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पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी, श्री सत्यनारायण ने जनपद में मोहर्रम को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से की गई तैयारियों के संबंध में जानकारी दी है। उन्होंने इन तैयारियों पर एक वीडियो बाइट जारी की है, जिसमें प्रशासन द्वारा मोहर्रम के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के प्रयासों पर प्रकाश डाला गया है।

7 hrs ago
user_Mohammad Seboo
Mohammad Seboo
सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
7 hrs ago

पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी, श्री सत्यनारायण ने जनपद में मोहर्रम को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से की गई तैयारियों के संबंध में जानकारी दी है। उन्होंने इन तैयारियों पर एक वीडियो बाइट जारी की है, जिसमें प्रशासन द्वारा मोहर्रम के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के प्रयासों पर प्रकाश डाला गया है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • कौशांबी के कोखराज थाना क्षेत्र में मुहर्रम पर्व को सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक ने कई गाँवों में पैदल मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। रूप नारायणपुर सैलाबी, सीहोरी, बरीपुर, राला, मलाक भायल, उलाचूपुर और भरवारी सहित अनेक क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों ने भ्रमण किया और स्थानीय लोगों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने का आग्रह किया। इस दौरान, सिराथू के सीओ सतेंद्र तिवारी और कोखराज थाना प्रभारी चंद्र भूषण मौर्य ने ताजिया कमेटियों के पदाधिकारियों से भेंट की। उन्होंने जुलूस के दौरान सामने आ सकने वाली समस्याओं के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि अफवाह फैलाने या किसी भी प्रकार की अराजकता उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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    कौशांबी के कोखराज थाना क्षेत्र में मुहर्रम पर्व को सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक ने कई गाँवों में पैदल मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। रूप नारायणपुर सैलाबी, सीहोरी, बरीपुर, राला, मलाक भायल, उलाचूपुर और भरवारी सहित अनेक क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों ने भ्रमण किया और स्थानीय लोगों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने का आग्रह किया।

इस दौरान, सिराथू के सीओ सतेंद्र तिवारी और कोखराज थाना प्रभारी चंद्र भूषण मौर्य ने ताजिया कमेटियों के पदाधिकारियों से भेंट की। उन्होंने जुलूस के दौरान सामने आ सकने वाली समस्याओं के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि अफवाह फैलाने या किसी भी प्रकार की अराजकता उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
    user_कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
    कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
    सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • हर साल की परंपरा को निभाते हुए इस बार भी रकसोले में छटाई का उत्सव बड़े धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया।
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    हर साल की परंपरा को निभाते हुए इस बार भी रकसोले में छटाई का उत्सव बड़े धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया।
    user_Mohammad Seboo
    Mohammad Seboo
    सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • पीड़ित के मुताबिक, एक जमीन का मामला पिछले कई वर्षों से न्यायालय में विचाराधीन है। पीड़ित का कहना है कि यह मामला अभी भी कानूनी प्रक्रिया में है, लेकिन इसके बावजूद उस विवादित जमीन पर जबरन निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
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    पीड़ित के मुताबिक, एक जमीन का मामला पिछले कई वर्षों से न्यायालय में विचाराधीन है। पीड़ित का कहना है कि यह मामला अभी भी कानूनी प्रक्रिया में है, लेकिन इसके बावजूद उस विवादित जमीन पर जबरन निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
    user_Talib Siddique
    Talib Siddique
    Local News Reporter सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • कौशाम्बी जनपद के पिपरी थाना क्षेत्र के मुरादपुर गांव में एक महिला, बबली, की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बीती रात, उसका शव एक कच्चे मकान की धन्नी में प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटका हुआ पाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पिपरी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतका की माता का कहना है कि उनकी बेटी के पति और सास लगातार ₹50 हजार नकद और एक दोपहिया वाहन की मांग कर रहे थे। मायके पक्ष का आरोप है कि इन मांगों को पूरा न करने पर बबली को प्रताड़ित किया जाता था और अंततः दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी हत्या कर दी गई, जिसके बाद शव को फांसी पर लटका दिया गया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर ही आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महिला की मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।
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    कौशाम्बी जनपद के पिपरी थाना क्षेत्र के मुरादपुर गांव में एक महिला, बबली, की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बीती रात, उसका शव एक कच्चे मकान की धन्नी में प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटका हुआ पाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पिपरी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी है।

मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतका की माता का कहना है कि उनकी बेटी के पति और सास लगातार ₹50 हजार नकद और एक दोपहिया वाहन की मांग कर रहे थे। मायके पक्ष का आरोप है कि इन मांगों को पूरा न करने पर बबली को प्रताड़ित किया जाता था और अंततः दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी हत्या कर दी गई, जिसके बाद शव को फांसी पर लटका दिया गया।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर ही आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महिला की मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।
    user_पत्रकार आजाद पासी
    पत्रकार आजाद पासी
    मंझनपुर, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • बिहार के भोजपुर में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में एक नया मोड़ आ गया है, जहाँ बिहार पुलिस ने स्वयं अपनी लापरवाही को स्वीकार किया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडीजी ने इस बात को माना कि पुलिस समय पर और सही तरीके से आरोपी को अपने नियंत्रण में नहीं ले पाई। इस गंभीर चूक के चलते, एसएचओ सहित छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले पुलिस ने दावा किया था कि भरत तिवारी ने फायरिंग की थी, लेकिन परिजनों का आरोप इसके बिल्कुल विपरीत है कि भरत ने आत्मसमर्पण कर दिया था और इसके बावजूद उसे गोली मार दी गई। इस घटना के बाद, 'शहीद भरत तिवारी' के लिए न्याय की लगातार माँग की जा रही है, और लोग 'बगावत दिवस 17 जून' स्मरण करते हुए इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप की भी उम्मीद कर रहे हैं।
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    बिहार के भोजपुर में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में एक नया मोड़ आ गया है, जहाँ बिहार पुलिस ने स्वयं अपनी लापरवाही को स्वीकार किया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडीजी ने इस बात को माना कि पुलिस समय पर और सही तरीके से आरोपी को अपने नियंत्रण में नहीं ले पाई। इस गंभीर चूक के चलते, एसएचओ सहित छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

इससे पहले पुलिस ने दावा किया था कि भरत तिवारी ने फायरिंग की थी, लेकिन परिजनों का आरोप इसके बिल्कुल विपरीत है कि भरत ने आत्मसमर्पण कर दिया था और इसके बावजूद उसे गोली मार दी गई। इस घटना के बाद, 'शहीद भरत तिवारी' के लिए न्याय की लगातार माँग की जा रही है, और लोग 'बगावत दिवस 17 जून' स्मरण करते हुए इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप की भी उम्मीद कर रहे हैं।
    user_Journalist Shubham Pandey
    Journalist Shubham Pandey
    Media company मंझनपुर, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • प्रतापगढ़ के मानिकपुर थाना क्षेत्र के अलुवा माई गांव स्थित एक वाटर पार्क में नहाने के दौरान एक मासूम बच्ची की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई है। इस हृदयविदारक हादसे के बाद पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। मृत बच्ची की पहचान सान्या केसरवानी (पुत्री सुशील केसरवानी) के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के साथ वाटर पार्क घूमने आई थी। मिली जानकारी के अनुसार, नहाते समय सान्या अचानक गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे किसी तरह बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। परिजन उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सान्या अपने माता-पिता की तीन बेटियों में से एक थी, और उसकी असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने वाटर पार्क प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बच्ची को लाइफ जैकेट तक उपलब्ध नहीं कराई गई थी, जबकि ऐसे जलक्रीड़ा स्थलों पर यह अनिवार्य सुरक्षा मानक है। इसके साथ ही, मौके पर पर्याप्त लाइफगार्ड और निगरानी स्टाफ की तैनाती न होने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पीड़ित परिवार ने हादसे की निष्पक्ष जांच कराने और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक वाटर पार्कों और जलक्रीड़ा स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर कर दिया है, जिससे स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए इन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की कड़ी समीक्षा करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा कसने की अपील की है।
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    प्रतापगढ़ के मानिकपुर थाना क्षेत्र के अलुवा माई गांव स्थित एक वाटर पार्क में नहाने के दौरान एक मासूम बच्ची की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई है। इस हृदयविदारक हादसे के बाद पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। मृत बच्ची की पहचान सान्या केसरवानी (पुत्री सुशील केसरवानी) के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के साथ वाटर पार्क घूमने आई थी।

