उत्तर प्रदेश के हापुड़ में नोएडा से अपने घर लौटते समय संदिग्ध परिस्थितियों में अपनी जान गंवाने वाले होनहार युवक मोहित शर्मा के मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। पीड़ित परिवार और सामाजिक संगठनों के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने आज हापुड़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद एसपी ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव न्याय और सहायता दिलाने का ठोस आश्वासन दिया है। इस महत्वपूर्ण मुलाकात का नेतृत्व सामाजिक प्रबुद्ध नागरिक नरेंद्र भारद्वाज, ब्रह्म समर्पित ब्राह्मण महा सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित नानक चंद शर्मा और अखिल भारत वर्षीय यादव महासभा के जिला अध्यक्ष अम्बरीश यादव ने संयुक्त रूप से किया। इन नेताओं ने पुलिस प्रशासन के समक्ष पूरी मजबूती और तर्कों के साथ न्याय की मांगें रखीं। प्रतिनिधिमंडल में मृतक मोहित शर्मा के पिता जितेंद्र कुमार शर्मा, भाई तरुण शर्मा, बहन प्रीति शर्मा, पत्नी आरती शर्मा और अन्य परिजनों के साथ भारी संख्या में समाज के गणमान्य लोग शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल द्वारा पुलिस की संवेदनहीनता और लापरवाही के सबूत पेश किए जाने के बाद, एसपी ने मौके पर ही दो बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने पीड़ित परिवार को तुरंत प्रशासनिक स्तर पर उचित आर्थिक सहायता देने और मृतक की पत्नी आरती शर्मा को बच्चों के सुरक्षित भविष्य और जीवनयापन के लिए उपयुक्त नौकरी दिलाने हेतु त्वरित पैरवी करने का वादा किया। इसके अलावा, मृतक की स्कूटी पर दुर्घटना का कोई निशान न होने की दलील स्वीकार करते हुए एसपी ने निर्देश दिया कि इस मामले की जांच केवल एक साधारण सड़क हादसा मानकर बंद न की जाए, बल्कि इसकी सघन जांच सुनियोजित हत्या की आशंका सहित सभी संभावित कोणों से की जाए। लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए एसपी ने नगर कोतवाली प्रभारी मनीष चौहान की अमर्यादित टिप्पणी और मारवाड़ चौकी के दरोगा मनोज कुमार व सिपाही जीतू बाबू द्वारा सबूतों की अनदेखी करने पर कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने इन दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल आंतरिक विभागीय जांच शुरू कर सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल ने एसपी के इस संवेदनशील रुख की सराहना की है, लेकिन साथ ही यह स्पष्ट किया है कि जब तक ये वादे कागजी और जमीनी स्तर पर पूरे नहीं होते, तब तक उनका शांतिपूर्ण प्रयास और पैरवी लगातार जारी रहेगी।
उत्तर प्रदेश के हापुड़ में नोएडा से अपने घर लौटते समय संदिग्ध परिस्थितियों में अपनी जान गंवाने वाले होनहार युवक मोहित शर्मा के मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। पीड़ित परिवार और सामाजिक संगठनों के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने आज हापुड़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद एसपी ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव न्याय और सहायता दिलाने का ठोस आश्वासन दिया है। इस महत्वपूर्ण मुलाकात का नेतृत्व सामाजिक प्रबुद्ध नागरिक नरेंद्र भारद्वाज, ब्रह्म समर्पित ब्राह्मण महा सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित नानक चंद शर्मा और अखिल भारत वर्षीय यादव महासभा के जिला अध्यक्ष अम्बरीश यादव ने संयुक्त रूप से किया। इन नेताओं ने पुलिस प्रशासन के समक्ष पूरी मजबूती और तर्कों के साथ न्याय की मांगें रखीं। प्रतिनिधिमंडल में मृतक मोहित शर्मा के पिता जितेंद्र कुमार शर्मा, भाई तरुण शर्मा, बहन प्रीति शर्मा, पत्नी आरती शर्मा और अन्य परिजनों के साथ भारी संख्या में समाज के गणमान्य लोग शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल द्वारा पुलिस की संवेदनहीनता और लापरवाही के सबूत पेश किए जाने के बाद, एसपी ने मौके पर ही दो बड़ी घोषणाएं कीं।
