गोमती नगर में गरीब के रोजगार पर चला नगर निगम का बुलडोजर! घर के बाहर खड़ा ठेला जब्त होने से मचा हड़कंप, जोन-4 की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल लखनऊ। गोमती नगर के जोन-4 क्षेत्र में नगर निगम की कथित अतिक्रमण कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक गरीब ठेला संचालक ने आरोप लगाया है कि नगर निगम की टीम ने उसके घर के बाहर खड़े ठेले को जबरन जब्त कर लिया। पीड़ित का कहना है कि ठेला ही उसके परिवार की रोजी-रोटी का प्रमुख सहारा था और कार्रवाई के बाद उसके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित के मुताबिक, वह लंबे समय से अपने घर के बाहर ठेला खड़ा करता आ रहा था। उसका दावा है कि ठेले के कारण न तो किसी का रास्ता बाधित हो रहा था और न ही उसे लेकर पहले कोई बड़ी शिकायत सामने आई थी। इसके बावजूद नगर निगम की टीम ने कार्रवाई करते हुए ठेला उठा लिया। ‘अतिक्रमण हटाओ अभियान’ या गरीब की आजीविका पर चोट? ठेला जब्त किए जाने के बाद सबसे बड़ा सवाल नगर निगम की कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर खड़ा हुआ है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि कार्रवाई से पहले उसकी बात सुनने अथवा ठेले को हटाने के लिए पर्याप्त अवसर देने के बजाय सीधे जब्ती की कार्रवाई की गई। जोन-4 की जोनल अधिकारी शिल्पी कुमारी की निगरानी में हुई कार्रवाई को लेकर भी पीड़ित ने नाराजगी जताई है। हालांकि, नगर निगम की ओर से अभी इस मामले में विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में यह स्पष्ट होना बाकी है कि ठेला किस नियम के तहत जब्त किया गया और कार्रवाई से पहले संबंधित व्यक्ति को क्या नोटिस अथवा चेतावनी दी गई थी। नियम जरूरी, लेकिन गरीब की रोजी-रोटी भी जरूरी शहर को अतिक्रमण मुक्त रखना नगर निगम की जिम्मेदारी है, लेकिन कार्रवाई की निष्पक्षता और मानवीय पहलू भी उतना ही महत्वपूर्ण है। छोटे दुकानदारों और ठेला संचालकों के लिए उनका ठेला ही आय का साधन होता है। ऐसे में कार्रवाई के दौरान नियमों के साथ उनकी आजीविका का भी ध्यान रखने की मांग उठ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ठेला वास्तव में सार्वजनिक मार्ग में बाधा बन रहा था तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए, लेकिन यदि वह निजी परिसर की सीमा में था अथवा सार्वजनिक आवागमन प्रभावित नहीं कर रहा था, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अब नगर निगम से जवाब की मांग घटना के बाद सवाल उठ रहा है कि आखिर ठेला किस आधार पर जब्त किया गया? क्या कार्रवाई से पहले कोई नोटिस दिया गया था? जब्त ठेले को छुड़ाने की प्रक्रिया क्या है? और क्या नगर निगम की कार्रवाई निर्धारित नियमों के अनुरूप हुई? अब निगाहें नगर निगम प्रशासन के जवाब पर टिकी हैं। पीड़ित की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उसे उसका ठेला वापस दिलाया जाए, ताकि उसके परिवार की रोजी-रोटी दोबारा पटरी पर आ सके। फोटो कैप्शन: गोमती नगर में नगर निगम की कार्रवाई के बाद जब्त किया गया ठेला और मौके पर मौजूद लोग।
गोमती नगर में गरीब के रोजगार पर चला नगर निगम का बुलडोजर! घर के बाहर खड़ा ठेला जब्त होने से मचा हड़कंप, जोन-4 की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल लखनऊ। गोमती नगर के जोन-4 क्षेत्र में नगर निगम की कथित अतिक्रमण कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक गरीब ठेला संचालक ने आरोप लगाया है कि नगर निगम की टीम ने उसके घर के बाहर खड़े ठेले को जबरन जब्त कर लिया। पीड़ित का कहना है कि ठेला ही उसके परिवार की रोजी-रोटी का प्रमुख सहारा था और कार्रवाई के बाद उसके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित के मुताबिक, वह लंबे समय से अपने घर के बाहर ठेला खड़ा करता आ रहा था। उसका दावा है कि ठेले के कारण न तो किसी का रास्ता बाधित हो रहा था और न ही उसे लेकर पहले कोई बड़ी शिकायत सामने आई थी। इसके बावजूद नगर निगम की टीम ने कार्रवाई करते हुए ठेला उठा लिया। ‘अतिक्रमण हटाओ अभियान’ या गरीब की आजीविका पर