मिली जानकारी के अनुसार, नहाते समय सान्या अचानक गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे किसी तरह बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। परिजन उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सान्या अपने माता-पिता की तीन बेटियों में से एक थी, और उसकी असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने वाटर पार्क प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बच्ची को लाइफ जैकेट तक उपलब्ध नहीं कराई गई थी, जबकि ऐसे जलक्रीड़ा स्थलों पर यह अनिवार्य सुरक्षा मानक है। इसके साथ ही, मौके पर पर्याप्त लाइफगार्ड और निगरानी स्टाफ की तैनाती न होने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पीड़ित परिवार ने हादसे की निष्पक्ष जांच कराने और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक वाटर पार्कों और जलक्रीड़ा स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर कर दिया है, जिससे स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए इन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की कड़ी समीक्षा करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा कसने की अपील की है।
    user_अजीत मिश्रा
    अजीत मिश्रा
    Local News Reporter कुंडा, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • कौशाम्बी के समदा गांव स्थित जिला मुख्यालय में एक विवादित भूमि पर कथित अवैध कब्जे और निर्माण का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष, शमशाद खान, का आरोप है कि जिस भूमि को लेकर वर्षों से न्यायालय में वाद लंबित है, उस पर जगदीश प्रसाद शिवहरे नामक व्यक्ति द्वारा जबरन निर्माण कराया जा रहा है। उनकी शिकायत है कि जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों को सूचित करने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। शमशाद खान के अनुसार, उनके पिता ने आराजी संख्या-21 की भूमि खरीदी थी, जो बाद में राज्य सरकार के अधिग्रहण में चली गई और इस संबंध में उनका मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। वर्ष 2016 में कोर्ट ऑफ रेवेन्यू, प्रयागराज ने भी इस भूमि को किसी व्यक्ति को आवंटित न करने का आदेश दिया था। पीड़ित का दावा है कि जगदीश प्रसाद शिवहरे की अपनी भूमि आराजी संख्या-19 और 20 में दर्ज है, जबकि वह विवादित आराजी संख्या-21 पर निर्माण करवा रहे हैं। इस पूरे मामले में जिलाधिकारी कौशाम्बी समेत अन्य अधिकारियों से लिखित शिकायत की गई है, लेकिन निर्माण कार्य रोका नहीं गया और न ही कोई कार्रवाई हुई। इससे न्यायिक प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित पक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच कर निर्माण कार्य को तत्काल रुकवाने की मांग की है, और अब यह देखना होगा कि न्यायालय में लंबित विवाद और पूर्व के आदेशों के बावजूद हो रहे इस कथित निर्माण पर जिला प्रशासन क्या रुख अपनाता है।
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    कौशाम्बी के समदा गांव स्थित जिला मुख्यालय में एक विवादित भूमि पर कथित अवैध कब्जे और निर्माण का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष, शमशाद खान, का आरोप है कि जिस भूमि को लेकर वर्षों से न्यायालय में वाद लंबित है, उस पर जगदीश प्रसाद शिवहरे नामक व्यक्ति द्वारा जबरन निर्माण कराया जा रहा है। उनकी शिकायत है कि जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों को सूचित करने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

शमशाद खान के अनुसार, उनके पिता ने आराजी संख्या-21 की भूमि खरीदी थी, जो बाद में राज्य सरकार के अधिग्रहण में चली गई और इस संबंध में उनका मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। वर्ष 2016 में कोर्ट ऑफ रेवेन्यू, प्रयागराज ने भी इस भूमि को किसी व्यक्ति को आवंटित न करने का आदेश दिया था। पीड़ित का दावा है कि जगदीश प्रसाद शिवहरे की अपनी भूमि आराजी संख्या-19 और 20 में दर्ज है, जबकि वह विवादित आराजी संख्या-21 पर निर्माण करवा रहे हैं।

