रुचिका सिंह पर दर्ज एफ आई आर के विरोध में NSUI का प्रदर्शन भाजपा सरकार के खिलाफ की गई नारेबाजी *रुचिका सिंह पर दर्ज एफआईआर के विरोध में NSUI का प्रदर्शन भाजपा सरकार के खिलाफ हुई नारेबाजी* *NSUI उमरिया का बीजेपी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग* उमरिया- भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय विनोद जाखड़ एवं प्रदेश अध्यक्ष माननीय आशुतोष चौकसे के निर्देशानुसार गांधी चौक, उमरिया में छात्रा रुचिका सिंह के विरुद्ध दर्ज एफआईआर के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व NSUI जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार होश में आओ,छात्रों के सम्मान में NSUI मैदान में, छात्रों की आवाज़ को दबाना बंद करो, लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ, तानाशाही नहीं चलेगी जैसे नारे लगाए तथा रुचिका सिंह पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की। साथ ही प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की भी मांग की। इस अवसर पर NSUI जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने कहा कि भाजपा सरकार छात्रों की आवाज़ दबाने का प्रयास कर रही है, जिसे NSUI कभी सफल नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। छात्रों द्वारा शिक्षा, बेरोज़गारी, परीक्षा व्यवस्था और युवाओं के मुद्दे उठाने पर मुकदमे दर्ज करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि सरकार को सवाल पूछने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय युवाओं के मुद्दों का समाधान करना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में NSUI कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि छात्र हितों पर दमनात्मक कार्रवाई बंद नहीं हुई, रुचिका सिंह पर दर्ज एफआईआर वापस नहीं ली गई और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन जारी रहा, तो संगठन पूरे प्रदेश में अपने लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन को और तेज करेगा।कार्यक्रम में मुख्य रूप से नसरीन बानो, कृष्ण कांत तिवारी (उपाध्यक्ष), अनुराग चतुर्वेदी (सचिव), रचना यादव (सचिव), अनामिका साकेत, आकाश प्रजापति (सचिव), नावेद अंसारी (कार्यवाहक अध्यक्ष), ओम असाटी (कार्यवाहक अध्यक्ष), शाजिद खान, रोहित कोल, राजा खान, विकास कोल, अनुज रावत, लीलावती रावत, निहारिका साकेत, जोया रावत, कन्हैया कोल, जनार्दन, कन्नी कोल, विकास, ओमप्रकाश प्रजापति, सोमचंद महार, आदि रावत, मोहसिन खान, विवेक रजक, सोम सिंह, विपिन यादव, राजकुमार, गोपाल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
रुचिका सिंह पर दर्ज एफ आई आर के विरोध में NSUI का प्रदर्शन भाजपा सरकार के खिलाफ की गई नारेबाजी *रुचिका सिंह पर दर्ज एफआईआर के विरोध में NSUI का प्रदर्शन भाजपा सरकार के खिलाफ हुई नारेबाजी* *NSUI उमरिया का बीजेपी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग* उमरिया- भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय विनोद जाखड़ एवं प्रदेश अध्यक्ष माननीय आशुतोष चौकसे के निर्देशानुसार गांधी चौक, उमरिया में छात्रा रुचिका सिंह के विरुद्ध दर्ज एफआईआर के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व NSUI जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार होश में आओ,छात्रों के सम्मान में NSUI मैदान में, छात्रों की आवाज़ को दबाना बंद करो, लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ, तानाशाही नहीं चलेगी जैसे नारे लगाए तथा रुचिका सिंह पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की। साथ ही प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की भी मांग की। इस अवसर पर NSUI जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने कहा कि भाजपा सरकार छात्रों की आवाज़ दबाने का प्रयास कर रही है, जिसे NSUI कभी सफल नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। छात्रों द्वारा