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आज के व्यापक भ्रष्टाचार को लेकर एक तीखा सवाल उठाया गया है कि यदि मंगल पांडे और चंद्रशेखर तिवारी उर्फ 'आज़ाद' जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी इसे देखते, तो उनकी क्या प्रतिक्रिया होती। यह दावा किया गया है कि वे भी वही करते जो भरत तिवारी ने किया है, क्योंकि जब देश की जनता त्राहिमाम कर रही हो और प्रशासन स्वयं उनका 'चीरहरण' कर रहा हो, तब खून का खौलना स्वाभाविक है। इस आक्रोश के बीच, #शहीद_भरत_तिवारी के लिए न्याय की सशक्त मांग की जा रही है, और 17 जून को 'बगावत दिवस' के रूप में रेखांकित किया गया है। इस संदर्भ में पत्रकार शुभम पांडे का भी उल्लेख है, जबकि हैशटैग में सुप्रीम कोर्ट और नरेंद्र मोदी का नाम भी शामिल है, जो इस मुद्दे की व्यापकता को दर्शाता है।
Journalist Shubham Pandey
आज के व्यापक भ्रष्टाचार को लेकर एक तीखा सवाल उठाया गया है कि यदि मंगल पांडे और चंद्रशेखर तिवारी उर्फ 'आज़ाद' जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी इसे देखते, तो उनकी क्या प्रतिक्रिया होती। यह दावा किया गया है कि वे भी वही करते जो भरत तिवारी ने किया है, क्योंकि जब देश की जनता त्राहिमाम कर रही हो और प्रशासन स्वयं उनका 'चीरहरण' कर रहा हो, तब खून का खौलना स्वाभाविक है। इस आक्रोश के बीच, #शहीद_भरत_तिवारी के लिए न्याय की सशक्त मांग की जा रही है, और 17 जून को 'बगावत दिवस' के रूप में रेखांकित किया गया है। इस संदर्भ में पत्रकार शुभम पांडे का भी उल्लेख है, जबकि हैशटैग में सुप्रीम कोर्ट और नरेंद्र मोदी का नाम भी शामिल है, जो इस मुद्दे की व्यापकता को दर्शाता है।
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- बिहार के भोजपुर में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में एक नया मोड़ आ गया है, जहाँ बिहार पुलिस ने स्वयं अपनी लापरवाही को स्वीकार किया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडीजी ने इस बात को माना कि पुलिस समय पर और सही तरीके से आरोपी को अपने नियंत्रण में नहीं ले पाई। इस गंभीर चूक के चलते, एसएचओ सहित छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले पुलिस ने दावा किया था कि भरत तिवारी ने फायरिंग की थी, लेकिन परिजनों का आरोप इसके बिल्कुल विपरीत है कि भरत ने आत्मसमर्पण कर दिया था और इसके बावजूद उसे गोली मार दी गई। इस घटना के बाद, 'शहीद भरत तिवारी' के लिए न्याय की लगातार माँग की जा रही है, और लोग 'बगावत दिवस 17 जून' स्मरण करते हुए इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप की भी उम्मीद कर रहे हैं।1
- दिल्ली से प्रयागराज तक चलने वाली हमसफर ट्रेन (नंबर 12276) में यात्रियों को दिए गए खाने का स्वाद बेहद लाजवाब बताया गया है। Prime 18 NEWS ने इस जानकारी को साझा किया है।1
- 22 जून को रात 10 बजे, '10 न्यूज़ नेशन' चैनल पर दिनभर की 10 खबरें प्रसारित की जाएँगी।1
- कौशाम्बी जिला मुख्यालय के समदा में न्यायालय में विचाराधीन एक भूमि पर दबंग द्वारा अवैध कब्जा कर निर्माण कराए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि इस मामले की लिखित शिकायत जिलाधिकारी कौशाम्बी से की गई है, लेकिन जिला प्रशासन ने इस संबंध में कोई कार्यवाही नहीं की है। शिकायतकर्ता शमशाद खान के मुताबिक, उनके पिता ने समदा गाँव में आराजी संख्या 21 की भूमि खरीदी थी। बाद में इस भूमि को राज्य सरकार ने ले लिया, और इस मामले में उनका राज्य सरकार के साथ मुकदमा न्यायालय में चल रहा है। शमशाद खान ने बताया कि वर्ष 2016 में कोर्ट ऑफ रेवेन्यू प्रयागराज ने आदेश दिया था कि यह भूमि किसी को भी आवंटित न की जाए। इसके बावजूद, जगदीश प्रसाद शिवहरे नामक व्यक्ति कथित तौर पर इसी आराजी संख्या 21 की जमीन पर जबरन अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य शुरू कर रहा है, जबकि उसकी अपनी आराजी संख्या 19 और 20 है। शमशाद खान का आरोप है कि न्यायालय में वाद के दौरान हो रहे इस अवैध कब्जे और निर्माण की शिकायत जिलाधिकारी कौशाम्बी से करने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है और जिला प्रशासन ने कोई कार्यवाही नहीं की है।3
