इटावा में आगरा-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में हाथरस के एक पत्रकार की मृत्यु हो गई। तेज बारिश के बीच थाना फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र में अज्ञात वाहन की टक्कर से पत्रकार गंभीर रूप से घायल हो गया था। मौके से गुजर रहे एक राहगीर विशाल यादव ने मानवीयता दिखाते हुए उन्हें पास के समृद्धि हॉस्पिटल पहुँचाया। बताया गया कि समृद्धि हॉस्पिटल में प्राथमिक उपचार के बजाय घायल को जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई, जिसके कारण जिला अस्पताल पहुँचने में देरी हुई। इस देरी से घायल की हालत और गंभीर हो गई और वहाँ चिकित्सकों ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान उनकी बाइक पर लिखे 'प्रेस' और बैग में मिले प्रेस पहचान पत्र के आधार पर हाथरस निवासी पत्रकार के रूप में हुई। पुलिस ने परिजनों को सूचना दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस हादसे के बाद हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था और ब्लैकस्पॉट पर इंतजामों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने हाईवे पर अव्यवस्थित यातायात और अवैध रूप से खड़ी डग्गामार बसों को दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बताया। उनका यह भी कहना है कि समृद्धि हॉस्पिटल के आसपास का क्षेत्र कानपुर परिक्षेत्र की डीआईजी अनुपमा कुलश्रेष्ठ द्वारा पहले ही ब्लैकस्पॉट घोषित किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद यहाँ कोई प्रभावी सुधार नहीं हो सका है, जिसके चलते क्षेत्र में आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। राहगीर विशाल यादव ने उपचार शुरू होने में देरी की बात कही, जबकि जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. राघवेंद्र ने घायल की अत्यंत गंभीर स्थिति में पहुँचने और परीक्षण के दौरान मृत घोषित किए जाने की जानकारी दी। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और मामले की जांच जारी है। इस घटना से पत्रकार संगठनों और स्थानीय लोगों में शोक के साथ-साथ गहरा आक्रोश भी देखा जा रहा है।
इटावा में आगरा-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में हाथरस के एक पत्रकार की मृत्यु हो गई। तेज बारिश के बीच थाना फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र में अज्ञात वाहन की टक्कर से पत्रकार गंभीर रूप से घायल हो गया था। मौके से गुजर रहे एक राहगीर विशाल यादव ने मानवीयता दिखाते हुए उन्हें पास के समृद्धि हॉस्पिटल पहुँचाया। बताया गया कि समृद्धि हॉस्पिटल में प्राथमिक उपचार के बजाय घायल को जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई, जिसके कारण जिला अस्पताल पहुँचने में देरी हुई। इस देरी से घायल की हालत और गंभीर हो गई और वहाँ चिकित्सकों ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान उनकी बाइक पर लिखे 'प्रेस' और बैग में मिले प्रेस पहचान पत्र के आधार पर हाथरस निवासी पत्रकार के रूप में हुई। पुलिस ने परिजनों को सूचना दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस हादसे के बाद हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था और ब्लैकस्पॉट पर इंतजामों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने हाईवे पर अव्यवस्थित यातायात और अवैध रूप से खड़ी डग्गामार बसों को दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बताया। उनका यह भी कहना है कि समृद्धि हॉस्पिटल के आसपास का क्षेत्र कानपुर परिक्षेत्र की डीआईजी अनुपमा कुलश्रेष्ठ द्वारा पहले ही ब्लैकस्पॉट घोषित किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद यहाँ कोई प्रभावी सुधार नहीं हो सका है, जिसके चलते क्षेत्र में आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। राहगीर विशाल यादव ने उपचार शुरू होने में देरी की बात कही, जबकि जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. राघवेंद्र ने घायल की अत्यंत गंभीर स्थिति में पहुँचने और परीक्षण के दौरान मृत घोषित किए जाने की जानकारी दी। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और मामले की जांच जारी है। इस घटना से पत्रकार संगठनों और स्थानीय लोगों में शोक के साथ-साथ गहरा आक्रोश भी देखा जा रहा है।