शिक्षा, बेरोज़गारी, परीक्षा व्यवस्था और युवाओं के मुद्दे उठाने पर मुकदमे दर्ज करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि सरकार को सवाल पूछने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय युवाओं के मुद्दों का समाधान करना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में NSUI कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि छात्र हितों पर दमनात्मक कार्रवाई बंद नहीं हुई, रुचिका सिंह पर दर्ज एफआईआर वापस नहीं ली गई और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन जारी रहा, तो संगठन पूरे प्रदेश में अपने लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन को और तेज करेगा।कार्यक्रम में मुख्य रूप से नसरीन बानो, कृष्ण कांत तिवारी (उपाध्यक्ष), अनुराग चतुर्वेदी (सचिव), रचना यादव (सचिव), अनामिका साकेत, आकाश प्रजापति (सचिव), नावेद अंसारी (कार्यवाहक अध्यक्ष), ओम असाटी (कार्यवाहक अध्यक्ष), शाजिद खान, रोहित कोल, राजा खान, विकास कोल, अनुज रावत, लीलावती रावत, निहारिका साकेत, जोया रावत, कन्हैया कोल, जनार्दन, कन्नी कोल, विकास, ओमप्रकाश प्रजापति, सोमचंद महार, आदि रावत, मोहसिन खान, विवेक रजक, सोम सिंह, विपिन यादव, राजकुमार, गोपाल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
- मध्य प्रदेश उमरिया के व्यस्त टेलर मार्केट में स्थित एक जनरल स्टोर को निशाना बनाते हुए आग लगाने का प्रयास। घटना के बाद व्यापारियों में दहशत, पुलिस जांच में जुटी। मध्य प्रदेश उमरिया के व्यस्त टेलर मार्केट में स्थित एक जनरल स्टोर को निशाना बनाते हुए आग लगाने का प्रयास। घटना के बाद व्यापारियों में दहशत, पुलिस जांच में जुटी। व्यापारियों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।4
- ☑️कमिश्नर ने मणिबाग में भगवान आशुतोष के किए दर्शन मणिबाग को पर्यटन एवं इको-टूरिज्म का केंद्र बनाने के दिए निर्देश उमरिया//शहडोल संभाग की कमिश्नर श्रीमती सुरभि गुप्ता ने उमरिया जिले के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल मणिबाग पहुंचकर प्राचीन शिवलिंग के दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर का अवलोकन कर मंदिर के इतिहास, धार्मिक महत्व तथा यहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी संबंधित अधिकारियों से प्राप्त की। ☑️ निरीक्षण के दौरान कमिश्नर श्रीमती गुप्ता ने मणिबाग क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाओं पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को इस स्थल के समग्र विकास के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य एवं धार्मिक आस्था से जुड़े ऐसे स्थलों को इको-टूरिज्म के रूप में विकसित कर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। ☑️ कमिश्नर ने मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता, सौंदर्यीकरण, पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाएं, मार्ग संकेतक, बैठने की व्यवस्था तथा पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में प्राकृतिक वातावरण को संरक्षित रखते हुए इको-फ्रेंडली उपाय अपनाए जाएं, ताकि क्षेत्र की धार्मिक एवं प्राकृतिक पहचान बनी रहे और अधिक से अधिक पर्यटक यहां आकर्षित हो सकें। निरीक्षण के समय कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय, सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह, अपर कलेक्टर प्रमोद कुमार सेन गुप्ता, अनुविभागीय बांधवगढ अंबिकेश प्रताप सिंह उपस्थित रहे।1