चोट? ठेला जब्त किए जाने के बाद सबसे बड़ा सवाल नगर निगम की कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर खड़ा हुआ है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि कार्रवाई से पहले उसकी बात सुनने अथवा ठेले को हटाने के लिए पर्याप्त अवसर देने के बजाय सीधे जब्ती की कार्रवाई की गई। जोन-4 की जोनल अधिकारी शिल्पी कुमारी की निगरानी में हुई कार्रवाई को लेकर भी पीड़ित ने नाराजगी जताई है। हालांकि, नगर निगम की ओर से अभी इस मामले में विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में यह स्पष्ट होना बाकी है कि ठेला किस नियम के तहत जब्त किया गया और कार्रवाई से पहले संबंधित व्यक्ति को क्या नोटिस अथवा चेतावनी दी गई थी। नियम जरूरी, लेकिन गरीब की रोजी-रोटी भी जरूरी शहर को अतिक्रमण मुक्त रखना नगर निगम की जिम्मेदारी है, लेकिन कार्रवाई की निष्पक्षता और मानवीय पहलू भी उतना ही महत्वपूर्ण है। छोटे दुकानदारों और ठेला संचालकों के लिए उनका ठेला ही आय का साधन होता है। ऐसे में कार्रवाई के दौरान नियमों
के साथ उनकी आजीविका का भी ध्यान रखने की मांग उठ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ठेला वास्तव में सार्वजनिक मार्ग में बाधा बन रहा था तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए, लेकिन यदि वह निजी परिसर की सीमा में था अथवा सार्वजनिक आवागमन प्रभावित नहीं कर रहा था, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अब नगर निगम से जवाब की मांग घटना के बाद सवाल उठ रहा है कि आखिर ठेला किस आधार पर जब्त किया गया? क्या कार्रवाई से पहले कोई नोटिस दिया गया था? जब्त ठेले को छुड़ाने की प्रक्रिया क्या है? और क्या नगर निगम की कार्रवाई निर्धारित नियमों के अनुरूप हुई? अब निगाहें नगर निगम प्रशासन के जवाब पर टिकी हैं। पीड़ित की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उसे उसका ठेला वापस दिलाया जाए, ताकि उसके परिवार की रोजी-रोटी दोबारा पटरी पर आ सके। फोटो कैप्शन: गोमती नगर में नगर निगम की कार्रवाई के बाद जब्त किया गया ठेला और मौके पर मौजूद लोग।
- 107 खोए मोबाइल बरामद, मालिकों को लौटाए* बहराइच, 06 सितम्बर। पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देशन में जनपदीय पुलिस एवं सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने अभियान चलाया 107 खोए मोबाइल बरामद, मालिकों को लौटाए* बहराइच, 06 सितम्बर। पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देशन में जनपदीय पुलिस एवं सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर 107 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत 26 लाख 12 हजार 830 रुपये है। रविवार को पुलिस अधीक्षक ने मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किए। मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने पुलिस टीम का आभार जताया। पुलिस ने मोबाइल खोने की स्थिति में स्थानीय थाने पर सूचना देने के साथ CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की।4
- महिलाओंकी सुरक्षा सुरक्षा चौकी पर भी नहीं होती हैवहां भी गुंडे माफियाओं काबोलबाला है दरगाह शरीफ का है मामला पीड़ित महिला का आरोपपर चौकी पर गई थीजहां पर विपक्षी मिला और पीड़ित महिला सेअश्लील गंदी बातें करने लगाऔर गंदी-गंदी गालियां देने लगाविरोध करने परहाथ पकड़ करखींचऔर कहाजिसके लिए तुम परेशान होवह जमीनतुम्हारे हाथ भेजा था परंतु बैनामा कब करेंगे जब मेरे साथ रात बिता होगीऔर अपनेस्कूल की तरफ खींचने लगाइकरा नाम से स्कूल हैजिस पर महिला नहीं चाहिए पुकारना चाहिएऔर महिलाएं इकट्ठा हो गई तब जाकर महिला ने हाथ छुड़ायापीड़ित विपक्षी चांद बाबू और चांद साही गुंडे बदमाशजो एक शिक्षक हैऔर मटेरा प्राथमिक विद्यालय स्थित तैनात हैधमकी दिया हैकि अगर उसकी वह बात नहीं मांगी तोउसकोजान से मरवा देगाकोई भी अप्रिय घटना घटित कर सकता है चौकी केपुलिस वाले मूक दर्शक बने रहेइससे यह स्पष्ट होता हैपीड़ित महिला ने थाने जाकर एप्लीकेशन दिया है परंतुथाने परभी कोई अभी तक कार्रवाई नहीं हुई हैघटना है शाम 5से 4 के बीच मेंथाना दरगाह शरीफ का है मामला4
- बहराइच: मटेरा के पड़री तारा गांव में रास्तों की बदहाली से ग्रामीण परेशान, ग्राम प्रधान पर उठे सवाल जनपद बहराइच के मटेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पड़री तारा में रास्तों की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। कीचड़ और गड्ढों से भरे रास्तों के कारण ग्रामीणों का पैदल निकलना, बच्चों का स्कूल जाना और मरीजों को अस्पताल ले जाना तक दूभर हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान गुड्डू वर्मा द्वारा समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से मौके पर जाकर जांच करने और पंचायत के विकास कार्यों की स्थिति स्पष्ट कर कार्रवाई की मांग की है।1
