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सूर्य देव लगातार भीषण गर्मी बरसा रहे हैं, ऐसा प्रतीत होता है मानो वे लंबे समय से 'खिचड़ी' पका रहे हों। गर्मी का प्रकोप इतना अधिक है कि ऐसा लग रहा है जैसे सूरज अपनी भट्ठी को बंद करने का नाम ही नहीं ले रहे हैं, जिससे वातावरण में तपिश लगातार बनी हुई है।
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सूर्य देव लगातार भीषण गर्मी बरसा रहे हैं, ऐसा प्रतीत होता है मानो वे लंबे समय से 'खिचड़ी' पका रहे हों। गर्मी का प्रकोप इतना अधिक है कि ऐसा लग रहा है जैसे सूरज अपनी भट्ठी को बंद करने का नाम ही नहीं ले रहे हैं, जिससे वातावरण में तपिश लगातार बनी हुई है।
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- अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस, 26 जून के अवसर पर, समाज को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया गया है। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन ने इस मौके पर ज़ोर दिया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति के लिए एक गंभीर चुनौती है। संगठन ने कहा कि केवल जागरूकता, शिक्षा और सामूहिक प्रयासों के ज़रिए ही नशा मुक्त समाज का निर्माण संभव है। इसके तहत, सभी नागरिकों से नशे के विरुद्ध एकजुट होकर एक स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त भारत के निर्माण में अपना योगदान देने की अपील की गई। लोगों से आग्रह किया गया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा युवाओं को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। इस पहल का मूल संदेश है: "नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें – स्वस्थ समाज, सुरक्षित भविष्य।"1
- आज जयपुर में बारिश होने से मौसम में बदलाव आया है, जिसके कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।1
- जौनपुर के बदलापुर में भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं। पूर्व विधायक बाबा दूबे ने इस मामले में बिहार पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए, इसकी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। बाबा दूबे ने कहा कि भरत तिवारी के एनकाउंटर की कहानी कई सवाल खड़े करती है और आरोप लगाया कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए एक स्वतंत्र एजेंसी से जांच होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस जांच से यह स्पष्ट होना चाहिए कि पुलिस कार्रवाई पूरी तरह नियमों और कानून के तहत हुई थी या नहीं। पूर्व विधायक ने यह भी रेखांकित किया कि किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता, और न्यायिक प्रक्रिया को दरकिनार कर की गई कार्रवाई की आशंकाओं की भी निष्पक्ष जांच ज़रूरी है। उनके अनुसार, यदि एनकाउंटर वास्तविक है तो सभी तथ्य सामने आने चाहिए, और यदि इसमें कोई अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। बाबा दूबे ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों से पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच कराने की अपील करते हुए कहा कि जनता के बीच उठ रहे सवालों का जवाब मिलना आवश्यक है। उन्होंने अंत में कहा कि लोकतंत्र में कानून का राज सर्वोपरि है और किसी भी विवादित मामले में सत्य सामने आना ही चाहिए।1
- जौनपुर जिले के मछली शहर स्थित बंधवा बाजार के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे भीषण गर्मी में लोगों का जीवन नारकीय हो गया है। बताया गया है कि बिजली कर्मचारियों की घोर लापरवाही के कारण बाजार के बाहर के इलाकों में बिजली की आपूर्ति बुरी तरह गड़बड़ा गई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुबह से लेकर रात 10 बजे तक बिजली नहीं आती, जिसके कारण लोग पंखे झलते हुए रात बिताने को मजबूर हैं। इस अव्यवस्था के चलते सरकार द्वारा बिजली आपूर्ति को लेकर किए गए सभी दावे पूरी तरह से विफल साबित हो रहे हैं। कर्मचारियों की इस लापरवाही ने शासन की पूरी व्यवस्था पर पानी फेर दिया है।1
