रायबरेली जिले के सलोन तहसील अंतर्गत मदापुर गांव में बिजली विभाग की घोर लापरवाही के कारण पिछले दस दिनों से गंभीर बिजली संकट बना हुआ है। पकसरावां फीडर के तहत आने वाले इस गांव में कम क्षमता का तार लगाए जाने से लगभग 40 घरों में बिजली का वोल्टेज बेहद कम आ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि दस दिन पहले एक बिजली का तार टूटकर गिर गया था, जिसे विभाग ने बदल तो दिया, लेकिन नया तार इतनी कम क्षमता का है कि घरों में पंखे-कूलर चलना तो दूर, बल्ब भी ठीक से नहीं जल पा रहे हैं। इस भीषण गर्मी में लोगों का जीना मुहाल हो गया है। ग्रामवासियों ने विद्युत विभाग उपखंड सलोन को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर तुरंत सही क्षमता का तार लगवाकर बिजली आपूर्ति सुचारु करने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद भी विभाग इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इस दौरान अवधेश पासी, रोशन पासी, शिवजीत पासी, संजय पासी, पवन कुमार, बिंदेश्वरी, रंजीत कुमार और बाबूलाल सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
रायबरेली जिले के सलोन तहसील अंतर्गत मदापुर गांव में बिजली विभाग की घोर लापरवाही के कारण पिछले दस दिनों से गंभीर बिजली संकट बना हुआ है। पकसरावां फीडर के तहत आने वाले इस गांव में कम क्षमता का तार लगाए जाने से लगभग 40 घरों में बिजली का वोल्टेज बेहद कम आ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि दस दिन पहले एक बिजली का तार टूटकर गिर गया था, जिसे विभाग ने बदल तो दिया, लेकिन नया तार इतनी कम क्षमता का है कि घरों में पंखे-कूलर चलना तो दूर, बल्ब भी ठीक से नहीं जल पा रहे हैं। इस भीषण गर्मी में लोगों का जीना मुहाल हो गया है। ग्रामवासियों ने विद्युत विभाग उपखंड सलोन को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर तुरंत सही क्षमता का तार लगवाकर बिजली आपूर्ति सुचारु करने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद भी विभाग इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इस दौरान अवधेश पासी, रोशन पासी, शिवजीत पासी, संजय पासी, पवन कुमार, बिंदेश्वरी, रंजीत कुमार और बाबूलाल सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
- शिक्षकों की काबिलियत पर अंजना की कथित टिप्पणी के विरोध में देश भर के कोचिंग संस्थानों ने उनके खिलाफ एक मोर्चा खोल दिया है। अंजना ने कथित तौर पर कहा था कि शिक्षकों को कुछ भी नहीं आता। इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, कोचिंग संस्थानों ने उन्हें व्यंग्यात्मक रूप से यह 'पढ़ाने' की चुनौती दी है कि '2 हज़ार के नोट में चिप लगा हुआ है' और 'तलवे कैसे चाटे जाते हैं'। यह चुनौती अंजना के मूल बयानों पर सीधा और कटाक्षपूर्ण पलटवार है, जिसने देशभर के कोचिंग संस्थानों को लामबंद कर दिया है।1
- विश्व तंबाकू निषेध दिवस (31 मई) के उपलक्ष्य में, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायबरेली के सामुदायिक चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य विभाग ने 30 मई 2026 को सुबह 8 बजे रायबरेली के डिग्री कॉलेज चौराहा क्षेत्र में एक जनजागरूकता वॉकाथॉन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को तंबाकू एवं निकोटीन की लत के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और तंबाकू मुक्त समाज का संदेश देना था। वॉकाथॉन का शुभारंभ एम्स रायबरेली की कार्यपालक निदेशक प्रो. डॉ. अमिता जैन ने किया, इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्रो. डॉ. अमिता जैन ने युवाओं और आमजन को तंबाकू एवं निकोटीन की लत से दूर रहने का संदेश दिया, साथ ही तंबाकू त्यागने के लिए दृढ़ संकल्प, निरंतर प्रयास और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर विशेष जोर दिया। इस वॉकाथॉन में एम्स रायबरेली के फैकल्टी सदस्य, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग अधिकारी, विभागीय स्टाफ, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं और आमजन ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागियों ने “तंबाकू मुक्त युवा”, “जन-जन का एक ही नारा — तंबाकू मुक्त देश हमारा” और “Say No to Tobacco” जैसे जागरूकता नारों के माध्यम से लोगों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों से अवगत कराया। विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. भोला नाथ ने तंबाकू सेवन के बढ़ते बोझ और इसके गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों में सामान्यतः वही लोग भाग लेते हैं जो तंबाकू का सेवन नहीं करते, जबकि तंबाकू सेवन करने वाले लोगों को भी इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए ताकि वे इसके दुष्प्रभावों से जागरूक होकर इसे छोड़ने के लिए प्रेरित हो सकें। उन्होंने विभाग द्वारा संचालित तंबाकू निषेध क्लिनिक (पुराना ओपीडी भवन, कमरा नंबर 26) की जानकारी दी, जहाँ तंबाकू छोड़ने के इच्छुक व्यक्तियों को परामर्श और सहायता प्रदान की जाती है। विभाग ग्रामीण और सामुदायिक स्तर पर भी नियमित रूप से तंबाकू नियंत्रण और जनजागरूकता गतिविधियाँ चलाता है। इस कार्यक्रम का समन्वय डॉ. नीरज पवार ने किया, जिन्होंने तंबाकू सेवन के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों और युवाओं पर इसके बढ़ते प्रभाव के संबंध में लोगों को जागरूक किया। प्रो. डॉ. भोला नाथ के मार्गदर्शन और डॉ. नीरज पवार के समन्वय में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसका लक्ष्य विशेषकर युवाओं में तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और तंबाकू मुक्त तथा स्वस्थ समाज की दिशा में सामूहिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना था।1