- बाबागंज में चरदा तिराहे से स्टेशन मार्ग तक चला विशेष सफाई अभियान वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए जलभराव और गंदगी से निजात दिलाने के लिए बाबागंज में चरदा तिराहे से स्टेशन मार्ग तक चला विशेष सफाई अभियान* वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए जलभराव और गंदगी से निजात दिलाने के लिए वरिष्ठ समाजसेवी, 'शांति मेडिकल' के प्रोपराइटर और दैनिक जागरण के पत्रकार पंकज अग्रवाल के नेतृत्व में आज बाबागंज क्षेत्र में एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत चरदा तिराहे से लेकर मुख्य स्टेशन मार्ग तक सड़कों के किनारे जमे कचरे, पॉलीथिन और सिल्ट की व्यापक सफाई कराई गई। बरसात के दिनों में इस मार्ग पर अक्सर जलभराव और कीचड़ की समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे राहगीरों, स्थानीय दुकानदारों और यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। जनहित को सर्वोपरि रखते हुए पंकज अग्रवाल ने स्वयं मौके पर उपस्थित रहकर इस सफाई कार्य को अपनी देखरेख में पूरा कराया। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने उनके इस सराहनीय कदम की भूरी-भूरी प्रशंसा की है। इस कार्य से क्षेत्र में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ-साथ बरसात के मौसम में आवागमन भी सुगम होगा।1
- बहराइच पुलिस की बड़ी कामयाबी, 26 लाख से अधिक के 107 खोए मोबाइल बरामद रिपोर्ट / नूर आलम वारसी बहराइच। जिले में खोए और गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी को लेकर चलाए जा रहे अभियान में बहराइच पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जनपदीय पुलिस और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने 107 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 26 लाख 12 हजार 830 रुपये बताई गई है। पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान के तहत सर्विलांस टीम ने सभी थानों से समन्वय स्थापित करते हुए भारत सरकार के CEIR पोर्टल की लगातार मॉनीटरिंग की। इसके बाद विभिन्न कंपनियों के 107 मोबाइल फोन बरामद किए गए। बरामद मोबाइल फोन में एप्पल, सैमसंग, वीवो, ओप्पो, टेक्नो, रेडमी और वनप्लस समेत कई कंपनियों के मोबाइल शामिल हैं। पुलिस ने बरामद सभी मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिए। मोबाइल वापस मिलने के बाद स्वामियों ने बहराइच पुलिस और पुलिस अधीक्षक का आभार व्यक्त करते हुए पुलिस की कार्यवाही की सराहना की। इस मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण दुर्गा प्रसाद तिवारी, क्षेत्राधिकारी लाइन तनिष्क आर जामकर (IPS) समेत अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल फोन खोने या चोरी होने की स्थिति में तत्काल स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराएं और IMEI नंबर एवं जरूरी दस्तावेजों के साथ CEIR पोर्टल पर मोबाइल ब्लॉक कराने की प्रक्रिया पूरी करें। वहीं, 107 मोबाइल फोन की बरामदगी में उत्कृष्ट कार्य करने वाली सर्विलांस टीम को पुलिस अधीक्षक द्वारा पुरस्कृत करने की घोषणा भी की गई है।4
- *जनपदीय पुलिस एवं सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम द्वारा 107 खोये हुए मोबाइल अनुमानित कीमत करीब ₹26,12,830 (छब्बीस लाख बारह हजार आठ सौ तीस) को बरामद कर मोबाइल स्वामियों को किये सुपुर्द* *जनपदीय पुलिस एवं सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम द्वारा 107 खोये हुए मोबाइल अनुमानित कीमत करीब ₹26,12,830 (छब्बीस लाख बारह हजार आठ सौ तीस) को बरामद कर मोबाइल स्वामियों को किये सुपुर्द* रिपोर्ट मोहम्मद इस्लाम शून्य से शिखर ब्यूरो चीफ राष्ट्रीय हिंदी समाचार पत्र विवरण- पुलिस अधीक्षक बहराइच श्री विश्वजीत श्रीवास्तव द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री दुर्गा प्रसाद तिवारी एवं अपर पुलिस अधीक्षक शहर आयुष विक्रम सिंह के पर्यवेक्षण तथा समस्त क्षेत्राधिकारीगण के नेतृत्व में सर्विलांस टीम द्वारा विभिन्न कम्पनियों के कुल 107 मोबाइल फोन, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹ 26,12,830 (छब्बीस लाख बारह हजार आठ सौ तीस) है, बरामद किये गये । उल्लेखनीय है कि पुलिस अधीक्षक बहराइच श्री विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देशन में जनपदीय पुलिस एवं सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम द्वारा कुल 107 खोये हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किये गये हैं। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री दुर्गा प्रसाद तिवारी, क्षेत्राधिकारी लाइन श्री तनिष्क आर जामकर(IPS) व अन्य पुलिस अधिकारी कर्माचारी उपस्थित रहे।1
