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राम सीता सहित चारों भाइयों का विवाह देख हर्षित हुए देवता, अयोध्या में मनाया भव्य विवाह उत्सव। • जनकपुर से अयोध्या तक बरसी खुशियां चारों राजकुमारों के विवाह से राममय हुआ वातावरण। • मिथिला से अयोध्या तक छाया विवाह का उल्लास, चारों भाइयों के परिणय से गूंज उठी अवध नगरी। • चारों राजकुमारों के विवाह से सजी अयोध्या, मंगलगीतों और पुष्पवर्षा से गूंज उठा राजमहल। • बीसलपुर। पीलीभीत। दियोरिया कलां थाना क्षेत्र के गांव नूरानपुर के गोरक्ष पीठ आश्रम में योगी हनुमान नाथ के तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय रामकथा के दौरान शनिवार को कथा व्यास अंजनी शरण महाराज ने जनकपुरी से अयोध्या तक की विवाह उत्सव का वृत्तांत भाव पूर्ण सुनाया। राजा जनक के दूत मिथिला से अयोध्या पहुँचे और राजा दशरथ की आज्ञा से राजसभा में प्रवेश कर उन्होंने महाराज दशरथ को महर्षि विश्वामित्र का संदेश दिया और श्रीराम द्वारा शिव धनुष भंग करने का पूरा वृत्तांत सुनाया। पुत्र राम की इस असाधारण सफलता और राजा जनक द्वारा भेजे गए विवाह के प्रस्ताव को सुनकर महाराज दशरथ का हृदय आनंद से भर गया। दशरथ ने दूतों को ढेरों उपहार दिए और कुलगुरु वशिष्ठ से परामर्श कर मिथिला जाने की घोषणा कर दी। अगले ही दिन अयोध्या से एक अत्यंत विशाल और भव्य बारात ने मिथिला के लिए प्रस्थान किया। इस बारात में सेना हाथी, घोड़े, रथ और पैदल सैनिक बड़े-बड़े ऋषि-मुनि और अयोध्या के सभी नागरिक शामिल हुए। अयोध्या से विशाल बारात मिथिला की सीमा पर पहुँची, तो राजा जनक अपने मंत्रियों के साथ अगवानी के लिए खड़े हुए । अंजनी शरण महाराज ने कहां दोनों महान सम्राटों दशरथ और जनक का मिलन अत्यंत भावपूर्ण और ऐतिहासिक रहा महाराज ने कहां आजकल तो पहले जैसे सम्बन्ध कहां है। महाराज दशरथ ने जब विश्वामित्र के साथ गए अपने पुत्रों, राम और लक्ष्मण को देखा, तो वे प्रेम से गदगद हो गए और उन्हें गले लगा लिया। शुभ मुहूर्त आने पर महर्षि वशिष्ठ, विश्वामित्र और शतानंद जनक के कुलगुरु ने वेदमंत्रों के उच्चारण के साथ विवाह कराया । राजा जनक ने अपनी सबसे बड़ी और प्रिय पुत्री सीता का हाथ श्रीराम के हाथ में सौंपते हुए वह प्रसिद्ध श्लोक कहा था । • अंजनी शरण महाराज श्लोक " इयं सीता मम सुता सहधर्मचरी तव। प्रतीच्छ चैनां भद्रं ते पाणिं गृह्णीष्व पाणिना॥ हे राम। यह मेरी पुत्री सीता है, जो आज से जीवन के हर धर्म में तुम्हारी सहचरी होगी। इसे स्वीकार करो और इसका पाणिग्रहण करो। इसके पश्चात, महर्षियों की आज्ञा से राजा जनक ने अपनी दूसरी रूपवान पुत्री उर्मिला का विवाह लक्ष्मण के साथ, मांडवी का विवाह भरत से और छोटी पुत्री श्रुतकीर्ति का विवाह शत्रुघ्न के साथ अत्यंत धूमधाम से संपन्न कराया था। चारों भाइयों का विवाह एक साथ होते देख देवता भी हर्षित हो उठे और आकाश से पुष्पों की निरंतर वर्षा करने लगी और नगडे बजने लगे। अप्सराएं नृत्य करने लगीं और गंधर्वों ने मंगल गीत गाए। मिथिला नरेश जनक ने दहेज के रूप में असंख्य हाथी, घोड़े, रथ, दास-दासियां, स्वर्ण और आभूषण अयोध्या नरेश को भेंट किए। कुछ दिन मिथिला में उत्तम सत्कार का आनंद लेने के बाद, विदाई की अत्यंत भावुक बेला आई। राजा जनक और महारानी सुनयना अपनी पुत्रियों को रथ में बैठाते समय फूट-फूट कर रो पड़े। पूरे मिथिला नगर की आंखों में आंशुओ की धारा बहने लगी। अपनी राजकुमारियों और अयोध्या की बारात को विदा करके मिथिला वासी भारी मन से लौट आए।बारात जब अयोध्या पहुँची, तो पूरी नगरी को दुल्हनों के स्वागत के लिए स्वर्ग के समान सजाया गया था। अयोध्या की माताओं कौशल्या, कैकेयी और सुमित्रा ने राजद्वार पर आरती की थाल सजाकर अपनी चारों सुंदर बहुओं और पुत्रों का स्वागत किया। राजमहल खुशियों और उत्सव से गूंज उठा। ब्राह्मणों को दान दिए गए और प्रजा ने इस मांगलिक अवसर पर खूब जश्न मनाया। इस अवसर पर कथा यजमान नगर पंचायत बिलसंडा के चेयरमैन डीके गुप्ता पत्नी अनीता गुप्ता और हरदेव मिश्रा सहपत्नी एवं आचार्य अखिलेश मिश्रा ने विधि विधान से पूजन कराया है । मुख्य अतिथि पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान और बरेली मंडल के पासपोर्ट अधिकारी शैलेन्द्र सपरिवार और संयोजक राकेश कुमार मिश्र (अनावा), विधान परिषद सदस्य डॉ. सुधीर गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह, अक्षत चंदेल, अवनीश जायसवाल, शिवानी जायसवाल, विजय गंगवार ,विजय गंगवार, आशुतोष शर्मा ,सुनील वर्मा,कपूर सिंह, शिवस्वरूप गंगवार, संजय गंगवार सहित कमेटी के सदस्य, महिला मंडल और हजारों की संख्या में आसपास के गांवों के श्रद्धालु मौजूद रहे।

54 min ago
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Ankit sharma
Local News Reporter बीसलपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