इस पूरे मामले में जिलाधिकारी कौशाम्बी समेत अन्य अधिकारियों से लिखित शिकायत की गई है, लेकिन निर्माण कार्य रोका नहीं गया और न ही कोई कार्रवाई हुई। इससे न्यायिक प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित पक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच कर निर्माण कार्य को तत्काल रुकवाने की मांग की है, और अब यह देखना होगा कि न्यायालय में लंबित विवाद और पूर्व के आदेशों के बावजूद हो रहे इस कथित निर्माण पर जिला प्रशासन क्या रुख अपनाता है।
    user_कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
    कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
    सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • कौशांबी जिले के पिपरी थाना क्षेत्र के मुरादपुर गांव में बीती रात एक महिला की फांसी लगाने से मौत हो गई। मृतक महिला बबली का शव उसके कच्चे घर में धन्नी से प्लास्टिक की रस्सी से लटका हुआ मिला। बबली के मायके पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को मारकर फांसी पर लटका दिया गया है। बबली की माता ने यह भी बताया कि दामाद और सास उनसे 50 हजार रुपये और एक दोपहिया बाइक की मांग करते थे। मायके पक्ष का आरोप है कि दहेज की यह मांग पूरी न होने पर ही बबली की हत्या की गई है। सूचना मिलने पर पिपरी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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    कौशांबी जिले के पिपरी थाना क्षेत्र के मुरादपुर गांव में बीती रात एक महिला की फांसी लगाने से मौत हो गई। मृतक महिला बबली का शव उसके कच्चे घर में धन्नी से प्लास्टिक की रस्सी से लटका हुआ मिला।

बबली के मायके पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को मारकर फांसी पर लटका दिया गया है। बबली की माता ने यह भी बताया कि दामाद और सास उनसे 50 हजार रुपये और एक दोपहिया बाइक की मांग करते थे। मायके पक्ष का आरोप है कि दहेज की यह मांग पूरी न होने पर ही बबली की हत्या की गई है।

सूचना मिलने पर पिपरी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
    user_Talib Siddique
    Talib Siddique
    Local News Reporter सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • आज के व्यापक भ्रष्टाचार को लेकर एक तीखा सवाल उठाया गया है कि यदि मंगल पांडे और चंद्रशेखर तिवारी उर्फ 'आज़ाद' जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी इसे देखते, तो उनकी क्या प्रतिक्रिया होती। यह दावा किया गया है कि वे भी वही करते जो भरत तिवारी ने किया है, क्योंकि जब देश की जनता त्राहिमाम कर रही हो और प्रशासन स्वयं उनका 'चीरहरण' कर रहा हो, तब खून का खौलना स्वाभाविक है। इस आक्रोश के बीच, #शहीद_भरत_तिवारी के लिए न्याय की सशक्त मांग की जा रही है, और 17 जून को 'बगावत दिवस' के रूप में रेखांकित किया गया है। इस संदर्भ में पत्रकार शुभम पांडे का भी उल्लेख है, जबकि हैशटैग में सुप्रीम कोर्ट और नरेंद्र मोदी का नाम भी शामिल है, जो इस मुद्दे की व्यापकता को दर्शाता है।
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    आज के व्यापक भ्रष्टाचार को लेकर एक तीखा सवाल उठाया गया है कि यदि मंगल पांडे और चंद्रशेखर तिवारी उर्फ 'आज़ाद' जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी इसे देखते, तो उनकी क्या प्रतिक्रिया होती। यह दावा किया गया है कि वे भी वही करते जो भरत तिवारी ने किया है, क्योंकि जब देश की जनता त्राहिमाम कर रही हो और प्रशासन स्वयं उनका 'चीरहरण' कर रहा हो, तब खून का खौलना स्वाभाविक है।

इस आक्रोश के बीच, #शहीद_भरत_तिवारी के लिए न्याय की सशक्त मांग की जा रही है, और 17 जून को 'बगावत दिवस' के रूप में रेखांकित किया गया है। इस संदर्भ में पत्रकार शुभम पांडे का भी उल्लेख है, जबकि हैशटैग में सुप्रीम कोर्ट और नरेंद्र मोदी का नाम भी शामिल है, जो इस मुद्दे की व्यापकता को दर्शाता है।
    user_Journalist Shubham Pandey
    Journalist Shubham Pandey
    Media company मंझनपुर, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
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