उन्होंने पीड़ित परिवार को तुरंत प्रशासनिक स्तर पर उचित आर्थिक सहायता देने और मृतक की पत्नी आरती शर्मा को बच्चों के सुरक्षित भविष्य और जीवनयापन के लिए उपयुक्त नौकरी दिलाने हेतु त्वरित पैरवी करने का वादा किया। इसके अलावा, मृतक की स्कूटी पर दुर्घटना का कोई निशान न होने की दलील स्वीकार करते हुए एसपी ने निर्देश दिया कि इस मामले की जांच केवल एक साधारण सड़क हादसा मानकर बंद न की जाए, बल्कि इसकी सघन जांच सुनियोजित हत्या की आशंका सहित सभी संभावित कोणों से की जाए। लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए एसपी ने नगर कोतवाली प्रभारी मनीष चौहान की अमर्यादित टिप्पणी और मारवाड़ चौकी के दरोगा मनोज कुमार व सिपाही जीतू बाबू द्वारा सबूतों की अनदेखी करने पर कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने इन दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल आंतरिक विभागीय जांच शुरू कर सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल ने एसपी के इस संवेदनशील रुख की सराहना की है, लेकिन साथ ही यह स्पष्ट किया है कि जब तक ये वादे कागजी और जमीनी स्तर पर पूरे नहीं होते, तब तक उनका शांतिपूर्ण प्रयास और पैरवी लगातार जारी रहेगी।
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ में नोएडा से अपने घर लौटते समय संदिग्ध परिस्थितियों में अपनी जान गंवाने वाले होनहार युवक मोहित शर्मा के मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। पीड़ित परिवार और सामाजिक संगठनों के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने आज हापुड़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद एसपी ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव न्याय और सहायता दिलाने का ठोस आश्वासन दिया है। इस महत्वपूर्ण मुलाकात का नेतृत्व सामाजिक प्रबुद्ध नागरिक नरेंद्र भारद्वाज, ब्रह्म समर्पित ब्राह्मण महा सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित नानक चंद शर्मा और अखिल भारत वर्षीय यादव महासभा के जिला अध्यक्ष अम्बरीश यादव ने संयुक्त रूप से किया। इन नेताओं ने पुलिस प्रशासन के समक्ष पूरी मजबूती और तर्कों के साथ न्याय की मांगें रखीं। प्रतिनिधिमंडल में मृतक मोहित शर्मा के पिता जितेंद्र कुमार शर्मा, भाई तरुण शर्मा, बहन प्रीति शर्मा, पत्नी आरती शर्मा और अन्य परिजनों के साथ भारी संख्या में समाज के गणमान्य लोग शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल द्वारा पुलिस की संवेदनहीनता और लापरवाही के सबूत पेश किए जाने के बाद, एसपी ने मौके पर ही दो बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने पीड़ित परिवार को तुरंत प्रशासनिक स्तर पर उचित आर्थिक सहायता देने और मृतक की पत्नी आरती शर्मा को बच्चों के सुरक्षित भविष्य और जीवनयापन के लिए उपयुक्त नौकरी दिलाने हेतु त्वरित पैरवी करने का वादा किया। इसके अलावा, मृतक की स्कूटी पर दुर्घटना का कोई निशान न होने की दलील स्वीकार करते हुए एसपी ने निर्देश दिया कि इस मामले की जांच केवल एक साधारण सड़क हादसा मानकर बंद न की जाए, बल्कि इसकी सघन जांच सुनियोजित हत्या की आशंका सहित सभी संभावित कोणों से की जाए। लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए एसपी ने नगर कोतवाली प्रभारी मनीष चौहान की अमर्यादित टिप्पणी और मारवाड़ चौकी के दरोगा मनोज कुमार व सिपाही जीतू बाबू द्वारा सबूतों की अनदेखी करने पर कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने इन दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल आंतरिक विभागीय जांच शुरू कर सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल ने एसपी के इस संवेदनशील रुख की सराहना की है, लेकिन साथ ही यह स्पष्ट किया है कि जब तक ये वादे कागजी और जमीनी स्तर पर पूरे नहीं होते, तब तक उनका शांतिपूर्ण प्रयास और पैरवी लगातार जारी रहेगी।2
