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चित्रकूट जिले के बरौंधा तहसील क्षेत्र में नकैला बस स्टैंड के समीप अवैध उत्खनन का कार्य जारी है। सड़क किनारे यह अवैध उत्खनन और परिवहन का कार्य लगातार चल रहा है, जिसके कारण पूरे क्षेत्र में लोगों के बीच आक्रोश फैल गया है।
रोहित कुमार पाठक
चित्रकूट जिले के बरौंधा तहसील क्षेत्र में नकैला बस स्टैंड के समीप अवैध उत्खनन का कार्य जारी है। सड़क किनारे यह अवैध उत्खनन और परिवहन का कार्य लगातार चल रहा है, जिसके कारण पूरे क्षेत्र में लोगों के बीच आक्रोश फैल गया है।
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- मैहर के रामनगर क्षेत्र में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां मार्कण्डेय नदी में नहाते समय एक 15 वर्षीय किशोर डूब गया। घटना के लगभग 9 घंटे बीत जाने के बाद भी उसका शव बरामद नहीं हो सका है। सूचना मिलने पर रामनगर पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम ने देर शाम तक रेस्क्यू अभियान चलाया, लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। जानकारी के अनुसार, अमरपाटन के चोरहटा निवासी वेद गुप्ता (15 वर्ष), जो अंजनी गुप्ता के बेटे हैं, अपने मामा के घर रामनगर रिश्तेदारी में आए हुए थे। शनिवार को वह मार्कण्डेय नदी में नहाने गए थे और गहरे पानी में डूब गए। रामनगर थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने नदी में जाल डालकर पूरे दिन तलाश अभियान चलाया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक किशोर का कोई पता नहीं चल सका। मौके पर एसडीएम, तहसीलदार ललित धुर्वे और थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी अपनी टीम के साथ मौजूद रहे। थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी ने बताया कि वे दोपहर करीब 11 बजे से शाम 7 बजे तक लगातार मौके पर रहकर रेस्क्यू अभियान की निगरानी कर रहे थे। इस बीच, किशोर के मामा ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दिनभर तलाश अभियान चलने के बावजूद कोई सफलता नहीं मिली और आरोप है कि कई अधिकारी मौके पर आकर कुछ देर रुकने और फोटो खिंचवाने के बाद वापस चले गए, जबकि प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा थी। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन की ओर से किशोर की तलाश के प्रयास जारी हैं। इस घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल व्याप्त है।1
- एक बच्चे की तलाश में हुई देरी को लेकर परिजनों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। बच्चे के पिता ने रोते-बिलखते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की है, उनका कहना है कि सुबह 10 बजे से शाम के 6 बज चुके हैं, लेकिन अब तक गोताखोर मौके पर नहीं पहुँचे हैं। परिजनों को लगातार केवल आश्वासन ही दिए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से उनमें भारी नाराजगी है।1
- सतना जिले के नागौद विधानसभा क्षेत्र के गोबरांव कला गांव में स्थित अति प्राचीन और क्षेत्र की आस्था के प्रमुख केंद्र सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में चोरी की एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया है। अज्ञात चोर मंदिर परिसर में लगे लगभग 11-11 किलोग्राम वजनी दो ऐतिहासिक पीतल के घंटे चुरा ले गए। इस घटना से पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया है और बड़ी संख्या में ग्रामीण तथा श्रद्धालु मंदिर परिसर में जमा हो गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, रविवार शाम को मुख्य पुजारी और ग्रामीण जब नियमित पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे, तब उन्हें दोनों घंटे गायब मिले। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि पवित्र शिवलिंग के साथ भी असम्मानजनक कृत्य किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में भारी नाराजगी का माहौल बन गया है। ग्रामीण दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, चोरी गए घंटों की बरामदगी और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो चक्का जाम और उग्र आंदोलन किया जाएगा। पुलिस को मामले की सूचना दे दी गई है और वह घटनास्थल पर पहुंचकर जांच में जुटी है, साथ ही आसपास के साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।2
- आज 27 जून को मैहर स्थित श्री शारदा शक्तिपीठ में जगत जननी माँ शारदा भवानी जी के संध्या कालीन दिव्य श्रृंगार दर्शन हुए। इस भक्तिपूर्ण अवसर पर 'जय माई की' का उद्घोष किया गया।2
- मैहर जिले के रामनगर स्थित मार्कण्डेय घाट पर एक बार फिर लापरवाही के कारण हादसा हुआ है, जिससे एक पिता रो-रोकर परेशान है, लेकिन बड़े अधिकारी कथित तौर पर AC की हवा ले रहे हैं और घटना के बाद भी उनकी नींद नहीं खुली है। यह स्थिति हर बार की कहानी बताई जा रही है। मार्कण्डेय घाट को मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने पर्यटक स्थल का दर्जा देकर चमका दिया है, जिसमें सेल्फी पॉइंट, मंदिर और घाट का प्रचार किया गया है। हालांकि, यहाँ सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं है—न कोई चेतावनी बोर्ड, न रस्सी-बैरिकेड, न लाइफ गार्ड और न ही गोताखोर। घाट पर गहरे कुंड और खनन के गड्ढे मौजूद हैं, फिर भी एक रस्सी तक नहीं लगाई गई है। पिछले साल भी रामनगर की खदान में अंकुश विश्वकर्मा नाम का व्यक्ति डूब गया था, तब सुरक्षा के वादे किए गए थे, लेकिन आज फिर वही हुआ और 8 घंटे तक गोताखोर मौके पर नहीं पहुँचे। शासन-प्रशासन की घोर लापरवाही स्पष्ट रूप से दिख रही है। सुबह 10 बजे हुए हादसे के बाद भी शाम 6 बजे तक राहत और बचाव दल मौके पर नहीं पहुँचा। यह सवाल उठाया जा रहा है कि अगर मार्कण्डेय एक पर्यटक स्थल है, तो मैहर में एसडीआरएफ (SDRF) टीम क्यों तैनात नहीं है और स्थायी रूप से रेस्क्यू बोट और गोताखोरों की व्यवस्था क्यों नहीं है। पीड़ित पिता लगातार अधिकारियों से मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन उन्हें सिर्फ फोन पर "भेज रहे हैं" जैसे आश्वासन मिलते रहे। मार्कण्डेय को पर्यटक स्थल घोषित करते समय आपदा प्रबंधन के लिए रखे गए बजट का कोई अता-पता नहीं है, अधिकारी AC में बैठे रहे जबकि पिता और परिवार रोते रहे।1