54 min ago

राम सीता सहित चारों भाइयों का विवाह देख हर्षित हुए देवता, अयोध्या में मनाया भव्य विवाह उत्सव। • जनकपुर से अयोध्या तक बरसी खुशियां चारों राजकुमारों के विवाह से राममय हुआ वातावरण। • मिथिला से अयोध्या तक छाया विवाह का उल्लास, चारों भाइयों के परिणय से गूंज उठी अवध नगरी। • चारों राजकुमारों के विवाह से सजी अयोध्या, मंगलगीतों और पुष्पवर्षा से गूंज उठा राजमहल। • बीसलपुर। पीलीभीत। दियोरिया कलां थाना क्षेत्र के गांव नूरानपुर के गोरक्ष पीठ आश्रम में योगी हनुमान नाथ के तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय रामकथा के दौरान शनिवार को कथा व्यास अंजनी शरण महाराज ने जनकपुरी से अयोध्या तक की विवाह उत्सव का वृत्तांत भाव पूर्ण सुनाया। राजा जनक के दूत मिथिला से अयोध्या पहुँचे और राजा दशरथ की आज्ञा से राजसभा में प्रवेश कर उन्होंने महाराज दशरथ को महर्षि विश्वामित्र का संदेश दिया और श्रीराम द्वारा शिव धनुष भंग करने का पूरा वृत्तांत सुनाया। पुत्र राम की इस असाधारण सफलता और राजा जनक द्वारा भेजे गए विवाह के प्रस्ताव को सुनकर महाराज दशरथ का हृदय आनंद से भर गया। दशरथ ने दूतों को ढेरों उपहार दिए

और कुलगुरु वशिष्ठ से परामर्श कर मिथिला जाने की घोषणा कर दी। अगले ही दिन अयोध्या से एक अत्यंत विशाल और भव्य बारात ने मिथिला के लिए प्रस्थान किया। इस बारात में सेना हाथी, घोड़े, रथ और पैदल सैनिक बड़े-बड़े ऋषि-मुनि और अयोध्या के सभी नागरिक शामिल हुए। अयोध्या से विशाल बारात मिथिला की सीमा पर पहुँची, तो राजा जनक अपने मंत्रियों के साथ अगवानी के लिए खड़े हुए । अंजनी शरण महाराज ने कहां दोनों महान सम्राटों दशरथ और जनक का मिलन अत्यंत भावपूर्ण और ऐतिहासिक रहा महाराज ने कहां आजकल तो पहले जैसे सम्बन्ध कहां है। महाराज दशरथ ने जब विश्वामित्र के साथ गए अपने पुत्रों, राम और लक्ष्मण को देखा, तो वे प्रेम से गदगद हो गए और उन्हें गले लगा लिया। शुभ मुहूर्त आने पर महर्षि वशिष्ठ, विश्वामित्र और शतानंद जनक के कुलगुरु ने वेदमंत्रों के उच्चारण के साथ विवाह कराया । राजा जनक ने अपनी सबसे बड़ी और प्रिय पुत्री सीता का हाथ श्रीराम के हाथ में सौंपते हुए वह प्रसिद्ध श्लोक कहा था । • अंजनी शरण महाराज श्लोक " इयं

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सीता मम सुता सहधर्मचरी तव। प्रतीच्छ चैनां भद्रं ते पाणिं गृह्णीष्व पाणिना॥ हे राम। यह मेरी पुत्री सीता है, जो आज से जीवन के हर धर्म में तुम्हारी सहचरी होगी। इसे स्वीकार करो और इसका पाणिग्रहण करो। इसके पश्चात, महर्षियों की आज्ञा से राजा जनक ने अपनी दूसरी रूपवान पुत्री उर्मिला का विवाह लक्ष्मण के साथ, मांडवी का विवाह भरत से और छोटी पुत्री श्रुतकीर्ति का विवाह शत्रुघ्न के साथ अत्यंत धूमधाम से संपन्न कराया था। चारों भाइयों का विवाह एक साथ होते देख देवता भी हर्षित हो उठे और आकाश से पुष्पों की निरंतर वर्षा करने लगी और नगडे बजने लगे। अप्सराएं नृत्य करने लगीं और गंधर्वों ने मंगल गीत गाए। मिथिला नरेश जनक ने दहेज के रूप में असंख्य हाथी, घोड़े, रथ, दास-दासियां, स्वर्ण और आभूषण अयोध्या नरेश को भेंट किए। कुछ दिन मिथिला में उत्तम सत्कार का आनंद लेने के बाद, विदाई की अत्यंत भावुक बेला आई। राजा जनक और महारानी सुनयना अपनी पुत्रियों को रथ में बैठाते समय फूट-फूट कर रो पड़े। पूरे मिथिला नगर की आंखों में आंशुओ की धारा बहने लगी। अपनी राजकुमारियों और

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अयोध्या की बारात को विदा करके मिथिला वासी भारी मन से लौट आए।बारात जब अयोध्या पहुँची, तो पूरी नगरी को दुल्हनों के स्वागत के लिए स्वर्ग के समान सजाया गया था। अयोध्या की माताओं कौशल्या, कैकेयी और सुमित्रा ने राजद्वार पर आरती की थाल सजाकर अपनी चारों सुंदर बहुओं और पुत्रों का स्वागत किया। राजमहल खुशियों और उत्सव से गूंज उठा। ब्राह्मणों को दान दिए गए और प्रजा ने इस मांगलिक अवसर पर खूब जश्न मनाया। इस अवसर पर कथा यजमान नगर पंचायत बिलसंडा के चेयरमैन डीके गुप्ता पत्नी अनीता गुप्ता और हरदेव मिश्रा सहपत्नी एवं आचार्य अखिलेश मिश्रा ने विधि विधान से पूजन कराया है । मुख्य अतिथि पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान और बरेली मंडल के पासपोर्ट अधिकारी शैलेन्द्र सपरिवार और संयोजक राकेश कुमार मिश्र (अनावा), विधान परिषद सदस्य डॉ. सुधीर गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह, अक्षत चंदेल, अवनीश जायसवाल, शिवानी जायसवाल, विजय गंगवार ,विजय गंगवार, आशुतोष शर्मा ,सुनील वर्मा,कपूर सिंह, शिवस्वरूप गंगवार, संजय गंगवार सहित कमेटी के सदस्य, महिला मंडल और हजारों की संख्या में आसपास के गांवों के श्रद्धालु मौजूद रहे।