- मानपुर रेंजर के शासकीय आवास परिसर में पहले सागौन, फिर चंदन पर चली आरी—वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल सरकारी बंगले में ही वन संपदा महफूज नहीं! मानपुर रेंजर के शासकीय आवास परिसर में पहले सागौन, फिर चंदन पर चली आरी—वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल पत्रकार ने उप संचालक को शिकायत भेजकर उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की (आशुतोष त्रिपाठी/जन चिंगारी—उमरिया) मानपुर/उमरिया। वन संपदा की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले वन विभाग की कार्यप्रणाली पर मानपुर में गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला और भी गंभीर इसलिए है क्योंकि कथित रूप से पेड़ों की कटाई किसी सुनसान जंगल में नहीं, बल्कि वन विभाग के अधिकारी के शासकीय आवास परिसर में होने की शिकायत सामने आई है। इस संबंध में पत्रकार रवि सेन ने 24 जुलाई 2026 को उप संचालक, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, उमरिया को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत के अनुसार, मानपुर वन परिक्षेत्र स्थित रेंजर के शासकीय आवास परिसर में करीब दो माह पूर्व लगभग 100 सेंटीमीटर गोलाई वाले सागौन के पेड़ की कथित कटाई की गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि घटना की जानकारी होने के बावजूद मामले में अपेक्षित प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसी बीच 17 जुलाई 2026 की रात उसी शासकीय परिसर में वर्षों पुराने चंदन के पेड़ को काटे जाने का मामला सामने आने का दावा शिकायत में किया गया है। एक ही परिसर में लगातार वन संपदा को नुकसान पहुंचने की शिकायत ने विभागीय निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। एक घटना पर खामोशी, दूसरी ने खोल दी व्यवस्था की पोल? शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पूर्व की घटना के बाद भी यदि परिसर में वन संपदा की सुरक्षा के लिए ठोस निगरानी नहीं की गई, तो यह विभागीय व्यवस्था की गंभीर कमजोरी को दर्शाता है। सवाल यह भी है कि जब वन विभाग के अधिकारी के सरकारी आवास परिसर में ही पेड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही, तो जंगलों में वन संपदा की निगरानी किस स्तर पर हो रही होगी? शिकायत में यह भी कहा गया है कि घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दिए जाने के बावजूद तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। बाद में जब मामला सामने आया तो सफाई देने का प्रयास किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। चंदन कटाई में ‘अंदरूनी हाथ’ की आशंका, निष्पक्ष जांच की मांग शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि मामले की निष्पक्ष जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि पेड़ किसके निर्देश, संरक्षण अथवा मिलीभगत से काटा गया और काटी गई लकड़ी आखिर कहां गई। इसी कारण मामले में केवल खानापूर्ति के बजाय वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराने की मांग की गई है। शिकायत में मांग की गई है कि 17 जुलाई को काटे गए चंदन के पेड़ की कटाई और पूर्व में काटे गए सागौन के पेड़ की कटाई की अलग-अलग एवं संयुक्त जांच कराई जाए। साथ ही तत्कालीन स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों से भी जवाबदेही तय करने की मांग की गई है। जांच में लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई की मांग शिकायत पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की लापरवाही, संरक्षण या संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम एवं अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अब सबसे बड़ा सवाल—‘रखवाली’ किसकी और जवाबदेही किसकी? पूरे मामले ने वन विभाग के सामने कई असहज सवाल खड़े कर दिए हैं— क्या सरकारी आवास परिसर में लगे कीमती पेड़ों की नियमित निगरानी होती थी? पहले सागौन कटने के बाद सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं बढ़ाई गई? 17 जुलाई की रात चंदन का पेड़ आखिर कैसे काट दिया गया? कटी हुई लकड़ी कहां गई और किसकी अनुमति से पेड़ काटा गया? क्या विभागीय स्तर पर किसी अधिकारी या कर्मचारी की जवाबदेही तय होगी? अब निगाहें वन विभाग के उच्चाधिकारियों पर हैं कि शिकायत को महज कागजी कार्रवाई तक सीमित रखा जाता है या फिर सरकारी परिसर में वन संपदा की कथित कटाई की जड़ तक पहुंचकर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाती है।4