- rajapur hapur1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित CJP प्रोटेस्ट में आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद को उनके हजारों कार्यकर्ताओं का भारी समर्थन मिला है। इस प्रदर्शन के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से आगामी 20 तारीख को संसद चलने का खुला आह्वान किया है।1
- Post by MO Usman1
- अमरोहा के हसनपुर क्षेत्र के एक गांव में नालियां और गलियां पूरी तरह से टूटी पड़ी हैं, जिससे लोग बेहद परेशान हैं। गांव में साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं हो रही है। स्थिति इतनी खराब है कि लोगों को रास्ता पार करने के लिए नाली के ऊपर पत्थर रखकर निकलना पड़ता है।2
- कांग्रेस नेता राहुल गांधी आगामी 17 जुलाई को देहरादून आ रहे हैं, जहां वे उत्तराखंड के पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं के साथ एक विशेष बैठक और संवाद करेंगे। इस बैठक के दौरान उत्तराखंड से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर मंथन किया जाएगा। संवाद के एजेंडे में मुख्य रूप से राज्य में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, आपदा प्रबंधन, पहाड़ों की समस्याएं और आगामी चुनावी रणनीति पर गहन चर्चा शामिल है। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरे का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की जमीनी हकीकत को समझना है, जिसके लिए राहुल गांधी सीधे कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेंगे और संगठन को अधिक मजबूत करने के निर्देश भी देंगे। इस पूरे कार्यक्रम को "जनता की आवाज़, कांग्रेस की ताकत" के संकल्प के साथ रेखांकित किया जा रहा है।1
- बुलंदशहर के सिकंदराबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव निजामपुर में पैसों के लेनदेन को लेकर दो पक्षों के बीच सरेआम अंधाधुंध फायरिंग हुई है। इस ताबड़तोड़ गोलीबारी में अजब सिंह और सोनू की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हुए हैं। दोनों पक्षों की तरफ से दर्जनभर से अधिक राउंड हुई फायरिंग की इस वारदात के बाद से पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल बना हुआ है। डबल मर्डर की इस गंभीर घटना के बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। एसएसपी समेत पुलिस के आला अधिकारियों के साथ-साथ एडीजी मेरठ ज़ोन भानु भास्कर और डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी भी घटना स्थल पर पहुंचे हैं।2
- बुलंदशहर के स्याना कोतवाली क्षेत्र में पत्नी की गला रेतकर निर्मम हत्या करने वाले फरार आरोपी पति को पुलिस ने वारदात के 18 दिन बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया धारदार चाकू भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, स्याना कोतवाली क्षेत्र के गांव हाजीपुर में आरोपी मोनू ने घरेलू विवाद के चलते 28 जून दिन रविवार को अपनी पत्नी गीता की गला रेतकर हत्या कर दी थी और घटना के बाद से ही वह लगातार फरार चल रहा था। इस वारदात के बाद से मृतका के परिजन आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर लगातार सीओ स्याना और कोतवाली पुलिस के चक्कर काट रहे थे। परिजनों के दबाव और पुलिस की सघन तलाश के बाद आखिरकार पुलिस ने आरोपी मोनू को गिरफ्तार कर लिया। सीओ स्याना ने बताया कि आरोपी के पास से आलाकत्ल बरामद कर लिया गया है और उसे जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी होने के बाद मृतका के पीड़ित परिजनों ने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।1