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    राम सीता सहित चारों भाइयों का विवाह देख हर्षित हुए देवता, अयोध्या में मनाया भव्य विवाह उत्सव।
• जनकपुर से अयोध्या तक बरसी खुशियां चारों राजकुमारों के विवाह से राममय हुआ वातावरण।
• मिथिला से अयोध्या तक छाया विवाह का उल्लास, चारों भाइयों के परिणय से गूंज उठी अवध नगरी।
• चारों राजकुमारों के विवाह से सजी अयोध्या, मंगलगीतों और पुष्पवर्षा से गूंज उठा राजमहल।
• बीसलपुर। पीलीभीत।
दियोरिया कलां थाना क्षेत्र के गांव नूरानपुर के गोरक्ष पीठ आश्रम में योगी हनुमान नाथ के तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय रामकथा के दौरान शनिवार को कथा व्यास अंजनी शरण महाराज ने जनकपुरी से अयोध्या तक की विवाह उत्सव का वृत्तांत भाव पूर्ण सुनाया।
राजा जनक के दूत मिथिला से अयोध्या पहुँचे और राजा दशरथ की आज्ञा से राजसभा में प्रवेश कर उन्होंने महाराज दशरथ को महर्षि विश्वामित्र का संदेश दिया और श्रीराम द्वारा शिव धनुष भंग करने का पूरा वृत्तांत सुनाया। पुत्र राम की इस असाधारण सफलता और राजा जनक द्वारा भेजे गए विवाह के प्रस्ताव को सुनकर महाराज दशरथ का हृदय आनंद से भर गया। दशरथ ने दूतों को ढेरों उपहार दिए और कुलगुरु वशिष्ठ से परामर्श कर मिथिला जाने की घोषणा कर दी। अगले ही दिन अयोध्या से एक अत्यंत विशाल और भव्य बारात ने मिथिला के लिए प्रस्थान किया। इस बारात में सेना हाथी, घोड़े, रथ और पैदल सैनिक बड़े-बड़े ऋषि-मुनि और अयोध्या के सभी नागरिक शामिल हुए। अयोध्या से विशाल बारात मिथिला की सीमा पर पहुँची, तो राजा जनक अपने मंत्रियों के साथ अगवानी के लिए खड़े हुए । अंजनी शरण महाराज ने कहां दोनों महान सम्राटों दशरथ और जनक का मिलन अत्यंत भावपूर्ण और ऐतिहासिक रहा महाराज ने कहां आजकल तो पहले जैसे सम्बन्ध कहां है। महाराज दशरथ ने जब विश्वामित्र के साथ गए अपने पुत्रों, राम और लक्ष्मण को देखा, तो वे प्रेम से गदगद हो गए और उन्हें गले लगा लिया।
शुभ मुहूर्त आने पर महर्षि वशिष्ठ, विश्वामित्र और शतानंद जनक के कुलगुरु ने वेदमंत्रों के उच्चारण के साथ विवाह कराया । राजा जनक ने अपनी सबसे बड़ी और प्रिय पुत्री सीता का हाथ श्रीराम के हाथ में सौंपते हुए वह प्रसिद्ध श्लोक कहा था । 
• अंजनी शरण महाराज 
श्लोक " इयं सीता मम सुता सहधर्मचरी तव। प्रतीच्छ चैनां भद्रं ते पाणिं गृह्णीष्व पाणिना॥
हे राम। यह मेरी पुत्री सीता है, जो आज से जीवन के हर धर्म में तुम्हारी सहचरी होगी। इसे स्वीकार करो और इसका पाणिग्रहण करो।
इसके पश्चात, महर्षियों की आज्ञा से राजा जनक ने अपनी दूसरी रूपवान पुत्री उर्मिला का विवाह लक्ष्मण के साथ, मांडवी का विवाह भरत से और छोटी पुत्री श्रुतकीर्ति का विवाह शत्रुघ्न के साथ अत्यंत धूमधाम से संपन्न कराया था।
चारों भाइयों का विवाह एक साथ होते देख देवता भी हर्षित हो उठे और आकाश से पुष्पों की निरंतर वर्षा करने लगी और नगडे बजने लगे। अप्सराएं नृत्य करने लगीं और गंधर्वों ने मंगल गीत गाए। मिथिला नरेश जनक ने दहेज के रूप में असंख्य हाथी, घोड़े, रथ, दास-दासियां, स्वर्ण और आभूषण अयोध्या नरेश को भेंट किए।
कुछ दिन मिथिला में उत्तम सत्कार का आनंद लेने के बाद, विदाई की अत्यंत भावुक बेला आई। राजा जनक और महारानी सुनयना अपनी पुत्रियों को रथ में बैठाते समय फूट-फूट कर रो पड़े। पूरे मिथिला नगर की आंखों में आंशुओ की धारा बहने लगी। अपनी राजकुमारियों और अयोध्या की बारात को विदा करके मिथिला वासी भारी मन से लौट आए।बारात जब अयोध्या पहुँची, तो पूरी नगरी को दुल्हनों के स्वागत के लिए स्वर्ग के समान सजाया गया था। अयोध्या की माताओं कौशल्या, कैकेयी और सुमित्रा ने राजद्वार पर आरती की थाल सजाकर अपनी चारों सुंदर बहुओं और पुत्रों का स्वागत किया। राजमहल खुशियों और उत्सव से गूंज उठा। ब्राह्मणों को दान दिए गए और प्रजा ने इस मांगलिक अवसर पर खूब जश्न मनाया।
इस अवसर पर कथा यजमान नगर पंचायत बिलसंडा के चेयरमैन डीके गुप्ता पत्नी अनीता गुप्ता और हरदेव मिश्रा सहपत्नी एवं आचार्य अखिलेश मिश्रा ने विधि विधान से पूजन कराया है ।
मुख्य अतिथि पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान और बरेली मंडल के पासपोर्ट अधिकारी शैलेन्द्र सपरिवार और संयोजक राकेश कुमार मिश्र (अनावा), विधान परिषद सदस्य डॉ. सुधीर गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह, अक्षत चंदेल, अवनीश जायसवाल, शिवानी जायसवाल, विजय  गंगवार ,विजय गंगवार, आशुतोष शर्मा ,सुनील वर्मा,कपूर सिंह, शिवस्वरूप गंगवार, संजय गंगवार सहित कमेटी के सदस्य, महिला मंडल और हजारों की संख्या में आसपास के गांवों के श्रद्धालु मौजूद रहे।
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    Ankit sharma
    Local News Reporter बीसलपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    54 min ago
