दामोदरपुर में मुहर्रम जुलूस के दौरान कांटी थाना में तैनात दारोगा मुस्तकीम खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह जुलूस के बीच तलवारबाजी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, और लोग ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों के आचरण पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। पुलिस विभाग के सेवा आचरण नियमों के अनुसार, ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों को पूर्ण निष्पक्षता, संयम और धार्मिक तटस्थता बनाए रखना अनिवार्य है। ये नियम स्पष्ट करते हैं कि किसी भी सरकारी कर्मचारी को अपनी आधिकारिक ड्यूटी के दौरान ऐसा कोई आचरण नहीं करना चाहिए, जिससे किसी विशेष धर्म या समुदाय के प्रति पक्षधरता का संदेश जाए। सार्वजनिक आयोजनों में पुलिस की मुख्य भूमिका कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित मानी जाती है, जिसमें हथियारों का प्रदर्शन भी शामिल है। वीडियो वायरल होने के बाद, स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की जांच की मांग की है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक कांटी थाना या जिला पुलिस प्रशासन की ओर से इस घटना को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।
दामोदरपुर में मुहर्रम जुलूस के दौरान कांटी थाना में तैनात दारोगा मुस्तकीम खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह जुलूस के बीच तलवारबाजी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, और लोग ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों के आचरण पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। पुलिस विभाग के सेवा आचरण नियमों के अनुसार, ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों को पूर्ण निष्पक्षता, संयम और धार्मिक तटस्थता बनाए रखना अनिवार्य है। ये नियम स्पष्ट करते हैं कि किसी भी सरकारी कर्मचारी को अपनी आधिकारिक ड्यूटी के दौरान ऐसा कोई आचरण नहीं करना चाहिए, जिससे किसी विशेष धर्म या समुदाय के प्रति पक्षधरता का संदेश जाए। सार्वजनिक आयोजनों में पुलिस की मुख्य भूमिका कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित मानी जाती है, जिसमें हथियारों का प्रदर्शन भी शामिल है। वीडियो वायरल होने के बाद, स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की जांच की मांग की है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक कांटी थाना या जिला पुलिस प्रशासन की ओर से इस घटना को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।
- आरा नगर निगम के सभागार में साधारण बोर्ड की एक बैठक संपन्न हुई, जिसमें सभी वार्ड पार्षदों ने हिस्सा लिया। यह बैठक काफी हंगामादार रही, जहाँ पार्षदों के बीच नोकझोंक भी देखने को मिली।1
- बिहार के आरा में आयोजित बहुजन समाज की महापंचायत के दौरान अरुण कुशवाहा ने भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भरत भूषण तिवारी की मौत के लिए न्याय की मांग लगातार जारी रहेगी और इसे किसी भी कीमत पर रोका नहीं जाएगा। इसी मंच से, अरुण कुशवाहा ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि कोई भी व्यक्ति मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ अभद्र भाषा या अपमानजनक टिप्पणी का प्रयोग करेगा, तो बहुजन समाज बिल्कुल भी चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे किसी भी आचरण का जवाब महापंचायत के माध्यम से पूरी तरह से लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा। कुशवाहा ने उपस्थित जनसमूह से शांति बनाए रखने और अपनी बातों को संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक माध्यमों से ही रखने की अपील भी की।2
- आरा के रामपुर वाली माँ काली के शिष्टाचार दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इस भक्तिपूर्ण अनुभव के दौरान यह भाव व्यक्त किया गया कि भले ही जननी और मननी के लिए धन ही धर्म हो, फिर भी हे माँ, तुम्हारा अपना एक अनोखा सहारा है।1
- सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए दावा किया है कि आखिरकार 'दानभक्तों' का मुखौटा उतर गया है और प्रभु की अलौकिक शक्ति ने अपना चमत्कार दिखा दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब भाजपाइयों के अहंकार की चमचमाती लंका के साम्राज्य और उसके 'लंकाधिपति' दोनों का अंत होगा। यादव ने जोर देकर कहा कि भाजपा के लिए जिसे 'अमृतकाल' बताया जा रहा था, वह अब उनके लिए 'काल' बनकर आया है, और यह 'लंकाकांड' अयोध्या में ही होगा। इसे भाजपा पर अखिलेश यादव का बेहद तीखा सियासी हमला बताया गया है।1
- भोजपुर जिले के आरा सदर प्रखंड अंतर्गत भकुरा पंचायत के बसंतपुर गांव में शनिवार, 27 जून 2026 को जियर स्वामी जी महाराज के तत्वावधान में एक भव्य जलभरी यात्रा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में हजारों की संख्या में श्रद्धालु कलश लेकर शामिल हुए, जिसके कारण पूरे गांव में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। आरा के बसंतपुर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा था, और हजारों श्रद्धालुओं द्वारा निकाली गई इस भव्य जलभरी यात्रा का नज़ारा देखते ही बन रहा था।1
- दामोदरपुर में मुहर्रम जुलूस के दौरान कांटी थाना में तैनात दारोगा मुस्तकीम खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह जुलूस के बीच तलवारबाजी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, और लोग ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों के आचरण पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। पुलिस विभाग के सेवा आचरण नियमों के अनुसार, ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों को पूर्ण निष्पक्षता, संयम और धार्मिक तटस्थता बनाए रखना अनिवार्य है। ये नियम स्पष्ट करते हैं कि किसी भी सरकारी कर्मचारी को अपनी आधिकारिक ड्यूटी के दौरान ऐसा कोई आचरण नहीं करना चाहिए, जिससे किसी विशेष धर्म या समुदाय के प्रति पक्षधरता का संदेश जाए। सार्वजनिक आयोजनों में पुलिस की मुख्य भूमिका कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित मानी जाती है, जिसमें हथियारों का प्रदर्शन भी शामिल है। वीडियो वायरल होने के बाद, स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की जांच की मांग की है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक कांटी थाना या जिला पुलिस प्रशासन की ओर से इस घटना को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।1