कौशांबी में सहायक आयुक्त स्टाम्प न्यायालय द्वारा पारित एक आदेश को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया है। प्रभावित पक्ष ने आरोप लगाया है कि उन्हें मामले में अपने तर्क प्रस्तुत करने और विस्तृत बहस करने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। उनका दावा है कि न्यायालय ने विपक्षी पक्ष के दबाव और कथित सांठगांठ के प्रभाव में जल्दबाजी में एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक और कानूनी क्षति का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि न्यायालय ने उनके द्वारा प्रस्तुत आपत्तियों एवं तथ्यों पर समुचित विचार नहीं किया और बिना पर्याप्त सुनवाई के ही निर्णय सुना दिया। इतना ही नहीं, आदेश के विरुद्ध पुनः सुनवाई (रेस्टोरेशन) का अवसर देने से भी कथित तौर पर इंकार किया जा रहा है, जिससे निष्पक्ष न्याय की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। यह पूरा मामला ग्राम पश्चिम शरीरा स्थित गाटा संख्या 757(क) की भूमि से संबंधित स्टाम्प शुल्क निर्धारण से जुड़ा है, जिसमें न्यायालय द्वारा कमी स्टाम्प शुल्क, निबंधन शुल्क, अर्थदण्ड और ब्याज की वसूली का आदेश पारित किया गया है। प्रभावित पक्ष का कहना है कि उन्हें अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखने का अवसर ही नहीं दिया गया और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों की अनदेखी की गई। पीड़ित पक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यदि न्यायिक प्रक्रिया में पक्षकारों को पर्याप्त सुनवाई का अवसर ही न मिले, तो न्याय व्यवस्था में लोगों का विश्वास कमजोर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए, पीड़ित पक्ष द्वारा रेस्टोरेशन स्वीकार कर मामले में पूरी सुनवाई करने की मांग की गई है।
कौशांबी में सहायक आयुक्त स्टाम्प न्यायालय द्वारा पारित एक आदेश को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया है। प्रभावित पक्ष ने आरोप लगाया है कि उन्हें मामले में अपने तर्क प्रस्तुत करने और विस्तृत बहस करने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। उनका दावा है कि न्यायालय ने विपक्षी पक्ष के दबाव और कथित सांठगांठ के प्रभाव में जल्दबाजी में एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक और कानूनी क्षति का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि न्यायालय ने उनके द्वारा प्रस्तुत आपत्तियों एवं तथ्यों पर समुचित विचार नहीं किया और बिना पर्याप्त सुनवाई के ही निर्णय सुना दिया। इतना ही नहीं, आदेश के विरुद्ध पुनः सुनवाई (रेस्टोरेशन) का अवसर देने से भी कथित तौर पर इंकार किया जा रहा है, जिससे निष्पक्ष न्याय की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। यह पूरा मामला ग्राम पश्चिम शरीरा स्थित गाटा संख्या 757(क) की भूमि से संबंधित स्टाम्प शुल्क निर्धारण से जुड़ा है, जिसमें न्यायालय द्वारा कमी स्टाम्प शुल्क, निबंधन शुल्क, अर्थदण्ड और ब्याज की वसूली का आदेश पारित किया गया है। प्रभावित पक्ष का कहना है कि उन्हें अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखने का अवसर ही नहीं दिया गया और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों की अनदेखी की गई। पीड़ित पक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यदि न्यायिक प्रक्रिया में पक्षकारों को पर्याप्त सुनवाई का अवसर ही न मिले, तो न्याय व्यवस्था में लोगों का विश्वास कमजोर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए, पीड़ित पक्ष द्वारा रेस्टोरेशन स्वीकार कर मामले में पूरी सुनवाई करने की मांग की गई है।
- कौशाम्बी जनपद के पिपरी थाना क्षेत्र के मुरादपुर गांव में एक महिला, बबली, की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बीती रात, उसका शव एक कच्चे मकान की धन्नी में प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटका हुआ पाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पिपरी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतका की माता का कहना है कि उनकी बेटी के पति और सास लगातार ₹50 हजार नकद और एक दोपहिया वाहन की मांग कर रहे थे। मायके पक्ष का आरोप है कि इन मांगों को पूरा न करने पर बबली को प्रताड़ित किया जाता था और अंततः दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी हत्या कर दी गई, जिसके बाद शव को फांसी पर लटका दिया गया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर ही आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महिला की मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।1