  • सरदार पटेल की जयंती पर गूंजा एकता और अखंडता का संदेश किसान नेता देवस्वरूप पटेल मौजूद। सरदार पटेल की जयंती पर गूंजा एकता और अखंडता का संदेश, राष्ट्रहित में योगदान को किया याद बीसलपुर के सरदार पटेल पार्क में क्रांतिकारी विचार मंच ने आयोजित किया कार्यक्रम, वक्ताओं ने लौह पुरुष के जीवन से प्रेरणा लेने का किया आह्वान बीसलपुर। लौह पुरुष एवं भारत रत्न देश के प्रथम गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती बीसलपुर स्थित सरदार पटेल पार्क में क्रांतिकारी विचार मंच उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सरदार पटेल के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया और देश की एकता एवं अखंडता के लिए उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता किसान नेता एवं क्रांतिकारी विचार मंच उत्तर प्रदेश के प्रांतीय संरक्षक देवस्वरूप पटेल ने कहा कि देशभर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें याद किया जा रहा है। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि सरदार पटेल ने देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय एकीकरण के लिए अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित में समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और राष्ट्रभक्ति के कारण ही देश एकता के सूत्र में बंध सका। उनके आदर्श आज भी समाज और देश को नई दिशा देने का काम कर रहे हैं। हम सभी को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में आपसी भाईचारा, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। कार्यक्रम में रामप्रसाद गंगवार, डॉ. प्रथमेश भारद्वाज, यशवंत सिंह, पुरुषोत्तम कुमार, अवनीश गंगवार, यशपाल गंगवार, नरेंद्र कुमार, सर्वेश गंगवार और मंगली प्रसाद वर्मा सहित अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी ने सरदार पटेल के आदर्शों को अपनाने और उनके बताए राष्ट्रहित के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
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    सरदार पटेल की जयंती पर गूंजा एकता और अखंडता का संदेश किसान नेता देवस्वरूप पटेल मौजूद।
सरदार पटेल की जयंती पर गूंजा एकता और अखंडता का संदेश, राष्ट्रहित में योगदान को किया याद
बीसलपुर के सरदार पटेल पार्क में क्रांतिकारी विचार मंच ने आयोजित किया कार्यक्रम, वक्ताओं ने लौह पुरुष के जीवन से प्रेरणा लेने का किया आह्वान
बीसलपुर। लौह पुरुष एवं भारत रत्न देश के प्रथम गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती बीसलपुर स्थित सरदार पटेल पार्क में क्रांतिकारी विचार मंच उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सरदार पटेल के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया और देश की एकता एवं अखंडता के लिए उनके योगदान को याद किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता किसान नेता एवं क्रांतिकारी विचार मंच उत्तर प्रदेश के प्रांतीय संरक्षक देवस्वरूप पटेल ने कहा कि देशभर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें याद किया जा रहा है। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि सरदार पटेल ने देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय एकीकरण के लिए अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित में समर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और राष्ट्रभक्ति के कारण ही देश एकता के सूत्र में बंध सका। उनके आदर्श आज भी समाज और देश को नई दिशा देने का काम कर रहे हैं। हम सभी को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में आपसी भाईचारा, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम में रामप्रसाद गंगवार, डॉ. प्रथमेश भारद्वाज, यशवंत सिंह, पुरुषोत्तम कुमार, अवनीश गंगवार, यशपाल गंगवार, नरेंद्र कुमार, सर्वेश गंगवार और मंगली प्रसाद वर्मा सहित अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी ने सरदार पटेल के आदर्शों को अपनाने और उनके बताए राष्ट्रहित के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
    user_Shivkumar Gangwar
    Shivkumar Gangwar
    Voice of people बीसलपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बीसलपुर में अमन खान का भव्य स्वागत, सैकड़ों वाहनों का काफिला | BJP अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश मंत्री
    1
    बीसलपुर में अमन खान का भव्य स्वागत, सैकड़ों वाहनों का काफिला | BJP अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश मंत्री
    user_Prashant mishra
    Prashant mishra
    बीसलपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • *PS भोजीपुरा, बरेली- ₹02 लाख की लूट की घटना का अनावरण, पुलिस मुठभेड़ में 01 घायल अभियुक्त सहित 03 गिरफ्तार, लूटी गई शत-प्रतिशत धनराशि ₹02 लाख बरामद किये जाने के संबंध में श्री देवेश सिंह #COहाईवे, बरेली की बाइट।* *PS भोजीपुरा, बरेली- ₹02 लाख की लूट की घटना का अनावरण, पुलिस मुठभेड़ में 01 घायल अभियुक्त सहित 03 गिरफ्तार, लूटी गई शत-प्रतिशत धनराशि ₹02 लाख बरामद किये जाने के संबंध में श्री देवेश सिंह #COहाईवे, बरेली की बाइट।*
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    *PS भोजीपुरा, बरेली- ₹02 लाख की लूट की घटना का अनावरण, पुलिस मुठभेड़ में 01 घायल अभियुक्त सहित 03 गिरफ्तार, लूटी गई शत-प्रतिशत धनराशि ₹02 लाख बरामद किये जाने के संबंध में श्री देवेश सिंह #COहाईवे, बरेली की बाइट।*
*PS भोजीपुरा, बरेली- ₹02 लाख की लूट की घटना का अनावरण, पुलिस मुठभेड़ में 01 घायल अभियुक्त सहित 03 गिरफ्तार, लूटी गई शत-प्रतिशत धनराशि ₹02 लाख बरामद किये जाने के संबंध में श्री देवेश सिंह #COहाईवे, बरेली की बाइट।*
    user_Mohd Ahemad saifi
    Mohd Ahemad saifi
    बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    50 min ago
  • करवाचौथ पर प्रेमी संग होटल पहुंची पत्नी, पति ने पुलिस बुलाकर पकड़ा बरेली में करवाचौथ के दिन प्रेमी के साथ होटल में ठहरी पत्नी को पति ने पकड़ लिया। पति की सूचना पर पहुंची पुलिस तीनों को कोतवाली ले गई। वहां पत्नी ने पति के साथ रहने से इनकार कर प्रेमी के साथ जाने की जिद की। बाद में दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता हुआ और महिला प्रेमी के साथ चली गई, जबकि बच्चा पिता को सौंप दिया गया। बदायूं निवासी युवक ने वर्ष 2025 में प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों के बीच विवाद होने लगा और पत्नी मायके में रहने लगी। पति का आरोप है कि पत्नी ने उससे बातचीत बंद कर दी थी। गुरुवार को बरेली आते समय पति ने पत्नी को स्टेशन पर देखा और उसका पीछा किया। आरोप है कि पत्नी अपने प्रेमी के साथ कई होटलों में कमरा तलाशने के बाद जंक्शन के पास एक होटल में ठहरी थी। रात करीब 11 बजे पुलिस होटल पहुंची और तीनों को कोतवाली ले आई। वहां प्रेमी ने महिला से पांच साल से संबंध होने की बात कही। कोतवाली इंस्पेक्टर राजीव सिंह के मुताबिक, पति ने पत्नी को जबरन साथ रखने से इनकार किया। इसके बाद दोनों पक्षों में लिखित समझौता हुआ। महिला प्रेमी के साथ चली गई और बच्चा पिता को सौंप दिया गया। पूरे मामले में आज शनिवार समय लगभग दोपहर के 12:00 बजे दी गई जानकारी
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    करवाचौथ पर प्रेमी संग होटल पहुंची पत्नी, पति ने पुलिस बुलाकर पकड़ा
बरेली में करवाचौथ के दिन प्रेमी के साथ होटल में ठहरी पत्नी को पति ने पकड़ लिया। पति की सूचना पर पहुंची पुलिस तीनों को कोतवाली ले गई। वहां पत्नी ने पति के साथ रहने से इनकार कर प्रेमी के साथ जाने की जिद की। बाद में दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता हुआ और महिला प्रेमी के साथ चली गई, जबकि बच्चा पिता को सौंप दिया गया।
बदायूं निवासी युवक ने वर्ष 2025 में प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों के बीच विवाद होने लगा और पत्नी मायके में रहने लगी। पति का आरोप है कि पत्नी ने उससे बातचीत बंद कर दी थी। गुरुवार को बरेली आते समय पति ने पत्नी को स्टेशन पर देखा और उसका पीछा किया। आरोप है कि पत्नी अपने प्रेमी के साथ कई होटलों में कमरा तलाशने के बाद जंक्शन के पास एक होटल में ठहरी थी।
रात करीब 11 बजे पुलिस होटल पहुंची और तीनों को कोतवाली ले आई। वहां प्रेमी ने महिला से पांच साल से संबंध होने की बात कही। कोतवाली इंस्पेक्टर राजीव सिंह के मुताबिक, पति ने पत्नी को जबरन साथ रखने से इनकार किया। इसके बाद दोनों पक्षों में लिखित समझौता हुआ। महिला प्रेमी के साथ चली गई और बच्चा पिता को सौंप दिया गया।
पूरे मामले में आज शनिवार समय लगभग दोपहर के 12:00 बजे दी गई जानकारी
    user_बरेली की ताजा खबरें
    बरेली की ताजा खबरें