- भिम्माडोगरी में वेस्ट ऑफ शहडोल कोल माइन की जनसुनवाई संपन्न, 'शून्य विस्थापन और 20 गुना वृक्षारोपण' का दावा उमरिया | रिपोर्टर श्याम गुप्ता ग्राम पंचायत भिम्माडोगरी में 31 जुलाई 2026 को मेसर्स जेके सीमेंट लिमिटेड को आवंटित वेस्ट ऑफ शहडोल (साउथ) कोल माइन की पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए लोक जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलेक्टर पी.के. सेन गुप्ता ने की। जनसुनवाई के दौरान जेके सीमेंट लिमिटेड के महाप्रबंधक अनुज राज गौतम ने परियोजना की जानकारी देते हुए कहा कि यह पूरी तरह भूमिगत (अंडरग्राउंड) खदान होगी, जिससे किसी भी परिवार का विस्थापन नहीं होगा और वन्यजीवों पर भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए लगभग 3,500 पेड़ काटे जाएंगे, लेकिन इसके बदले 20 गुना से अधिक वृक्षारोपण किया जाएगा। सड़क किनारे छायादार एवं फलदार पौधे भी लगाए जाएंगे। कंपनी ने स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत कई घोषणाएं कीं। कंपनी के अनुसार क्षेत्र में चलित स्वास्थ्य सेवा, एम्बुलेंस सुविधा, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्थानीय युवाओं को रोजगार, स्व-सहायता समूहों को स्वरोजगार तथा गांवों में सौर ऊर्जा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कंपनी का दावा है कि सरकार के नियमों के अनुसार 70 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को दिया जाएगा। पर्यावरण सलाहकार मृणाल ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए नियमित जल छिड़काव, 90 हेक्टेयर हरित पट्टी तथा 51,813 पौधों का रोपण किया जाएगा। यह प्रस्तावित परियोजना 1,481.19 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली है, जिसमें 965 हेक्टेयर वन भूमि शामिल है। इससे अमिलिहा, भिम्माडोगरी, महरोई, बंधवा वारा, कत्राबहरा, देवगवां, चंदनिया, बंधवा खुर्द एवं बरगवां सहित 9 गांव प्रभावित होंगे। परियोजना में 153 मिलियन टन कोयला भंडार, 0.70 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता, 600 करोड़ रुपये की लागत, 34 वर्षों तक खनन तथा 641 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का दावा किया गया है। जनसुनवाई में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने परियोजना का समर्थन करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी रखे। जनपद अध्यक्ष मनीष सिंह ने भूमि धंसाव की स्थिति में पुनर्वास, पेयजल पाइपलाइन, स्थानीय लोगों को सीधा रोजगार और CSR में महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की। जनपद उपाध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि उद्योग से क्षेत्र का विकास होगा, लेकिन जल, वायु और ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है तथा खदान के पानी का उपयोग सिंचाई में किया जाना चाहिए। जिला पंचायत सदस्य हेमनाथ बैगा ने बैगा समुदाय के हितों की रक्षा, वनोपज आधारित वृक्षारोपण, जल स्तर की सुरक्षा तथा विशेष जनजातीय विकास योजना बनाने की मांग रखी। जनसुनवाई के अंत में अतिरिक्त जिला कलेक्टर पी.के. सेन गुप्ता ने कहा कि बैठक में प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों का संकलन कर पर्यावरण मंत्रालय एवं संबंधित समिति को भेजा जाएगा। अब अंतिम निर्णय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद लिया जाएगा।4
- स्वालंबन की ओर एक कदम — महिला सशक्तिकरण की सार्थक पहल 8982850063 पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार शहडोल संभाग आज विप्र संघ महिला समिति द्वारा समाज सेवा एवं महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए पुरानी बस्ती निवासी गोलू कोरी को स्वरोजगार प्रारंभ करने हेतु एक ठेला भेंट किया गया। इस पुनीत कार्य में समिति की अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा द्विवेदी जी, श्रीमती नीलम चतुर्वेदी जी, श्रीमती मंजू पांडे जी, श्रीमती सुनीता मिश्रा जी एवं श्रीमती सरोज तिवारी जी की गरिमामयी उपस्थिति एवं सक्रिय सहभागिता रही। समिति का उद्देश्य समाज के जरूरतमंद परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना तथा उन्हें सम्मानपूर्वक आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। यह पहल न केवल आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता का भी प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करती है। "जब समाज मिलकर किसी एक परिवार को आत्मनिर्भर बनने का अवसर देता है, तब वास्तव में सशक्त और समृद्ध समाज की नींव मजबूत होती है।"1
