारित एक कहानी है, जो वृद्ध माता-पिता और उनके एकमात्र बेटे के संबंध को दर्शाती है।1
- खानपुर में विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को स्थानीय मुक्तिधाम परिसर में एक श्रमदान एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान में सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और नगरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पूरे परिसर की गहन साफ-सफाई की। सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से श्रमदान करते हुए आमजन को अपने आस-पास के वातावरण को साफ रखने और स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उल्लेखनीय है कि मुक्तिधाम को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने का यह कार्य दो चरणों में पूरा किया गया है। पिछले सप्ताह शुरू हुए पहले चरण के अभियान के दौरान परिसर के एक बड़े हिस्से की सफाई कर दी गई थी, लेकिन कुछ हिस्सों में कार्य शेष रह गया था। इसी क्रम में शनिवार को दूसरे चरण के रूप में यह विशेष अभियान आयोजित किया गया, जिसमें स्वयंसेवकों ने सुबह से ही तत्परता दिखाते हुए शेष बचे पूरे क्षेत्र की सफाई की और कचरा हटाकर परिसर को पूरी तरह व्यवस्थित बना दिया। आयोजकों ने इस सफल अभियान के लिए सभी नगरवासियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी सार्वजनिक स्थानों के रखरखाव में इसी तरह सहयोग देने की अपील की।1
- बिहार में भरत तिवारी का दिनदहाड़े एनकाउंटर किए जाने पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि इस नौजवान को योजनाबद्ध तरीके से मारा गया है, और बिहार के मुख्यमंत्री की इस मामले पर चुप्पी इसी ओर इशारा करती है। इस घटना को लेकर यह भी दावा किया गया है कि भारत के अंदर जितने भी एनकाउंटर हुए हैं, चाहे वे हिंदू हों या मुस्लिम, वे सभी ब्राह्मणों के हुए हैं, और यह विशेष रूप से बीजेपी सरकार के कार्यकाल में हो रहा है। इस पूरी स्थिति को देश भी देख रहा है।2
- स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग के विषय में जानकारी दी गई है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में छीपाबड़ौद के ब्लॉक खेल मैदान में आयोजित दो दिवसीय योग प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस कार्यक्रम के समापन के बाद, कस्बे में योग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक भव्य जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें पूरा कस्बा “करें योग, रहें निरोग” जैसे नारों से गूंज उठा। रैली में बड़ी संख्या में प्रशिक्षार्थियों, विद्यार्थियों, योग साधकों, विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों और गणमान्य नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी की। यह रैली कस्बे के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जहाँ प्रतिभागियों ने “योग अपनाएं, स्वस्थ जीवन पाएं” और “योग है जीवन का आधार” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को योग का महत्वपूर्ण संदेश दिया। दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के योग प्रोटोकॉल के अनुसार, योग विशेषज्ञों ने विभिन्न योगासनों, प्राणायाम, ध्यान और योग के वैज्ञानिक लाभों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षार्थियों ने इन आसनों का अभ्यास कर मुख्य कार्यक्रम 21 जून के लिए अपनी तैयारियाँ कीं। समापन समारोह में ब्लॉक योग नोडल अधिकारी डॉ. पवन मेघवाल ने जोर देते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास के लिए भी एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी नागरिकों से नियमित योगाभ्यास करने और आगामी 21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर सहायक ब्लॉक योग नोडल अधिकारी डॉ. मधुसूदन मीणा, डॉ. पी.डी. शर्मा, योग क्रियान्वयन समिति सदस्य डॉ. गुलाब चंद मीणा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस रैली के माध्यम से आमजन को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया।3
- छीपाबड़ौद के खेल मैदान में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पूर्व दो दिवसीय योग प्रशिक्षण का आयोजन किया गया, जिसका समापन भव्य जागरूकता रैली के साथ हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ाना था, जिसमें प्रशिक्षार्थियों, विद्यार्थियों, योग साधकों, विभागीय अधिकारी कर्मचारियों और गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के योग विशेषज्ञों ने योगा प्रोटोकॉल का अभ्यास कराते हुए विभिन्न योगासनों, प्राणायाम, ध्यान और योग के वैज्ञानिक लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। समापन समारोह में, ब्लॉक योग नोडल अधिकारी डॉ. पवन मेघवाल ने योग को न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक विकास का भी एक सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने सभी नागरिकों से नियमित योगाभ्यास करने और विशेष रूप से 21 जून 2026 को होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। जागरूकता रैली के माध्यम से आमजन को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर सहायक ब्लॉक योग नोडल अधिकारी डॉ. मधुसूदन मीणा, डॉ. पी.डी. शर्मा और योग क्रियान्वयन समिति के सदस्य डॉ. गुलाब चंद मीणा भी मौजूद थे।1
- सोयत कलां में पेट्रोल और डीज़ल की लगातार बढ़ती कीमतों के विरोध में प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, सोयत कलां के अध्यक्ष पप्पू दांगी पटेल ने किया।1
- भस्त्रिका प्राणायाम को फेफड़ों की क्षमता और शरीर तथा मन के कार्यों को बेहतर बनाने के लिए सबसे बेहतरीन प्राणायामों में से एक बताया गया है। इसे हर किसी के जीवन के लिए लाभकारी माना जाता है।1