- कौशाम्बी के महेवाघाट थाना क्षेत्र में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एंबुलेंस और एक कार की आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। यह हादसा सरसवां पीएचसी के पास हुआ, जहां टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए। इस दुर्घटना में कार सवार एक महिला और उसके छह माह के बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पति और पुत्री गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, प्रतापगढ़ जनपद के रहने वाले फैजल अपनी पत्नी सयामा फारूखी, छह माह के पुत्र अब्बास और पुत्री मनाल फारूखी के साथ कार से जा रहे थे। इसी दौरान राजापुर की ओर से आ रही एक एंबुलेंस से उनकी कार की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची महेवाघाट पुलिस ने सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। उपचार के दौरान सयामा फारूखी और छह माह के मासूम अब्बास की मौत हो गई, जबकि फैजल और उनकी पुत्री मनाल फारूखी गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है। हादसे के बाद पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर इस दुर्घटना का कारण तेज रफ्तार को माना जा रहा है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।4
- कौशांबी जिले के सिराथू ब्लॉक के ग्राम कैमा रामपुर धमावा गौराहार में समर्थ किसान पार्टी (सकिपा) द्वारा सोमवार को एक जनसंपर्क अभियान चलाया गया, जिसके तहत पार्टी नेता अजय सोनी की अध्यक्षता में गौराहार में एक बैठक हुई। इस बैठक में ओवरलोड वाहनों के कारण सड़कों की बदहाली और उनसे हो रही दुर्घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। लोगों ने बताया कि जिले के कई मार्गों, विशेषकर सिराथू धाता मार्ग से दिन-रात सैकड़ों की तादाद में बालू के ओवरलोड वाहन गुजरते हैं, जिससे सड़कें लगातार खराब और जर्जर हो रही हैं। अजय सोनी ने इस पर अपनी बात रखते हुए कहा कि जिले भर में रोजाना सैकड़ों ओवरलोड वाहन गुजरते हैं, जिससे सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से ग्राम कैमा और धमांवा के पास की सड़कों का जिक्र किया, जो ओवरलोड वाहनों की आवाजाही के कारण पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं। इन खराब सड़कों के चलते लोग लगातार दुर्घटनाओं का शिकार होकर घायल हो रहे हैं। सोनी ने सरकारी स्तर पर ओवरलोड वाहनों की रोकथाम के लिए किसी भी तरह की व्यवस्था न होने पर भी सवाल उठाया, जिससे स्थिति और गंभीर होती जा रही है। बैठक के माध्यम से सकिपा नेताओं ने कौशांबी जिला प्रशासन, परिवहन विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनकी मांग है कि जिले भर में रोजाना अभियान चलाकर ओवरलोड वाहनों को चिह्नित किया जाए और उन पर समुचित कार्यवाही की जाए। सकिपा ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो समर्थ किसान पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। इस बैठक में अशोक सोनी, भारत सिंह, लाल बहादुर यादव, जुम्मन अली और नरेंद्र मिश्र सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।2
- आज के व्यापक भ्रष्टाचार को लेकर एक तीखा सवाल उठाया गया है कि यदि मंगल पांडे और चंद्रशेखर तिवारी उर्फ 'आज़ाद' जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी इसे देखते, तो उनकी क्या प्रतिक्रिया होती। यह दावा किया गया है कि वे भी वही करते जो भरत तिवारी ने किया है, क्योंकि जब देश की जनता त्राहिमाम कर रही हो और प्रशासन स्वयं उनका 'चीरहरण' कर रहा हो, तब खून का खौलना स्वाभाविक है। इस आक्रोश के बीच, #शहीद_भरत_तिवारी के लिए न्याय की सशक्त मांग की जा रही है, और 17 जून को 'बगावत दिवस' के रूप में रेखांकित किया गया है। इस संदर्भ में पत्रकार शुभम पांडे का भी उल्लेख है, जबकि हैशटैग में सुप्रीम कोर्ट और नरेंद्र मोदी का नाम भी शामिल है, जो इस मुद्दे की व्यापकता को दर्शाता है।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर करीब 2:15 बजे एक इमारत में भीषण आग लग गई। इस हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें ज्यादातर स्टूडेंट्स शामिल हैं। मृतकों में 3 महिलाएं और 12 पुरुष हैं। जिस बिल्डिंग में यह आग लगी, उसके बेसमेंट, ग्राउंड और पहले फ्लोर पर एक पेट शॉप और एक क्लीनिक मौजूद था। वहीं, दूसरे फ्लोर पर 'लर्निंग स्पेस' नाम की लाइब्रेरी (कोचिंग) और 'हेड हॉपर स्टूडियो' संचालित होता था, जहाँ 3D आर्ट प्रोडक्शन और गेम एसेट आउटसोर्सिंग का काम होता है। आशंका जताई जा रही है कि आग AC में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। बताया गया है कि अपनी जान बचाने के लिए कई लोग बाथरूम में छिप गए थे, लेकिन धुएं से दम घुटने के कारण उनकी मौत हो गई।1