    Court reporter बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • *शहर कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर कांग्रेसियों ने भारत रत्न स्वर्गीय इंदिरा गांधी, भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल और विख्यात शिक्षा विद समाजसेवी आचार्य नरेंद्र देव को अर्पित की पुष्पांजलि और महापुरुषों की स्मृति में जिला अस्पताल में जाकर किया फल वितरण किया* बदायूं 31 अक्टूबर 2026 पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार आज शहर कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मुन्नालाल सागर की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी की पुण्यतिथि लौह पुरुष भारत सरदार वल्लभभाई पटेल एवं आचार्य नरेंद्र देव की जयंती पर एक पुष्पांजलि सभा का आयोजन किया गया तथा महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण करते हुए उनका भावपूर्ण स्मरण किया। श्रद्धांजलि सभा में मुख्य वक्ता के रूप में जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष ओमकार सिंह ने स्वर्गीय इंदिरा गांधी जी का स्मरण करते हुए कहा कि आज ही के दिन 31 अक्टूबर को हमारी प्रियदर्शिनी इंदिरा जी की हत्या हुई थी जबकि खुफिया अधिकारियों ने उनको बताया था कि आप विशेष जाति के अंगरक्षक मत रखिए परंतु उन्होंने कहा इससे संदेश गलत जाएगा और उन्होंने अपने किसी अंगरक्षक को नहीं बदला और उन्ही जाति विशेष अंगरक्षकों द्वारा उनकी हत्या की गई परंतु उन्होंने यह बता दिया कि देश बड़ा है देश की एकता और अखंडता बड़ी है प्रधानमंत्री का पद बड़ा नहीं है उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना बलिदान दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शहर कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष मुन्नालाल सागर ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने गृह मंत्री होते हुए जो भारत देश छोटे-छोटे राज्यों में बंटा हुआ था उसको मिलाकर उन्होंने बहुत सख्ती और नरमी अपनाते हुए भारत अखंड का स्वरूप हिंदुस्तान दिया और उन्होंने उस समय कठोर निर्णय लेते हुए आरएसएस पर प्रतिबंध भी लगाया निश्चित रूप से वह लौह पुरुष थे और जो निर्णय लेते थे उसे पर अंत तक कायम रहते थे। जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सुरेश राठौर ने आचार्य नरेंद्र देव का स्मरण करते हुए कहा आचार्य नरेंद्र देव बहुत बड़े शिक्षाविद और समाज सुधारक रहे उन्होंने समाज के लिए एक नई दिशा प्रदान की। पुष्पांजलि सभा को जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव मोरपाल प्रजापति, जिला कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता नदीम , शहर कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष हरीश कश्यप, शहर कांग्रेस कमेटी की महासचिव श्रीमती आसमां वी ,शहर कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष अकील अहमद शहर कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बन्ने खां ने भी संबोधित किया। सभा के बाद कांग्रेसियों ने महापुरुषों की स्मृति में जिला अस्पताल जाकर मरीजों को फल वितरित किए। इस अवसर पर , पंचायत राज प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश प्रजापति, जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव वीरपाल यादव, रियासत खान ,प्रवेश कुमार महेंद्र पाल ,नरेंद्र सिंह आदि कांग्रेस कार्यकर्ता पदाधिकारी उपस्थित रहे। *शहर कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर कांग्रेसियों ने भारत रत्न स्वर्गीय इंदिरा गांधी, भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल और विख्यात शिक्षा विद समाजसेवी आचार्य नरेंद्र देव को अर्पित की पुष्पांजलि और महापुरुषों की स्मृति में जिला अस्पताल में जाकर किया फल वितरण किया* बदायूं 31 अक्टूबर 2026 पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार आज शहर कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मुन्नालाल सागर की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी की पुण्यतिथि लौह पुरुष भारत सरदार वल्लभभाई पटेल एवं आचार्य नरेंद्र देव की जयंती पर एक पुष्पांजलि सभा का आयोजन किया गया तथा महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण करते हुए उनका भावपूर्ण स्मरण किया। श्रद्धांजलि सभा में मुख्य वक्ता के रूप में जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष ओमकार सिंह ने स्वर्गीय इंदिरा गांधी जी का स्मरण करते हुए कहा कि आज ही के दिन 31 अक्टूबर को हमारी प्रियदर्शिनी इंदिरा जी की हत्या हुई थी जबकि खुफिया अधिकारियों ने उनको बताया था कि आप विशेष जाति के अंगरक्षक मत रखिए परंतु उन्होंने कहा इससे संदेश गलत जाएगा और उन्होंने अपने किसी अंगरक्षक को नहीं बदला और उन्ही जाति विशेष अंगरक्षकों द्वारा उनकी हत्या की गई परंतु उन्होंने यह बता दिया कि देश बड़ा है देश की एकता और अखंडता बड़ी है प्रधानमंत्री का पद बड़ा नहीं है उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना बलिदान दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शहर कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष मुन्नालाल सागर ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने गृह मंत्री होते हुए जो भारत देश छोटे-छोटे राज्यों में बंटा हुआ था उसको मिलाकर उन्होंने बहुत सख्ती और नरमी अपनाते हुए भारत अखंड का स्वरूप हिंदुस्तान दिया और उन्होंने उस समय कठोर निर्णय