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अमरोहा नगर में हुई तेज़ बारिश ने यहाँ की सड़कों की बदहाली को उजागर कर दिया है। शहर की कई प्रमुख सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गईं, जिससे ऐसा नज़ारा दिखा मानो सड़कें नहीं बल्कि स्विमिंग पूल हों। इस गंभीर जलभराव के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इन पानी से लबालब भरी सड़कों से गुज़रते हुए दिखाई दिए। हर बारिश के साथ सामने आने वाली ये तस्वीरें नगर की जल निकासी व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
Bachchan Singh
अमरोहा नगर में हुई तेज़ बारिश ने यहाँ की सड़कों की बदहाली को उजागर कर दिया है। शहर की कई प्रमुख सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गईं, जिससे ऐसा नज़ारा दिखा मानो सड़कें नहीं बल्कि स्विमिंग पूल हों। इस गंभीर जलभराव के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इन पानी से लबालब भरी सड़कों से गुज़रते हुए दिखाई दिए। हर बारिश के साथ सामने आने वाली ये तस्वीरें नगर की जल निकासी व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
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- अमरोहा के गजरौला ब्लॉक परिसर में बारिश के बाद कार्यालयों में करीब दो फीट तक पानी भर गया, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। परिसर में खड़े वाहन भी पानी में डूबे नजर आए। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बरसात का पानी जमा हो गया है। इस जलभराव के कारण कर्मचारियों और आम लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या हर वर्ष बारिश के दौरान सामने आती है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। लोगों और गजरौला के ग्राम विकास अधिकारी ने प्रशासन से जल निकासी की बेहतर व्यवस्था कराने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की है कि ब्लॉक की बिल्डिंग काफी पुरानी हो चुकी है और यह कभी भी क्षतिग्रस्त होकर एक बड़ा हादसा बन सकती है, जिस पर ब्लॉक प्रशासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए।2
- उत्तर प्रदेश के गजरौला में प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े कथित घोटाले को लेकर जिलाधिकारी अमरोहा से शिकायत की गई है। यह शिकायत प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हुए अनियमितताओं के संबंध में दर्ज कराई गई है।1
- देश की राजधानी नई दिल्ली के शांति गांधी प्रतिष्ठान में दिव्यांग महागठबंधन की पहली राष्ट्रीय बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता श्री मनीष प्रसाद श्रीवास्तव, श्री पंकज त्रिपाठी, श्री वीरेंद्र कुमार और श्री जितेंद्र कुमार जी के नेतृत्व में की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से दिव्यांग संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का संचालन श्री पंकज त्रिपाठी और धर्मवीर शर्मा जी ने किया। उत्तर प्रदेश के जिला हरदोई से आए दिव्यांग युवा शक्ति संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री दुर्वेश कुशवाहा 'आजाद' जी को बैठक में विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उन्होंने मंच पर उपस्थित सभी अतिथियों और दूर-दूर से आए दिव्यांग संगठनों के अध्यक्षों व दिव्यांगजनों का स्वागत किया। अपने संबोधन में डी.के. आजाद जी ने उत्तर प्रदेश में दिव्यांग महागठबंधन के बैनर तले दिव्यांगजनों के हक-अधिकार के लिए चलाई गई कई बड़ी लड़ाइयों, आंदोलनों, बैठकों और ज्ञापनों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यह दिल्ली में पहली राष्ट्रीय बैठक उन्हीं सफलताओं के बाद हुई है। डी.के. आजाद जी ने सुझाव दिया कि दिव्यांग महागठबंधन का नाम बदलकर "राष्ट्रीय दिव्यांग महागठबंधन" किया जाए। साथ ही, उन्होंने संगठन का अधिवेशन करके पुनः विस्तार करने और हर राज्य में एक-एक प्रतिनिधि नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा, जो अपने राज्य में समिति गठित कर दिव्यांगजनों की लड़ाई लड़े। उन्होंने यह भी कहा कि दिव्यांग युवा शक्ति संगठन (DYS) दिव्यांगजनों के हक-अधिकार की लड़ाई लड़ने वालों का हमेशा समर्थन करेगा। दिव्यांग महागठबंधन के अध्यक्ष श्री मनीष जी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज हम सभी एक मंच पर आए हैं। महासचिव श्री वीरेंद्र कुमार जी ने सभी के सुझाव सुनकर आश्वासन दिया कि दिए गए सभी सुझाव सरकार तक पहुंचाए जाएंगे। बैठक संपन्न होने के बाद, दिव्यांग महागठबंधन ने कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे छात्रों के धरने को अपना समर्थन दिया। इस दौरान डी.