मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत को उत्तराखण्ड का मॉडल जनपद बनाने का संकल्प व्यक्त किया है। सोमवार को चम्पावत में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में, मुख्यमंत्री ने कुल 123.79 करोड़ रुपये की लागत से तैयार एवं प्रस्तावित 17 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसमें 27.79 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुई 8 योजनाओं का लोकार्पण तथा 96 करोड़ रुपये की लागत से 9 नई विकास योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विरासत संरक्षण के उद्देश्य से 349.98 लाख रुपये की लागत से निर्मित जिम कॉर्बेट ट्रेल का भी उद्घाटन किया, जिसके तहत जनपद में जिम कॉर्बेट से संबंधित विभिन्न निर्माण और सुधार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बस स्टेशन रोडवेज में निर्मित किए जा रहे सिटी सेंटर के भूमि पूजन कार्यक्रम में भी भाग लिया और विभिन्न समूहों जैसे पुजारीगण, अर्धसैनिक बल, युवा वर्ग, जनप्रतिनिधि, व्यापार मंडल/ढाबा संचालकों, स्वच्छाग्रही, शिक्षकगण, उद्यमी, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, टैक्सी यूनियन, बैंक कर्मी, बार एसोसिएशन, प्रबुद्धजनों और मीडियाकर्मियों से संवाद किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है, और चम्पावत आज शिक्षा, पर्यटन, आधारभूत संरचना, महिला सशक्तिकरण, कृषि, व्यापार तथा रोजगार के क्षेत्रों में नई पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन और सड़कें बनाना नहीं, बल्कि ऐसा चम्पावत विकसित करना है जहाँ युवाओं को अवसर, महिलाओं को आत्मनिर्भरता, किसानों को समृद्धि, व्यापारियों को नए अवसर तथा प्रत्येक नागरिक को विकास का समान लाभ मिले। उन्होंने घोषणा की कि चम्पावत नगर में लगभग 62.33 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक बहुमंजिला पार्किंग एवं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स (सिटी सेंटर) का निर्माण किया जाएगा, जिससे पार्किंग की समस्या हल होगी और स्थानीय व्यापार को गति मिलेगी। साथ ही, व्यापारिक भवनों, महिला प्रौद्योगिकी पार्क, आधुनिक पुस्तकालय, ज्ञान केंद्र, ओपन जिम और युवाओं के लिए विभिन्न सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की बेटियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ देने के लिए लगभग 257 करोड़ रुपये की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और लगभग 58.52 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक साइंस सेंटर की स्थापना की जा रही है। कृषि महाविद्यालय, गौशालाओं का विकास और आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकास भी और विरासत भी” के मंत्र को आत्मसात करते हुए, मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत माँ पूर्णागिरि धाम, शारदा कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर एवं माँ वाराही धाम सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि टनकपुर में लगभग 237.74 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक आईएसबीटी तथा लगभग 14 करोड़ रुपये की लागत से मीडिया सेंटर का निर्माण हो रहा है। इसके अतिरिक्त, लोहाघाट में पर्यावरण मित्रों के लिए आवासीय भवन, बनबसा में सैनिक स्मारक एवं पाटी में सैनिक बहुउद्देशीय केंद्र की स्थापना की दिशा में भी कार्य प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आज लोकार्पित और शिलान्यास की गई परियोजनाएँ विकसित चम्पावत की मजबूत नींव हैं, जो युवाओं के सपनों को नई उड़ान, महिलाओं को नई शक्ति, किसानों को समृद्धि, व्यापार को गति तथा पर्यटन को नई पहचान देंगी। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में चम्पावत समावेशी, संतुलित एवं सतत विकास का आदर्श मॉडल बनेगा और विकसित उत्तराखण्ड के संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम के अंत में, मुख्यमंत्री धामी ने सभी विकास परियोजनाओं के लिए जनपदवासियों को बधाई दी और विकास यात्रा में निरंतर जनभागीदारी का आह्वान किया। कार्यक्रम के उपरांत, उन्होंने रविंद्र सिंह तड़ागी के पुत्र मानवेंद्र सिंह तड़ागी के खटकना पुल स्थित एटलस पावर हाउस जिम का भी उद्घाटन किया। इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत चम्पावत आनंद सिंह अधिकारी, दर्जा राज्य मंत्री श्याम पांडे, हेमा जोशी, रोहित बिष्ट, मुकेश महराना, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जी.एस.खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारीगण, विभिन्न जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत को उत्तराखण्ड का मॉडल जनपद बनाने का संकल्प व्यक्त किया है। सोमवार को चम्पावत में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में, मुख्यमंत्री ने कुल 123.79 करोड़ रुपये की लागत से तैयार एवं प्रस्तावित 17 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसमें 27.79 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुई 8 योजनाओं का लोकार्पण तथा 96 करोड़ रुपये की लागत से 9 नई विकास योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विरासत संरक्षण के उद्देश्य से 349.98 लाख रुपये की लागत से निर्मित जिम कॉर्बेट ट्रेल का भी उद्घाटन किया, जिसके तहत जनपद में जिम कॉर्बेट से संबंधित विभिन्न निर्माण और सुधार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बस स्टेशन रोडवेज में निर्मित किए जा रहे सिटी सेंटर के भूमि पूजन कार्यक्रम में भी भाग लिया और विभिन्न समूहों जैसे पुजारीगण, अर्धसैनिक बल, युवा वर्ग, जनप्रतिनिधि, व्यापार मंडल/ढाबा संचालकों, स्वच्छाग्रही, शिक्षकगण, उद्यमी, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, टैक्सी यूनियन, बैंक कर्मी, बार एसोसिएशन, प्रबुद्धजनों और मीडियाकर्मियों से संवाद किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी
ने दोहराया कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है, और चम्पावत आज शिक्षा, पर्यटन, आधारभूत संरचना, महिला सशक्तिकरण, कृषि, व्यापार तथा रोजगार के क्षेत्रों में नई पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन और सड़कें बनाना नहीं, बल्कि ऐसा चम्पावत विकसित करना है जहाँ युवाओं को अवसर, महिलाओं को आत्मनिर्भरता, किसानों को समृद्धि, व्यापारियों को नए अवसर तथा प्रत्येक नागरिक को विकास का समान लाभ मिले। उन्होंने घोषणा की कि चम्पावत नगर में लगभग 62.33 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक बहुमंजिला पार्किंग एवं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स (सिटी सेंटर) का निर्माण किया जाएगा, जिससे पार्किंग की समस्या हल होगी और स्थानीय व्यापार को गति मिलेगी। साथ ही, व्यापारिक भवनों, महिला प्रौद्योगिकी पार्क, आधुनिक पुस्तकालय, ज्ञान केंद्र, ओपन जिम और युवाओं के लिए विभिन्न सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की बेटियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ देने के लिए लगभग 257 करोड़ रुपये की लागत से महिला स्पोर्ट्स
कॉलेज और लगभग 58.52 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक साइंस सेंटर की स्थापना की जा रही है। कृषि महाविद्यालय, गौशालाओं का विकास और आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकास भी और विरासत भी” के मंत्र को आत्मसात करते हुए, मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत माँ पूर्णागिरि धाम, शारदा कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर एवं माँ वाराही धाम सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि टनकपुर में लगभग 237.74 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक आईएसबीटी तथा लगभग 14 करोड़ रुपये की लागत से मीडिया सेंटर का निर्माण हो रहा है। इसके अतिरिक्त, लोहाघाट में पर्यावरण मित्रों के लिए आवासीय भवन, बनबसा में सैनिक स्मारक एवं पाटी में सैनिक बहुउद्देशीय केंद्र की स्थापना की दिशा में भी कार्य प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आज लोकार्पित और शिलान्यास की
