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विश्रामपुर के ऐतिहासिक पंचमुखी मंदिर परिसर में हिंदूवादी संगठनों की एक बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में आरएसएस, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के लोग शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता बजरंग दल के जिला सह संयोजक हिमांशु पांडेय ने की, जबकि संचालन देवराज शर्मा ने किया। बैठक के दौरान विहिप प्रखंड समिति का पुनर्गठन किया गया, जिसमें राजकुमार मेहता को अध्यक्ष बनाया गया है।
पब्लिक लोकल न्यूज रिपोर्टर
विश्रामपुर के ऐतिहासिक पंचमुखी मंदिर परिसर में हिंदूवादी संगठनों की एक बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में आरएसएस, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के लोग शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता बजरंग दल के जिला सह संयोजक हिमांशु पांडेय ने की, जबकि संचालन देवराज शर्मा ने किया। बैठक के दौरान विहिप प्रखंड समिति का पुनर्गठन किया गया, जिसमें राजकुमार मेहता को अध्यक्ष बनाया गया है।
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- विश्रामपुर के ऐतिहासिक पंचमुखी मंदिर परिसर में हिंदूवादी संगठनों की एक बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में आरएसएस, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के लोग शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता बजरंग दल के जिला सह संयोजक हिमांशु पांडेय ने की, जबकि संचालन देवराज शर्मा ने किया। बैठक के दौरान विहिप प्रखंड समिति का पुनर्गठन किया गया, जिसमें राजकुमार मेहता को अध्यक्ष बनाया गया है।1
- छात्रों की बात न सुने जाने की स्थिति में सीधे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई है। धर्मेंद्र प्रधान जी को संबोधित करते हुए सवाल किया गया है कि वे कहां हैं। स्पष्ट किया गया है कि यदि छात्रों की समस्याओं और उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो सड़कों पर आकर आंदोलन किया जाएगा।1
- गढ़वा में नगर परिषद द्वारा विकास परियोजनाओं की सौगात दिए जाने के साथ ही क्षेत्र में विकास कार्यों को रफ्तार मिली है।1
- गढ़वा स्थित काली मंदिर प्रांगण में व्याप्त कीचड़, कचरे और खराब चापानल से आम जनता को हो रही परेशानियों पर खबर उजागर करने के बाद पत्रकार शीतल विश्वकर्मा को धमकी दी जा रही है। धमकी मिलने के बावजूद पत्रकार शीतल विश्वकर्मा ने स्पष्ट कर दिया है कि वह ऐसी धमकियों से कतई नहीं डरती हैं। उन्होंने निडरता से अपना रुख साफ करते हुए कहा कि वह जनता की समस्याओं और जनहित के मुद्दों पर इसी तरह आगे भी अपनी आवाज उठाती रहेंगी।1
- गढ़वा में नल-जल योजना बीते एक साल से खराब पड़ी है, जिसकी वजह से मोहल्ले के लोगों को पानी के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही इलाके में लगा चापाकल भी खराब हो गया है। पानी की गंभीर किल्लत से जूझ रहे स्थानीय लोगों ने व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए इसे जल्द से जल्द ठीक कराने की अपील की है।1
- गढ़वा जिले के रंका प्रखंड स्थित चुतरू पंचायत के उर्दू विद्यालय में खेल मैदान की जमीन पर अतिक्रमण कर खेती करने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बुधवार दोपहर करीब 3:00 बजे कुछ लोगों ने विद्यालय के लिए वर्षों पहले दान की गई जमीन को अपनी रैयती भूमि बताकर ट्रैक्टर से जुताई कर दी और उसमें तिल तथा अरहर की बुआई कर दी। इससे विद्यालय के बच्चों के खेलने के लिए उपलब्ध मैदान पूरी तरह समाप्त होने की स्थिति में आ गया है। ग्रामीणों के अनुसार, यह भूमि पहले कल्लू यादव, सोमारू यादव, राजमणि यादव, शिवपुर यादव सहित अन्य यादव परिवार की थी, जिन्होंने बच्चों के खेलकूद और विद्यालय के विकास के लिए इसे उपलब्ध कराया था और इसे राजपाल के नाम दर्ज भी कराया गया था। वहीं, जमीन दान देने वाले परिवार के लोगों का आरोप है कि विद्यालय की जमीन पर कुछ अन्य प्रभावशाली लोग भी खेती कर रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न करके केवल कुछ ही लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। इस घटना से विद्यालय के छात्र-छात्राओं में निराशा है और ग्रामीणों ने बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास का हवाला देते हुए मैदान की सुरक्षा को जरूरी बताया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि विद्यालय प्रबंधन समिति, प्रधानाध्यापक और संबंधित राजस्व विभाग संयुक्त रूप से भूमि की पैमाइश कराकर विधिवत सीमांकन करें तथा राजपाल के नाम दर्ज भूमि को विद्यालय के अभिलेखों में शामिल कर सुरक्षित कराएं, ताकि भविष्य में विवाद खत्म हो और प्रशासन के समय रहते हस्तक्षेप से बच्चों के खेलकूद का अधिकार सुरक्षित रहे।1
- गढ़वा में न्यायालय परिसर के भीतर बिना अनुमति वीडियो बनाने पर रोक लगा दी गई है। इस प्रतिबंध से जुड़ा पहला मामला जीपी गढ़वा परेश तिवारी से संबंधित बताया जा रहा है। न्यायालय परिसर की गरिमा, सुरक्षा और न्यायिक प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। इस संबंध में सभी अधिवक्ताओं, पत्रकारों, सोशल मीडिया क्रिएटर्स और आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे न्यायालय परिसर में वीडियो बनाने से पहले लागू नियमों और निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें।1
- 22 जुलाई 2026 को बिहार के पटना में बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हो गई। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के नेतृत्व में कार्यकर्ता "अराजकता" के खिलाफ शांतिपूर्ण मार्च निकालते हुए कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे थे। यह प्रदर्शन दिल्ली में राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए गए विरोध-प्रदर्शन के जवाब में आयोजित किया गया था। बीजेपी कार्यकर्ताओं के कांग्रेस दफ्तर पहुंचने पर वहां मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया, जिसके बाद दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों ओर से लाठी-डंडे चलने लगे और पथराव शुरू हो गया। स्थिति को बेकाबू होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया और पूरे क्षेत्र को खाली कराया। इस हिंसक टकराव में दोनों पक्षों के कई कार्यकर्ता और नेता घायल हुए हैं।1