*एटा मेडिकल कॉलेज प्रकरण पत्रकार वनाम चिकित्सक* रवेन्द्र जादौन की खास रिपोर्ट एटा - (मार पीट की घटना का जीता जागता उदाहरण है वायरल वीडियो। ) दो दिन पूर्व जनपद के मेडिकल कॉलेज मे एक पत्रकार अपने बेटे का इलाज कराने जाते है उनके साथ एक अन्य पत्रकार भी थे, इलाज मे ना - नुकर पर पहले मेडिकल स्टाफ जिसमे चिकित्सक ओर नर्से शामिल है,ने पत्रकारों से अभद्रता करनी शुरू की बाद मे एक डॉक्टर ने सभी हदे पार करते हुए पत्रकार को अश्लील गालियां देते हुए मारपीट तक कर डाली,ये कृत्य अत्यंत निंदनीय है! विडिओ देख कर आप अनुमान लगा सकते है कि चिकत्सक़ किस विचारधारा के है! मेडिकल कॉलेज में अधिकांश गरीब तबके के लोग आते हैं, ये डॉक्टर उनके साथ केसा मानवीय व्यवहार करते होंगे! मेडिकल कॉलेज मैं अव्यवस्थाओं का यह कोई नया मामला नहीं है शान द्वारा जनपद एटा में स्ववित्त पोषित मेडिकल कॉलेज की स्थापना इसलिए की गई थी ताकि जनपद के वें युवा,जो चिकित्सा क्षेत्र में जाना चाहते हैं वह दूर दराज के जनपदों न जाकर यही शिक्षा प्राप्त करें और जनपद के लोगों को उच्च चिकित्सीय लाभ भी प्राप्त हो! किंतु वर्तमान हालात में ऐसा कहीं से भी प्रतीत नहीं हो रहा है कि इस विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र अपनी मेडिकल की पढ़ाई करके सेवा भाव से चिकित्सा क्षेत्र मेंअपनी सेवाएं दे पायंगे! मेडिकल कॉलेज में मानो तहजीब और अदब का नामोनिशान मिट गया है! अक्सर कर सीनियर डॉक्टरों द्वारा तिमारदारो के परिजनों के साथ अभद्रता की जाती है! ऐसी परिस्थितियों को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि किसी दिन मेडिकल कॉलेज का प्रांगण गोलियों की तड़तडाहत से गूंजता हुआ दिखाई देगा। इस पूरे प्रकरण में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं चिकित्सीय अधिकारियों का रवैया तकलीफ दायक रहा, तब जब कि डॉक्टर द्वारा पत्रकार के साथ मारपीट के पूरे वीडियो एविडेंस उपलब्ध होते हुए वे आरोपी डॉक्टर के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की जगह, प्राचार्य डॉक्टर को माफ कर देने की बात को ज्यादा तरजीह देते नजर आए। खबरों के फ्लैश होने से और वीडियो के वायरल होने से जिलाधिकारी द्वारा मेडिकल कॉलेज में हो रही अवस्थाओं पर जो तीन सदस्य टीम का गठन किया गया वो जरूर जख्मों पर मरहम का काम कर गया। पुलिस द्वारा पत्रकार के विरुद्ध क्रॉस एफ आई आर करने क़ो आप समझ सकते है ये मानवीय संवेदना क़ो झकझोर देने वाला कार्य है? मैं पूछता हूँ जनपद की पुलिस से क्या सादा वर्दी में गए किसी पुलिसकर्मी के साथ ऐसी वद- सलूकी होती तब भी क्या पुलिस क्रास एफआईआर दर्ज करती? पुलिस द्वारा दर्ज की गई दोनों एफ आई आर मे कोई सत्यता नहीं है! पत्रकारों की तरफ से भी सिर्फ मारपीट का अभियोग दर्ज होना चाहिए था, और डॉक्टरों की तरफ से किसी भी प्रकार की कोई शिकायत दर्ज न होकर उन पर सिर्फ विधि अनुसार कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए थी।
*एटा मेडिकल कॉलेज प्रकरण पत्रकार वनाम चिकित्सक* रवेन्द्र जादौन की खास रिपोर्ट एटा - (मार पीट की घटना का जीता जागता उदाहरण है वायरल वीडियो। ) दो दिन पूर्व जनपद के मेडिकल कॉलेज मे एक पत्रकार अपने बेटे का इलाज कराने जाते है उनके साथ एक अन्य पत्रकार भी थे, इलाज मे ना - नुकर पर पहले मेडिकल स्टाफ जिसमे चिकित्सक ओर नर्से शामिल है,ने पत्रकारों से अभद्रता करनी शुरू की बाद मे एक डॉक्टर ने सभी हदे पार करते हुए पत्रकार को अश्लील गालियां देते हुए मारपीट तक कर डाली,ये कृत्य अत्यंत निंदनीय है! विडिओ देख कर आप अनुमान लगा