गई परियोजनाएँ विकसित चम्पावत की मजबूत नींव हैं, जो युवाओं के सपनों को नई उड़ान, महिलाओं को नई शक्ति, किसानों को समृद्धि, व्यापार को गति तथा पर्यटन को नई पहचान देंगी। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में चम्पावत समावेशी, संतुलित एवं सतत विकास का आदर्श मॉडल बनेगा और विकसित उत्तराखण्ड के संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम के अंत में, मुख्यमंत्री धामी ने सभी विकास परियोजनाओं के लिए जनपदवासियों को बधाई दी और विकास यात्रा में निरंतर जनभागीदारी का आह्वान किया। कार्यक्रम के उपरांत, उन्होंने रविंद्र सिंह तड़ागी के पुत्र मानवेंद्र सिंह तड़ागी के खटकना पुल स्थित एटलस पावर हाउस जिम का भी उद्घाटन किया। इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत चम्पावत आनंद सिंह अधिकारी, दर्जा राज्य मंत्री श्याम पांडे, हेमा जोशी, रोहित बिष्ट, मुकेश महराना, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जी.एस.खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारीगण, विभिन्न जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
- उत्तराखंड के ऋषिकेश में एक पर्यावरण-अनुकूल रेस्टोरेंट 'वेस्ट टू बेस्ट' (कचरे से सर्वोत्तम) की अवधारणा को बढ़ावा दे रहा है। यह अनूठी पहल, जिसे संभवतः तुलसी रेस्टोरेंट चला रहा है, स्थिरता, पुनर्चक्रण और प्लास्टिक-मुक्त जीवन को प्रोत्साहित करती है। इसका उद्देश्य हरित जीवनशैली और पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देना है, जिससे स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोग प्रेरित हों।1
- उत्तर प्रदेश की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ मेरठ के मवाना में समाजवादी पार्टी (सपा) के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) मंच पर भारी हंगामा देखा गया। इस घटनाक्रम में, पूर्व विधायक योगेश वर्मा और प्रभुदयाल वाल्मीकि की मौजूदगी में, सपा के ही सेक्टर प्रभारी सतपाल यादव मंच पर चढ़ गए और बवाल काट दिया। सतपाल यादव का आरोप था कि यादवों की पार्टी होने के बावजूद मंच से यादव नेताओं को गायब कर दिया गया था। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या मिशन 2027 से पहले सपा की यह अंदरूनी कलह अखिलेश यादव का खेल बिगाड़ सकती है।1
- नैनीताल के ताकुला-हल्द्वानी मुख्य मार्ग पर अचानक एक विशालकाय पेड़ गिरने से यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम (DCR) को सुबह 06:01 बजे इस घटना की सूचना मिली, जिसके तत्काल बाद नैनीताल फायर स्टेशन से एक रेस्क्यू यूनिट को मौके पर भेजा गया। मौके पर पहुँचने पर टीम ने पाया कि गिरा हुआ पेड़ अत्यधिक भारी और विशाल था, जिसे सीधे हटाना संभव नहीं था। फायर यूनिट के जवानों ने बिना देरी किए, आधुनिक वुडन कटर का उपयोग करते हुए बचाव अभियान शुरू किया। कड़कड़ाती सुबह और जोखिम भरे हालातों के बावजूद, टीम ने कड़ी मेहनत कर पेड़ को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा और उन्हें सुरक्षित रूप से सड़क के किनारे हटाया। इस त्वरित और सफल अभियान के बाद, बाधित हुए यातायात को सुचारू रूप से बहाल किया जा सका। इस रेस्क्यू टीम में लीडिंग फायरमैन (LFM) श्री प्रकाश मेर, ड्राइवर श्री जय प्रकाश आर्य, फायरमैन रमेश चंद, और महिला फायर वर्कर (FW) बीना परिहार व कविता सकलानी शामिल थीं। सुबह के समय दिखाई गई इस मुस्तैदी और प्रभावी कार्य के लिए स्थानीय लोगों और यात्रियों ने फायर ब्रिगेड टीम की भरपूर सराहना की है।