कांग्रेस पार्टी के संविधान लीडरशिप कार्यक्रम के तहत, मऊ स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 'डिजिटल साथी' अभियान को और अधिक सशक्त बनाना था। इस दौरान अभियान से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई, साथ ही अभियान का पोस्टर भी जारी किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए युवा कांग्रेस के नेशनल मीडिया पैनलिस्ट ओजैर नजम ने 'डिजिटल साथी' अभियान के लक्ष्यों को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि इस पहल का मकसद छोटे शहरों और गांवों के यूट्यूबर पत्रकारों, कंटेंट क्रिएटर्स और आम नागरिकों को डिजिटल माध्यम से जागरूक और सशक्त बनाना है। नजम ने संविधान, लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी को अत्यंत आवश्यक बताया। पूर्व जिला महासचिव गौरव कुमार राय ने भी कांग्रेस पार्टी की संविधान में निहित नागरिक अधिकारों की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने इस अभियान को जनहित के मुद्दों पर काम करने वाले यूट्यूबर पत्रकारों, कंटेंट क्रिएटर्स और आम नागरिकों को जागरूक, संगठित और सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम करार दिया। गौरव कुमार राय ने वर्तमान समय में स्वतंत्र डिजिटल मीडिया पर विभिन्न प्रकार के दबाव बनाए जाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने घोषणा की कि यदि जनहित के मुद्दों पर कार्य करने वाले यूट्यूबर पत्रकारों और कंटेंट क्रिएटर्स को किसी प्रकार की प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है, तो युवा कांग्रेस उन्हें कानूनी और तकनीकी सलाह एवं सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी। बैठक के दौरान मऊ जिले के यूट्यूबर पत्रकारों, कंटेंट क्रिएटर्स और आम नागरिकों से 'डिजिटल साथी' अभियान में पंजीकरण कर जनहित के मुद्दों पर निर्भय होकर अपनी आवाज उठाने की भावुक अपील की गई। युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अवसर अहमद ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जिसमें जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष रामकरण यादव, युवा कांग्रेस के महासचिव अमित चौहान और जितेंद्र चौहान, ब्लॉक अध्यक्ष रोशन विश्वकर्मा, सोशल मीडिया अध्यक्ष फहद, प्रतीक कुमार सहित कांग्रेस के कई अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कांग्रेस पार्टी के संविधान लीडरशिप कार्यक्रम के तहत, मऊ स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 'डिजिटल साथी' अभियान को और अधिक सशक्त बनाना था। इस दौरान अभियान से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई, साथ ही अभियान का पोस्टर भी जारी किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए युवा कांग्रेस के नेशनल मीडिया पैनलिस्ट ओजैर नजम ने 'डिजिटल साथी' अभियान के
लक्ष्यों को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि इस पहल का मकसद छोटे शहरों और गांवों के यूट्यूबर पत्रकारों, कंटेंट क्रिएटर्स और आम नागरिकों को डिजिटल माध्यम से जागरूक और सशक्त बनाना है। नजम ने संविधान, लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी को अत्यंत आवश्यक बताया। पूर्व जिला महासचिव गौरव कुमार राय ने भी कांग्रेस पार्टी की संविधान में निहित नागरिक अधिकारों की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने इस अभियान को जनहित के मुद्दों पर काम करने वाले
यूट्यूबर पत्रकारों, कंटेंट क्रिएटर्स और आम नागरिकों को जागरूक, संगठित और सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम करार दिया। गौरव कुमार राय ने वर्तमान समय में स्वतंत्र डिजिटल मीडिया पर विभिन्न प्रकार के दबाव बनाए जाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने घोषणा की कि यदि जनहित के मुद्दों पर कार्य करने वाले यूट्यूबर पत्रकारों और कंटेंट क्रिएटर्स को किसी प्रकार की प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है, तो युवा कांग्रेस उन्हें कानूनी और तकनीकी सलाह एवं सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी। बैठक