सकते है कि चिकत्सक़ किस विचारधारा के है! मेडिकल कॉलेज में अधिकांश गरीब तबके के लोग आते हैं, ये डॉक्टर उनके साथ केसा मानवीय व्यवहार करते होंगे! मेडिकल कॉलेज मैं अव्यवस्थाओं का यह कोई नया मामला नहीं है शान द्वारा जनपद एटा में स्ववित्त पोषित मेडिकल कॉलेज की स्थापना इसलिए की गई थी ताकि जनपद के वें युवा,जो चिकित्सा क्षेत्र में जाना चाहते हैं वह दूर दराज के जनपदों न जाकर यही शिक्षा प्राप्त करें और जनपद के लोगों को उच्च चिकित्सीय लाभ भी प्राप्त हो! किंतु वर्तमान हालात में ऐसा कहीं से भी प्रतीत नहीं हो रहा है कि इस विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र अपनी मेडिकल की पढ़ाई करके सेवा भाव से चिकित्सा क्षेत्र मेंअपनी सेवाएं दे पायंगे! मेडिकल कॉलेज में मानो तहजीब और अदब का नामोनिशान मिट गया है! अक्सर कर सीनियर डॉक्टरों द्वारा तिमारदारो के परिजनों के साथ अभद्रता की जाती है! ऐसी परिस्थितियों को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि किसी दिन मेडिकल कॉलेज का प्रांगण गोलियों की तड़तडाहत से गूंजता हुआ दिखाई देगा। इस पूरे प्रकरण में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं चिकित्सीय अधिकारियों का रवैया तकलीफ दायक रहा, तब जब कि डॉक्टर द्वारा पत्रकार के साथ मारपीट के पूरे वीडियो एविडेंस उपलब्ध होते हुए वे आरोपी डॉक्टर के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की जगह, प्राचार्य डॉक्टर को माफ कर देने की बात को ज्यादा तरजीह देते नजर आए। खबरों के फ्लैश होने से और वीडियो के वायरल होने से जिलाधिकारी द्वारा मेडिकल कॉलेज में हो रही अवस्थाओं पर जो तीन सदस्य टीम का गठन किया गया वो जरूर जख्मों पर मरहम का काम कर गया। पुलिस द्वारा पत्रकार के विरुद्ध क्रॉस एफ आई आर करने क़ो आप समझ सकते है ये मानवीय संवेदना क़ो झकझोर देने वाला कार्य है? मैं पूछता हूँ जनपद की पुलिस से क्या सादा वर्दी में गए किसी पुलिसकर्मी के साथ ऐसी वद- सलूकी होती तब भी क्या पुलिस क्रास एफआईआर दर्ज करती? पुलिस द्वारा दर्ज की गई दोनों एफ आई आर मे कोई सत्यता नहीं है! पत्रकारों की तरफ से भी सिर्फ मारपीट का अभियोग दर्ज होना चाहिए था, और डॉक्टरों की तरफ से किसी भी प्रकार की कोई शिकायत दर्ज न होकर उन पर सिर्फ विधि अनुसार कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए थी।
- *एटा मेडिकल कॉलेज प्रकरण पत्रकार वनाम चिकित्सक* रवेन्द्र जादौन की खास रिपोर्ट एटा - (मार पीट की घटना का जीता जागता उदाहरण है वायरल वीडियो। ) दो दिन पूर्व जनपद के मेडिकल कॉलेज मे एक पत्रकार अपने बेटे का इलाज कराने जाते है उनके साथ एक अन्य पत्रकार भी थे, इलाज मे ना - नुकर पर पहले मेडिकल स्टाफ जिसमे चिकित्सक ओर नर्से शामिल है,ने पत्रकारों से अभद्रता करनी शुरू की बाद मे एक डॉक्टर ने सभी हदे पार करते हुए पत्रकार को अश्लील गालियां देते हुए मारपीट तक कर डाली,ये कृत्य अत्यंत निंदनीय है! विडिओ देख कर आप अनुमान लगा सकते है कि चिकत्सक़ किस विचारधारा के है! मेडिकल कॉलेज में अधिकांश गरीब तबके के लोग आते हैं, ये डॉक्टर उनके साथ केसा मानवीय व्यवहार करते होंगे! मेडिकल कॉलेज मैं अव्यवस्थाओं का यह कोई नया मामला नहीं है शान द्वारा जनपद एटा में स्ववित्त पोषित मेडिकल कॉलेज की स्थापना इसलिए की गई थी ताकि जनपद के वें युवा,जो चिकित्सा क्षेत्र में जाना चाहते हैं वह दूर दराज के जनपदों न जाकर यही शिक्षा प्राप्त करें और जनपद के लोगों को उच्च चिकित्सीय लाभ भी प्राप्त हो! किंतु वर्तमान हालात में ऐसा कहीं से भी प्रतीत नहीं हो रहा है