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को पीलीभीत के बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के पतरासा कुंवरपुर गांव में ₹569.11 करोड़ की 66 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने लगभग ढाई हजार विस्थापित परिवारों को भूमि अधिकार पत्र भी सौंपे। जनसभा को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री ने बताया कि 55-56 वर्ष पहले बांग्लादेश से प्रताड़ित कर निकाले गए इन परिवारों को पीलीभीत में पुनर्वासित किया गया था, और अब उन्हें भारतीय नागरिकता मिल गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह उनके लिए एक नया जीवन है, और इन प्रमाणपत्रों के बाद कोई भी शक्ति उन्हें वहां से नहीं निकाल सकती, न ही कोई उन्हें पराया कह सकता। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन परिवारों को अपनी विरासत संरक्षित करने का मंच मिला है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) के निर्माण के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया, इसे कांग्रेस के पाप का परिणाम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान सत्ता की लालच के कारण बना था, और यदि उस समय कांग्रेस का नेतृत्व अडिग रहता तो भारत का विभाजन नहीं होता। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन्ना अपनी मौत मर गया था, लेकिन लाखों हिंदुओं का कत्लेआम हुआ और उन्हें अपनी पैतृक भूमि छोड़नी पड़ी। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) पर भी निशाना साधा, यह कहते हुए कि उन्हें चार बार प्रदेश में शासन करने का अवसर मिला, लेकिन उन्हें गरीबों की पीड़ा सुनने की आदत नहीं थी। उन्होंने व्यंगात्मक लहजे में कहा कि वे तब सुनते जब "बबुआ" को समय पर उठने की आदत होती – 12 बजे सोकर उठेंगे, दो बजे तक तैयार होंगे, फिर पांच बजे जिम चले जाएंगे, तो गरीबों की पीड़ा सुनने की आदत कहां होगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, सपा के एजेंडे में केवल सैफई का विकास था। पीलीभीत में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अब दंगे नहीं होते, और उन्होंने मंच से घोषणा की "नो दंगा नो कर्फ्यू अब यूपी में सब चंगा"। उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार व्यापारियों, बहन-बेटियों और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, और अपराधियों को संरक्षण देने का सवाल ही नहीं उठता।4
- बागेश्वर जिला अस्पताल एक बार फिर विवादों में है, जहाँ अस्पताल परिसर में मरीज के परिजनों द्वारा वीडियो बनाने का मामला गरमा गया है। इस घटना के बाद, नर्सिंग स्टाफ ने इसे अपने कार्य में बाधा, अभद्रता और दुर्व्यवहार बताते हुए संबंधित परिजनों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। दूसरी ओर, मरीज के परिजनों का आरोप है कि उनके मरीज के सिर पर गंभीर चोट लगी है और कई टांके भी आए हैं। उनका यह भी कहना है कि हमले के आरोपी मेडिकल प्रोफेशन से जुड़े हुए हैं और उन्हें बचाने के लिए पूरे मामले को जानबूझकर दूसरी दिशा दी जा रही है। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण पर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं।1
- Post by Atma Gandhi1
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह संकल्प लिया है कि चम्पावत को उत्तराखण्ड का एक मॉडल जनपद बनाया जाएगा।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीलीभीत जिले को ₹569 करोड़ रुपये की सौगात दी है। यह घोषणा प्रदेश के विकास से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई है।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और उसके नेता अखिलेश यादव पर गरीबों की समस्याओं के प्रति संवेदनहीनता का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को चार-चार बार शासन का अवसर मिला, लेकिन वह गरीबों की पीड़ा से अपनी संवेदना नहीं जोड़ पाई। मुख्यमंत्री योगी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी तब गरीबों की बात सुन सकती थी, जब 'बबुआ' (अखिलेश यादव का जिक्र करते हुए) को समय से जगने की आदत होती।1