के दौरान मऊ जिले के यूट्यूबर पत्रकारों, कंटेंट क्रिएटर्स और आम नागरिकों से 'डिजिटल साथी' अभियान में पंजीकरण कर जनहित के मुद्दों पर निर्भय होकर अपनी आवाज उठाने की भावुक अपील की गई। युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अवसर अहमद ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जिसमें जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष रामकरण यादव, युवा कांग्रेस के महासचिव अमित चौहान और जितेंद्र चौहान, ब्लॉक अध्यक्ष रोशन विश्वकर्मा, सोशल मीडिया अध्यक्ष फहद, प्रतीक कुमार सहित कांग्रेस के कई अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने घोसी थाना क्षेत्र में हुई एक सिर कटी लाश के मामले का बड़ा खुलासा किया है। इस हत्याकांड में मृतक ससुर सुभाष का गला उसके दामाद ने ही काटकर धड़ से अलग कर दिया था। पुलिस के अनुसार, मृतक सुभाष तांत्रिक का काम करता था और वह अपने दामाद के परिवार वालों पर तंत्र विद्या का प्रयोग करता था। अपनी दादी और माँ की पिछली मौत का बदला लेने के लिए, दामाद ने अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर सुभाष की हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक ने मीडिया को इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी दी।1
- मऊ में पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के निर्देशन में चलाए गए अभियान के तहत घोसी थाना पुलिस टीम ने एक सिर कटे अज्ञात शव के मामले में चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में पवन कुमार, भारत बांसफोर, अवधेश कुमार (सभी निवासी मसीना, घोसी) और बबलू कुमार (निवासी मनिकपुर असना, घोसी) शामिल हैं। यह गिरफ्तारी मुखबिर की सूचना पर की गई। दरअसल, 30 जून 2026 को जमालपुर मिर्जापुर हाइवे पुलिया के नीचे एक सिर कटा अज्ञात शव मिला था, जिसकी पहचान सुभाष बांसफोर, निवासी सद्दोपुर, मुहम्मदाबाद गोहना के रूप में हुई थी। इसके बाद, 01 जुलाई 2026 को मृतक सुभाष के पुत्र हरिकेश बांसफोर ने अपने पिता की हत्या और शव छिपाने के आरोप में घोसी थाने में मु0अ0सं0 268/26, धारा 103(1), 238 बीएनएस के तहत भारत बांसफोर और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में फरार चल रहे अभियुक्तों को घोसी पुलिस टीम ने 02 जुलाई 2026 को नदवासराय अंडरपास और अन्य स्थानों से गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में मुख्य अभियुक्त भारत बांसफोर सहित अन्य अभियुक्तों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। अभियुक्तों ने बताया कि सुभाष झाड़-फूंक का काम करता था और उसकी ओझाई के कारण भारत की माता और बाद में एक माह पूर्व भारत की पत्नी की मृत्यु हो गई थी। इस कारण भारत और उसके लड़के सुभाष से बहुत नाराज थे। इसी बदले की भावना से उन्होंने सुभाष की हत्या की योजना बनाई और अपने रिश्तेदार बबलू को भी इसमें शामिल कर लिया। हत्या के बाद उन्होंने सुभाष के शव को पुलिया के नीचे नाले के किनारे झाड़ियों में छिपा दिया था। अभियुक्तों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त एक अदद चाकू (आला-कत्ल) और खून से सने कपड़े बरामद किए गए हैं। इस गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 4/25 आर्म्स एक्ट की बढ़ोत्तरी की गई है और सभी अभियुक्तों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।3
- बलिया से सपा सांसद सनातन पांडे ने राम मंदिर में राम धन के कथित गबन मामले पर अपनी टिप्पणी दी है। उन्होंने इस विषय पर अपनी बात रखते हुए कहा कि इस प्रकरण में केवल "छोटी मछलियां" पकड़ी जा रही हैं। सपा सांसद सनातन पांडे ने इसके साथ ही यह भी मांग की कि ट्रस्ट द्वारा संचालित सभी मंदिरों की पूरी जांच की जानी चाहिए।1
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जन्मदिवस के अवसर पर बेल्थरारोड (बलिया) में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एक वृक्षारोपण अभियान चलाया, जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न स्थानों पर फलदार और छायादार पौधे रोपे गए, साथ ही उनके संरक्षण का भी संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं और एडवोकेट राशिद कमाल पाशा ने इस पहल को केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की जिम्मेदारी बताया। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की। वहीं, सभासद मोहम्मद सद्दाम ने जानकारी दी कि यह वृक्षारोपण अभियान 1 जुलाई से 7 जुलाई 2026 तक चलाया जाएगा।1