कि इस विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र अपनी मेडिकल की पढ़ाई करके सेवा भाव से चिकित्सा क्षेत्र मेंअपनी सेवाएं दे पायंगे! मेडिकल कॉलेज में मानो तहजीब और अदब का नामोनिशान मिट गया है! अक्सर कर सीनियर डॉक्टरों द्वारा तिमारदारो के परिजनों के साथ अभद्रता की जाती है! ऐसी परिस्थितियों को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि किसी दिन मेडिकल कॉलेज का प्रांगण गोलियों की तड़तडाहत से गूंजता हुआ दिखाई देगा। इस पूरे प्रकरण में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं चिकित्सीय अधिकारियों का रवैया तकलीफ दायक रहा, तब जब कि डॉक्टर द्वारा पत्रकार के साथ मारपीट के पूरे वीडियो एविडेंस उपलब्ध होते हुए वे आरोपी डॉक्टर के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की जगह, प्राचार्य डॉक्टर को माफ कर देने की बात को ज्यादा तरजीह देते नजर आए। खबरों के फ्लैश होने से और वीडियो के वायरल होने से जिलाधिकारी द्वारा मेडिकल कॉलेज में हो रही अवस्थाओं पर जो तीन सदस्य टीम का गठन किया गया वो जरूर जख्मों पर मरहम का काम कर गया। पुलिस द्वारा पत्रकार के विरुद्ध क्रॉस एफ आई आर करने क़ो आप समझ सकते है ये मानवीय संवेदना क़ो झकझोर देने वाला कार्य है? मैं पूछता हूँ जनपद की पुलिस से क्या सादा वर्दी में गए किसी पुलिसकर्मी के साथ ऐसी वद- सलूकी होती तब भी क्या पुलिस क्रास एफआईआर दर्ज करती? पुलिस द्वारा दर्ज की गई दोनों एफ आई आर मे कोई सत्यता नहीं है! पत्रकारों की तरफ से भी सिर्फ मारपीट का अभियोग दर्ज होना चाहिए था, और डॉक्टरों की तरफ से किसी भी प्रकार की कोई शिकायत दर्ज न होकर उन पर सिर्फ विधि अनुसार कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए थी।1
- *जलेसर में जलभराव की समस्या का समाधान, प्रशासन की संयुक्त कार्यवाही से ग्रामीणों को राहत* जलेसर/शकरौली (एटा), 6 अप्रैल 2026। ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जनपद एटा की तहसील जलेसर अंतर्गत कोतवाली शकरौली क्षेत्र के ग्राम नगला गड़रिया में राजस्व टीम और पुलिस बल की संयुक्त कार्यवाही से लंबे समय से बनी जलभराव की समस्या का सफल समाधान कर दिया गया। तहसीलदार जलेसर संदीप सिंह की प्रत्यक्ष निगरानी में चलाए गए इस अभियान के दौरान भारी मशीनरी का उपयोग कर गाँव की मुख्य सड़क पर भरे पानी की निकासी कराई गई। यांत्रिक खुदाई मशीन (बैकहो लोडर) के माध्यम से नाले और रास्तों की सफाई कर जल निकासी का मार्ग सुचारू रूप से तैयार किया गया। इस कार्यवाही के दौरान राजस्व विभाग के कर्मचारियों के साथ पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा, जिससे कार्य शांति एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। प्रशासन की तत्परता से ग्रामीणों को जलभराव की समस्या से बड़ी राहत मिली है। तहसीलदार संदीप सिंह ने बताया कि जनसमस्याओं का त्वरित और प्रभावी निस्तारण प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि टीम वर्क और सकारात्मक सोच के साथ किसी भी समस्या का समाधान संभव है। इस पहल से न केवल गाँव की सड़कें आवागमन के लिए सुगम हुई हैं, बल्कि आगामी बारिश के मौसम में जलभराव की पुनरावृत्ति की संभावना भी कम होगी। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्यवाही की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे ही जनहितकारी कदमों की अपेक्षा जताई है।3