- 10 न्यूज़ नेशन द्वारा 23 जून को रात 10 बजे दिनभर की 10 प्रमुख खबरें प्रस्तुत की जाएंगी। यह समाचार प्रस्तुति कौशांबी की खबरों पर केंद्रित होगी, जिसे 'वॉयस ऑफ कौशांबी' और 'कौशांबी न्यूज़' के माध्यम से प्रसारित किया जाएगा। इस विशेष बुलेटिन में दिनभर के महत्वपूर्ण समाचार अपडेट शामिल होंगे।1
- कौशाम्बी के आर्कोमहावीरपुर फीटर के अंतर्गत पावर हाउस के जे.ई. निशार अहमद पर गंभीर धांधली और मनमानी का आरोप लगा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि जे.ई. निशार अहमद द्वारा लाइनमैनों से पैसा वसूलने, बिजली बनाने और बिगाड़ने का गोरखधंधा खुलेआम चल रहा है। उन पर उपभोक्ताओं से फोन पर अनाप-शनाप बातें करने का भी आरोप है, जिसे उनकी आदत बताया गया है। पूर्व में भी उपभोक्ताओं से वसूली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, लेकिन उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जनता का आरोप है कि जे.ई. निशार अहमद की शह पर प्रतिदिन बिजली कटौती, हाफ लाइट और ट्रांसफॉर्मर से फ्यूज उड़ाकर जनता को परेशान किया जा रहा है। उपभोक्ताओं से पैसे वसूलकर दो-दो दिन लाइट न बनाने और फिर पैसा लेकर लाइट बनाने का चलन लाइनमैनों का पेशा बन चुका है। ग्राम सभा गौहानी मलाका की जनता इस रवैये से त्रस्त है। जे.ई. निशार अहमद ने उपभोक्ताओं को धमकी देते हुए कहा है कि लाइट बिगड़ने पर वे उन्हें फोन न करें, बल्कि पावर हाउस जाकर शिकायत करें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि यदि शिकायत करने वाले व्यक्ति के कारण किसी लाइनमैन को कुछ भी होता है, तो उसकी जवाबदारी शिकायतकर्ता की होगी। रिकॉर्डिंग भी मौजूद है, जिसमें जे.ई. निशार अहमद स्वयं यह कहते हुए सुने जा रहे हैं कि शिकायतकर्ता जिम्मेदार होगा यदि लाइनमैन को कुछ होता है। जनता का सवाल है कि क्या जे.ई. निशार अहमद का इस तरह उपभोक्ताओं को धमकाना उचित है और क्या उन्हें उच्चाधिकारियों का कोई खौफ नहीं है। आरोप है कि जे.ई. निशार अहमद खुद को पावर हाउस का मालिक समझने लगे हैं। गौहानी मलाका की जनता न्याय की मांग कर रही है और पूछ रही है कि उन्हें इस मनमाने जे.ई. से कब छुटकारा मिलेगा। जनता ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो ग्राम सभा गौहानी मलाका से एक बड़ा जन सैलाब निकलेगा और जे.ई. निशार अहमद के मालिकाना हक को पावर हाउस से हटा दिया जाएगा। अब देखना यह है कि क्या कोई उच्चाधिकारी इस बेलगाम जे.ई. पर लगाम लगाएगा।2
- कौशांबी जिले में मुहर्रम के मद्देनज़र पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। पुलिस अधीक्षक ने विभिन्न थाना क्षेत्रों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस लगातार धर्मगुरुओं के संपर्क में है और जिलाधिकारी के साथ सेंट्रल पीस कमेटी की बैठक भी आयोजित की गई है। प्रशासन ने लोगों को ताजिया और मातम के दौरान छुरीबाजी न करने संबंधी दिशानिर्देशों से अवगत कराया है। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि मुहर्रम के सभी जुलूस तय मार्गों और परंपरागत व्यवस्था के तहत ही निकाले जाएंगे। जनपद में 8वीं, 9वीं और 10वीं मुहर्रम के जुलूसों के लिए जोनल व सेक्टर प्रभारी भी नियुक्त किए गए हैं।1
- पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी, श्री सत्यनारायण ने जनपद में मोहर्रम को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से की गई तैयारियों के संबंध में जानकारी दी है। उन्होंने इन तैयारियों पर एक वीडियो बाइट जारी की है, जिसमें प्रशासन द्वारा मोहर्रम के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के प्रयासों पर प्रकाश डाला गया है।1
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक असामान्य घटना सामने आई है, जहां एक बच्चे की परीक्षा छूट जाने के बाद उसका परिवार सीधे पुलिस अधीक्षक (SP) से ही भिड़ गया। आमतौर पर पुलिस अधिकारियों के साथ जनता की बहस उपनिरीक्षक (SO) या थाना प्रभारी (SHO) स्तर पर देखी जाती है, लेकिन यह पहली बार है जब लोगों का सीधा टकराव एक कप्तान से हुआ। इस पूरी बहस के दौरान, SP ने अत्यंत सभ्यता और शालीनता का परिचय दिया।1
- लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर एक भयावह घटना सामने आई है, जहाँ बरौनी-ग्वालियर एक्सप्रेस में सीट पर सामान रखने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। ट्रेन से उतरते समय, एक अधेड़ व्यक्ति ने अकेली महिला पर हमला कर दिया। उसने महिला को धक्का देते हुए बेरहमी से पीटा और उसे ट्रेन के नीचे धकेलने का भी प्रयास किया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक नामर्द द्वारा अकेली महिला पर 'मर्दानगी' दिखाने और वहाँ मौजूद लोगों की बुज़दिली पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया जा रहा है, जिन्होंने यह तमाशा देखा।1