- स्वामी प्रसाद मौर्य जी को वर्षों से वंचित, पिछड़े, दलित, शोषित और गरीब समाज की आवाज़ तथा उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले एक आदरणीय नेता के रूप में सराहा गया है। उन्हें सामाजिक न्याय की राजनीति का एक प्रमुख स्तंभ बताया गया है। गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों की समस्याओं को सुनना, उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करना और समाज में समानता, शिक्षा व सम्मान की अलख जगाना उनकी पहचान रही है। इस बात पर जोर दिया गया कि आज जब समाज को एकता, शिक्षा, सम्मान और समान अवसरों की आवश्यकता है, तब उनके संघर्षों और विचारों को नई पीढ़ी तक पहुँचाना सभी की जिम्मेदारी है। सम्राट टीम 5000 उत्तर प्रदेश, लखनऊ ने स्वामी प्रसाद मौर्य जी के समाज के हर वर्ग के सम्मान, अधिकार और न्याय के लिए किए गए संघर्ष को प्रेरणादायक बताते हुए उन्हें सामाजिक न्याय, सम्मान और अधिकार की लड़ाई का एक सशक्त योद्धा कहा है।1
- एक स्थानीय निवासी ने बताया है कि उनके घर में बिजली कनेक्शन का तार टूट जाने के कारण कल से बिजली आपूर्ति ठप है। इस समस्या को लेकर उन्होंने चार बार शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ थाना भुड़कुड़ा पुलिस ने अपनी ही बेटी को जहर देकर मारने वाली आरोपी माँ पुष्पा देवी को गिरफ्तार किया है। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब 22 जून 2026 को गांव घटारो की रहने वाली पुष्पा देवी ने भुड़कुड़ा कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि नमन नामक एक युवक से परेशान होकर उसकी बेटी मुस्कान ने जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस शिकायत के आधार पर, पुलिस ने शुरुआत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। हालांकि, प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने जब मामले की गहराई से जांच की और पुख्ता सबूत जुटाए, तो पूरी हकीकत सामने आ गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मुस्कान ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उसकी माँ पुष्पा देवी पत्नी महेंद्र यादव ने ही उसे जहर देकर मार डाला था और फिर खुद को बचाने के लिए एक मनगढ़ंत कहानी गढ़ी थी। इस खुलासे के बाद, पुलिस ने मुकदमे में धाराओं को संशोधित करते हुए इसे हत्या (धारा 103(1) बीएनएस) और साक्ष्य मिटाने (धारा 123 बीएनएस) का मामला बना दिया। तेजी से कार्रवाई करते हुए, पुलिस टीम ने 1 जुलाई 2026 को 43 वर्षीय वांछित अभियुक्ता पुष्पा देवी को उसके घर के पास से गिरफ्तार कर लिया। अब उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है।1
- मऊ जनपद के सहादतपुरा स्थित बिजली विभाग के कंपाउंड में लगी पानी की टंकी अत्यंत जर्जर हालत में पहुँच गई है। इस टंकी से लगातार सीमेंट और प्लास्टर का मलबा नीचे गिर रहा है, जिससे किसी भी समय एक बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। हैरानी की बात यह है कि इस जर्जर टंकी के ठीक बगल में बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक इसकी मरम्मत करने या इसे हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने बताया कि पानी की यह टंकी काफी पुरानी हो चुकी है और समय-समय पर इसका प्लास्टर टूटकर नीचे गिरता रहता है। चूंकि परिसर में प्रतिदिन अधिकारी, कर्मचारी और आम लोग बड़ी संख्या में आते-जाते हैं, ऐसे में दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। लोगों का स्पष्ट आरोप है कि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या से भली-भांति अवगत हैं, फिर भी उन्होंने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते इस जर्जर पानी की टंकी की मरम्मत नहीं की गई या इसे हटाया नहीं गया, तो किसी भी क्षण एक बड़ा हादसा हो सकता है। फिलहाल, सभी की निगाहें बिजली विभाग के अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस खतरनाक स्थिति को लेकर कब सक्रिय होते हैं और संभावित दुर्घटना को टालने के लिए क्या उपाय करते हैं।2