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टीकमगढ़ के ढोंगा ग्राउंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ युवक हाथों में डंडे लेकर हंगामा करते हुए नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद अब शहर की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले एक साल में शहर के भीतर आपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। लोगों का कहना है कि अगर इन असामाजिक तत्वों पर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो इनके हौसले और ज्यादा बढ़ सकते हैं। फिलहाल इस वायरल वीडियो की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही अब तक पुलिस का पक्ष सामने आया है। पुलिस के बयान के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
Jamil khan
टीकमगढ़ के ढोंगा ग्राउंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ युवक हाथों में डंडे लेकर हंगामा करते हुए नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद अब शहर की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले एक साल में शहर के भीतर आपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। लोगों का कहना है कि अगर इन असामाजिक तत्वों पर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो इनके हौसले और ज्यादा बढ़ सकते हैं। फिलहाल इस वायरल वीडियो की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही अब तक पुलिस का पक्ष सामने आया है। पुलिस के बयान के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
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- टीकमगढ़ की ग्राम पंचायत अस्तौन में 13 जुलाई को अहिरवार समाज द्वारा एक शोकसभा का आयोजन किया गया। इस दौरान कइया अहिरवार, उनकी पत्नी और परिवार के अन्य दिवंगत सदस्यों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस शोकसभा में ललितपुर से प्रमोद गौतम व राजेंद्र गौतम और टीकमगढ़ से जुगल किशोर बाबूजी, परशुराम, डॉ. मास्टर हन्नाराम अहिरवार (कर्मारई), माते सुदामा, रम्पे माते, चंदूलाल अहिरवार, प्रभु दयाल गौतम, विजय गौतम और अयोध्या प्रसाद सहित बड़ी संख्या में समाजजन और ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभा के दौरान समाज सुधार, शिक्षा के महत्व और नई पीढ़ी को पढ़ाई-लिखाई के लिए प्रेरित करने जैसे विषयों पर विशेष चर्चा की गई। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देकर समाज की उन्नति में अपना योगदान देने का आह्वान किया।1
- टीकमगढ़ शहर के ढोंगा ग्राउंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ युवक हाथों में डंडे लेकर सरेआम हंगामा करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। बेखौफ बदमाशों की इस हरकत ने स्थानीय लोगों में असुरक्षा और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले एक साल में टीकमगढ़ शहर के भीतर आपराधिक घटनाओं में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, अपराध के इस बढ़ते ग्राफ और पुलिस की कार्यशैली पर लगाए जा रहे इन आरोपों की अभी तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। लोगों ने आशंका जताई है कि अगर समय रहते इन असामाजिक तत्वों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो उनके हौसले और भी बढ़ जाएंगे। फिलहाल इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि और पूरे घटनाक्रम पर पुलिस का रुख सामने आना बाकी है, जिसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- टीकमगढ़ जिले के पलेरा में समाजवादी पार्टी (सपा) पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष रामकुमार यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अर्धनग्न होकर सड़कों पर उतरकर कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम पलेरा तहसीलदार को एक सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा, जिसमें क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं और प्रशासनिक अनियमितताओं पर त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है। सपा नेताओं ने पलेरा तहसीलदार द्वारा गोचर भूमि पर राजनीतिक दबाव और साजिश के तहत की गई कार्रवाई को तत्काल वापस लेने की मांग की है। साथ ही, पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव के खिलाफ की जा रही कथित द्वेषपूर्ण व बेबुनियाद कानूनी कार्रवाई की तीखी निंदा करते हुए इस पर तुरंत रोक लगाने की मांग उठाई है। ज्ञापन के जरिए प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसमें ग्राम पंचायत टौरी के पटवारी पर पैसे लेकर गलत तरमीन (नक्शा सुधार) करने का आरोप है, जिसे निरस्त कर एसडीएम के आदेश का पालन कराने की मांग की गई है। इसके अलावा, शासकीय माध्यमिक शाला कछौरा उगढ़ की दीवार पर कुछ दबंगों द्वारा किए गए अवैध कब्जे की जांच करने, पलेरा से देरी मुख्य मार्ग पर भद्ररा के पास साल भर से टूटे पुल का शीघ्र निर्माण कराने और सुदूर सड़क योजना के तहत पक्का मार्ग बनाने की मांग की गई है। साथ ही, ग्राम पंचायत दांतगोरा से भद्ररा मार्ग के तालाब निर्माण कार्यों में हो रही गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच की मांग भी की गई है। सपा पदाधिकारियों ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि इन जनहित की समस्याओं का समय पर निराकरण नहीं किया गया, तो पार्टी आगे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इस मौके पर सपा जिला अध्यक्ष ओबीसी वर्ग रामकुमार यादव, पूर्व प्रदेश सचिव इमरान खान, पूर्व नगर अध्यक्ष अकरम खान, सिद्दीक खान, पूर्व नगर प्रभारी चंद्रपाल सेन, बल्ले राईन, रियाज राईन और जगदीश यादव सहित अनेक कार्यकर्ता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।1
- झांसी में 24 लाख 90 हजार रुपये की बड़ी लूट की वारदात सामने आई है, जिसमें खुद पुलिसकर्मी भी शामिल थे। कोतवाली झांसी पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर इस सनसनीखेज लूटकांड का पूरी तरह से खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो सिपाहियों सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।1