- सत्य सनातन🙏💕🙏💕🙏💕 संस्कृति धर्म की जय हो गौमाता की जय हो🚩🚩🚩 गाँव के सभि कुल देवी देवताओं की जय हो🚩🚩🚩 माँ चन्द्रीका🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 धाम विकास यात्रा इटौरा जिला कटनी मध्य प्रदेश आज आप सभी देशवासियों को सूचित किया जा रहा है🙏💕🙏💕🙏💕 कि धरोहर स्थल सनातन संस्कृति धर्म की बात करते हुए अपिल 300 सल पुरनी मदिर हैं जो कि 30सल से जल मगन रहता है🙏💕🙏💕🙏💕1
- बड़वारा में शासन-प्रशासन की बड़ी लापरवाही: हादसों के बाद भी 'नो एंट्री' लागू नहीं, बच्चों की जान पर रोज़ बना रहता है ख़तरा बड़वारा (कटनी)। बड़वारा में लगातार हो रही दुर्घटनाओं और जन-आंदोलनों के बावजूद शासन-प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है। स्थानीय नागरिकों द्वारा लगातार ज्ञापन सौंपने, प्रदर्शन करने और चक्काजाम करने के बाद भी अब तक क्षेत्र में भारी वाहनों के लिए 'नो एंट्री' नियम लागू नहीं किया गया है। इस प्रशासनिक उदासीनता के कारण रोज़ाना हज़ारों स्कूली बच्चों और आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ी रहती है। क्या किसी बड़ी अनहोनी का इंतज़ार कर रहा है प्रशासन? बड़वारा क्षेत्र में पहले भी कई दर्दनाक सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई परिवार अपनी जान और माल का नुकसान उठा चुके हैं। इसके बावजूद बड़वारा तहसीलदार एवं थाना प्रभारी द्वारा इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। दिन के समय, विशेषकर स्कूल और कोचिंग के आवागमन के वक्त, सड़कों पर बेधड़क दौड़ते भारी और अनियंत्रित वाहन मासूम बच्चों के लिए काल बनकर घूम रहे हैं। अभिभावक हर पल किसी अनहोनी के डर में जीने को मजबूर हैं। "लगातार संवाद करने और ध्यानाकर्षण कराने के बाद भी नो एंट्री चालू न करना यह दर्शाता है कि बड़वारा प्रशासन जनता की सुरक्षा को लेकर कितना गंभीर है। हमारे नन्हे-मुन्ने बच्चों के भविष्य और उनकी ज़िंदगी के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए।" मुख्य माँगें: नो एंट्री तत्काल लागू हो: बड़वारा के मुख्य और व्यस्त मार्गों पर भारी वाहनों के प्रवेश के लिए समय-सीमा (नो एंट्री) तय की जाए। स्कूल समय में विशेष सुरक्षा: सुबह और दोपहर में स्कूल खुलने व बंद होने के समय पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। गति सीमा पर नियंत्रण: कस्बे के अंदर से गुज़रने वाले वाहनों की गति पर सख्त पाबंदी लगाई जाए। माँगें न मानने पर उग्र जन-आंदोलन की चेतावनी क्षेत्रीय निवासियों और प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते नो एंट्री लागू नहीं की और बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम नहीं उठाए, तो क्षेत्र की जनता एक बार फिर उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने को बाध्य होगी, जिसकी पूरी ज़िम्मेदारी बड़वारा शासन-प्रशासन की होगी।1
- कटनी नगर//- कटनी का काँच मंदिर अपनी अद्भुत सुंदरता और दिव्य आस्था के लिए प्रसिद्ध है। कटनी का काँच मंदिर अपनी अद्भुत सुंदरता और दिव्य आस्था के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ विराजमान संकटमोचन बजरंगबली, माँ वैष्णो देवी और भगवान शिव के दर्शन भक्तों को आध्यात्मिक शांति प्रदान करते हैं। काँच की आकर्षक सजावट मंदिर की भव्यता को और बढ़ाती है। यह पावन धाम श्रद्धालुओं की आस्था, भक्ति और विश्वास का प्रमुख केंद्र है। जय श्री राम! हर हर महादेव!🙏🌺💞⛈️🥰1