- गर्मी और भीड़भाड़ वाले ट्रैफिक के माहौल में, जहाँ लोग गाड़ियों के अंदर भी गर्मी से बेहाल रहते हैं, वहीं वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र में पुलिस लाइन चौराहा से कचहरी की ओर जाने वाली सड़क पर एक व्यक्ति ने 'कूल' रहने का बिल्कुल नया और अनोखा तरीका ढूंढ निकाला है। सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहे एक वीडियो में, एक युवक चलती हुई ई-रिक्शा की छत पर किसी 'राजा बाबू' की तरह आराम से लेटा हुआ दिखाई दे रहा है। इस वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि नीचे रिक्शे में सवारियाँ बैठी हुई हैं, जबकि ऊपर यह युवक अपने हाथ में मोबाइल लिए, पैर पर पैर चढ़ाए हुए ऐसे लेटा है जैसे वह अपने घर के लिविंग रूम के सोफे पर ही आराम फरमा रहा हो। उसे न तो सड़क के गड्ढों की कोई चिंता है और न ही ट्रैफिक पुलिस द्वारा चालान काटे जाने का डर। वीडियो के अनुसार, इस युवक का मोटो शायद यही है कि "रास्ते कैसे भी हों, आराम में कोई कमी नहीं होनी चाहिए!" उसके इस अंदाज़ को देखकर लगता है जैसे वह खुद कह रहा हो, "हम जहाँ लेटे हैं, वहीं से सुकून शुरू होता है।" यह दृश्य गर्मी और ट्रैफिक के बीच एक अलग ही 'सुकून' की तलाश को दर्शाता है, जिसने लोगों का ध्यान खींचा है।1
- बदलापुर विकास खंड स्थित शाहपुर गौशाला में गुरुवार को भीमसैनी/निर्जला एकादशी व्रत के पावन अवसर पर गौसेवा का सराहनीय कार्य किया गया। इस दौरान अधिवक्ता उपेंद्रमणि त्रिपाठी गौशाला पहुंचे, जहां उन्होंने गायों को हरा चारा खिलाया और उनके संरक्षण एवं संवर्धन का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने भारतीय संस्कृति में गौसेवा के विशेष महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक पर्वों पर किए गए सेवा कार्य समाज में सकारात्मक प्रेरणा प्रदान करते हैं। गौशाला प्रबंधन ने इस सहयोग के लिए अधिवक्ता उपेंद्रमणि त्रिपाठी के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य लोगों ने भी गौसेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए नियमित रूप से गौसंरक्षण में अपना योगदान देने का संकल्प लिया।1
- होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव काफी बढ़ गया है, जहाँ ईरान की आईआरजीसी नौसेना ने इस क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों को सख्त चेतावनी जारी की है। आईआरजीसी ने स्पष्ट किया है कि जहाजों की आवाजाही केवल तेहरान की मंजूरी और आईआरजीसी द्वारा निर्धारित समन्वित समुद्री मार्गों से ही होनी चाहिए। इससे पहले ओमान ने अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिए दो अस्थायी समुद्री कॉरिडोर जारी किए थे, लेकिन ईरान ने उन्हें असुरक्षित बताते हुए सीधे तौर पर खारिज कर दिया था। इस नई चेतावनी के बाद, बताया जा रहा है कि कुछ जहाजों ने अपना मार्ग बदल दिया है या वे वापस लौट गए हैं। घटना से संबंधित एक वीडियो, जिसमें वीएचएफ चैनल-16 के रेडियो संदेश भी शामिल हैं, सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- बुलेट मोटरसाइकिल की दमदार आवाज़ और उसकी मज़बूत बनावट लोगों को ख़ास तौर पर आकर्षित करती है। जब कोई बुलेट सवार आम के बगीचों के बीच से गुज़रते हुए प्रकृति की ख़ूबसूरती का आनंद लेता है, तो उसे एक अलग ही सुकून और आत्मविश्वास का एहसास होता है। कई लोग इस सवारी को राजशाही बताते हैं और कहते हैं कि बुलेट पर बैठकर ऐसा लगता है मानो किसी विशाल हाथी की सवारी कर रहे हों। जौनपुर ज़िले सहित ग्रामीण युवाओं में बुलेट के प्रति विशेष आकर्षण देखा जाता है। उनका मानना है कि साधारण गाड़ियों की तुलना में बुलेट की सवारी उन्हें एक अलग पहचान और आनंद प्रदान करती है। प्रकृति के बीच, आम के बगीचों की ख़ुशबू और खुले वातावरण में बुलेट का यह सफ़र उनके जीवन के यादगार पलों में शामिल हो जाता है। गाँव की हरियाली, आम के बगीचों की ठंडी छाँव और कच्चे रास्तों पर दौड़ती बुलेट का यह संगम ग्रामीण संस्कृति और प्रकृति के साथ बुलेट की शान का एक विशेष अनुभव बनकर उभर रहा है।1