लेते हुए आरएसएस पर प्रतिबंध भी लगाया निश्चित रूप से वह लौह पुरुष थे और जो निर्णय लेते थे उसे पर अंत तक कायम रहते थे। जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सुरेश राठौर ने आचार्य नरेंद्र देव का स्मरण करते हुए कहा आचार्य नरेंद्र देव बहुत बड़े शिक्षाविद और समाज सुधारक रहे उन्होंने समाज के लिए एक नई दिशा प्रदान की। पुष्पांजलि सभा को जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव मोरपाल प्रजापति, जिला कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता नदीम , शहर कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष हरीश कश्यप, शहर कांग्रेस कमेटी की महासचिव श्रीमती आसमां वी ,शहर कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष अकील अहमद शहर कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बन्ने खां ने भी संबोधित किया। सभा के बाद कांग्रेसियों ने महापुरुषों की स्मृति में जिला अस्पताल जाकर मरीजों को फल वितरित किए। इस अवसर पर , पंचायत राज प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश प्रजापति, जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव वीरपाल यादव, रियासत खान ,प्रवेश कुमार महेंद्र पाल ,नरेंद्र सिंह आदि कांग्रेस कार्यकर्ता पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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    *शहर कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर कांग्रेसियों ने भारत रत्न स्वर्गीय इंदिरा गांधी, भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल और विख्यात शिक्षा विद समाजसेवी आचार्य नरेंद्र देव को अर्पित की पुष्पांजलि और महापुरुषों की स्मृति में जिला अस्पताल में जाकर किया फल वितरण किया*
बदायूं  31 अक्टूबर 2026 पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार आज शहर कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर शहर कांग्रेस कमेटी  अध्यक्ष मुन्नालाल सागर की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी की पुण्यतिथि लौह पुरुष भारत सरदार वल्लभभाई पटेल एवं आचार्य नरेंद्र देव की जयंती पर एक पुष्पांजलि सभा का आयोजन किया गया तथा महापुरुषों के  चित्रों पर माल्यार्पण  करते हुए उनका भावपूर्ण स्मरण किया। 
श्रद्धांजलि सभा में मुख्य वक्ता के रूप में  जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष ओमकार सिंह ने  स्वर्गीय इंदिरा गांधी जी का स्मरण करते हुए कहा कि आज ही के दिन 31 अक्टूबर को हमारी प्रियदर्शिनी 
 इंदिरा जी की हत्या हुई थी जबकि खुफिया अधिकारियों ने उनको बताया था कि आप विशेष जाति के अंगरक्षक मत रखिए परंतु उन्होंने कहा इससे संदेश गलत जाएगा और उन्होंने अपने किसी अंगरक्षक को नहीं बदला और उन्ही जाति विशेष अंगरक्षकों द्वारा उनकी हत्या की गई परंतु उन्होंने यह बता दिया कि देश बड़ा है देश की एकता और अखंडता बड़ी है प्रधानमंत्री का पद बड़ा नहीं है उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना  बलिदान दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शहर कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष मुन्नालाल सागर ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने गृह मंत्री होते हुए जो भारत देश छोटे-छोटे राज्यों में बंटा हुआ था उसको मिलाकर उन्होंने बहुत सख्ती और नरमी अपनाते हुए भारत अखंड का स्वरूप हिंदुस्तान दिया और उन्होंने उस समय कठोर निर्णय लेते हुए आरएसएस पर प्रतिबंध भी लगाया निश्चित रूप से वह लौह पुरुष थे और जो निर्णय लेते थे उसे पर अंत तक कायम रहते थे। 
जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सुरेश राठौर ने आचार्य नरेंद्र देव का स्मरण करते हुए कहा आचार्य नरेंद्र देव बहुत बड़े शिक्षाविद  और समाज सुधारक रहे उन्होंने समाज के लिए एक नई दिशा प्रदान की। 
पुष्पांजलि सभा को जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव मोरपाल प्रजापति, जिला कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता नदीम , शहर कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष हरीश कश्यप, शहर कांग्रेस कमेटी की महासचिव श्रीमती आसमां वी ,शहर कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष अकील अहमद शहर कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बन्ने खां ने भी  संबोधित किया। 
सभा के बाद कांग्रेसियों ने महापुरुषों की स्मृति  में जिला अस्पताल जाकर मरीजों को फल वितरित किए। 
इस अवसर पर , पंचायत राज प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश प्रजापति, जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव वीरपाल यादव, रियासत खान ,प्रवेश कुमार महेंद्र पाल ,नरेंद्र सिंह आदि कांग्रेस कार्यकर्ता पदाधिकारी उपस्थित रहे।