- एटा जनपद के जलेसर क्षेत्र अंतर्गत थाना सकरौली के गांव बलिदादपुर स्थित प्रसिद्ध तलिया वाली माता मंदिर में सोमवार सुबह चोरी की घटना से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। मंदिर से अष्टधातु की मूर्ति तथा पीतल के घंटे चोरी हो गए। गांव निवासी पप्पू ने बताया कि सोमवार प्रातः जब वह रोज़ाना की तरह पूजा करने मंदिर पहुंचे, तो वहां मूर्ति और घंटे गायब मिले। घटना की जानकारी तत्काल ग्राम की मंदिर कमेटी को दी गई। सूचना मिलते ही तत्काल मंदिर कमेटी ने तुरंत थाना सकरौली पुलिस को अवगत कराया। सूचना पर थाना सकरौली पुलिस मौके पर पहुंची। प्रभारी निरीक्षक नित्यानंद पांडेय ने घटना को गंभीरता से लेते हुए डॉग स्क्वॉड और फील्ड यूनिट टीम को मौके पर बुलाया। पुलिस द्वारा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी गई है। मंदिर में चोरी की इस घटना से गांव के लोगों में आक्रोश और चिंता का माहौल है। पुलिस जल्द ही चोरी का खुलासा करने का दावा कर रही है।6
- पुत्र की मृत्यु पर पिता रोने लगा तो पहलू ने कहा की तुम क्यों रो रहे हो मेरी .... . . . . .1
- जिला हाथरस तहसील सिकंदरा राव क्षेत्र में गांव खिदरपुर धनसिंहपुर के नजदीक कालिंद्री नदी के तट पर पुनः पुल निर्माण के संदर्भ में विपक्षी पार्टीयों के कार्यकर्ताओं द्वारा अवरोध प्रकट करना धनसिंहपुर के नजदीक 40 गांव की जनता नदी के तट पर दिनांक 5.4.2026 को सुबह 10:00 बजे मौजूद थी जनता से पूछा गया की पुल निर्माण में शासन के आदेश पारित किया गया क्या पहले भी यहां पुल निर्माण हुआ था ठाकुर रविंद्र पाल सिंह विधायक ने एक छोटा पुल का निर्माण किया था जो कुछ ही समय में छातग्रस्त हो गया। वहां की आम जनता एवं किसान मजदूर वर्ग के लोग आने जाने में बड़ी कठिनाई का सामना करते हैं नाव का सहारा लेते हैं किसी-किसी दिन नदी में नाव न मिलने के कारण उन्हें काफी दूरी तय करके अपने गांव पहुंचना पड़ता है। वहां पर मौजूद वर्तमान प्रधान एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता ठाकुर गांधी जी मौजूद रहे।1
- जनपद फिरोजाबाद के शिकोहाबाद क्षेत्र के रुकनपुरा में बंद मकान में शॉर्ट सर्किट होने से फ्रिज का कंप्रेसर फट गया | शॉर्ट सर्किट होने के कारण मकान में आग लग गई फ्रिज का कंप्रेशर फटने से मकान मे लगे ईट व पत्थर निकलने से आठ लोग घायल हो गए | फायर ब्रिगेड कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया | Updated News- 06/अप्रैल/26- AIN नेटवर्क से संपादक अनुज रावत देश व प्रदेश की हर छोटी बड़ी खबर को देखने के लिए चैनल को लाइक शेयर और सब्सक्राइब करना ना भूलें | AIN NETWORK को आवश्यकता है पूरे भारतवर्ष के प्रत्येक जिले तहसील व ब्लॉक से पत्रकारिता करने हेतु युवक युवतियों की | संपर्क करें -9193250352 ( प्रधान संपादक -अनुज रावत )1
- विकसित भारत के लिए महिलाओं का आत्मनिर्भर होना आज की आवश्यकता है। — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी1
- लखीमपुर खीरी से सिविल कोर्ट परिसर में दिनदहाड़े फायरिंग से हड़कंप मच गया, पारिवारिक विवाद में चाचा ने सगे अधिवक्ता भतीजे को गोली मार दी, गोली भतीजे की पीठ में लगी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया घटना सिविल कोर्ट परिसर की बताई जा रही है, वारदात को अंजाम देने का आरोप वकील जे.के. राज पर है, फायरिंग के बाद कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई मौके पर डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल और पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग ने पहुंचकर मुआयना किया है जिसके बाद जिले की दोनो महिला आला अधिकारी घायल वकील को देखने के लिए ओयल स्थित जिला अस्पताल के लिए रवाना हो गयी है।1