के. आजाद जी, धर्मेन्द्र यादव जी, एहसानुल हक और दिनेश जी ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके जी से मुलाकात कर उन्हें पूर्ण समर्थन पत्र सौंपा और कहा कि दिव्यांग महागठबंधन भी उनके साथ है। इस राष्ट्रीय बैठक में दिल्ली से लक्ष्मीकांत जी, झारखंड से नागेश कुमार, उत्तर प्रदेश से एहसानुल हक, महोबा से मुकेश भारती, लखनऊ से अजीत सिंह आजाद, बागपत से धीरेंद्र कुमार और लखनऊ से दिनेश जी सहित सैकड़ों दिव्यांग संगठनों के अध्यक्ष और दिव्यांग साथी उपस्थित रहे।4
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक जिलाबदर अपराधी के संबंध में सार्वजनिक मुनादी कराई गई है। इस घोषणा के तहत, उस अपराधी के जिले में प्रवेश पर अगले छह माह तक पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।1
- आजम समाज पार्टी काशीराम के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने 2027 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को सत्ता से बाहर करने के उद्देश्य से किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन करने की अपनी तैयारी व्यक्त की है।1
- उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल ने अमरोहा में एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि गोसेवा सुशासन का आधार है और निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने पत्रकारों से आग्रह किया कि वे समाज में यह संदेश फैलाएं कि लोग गौशालाओं से गायों को अपनाकर उनका पालन-पोषण करें और उन्हें बेसहारा न छोड़ें। शुक्ल ने जानकारी दी कि पूरे प्रदेश में 7,700 से अधिक गौ-आश्रय स्थलों में 16 लाख से अधिक निराश्रित गौवंश का संरक्षण किया जा रहा है। प्रत्येक गौवंश के भरण-पोषण के लिए प्रतिदिन 50 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त, 5,446 गौशालाओं में 7,592 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री निराश्रित गौवंश सहभागिता योजना के तहत अब तक 1.67 लाख से अधिक गौवंश इच्छुक गौपालकों को सौंपे जा चुके हैं, और इन गौवंशों के पोषण के लिए सहायता सीधे डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में भेजी जा रही है। अमरोहा जनपद की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए, उन्होंने बताया कि जिले में 26 गौ-आश्रय स्थलों में 8,776 गौवंश संरक्षित हैं। वहीं, सहभागिता योजना के अंतर्गत 850 गौपालकों द्वारा 1,279 गौवंश को अपनाया गया है। उपाध्यक्ष ने इस बात पर भी जोर दिया कि गोवध निवारण अधिनियम के तहत गौवंश की सुरक्षा के लिए सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति लागू है, और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने गौ संरक्षण को लेकर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार से सावधान रहने की अपील भी की। इस प्रेस वार्ता में गोसेवा आयोग के सदस्य दीपक गोयल, अपर निदेशक पशुपालन डॉ. जगदीश प्रसाद, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आभा दत्त, जिला सूचना अधिकारी मो. दानिश, तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार उपस्थित रहे।2
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा जनपद की हसनपुर विधानसभा क्षेत्र के गांव भावली से एक मार्मिक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में ग्रामीण एक अंतिम यात्रा को घुटनों तक भरे गंदे पानी के बीच से निकालते हुए दिख रहे हैं, जिसने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि भावली गांव पिछले करीब 10 वर्षों से जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रहा है, जिसके चलते गांव की सड़कें तालाब जैसी बन चुकी हैं। अंतिम यात्रा का यह दृश्य, जिसमें लोगों को घुटनों तक भरे पानी के बीच से गुजरना पड़ा, तेजी से वायरल हो रहा है और स्पष्ट रूप से विकास की पोल खोल रहा है।1