*शहर कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर कांग्रेसियों ने भारत रत्न स्वर्गीय इंदिरा गांधी, भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल और विख्यात शिक्षा विद समाजसेवी आचार्य नरेंद्र देव को अर्पित की पुष्पांजलि और महापुरुषों की स्मृति में जिला अस्पताल में जाकर किया फल वितरण किया*
बदायूं  31 अक्टूबर 2026 पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार आज शहर कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर शहर कांग्रेस कमेटी  अध्यक्ष मुन्नालाल सागर की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी की पुण्यतिथि लौह पुरुष भारत सरदार वल्लभभाई पटेल एवं आचार्य नरेंद्र देव की जयंती पर एक पुष्पांजलि सभा का आयोजन किया गया तथा महापुरुषों के  चित्रों पर माल्यार्पण  करते हुए उनका भावपूर्ण स्मरण किया। 
श्रद्धांजलि सभा में मुख्य वक्ता के रूप में  जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष ओमकार सिंह ने  स्वर्गीय इंदिरा गांधी जी का स्मरण करते हुए कहा कि आज ही के दिन 31 अक्टूबर को हमारी प्रियदर्शिनी 
इंदिरा जी की हत्या हुई थी जबकि खुफिया अधिकारियों ने उनको बताया था कि आप विशेष जाति के अंगरक्षक मत रखिए परंतु उन्होंने कहा इससे संदेश गलत जाएगा और उन्होंने अपने किसी अंगरक्षक को नहीं बदला और उन्ही जाति विशेष अंगरक्षकों द्वारा उनकी हत्या की गई परंतु उन्होंने यह बता दिया कि देश बड़ा है देश की एकता और अखंडता बड़ी है प्रधानमंत्री का पद बड़ा नहीं है उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना  बलिदान दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शहर कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष मुन्नालाल सागर ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने गृह मंत्री होते हुए जो भारत देश छोटे-छोटे राज्यों में बंटा हुआ था उसको मिलाकर उन्होंने बहुत सख्ती और नरमी अपनाते हुए भारत अखंड का स्वरूप हिंदुस्तान दिया और उन्होंने उस समय कठोर निर्णय लेते हुए आरएसएस पर प्रतिबंध भी लगाया निश्चित रूप से वह लौह पुरुष थे और जो निर्णय लेते थे उसे पर अंत तक कायम रहते थे। 
जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सुरेश राठौर ने आचार्य नरेंद्र देव का स्मरण करते हुए कहा आचार्य नरेंद्र देव बहुत बड़े शिक्षाविद  और समाज सुधारक रहे उन्होंने समाज के लिए एक नई दिशा प्रदान की। 
पुष्पांजलि सभा को जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव मोरपाल प्रजापति, जिला कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता नदीम , शहर कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष हरीश कश्यप, शहर कांग्रेस कमेटी की महासचिव श्रीमती आसमां वी ,शहर कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष अकील अहमद शहर कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बन्ने खां ने भी  संबोधित किया। 
सभा के बाद कांग्रेसियों ने महापुरुषों की स्मृति  में जिला अस्पताल जाकर मरीजों को फल वितरित किए। 
इस अवसर पर , पंचायत राज प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश प्रजापति, जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव वीरपाल यादव, रियासत खान ,प्रवेश कुमार महेंद्र पाल ,नरेंद्र सिंह आदि कांग्रेस कार्यकर्ता पदाधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Jalal News 901
    Jalal News 901
    Media and information sciences faculty बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • पूरनपुर मंडी में जिलाधिकारी ने धान खरीद का निरीक्षण किया। पीलीभीत। पूरनपुर मंडी में जिलाधिकारी आलोक कुमार द्वारा धान क्रय केंद्र का निरीक्षण किया इस दौरान आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए।
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    पूरनपुर मंडी में जिलाधिकारी ने धान खरीद का निरीक्षण किया।
पीलीभीत। पूरनपुर मंडी में जिलाधिकारी आलोक कुमार द्वारा धान क्रय केंद्र का निरीक्षण किया इस दौरान आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए।
    user_अवधेश गुप्ता
    अवधेश गुप्ता
    Advertising Photographer पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • शीतलपुर में नए पुल का रास्ता साफ! ₹21.31 करोड़ मंजूर, 15 गांवों को मिलेगी राहत
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    शीतलपुर में नए पुल का रास्ता साफ! ₹21.31 करोड़ मंजूर, 15 गांवों को मिलेगी राहत
    user_Prashant mishra
    Prashant mishra
    बीसलपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
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