- उत्तर प्रदेश के औरेया जिले से गुड़िया कठेरिया ने माननीय मुख्यमंत्री जी समेत कई अधिकारियों से गौ माताओं के लिए न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने इस बात पर गहरा रोष व्यक्त किया है कि गौ माता, जो उनकी आराध्य हैं, उनकी बड़ी संख्या में निर्मम हत्या की जा रही है। कठेरिया ने प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि वे इस गंभीर मामले पर मौन क्यों हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस अन्याय पर चुप नहीं बैठेंगे और गौ माता को न्याय चाहिए।1
- औरैया जनपद में पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती के निर्देशानुसार, जिले भर में वांछित और वारंटी अभियुक्तों की धरपकड़ के लिए एक विशेष 24 घंटे का अभियान चलाया गया। इस विशेष अभियान के दौरान, सभी थानों में अलग-अलग टीमें गठित की गईं, जिन्होंने प्रभावी कार्रवाई करते हुए कुल 11 वांछित और वारंटी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में कोतवाली औरैया पुलिस द्वारा खानपुर चौराहा स्थित सैनिक कॉलोनी से अनिल राजपूत शामिल हैं। थाना दिबियापुर पुलिस ने मोहल्ला दयालपुर निवासी हनी उर्फ ताहर सिद्दिकी और गुलरिया निवासी छोटा सविता उर्फ छोटू उर्फ राजकिशोर को दबोचा। वहीं, थाना सहायल पुलिस ने ग्राम बनपुर्वा के आलोक कुमार को गिरफ्तार किया, जबकि कोतवाली अजीतमल पुलिस ने जगन्नाथपुर गांव से दो वारंटी अभियुक्तों – शुकुसददीन और फकीर उर्फ वसीर खान – को सलाखों के पीछे भेजा। थाना फफूंद पुलिस टीम ने इस अभियान में सर्वाधिक तीन वारंटी अभियुक्तों को पकड़ा, जिनमें अधासी निवासी विवेक मिश्रा, दौलतपुर निवासी सीपू और रानीपुर निवासी लोलैया उर्फ लल्ला शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, कोतवाली बिधूना पुलिस ने ग्राम भाईपुर निवासी वारंटी अभियुक्त ब्रजेश सिंह को गिरफ्तार किया, जबकि थाना ऐरवाकटरा पुलिस ने उमरैन क्षेत्र में दुर्गा मंदिर के पास रहने वाले वारंटी अभियुक्त प्रदीप गुप्ता को पकड़कर आगे की विधिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि फरार और वांछित अपराधियों पर लगाम कसने के लिए इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे। सभी गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ संबंधित थानों में अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ आवारा कुत्तों के एक खूंखार झुंड ने एक गरीब पशुपालक की आजीविका पर भारी प्रहार किया है। यह हृदयविदारक वाकया बेला थाना क्षेत्र की बेला बस्ती में बीती रात घटा, जब कुत्तों के झुंड ने एक बाड़े में घुसकर करीब 40 भेड़ों को बेरहमी से अपना शिकार बना लिया। इस खूनी तांडव के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, जिनकी दुनिया मानो एक झटके में उजाड़ दी गई है।1
- इटावा के भरथना में मानसून की पहली बारिश ने शहर के ड्रेनेज सिस्टम की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है, जिससे पूर्व मंत्री सुखदा मिश्रा के डीएम चौराहे स्थित आवास में भारी जलभराव हो गया। शहर में जलनिकासी की विधिवत व्यवस्था न होने के कारण पूर्व मंत्री का आवासीय प्रांगण सड़क के गंदे पानी से जलमग्न हो गया और एक तालाबनुमा दृश्य प्रस्तुत करने लगा। यह समस्या हर साल बारिश में सामने आती है क्योंकि उनके आवास के बाहर जल निकासी हेतु कोई उचित नाला या ड्रेनेज व्यवस्था मौजूद नहीं है, जबकि उनका आवास जिले के एक प्रमुख स्थान डीएम चौराहे पर स्थित है। पूर्व मंत्री ने इस समस्या के समाधान के लिए कई बार जिम्मेदारों से संपर्क किया है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। इसी क्रम में, इटावा शहर के पक्के बाग़ तिराहे स्थित रामलीला रोड पर भी मानसून की पहली बारिश के बाद पूरा इलाका तालाब में तब्दील हो गया। इस सड़क पर मौजूद नाले की विधिवत साफ-सफाई न होने और उसके अजीबोगरीब डिज़ाइन के कारण थोड़ी सी बारिश में ही नाले का पानी सड़क पर फैल जाता है, जिससे पूरी सड़क जलमग्न हो जाती है। सबसे खतरे की बात यह है कि इसी जलमग्न नाले से सटा हुआ एक ट्रांसफार्मर भी रखा है, जिससे इन पानी भरे रास्तों से गुजरने वाले लोगों के लिए किसी बड़े हादसे या करंट लगने का शिकार होने का खतरा हमेशा बना रहता है।1
- उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के ककोर मुख्यालय में संस्कृति विभाग द्वारा प्रस्तावित ₹14 करोड़ 10 लाख की लागत से बनने वाले नवीन प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम) का भूमि पूजन संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लि. के अध्यक्ष राकेश गर्ग, सदर विधायिका गुड़िया कठेरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष कमल सिंह दोहरे, जिलाधिकारी बृजेश कुमार, मुख्य विकास अधिकारी राम कृपाल चौधरी और राज्य सभा सांसद प्रतिनिधि सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। इस अवसर पर सदर विधायिका गुड़िया कठेरिया ने बताया कि औरैया जिले में सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए वर्षों से कोई उचित स्थान नहीं था। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संस्कृति पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह भदौरिया के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। विधायिका ने जानकारी दी कि यह प्रेक्षागृह जून 2027 तक पूर्ण हो जाएगा, जिसका उपयोग सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कलाकारों, साहित्यकारों और अन्य सरकारी आयोजनों के लिए किया जाएगा। कार्यक्रम में पर्यटन अधिकारी और संस्कृति परिषद के सचिव मोहित मनोहर सिंह सहित समस्त प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।4
- मध्यप्रदेश के इंदौर और महू के बीच चलने वाली एक मेमो ट्रेन के लोको पायलट को समोसों से अपनी मुहब्बत के कारण मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। लोको पायलट की यह आदत है कि वह बिना स्टेशन के ही एक समोसे की दुकान के पास ट्रेन रोक देते हैं, क्योंकि उन्हें उस दुकान के समोसे बेहद पसंद हैं। आज जब लोको पायलट समोसा लेने के लिए ट्रेन रोककर उतरे और वापस इंजन में चढ़ने लगे, तो लोगों ने उनका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। यात्रियों का आरोप है कि लोको पायलट की इस आदत के चलते ट्रेन अक्सर 10 मिनट तक लेट हो जाती है, क्योंकि वह समोसा खाने के बाद ही ट्रेन आगे बढ़ाते हैं। इस वायरल वीडियो पर रेलवे ने संज्ञान लिया है, लेकिन पोस्ट में यह भी कहा गया है कि समोसे के प्रेम की वजह से किसी की नौकरी नहीं जानी चाहिए।1
- औरैया जिले के थाना कस्बा क्षेत्र की बेला बस्ती में आवारा कुत्तों के एक झुंड ने पशुपालक के बाड़े में घुसकर भेड़ों पर हमला कर दिया, जिससे एक बड़ा हादसा हुआ। इस दर्दनाक घटना में लगभग 40 भेड़ों की मौके पर ही मौत हो गई, जिसके चलते पीड़ित परिवार को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति उठानी पड़ी। बेला बस्ती निवासी पिंटू उर्फ श्रवण कुमार ने बताया कि उनके पास कुल 82 भेड़ें थीं, जिन्हें रोजाना की तरह रात में बाड़े में बांधा गया था। देर रात भेड़ों में शोर और भगदड़ की आवाज सुनकर परिवार वाले मौके पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि कुत्तों का झुंड भेड़ों पर हमला कर रहा था। परिवार ने किसी तरह कुत्तों को खदेड़ा, लेकिन तब तक कई भेड़ें दम तोड़ चुकी थीं, जबकि कुछ गंभीर रूप से जख्मी मिलीं और बची हुई भेड़ें डर के मारे इधर-उधर बिखर गईं। घटना की सूचना मिलते ही बेला थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। थाना प्रभारी निरीक्षक ललितेश त्रिपाठी ने जानकारी दी कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, राजस्व विभाग से लेखपाल रोहित यादव भी मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि एक रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी, जिससे पीड़ित पशुपालक को सरकारी सहायता और मुआवजा दिलाया जा सके।1
- औरैया जिले में बुधवार सुबह से शुरू हुई बारिश दिनभर रुक-रुक कर जारी रही, जिसके कारण शहर की कई सड़कों और निचले इलाकों में पानी भर गया। सड़कों पर जलभराव के चलते वाहन चालकों और राहगीरों को आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बारिश के कारण शहर के प्रमुख बाजारों में भी रौनक कम रही। ग्रामीण क्षेत्रों से खरीदारी के लिए आने वाले लोगों की संख्या घटने से बाजारों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा, जिससे दुकानदार ग्राहकों के इंतजार में मायूस नजर आए और कारोबार प्रभावित हुआ। एक फोटो में भी सड़क पर भारी मात्रा में पानी भरा दिखाई दे रहा है, जिसके बीच से वाहन और लोग सावधानी से निकलते दिखे। लगातार हुई इस बारिश से जहाँ कुछ स्थानों पर अस्थायी जलभराव की स्थिति बनी, वहीं कई दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली और मौसम सुहावना हो गया। किसानों ने भी बारिश का स्वागत करते हुए इसे खरीफ फसलों के लिए लाभदायक बताया। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में भी रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है, जिसके मद्देनजर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।1