- ललितपुर जिले की ग्राम पंचायत मकरीपुर से संदीप कुमार मकरीपुर ने अपने गांव की खुशी और वहां का नजारा साझा किया है।1
- टीकमगढ़ जिले की जतारा जनपद के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बैरवार में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक सराहनीय पहल की गई है। यहां प्राथमिक विद्यालय बंदरगुढ़ा में अध्ययनरत कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को निशुल्क स्कूल बैग, कॉपी, पेंसिल और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। यह वितरण कार्यक्रम जतारा की न्यायाधीश साक्षी मसीह के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ, जिससे सामग्री पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दिया। इस वितरण कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक, ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि, अभिभावक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी लोगों ने सरपंच सुरेंद्र सिंह दांगी की इस जनहितैषी पहल की मुक्त कंठ से सराहना की और कहा कि इससे गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। गौरतलब है कि सरपंच सुरेंद्र सिंह दांगी समय-समय पर शिक्षा, सामाजिक विकास और जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं और उनकी इस पहल को ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के प्रति एक प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है।4
- टीकमगढ़ जिले की जतारा जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बम्होरी खास में विकास के सरकारी दावे पूरी तरह धरातल पर दम तोड़ रहे हैं। यहाँ जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत की गई नल-जल योजना पूरी तरह से भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़कर सिर्फ कागजों तक ही सिमट गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए सरकार द्वारा लगभग ₹3 करोड़ 19 लाख 28 हजार की भारी-भरकम राशि मंजूर की गई थी। इसके बावजूद, करीब 4 साल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है और ग्रामीणों के घरों में लगे नलों से आज तक पानी की एक बूंद भी नहीं टपकी है। गाँव में पानी की विशालकाय टंकी पूरी तरह बनकर तैयार खड़ी है और मुख्य रास्तों पर पाइपलाइन भी बिछाई जा चुकी है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की घोर उदासीनता के कारण पूरी योजना अधर में लटकी हुई है। पानी की गंभीर किल्लत से जूझ रहे ग्रामीण राजू प्रजापति, सुरेंद्र कुशवाहा और कोमल चढ़ार सहित अन्य लोग इस आधुनिक दौर में भी खेतों पर लगे निजी बोरवेलों के सहारे दिन काटने को मजबूर हैं। इसके लिए ग्रामीणों को हर महीने निजी बोरवेल मालिकों को ₹300 की नगद राशि चुकानी पड़ रही है। पानी लाने के लिए लोगों ने खेतों से अपने घरों तक जुगाड़ के प्लास्टिक पाइप का लंबा जाल बिछा रखा है। प्रशासन के भेदभावपूर्ण रवैये का आलम यह है कि गाँव की पिछड़ी बस्ती, मस्जिद मोहल्ला, देवी जी मोहल्ला और मेन रोड जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में तो आज तक नल के कनेक्शन भी नहीं जोड़े गए हैं। इस अधूरी योजना ने ग्रामीणों के सामने एक और नई आफत खड़ी कर दी है। ग्राम पंचायत के सरपंच दाखिराम लोधी ने बताया कि नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के नाम पर ठेकेदार और संबंधित विभाग द्वारा दंग्याना मोहल्ला, ढिमरौला और पिछड़ी बस्ती की अच्छी-भली बनी हुई सीसी सड़कों को बेरहमी से खोद डाला गया और काम अधूरा छोड़कर उन्हें बदहाल हालत में छोड़ दिया गया। बरसात का मौसम शुरू होने के कारण अब इन खुदी हुई सड़कों ने दलदल और कीचड़ का रूप ले लिया है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों का घरों से बाहर निकलना भी दूभर और जानलेवा हो गया है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग और स्थानीय पंचायत विभाग के अधिकारी जमीनी काम करने के बजाय सिर्फ कागजी खानापूर्ति करने में व्यस्त हैं। इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा आक्रोशित करने वाला पहलू जिला प्रशासन की अनदेखी का है। ग्रामीणों के अनुसार, बीते 3 जून को जिले के संवेदनशील कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने स्वयं बम्होरी खास का दौरा किया था। उस दौरान ग्रामीणों ने उनके समक्ष इस पेयजल किल्लत और खुदी हुई सड़कों की दुर्दशा की समस्या को पुरज़ोर तरीके से रखा था। कलेक्टर ने मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल समाधान के कड़े निर्देश दिए थे, लेकिन इस आदेश के बाद भी पूरा एक महीना (30 दिन) बीत चुका है और विभागों ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है। सरकारी तंत्र की इस घोर लापरवाही और तानाशाही रवैये को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है। बम्होरी खास के ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस योजना को बिना किसी तकनीकी बहानों के अविलंब चालू कर हर घर में पानी की सप्लाई शुरू की जाए, सड़कों का जीर्णोद्धार कराया जाए और कलेक्टर के आदेशों को ठेंगा दिखाने वाले लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।3
- टीकमगढ़ की ग्राम पंचायत अस्तौन में 13 जुलाई को अहिरवार समाज द्वारा एक शोकसभा का आयोजन किया गया। इस शोकसभा में कइया अहिरवार, उनकी पत्नी और परिवार के अन्य दिवंगत सदस्यों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस श्रद्धांजलि सभा में ललितपुर से प्रमोद गौतम व राजेंद्र गौतम और टीकमगढ़ से जुगल किशोर बाबूजी, परशुराम, डॉ. मास्टर हन्नाराम अहिरवार (कर्मारई), माते सुदामा, रम्पे माते, चंदूलाल अहिरवार, प्रभु दयाल गौतम, विजय गौतम और अयोध्या प्रसाद सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग और ग्रामीण उपस्थित रहे। शोकसभा के दौरान केवल श्रद्धांजलि ही नहीं दी गई, बल्कि समाज सुधार, शिक्षा के महत्व और नई पीढ़ी को पढ़ाई-लिखाई के लिए प्रेरित करने जैसे विषयों पर भी विशेष चर्चा हुई। उपस्थित वक्ताओं ने युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने और समाज की उन्नति में योगदान देने का आह्वान किया।1