- बहराइच 26 लाख के 107 खोए मोबाइल बरामद, असली मालिकों को सौंपे बहराइच, 6 सितंबर। जनपदीय पुलिस और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर विभिन्न कंपनियों के 107 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल की अनुमानित कीमत करीब 26 लाख 12 हजार 830 रुपये बताई गई है। रविवार को पुलिस अधीक्षक बहराइच विश्वजीत श्रीवास्तव ने बरामद मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किए। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण दुर्गा प्रसाद तिवारी, अपर पुलिस अधीक्षक नगर आयुष विक्रम सिंह के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारियों के नेतृत्व में मोबाइल बरामदगी के लिए विशेष टीमें गठित की गई थीं। जनपदीय सर्विलांस टीम ने सभी थाना प्रभारियों से समन्वय स्थापित कर भारत सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की नियमित निगरानी की। इसी के आधार पर विभिन्न कंपनियों के 107 गुम मोबाइल सफलतापूर्वक बरामद किए गए। बरामद मोबाइल में एप्पल, सैमसंग, वीवो, ओप्पो, टेक्नो, रेडमी और वनप्लस समेत कई कंपनियों के फोन शामिल हैं। मोबाइल वापस मिलने पर स्वामियों के चेहरों पर खुशी नजर आई। उन्होंने पुलिस अधीक्षक और जनपदीय पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए आभार जताया। इस मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण दुर्गा प्रसाद तिवारी, क्षेत्राधिकारी लाइन तनिष्क आर जामकर (IPS) समेत अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक ने मोबाइल बरामदगी में उत्कृष्ट कार्य करने वाली सर्विलांस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा भी की। मोबाइल गुम होने पर CEIR पोर्टल की लें मदद पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तत्काल स्थानीय थाने में सूचना दें और मोबाइल के बिल/IMEI नंबर, आधार कार्ड एवं पहचान पत्र के साथ CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। CEIR के माध्यम से गुम या चोरी हुए मोबाइल के IMEI को ब्लॉक कराया जा सकता है और डिवाइस के संबंध में आगे की कार्रवाई की जानकारी पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त की जा सकती है। पुलिस ने नागरिकों से अपने मोबाइल में ‘संचार सारथी’ एप डाउनलोड करने की भी अपील की है, ताकि मोबाइल गुम होने की स्थिति में आवश्यक जानकारी और सेवाओं का लाभ लिया जा सके।4
- दिल्ली में हुई पत्रकारों के साथ अभद्रता के विरोध में एसडीएम बहराइच को सौंपा ज्ञापन दिल्ली में हुई पत्रकारों के साथ अभद्रता के विरोध में एसडीएम बहराइच को सौंपा ज्ञापन1
- दिल्ली की घटना के विरोध में बहराइच के पत्रकार लामबंद सम्मान और सुरक्षा की मांग को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन बहराइच में दिल्ली की घटना के विरोध में पत्रकारों में आक्रोश देखने को मिला। पत्रकार शाहिन खान और नफीसा खान के साथ थाने में कथित अभद्रता के मामले को लेकर जिले के तमाम पत्रकार एक बैनर तले एकजुट हुए। पत्रकारों ने जिला प्रशासन के माध्यम से एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा की मांग की। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में समाज और शासन-प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का काम करते हैं। पत्रकारों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की। साथ ही स्पष्ट कहा कि पत्रकारों के साथ किसी भी तरह का उत्पीड़न या दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान पत्रकारों ने एकजुटता का संदेश देते हुए कहा— पत्रकारों का सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित हो। पत्रकार एकता जिंदाबाद।4