- रायबरेली जिले के रामनगर रसूलपुर गांव में, अपने आंधी-तूफान से क्षतिग्रस्त हुए घर की मरम्मत कर रही एक महिला पर उसके ही परिजनों ने हमला कर दिया। इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। पीड़िता की पहचान पुष्पा देवी के रूप में हुई है। पुष्पा देवी के अनुसार, हाल ही में आए तेज आंधी-तूफान के कारण उनका घर क्षतिग्रस्त हो गया था। घटना के समय वह अकेली अपने टूटे हुए मकान की मरम्मत कर रही थीं। इसी दौरान, पुरानी रंजिश या किसी विवाद को लेकर परिवार के कुछ सदस्य वहां पहुंचे और उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमलावरों ने पुष्पा देवी को बेरहमी से पीटा, जिससे उनके हाथ और पेट में गंभीर चोटें आई हैं। पीड़िता ने स्थानीय थाने में आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने आगे की जांच शुरू कर दी है।2
- आज पूरे विश्व में तंबाकू निषेध दिवस मनाया जा रहा है, जिसे 31 मई 2026 के रूप में चिह्नित किया गया है। तंबाकू के सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियाँ होती हैं, और यह विशेष रूप से युवा पीढ़ी को प्रभावित कर रहा है, जो इन दिनों कई तरह के फ्लेवर वाली सिगरेट और गुटखे का सेवन कर रही है। इस स्थिति को देखते हुए, आम जनता ने सरकार से इस पर तत्काल रोक लगाने की अपील की है, जिसमें तंबाकू फैक्ट्रियों को बंद करना भी शामिल है। उनका मानना है कि जब बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों पर कार्रवाई होगी, तभी छोटे व्यापारी इन उत्पादों की खरीद बंद कर देंगे और आने वाली युवा पीढ़ी पूरी तरह से स्वस्थ रह पाएगी। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर, कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. शशांक चौधरी से बात करने पर उन्होंने भी इस बात पर जोर दिया कि धूम्रपान युवाओं के लिए जहर समान है। उन्होंने विशेष रूप से 13 से 14 वर्ष की आयु के युवाओं में इसे एक बढ़ती बीमारी बताया, जहाँ नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है। डॉ. चौधरी ने सरकार से इस मामले में गंभीर होने और बड़ी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के माध्यम से टीवी चैनलों पर किए जाने वाले तंबाकू विज्ञापनों पर भी रोक लगाने की मांग की। विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएँ दीं, जिसमें तंबाकू के खतरों के प्रति चिंता और इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जोरदार माँग देखने को मिली।1
- खुशी सेवा संस्थान ने एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया, जहाँ पक्षियों को पानी पिलाने के उद्देश्य से मिट्टी के जलपात्र वितरित किए गए। इसी के साथ, समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाली कई महिलाओं को भी सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में संस्थान के अध्यक्ष विमलेश मिश्रा सहित कई महिलाएं उपस्थित रहीं। संस्थान के अध्यक्ष विमलेश मिश्रा ने मीडिया से बातचीत करते हुए इस बात पर जोर दिया कि मनुष्य अपनी बात कह सकते हैं, लेकिन जानवर और पक्षी ऐसा नहीं कर सकते। उन्होंने बताया कि संस्थान नियमित रूप से पक्षियों को पानी पिलाने का कार्य करता है। इसी क्रम में, उन्होंने सभी समाजसेवी और कार्यकर्ताओं को पक्षियों के लिए मिट्टी के जलपात्र प्रदान किए और सभी से अपील की कि वे हमेशा जानवरों और पक्षियों को पानी पिलाएँ। कार्यक्रम के दौरान, खुशी सेवा संस्थान द्वारा समाज में अच्छे कार्यों के लिए प्रशंसा पत्र देकर वर्षा सिंह चौहान, मधु सिंह, वंदना शुक्ला, सीमा सोनी, शिवानी सोनी, अनुराधा मिश्रा, राजकुमारी सिंह, बबीता शुक्ला, लक्ष्मी सोनी, उमा सिंह, रेखा, रश्मि अवस्थी, प्रतिमा वर्मा, रेखा सिंह, सरिता त्रिपाठी, प्रिया शर्मा, अर्चना बाजपेई और डॉ. सरोज सिंह सहित कई महिलाओं को सम्मानित किया गया।1
- रायबरेली के ऊंचाहार नगर पंचायत के वार्ड नंबर 7 में, बैंक ऑफ बड़ौदा के ठीक सामने, मुख्य सप्लाई की पाइपलाइन पिछले एक सप्ताह से टूटी हुई है। इस गंभीर समस्या के कारण रोजाना हजारों लीटर साफ पीने का पानी बहकर बर्बाद हो रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर पंचायत के अधिकारी और कर्मचारी दिनभर इसी रास्ते से गुजरते हैं, फिर भी इस गंभीर समस्या को लगातार अनदेखा कर रहे हैं। गर्मियों के इस महत्वपूर्ण मौसम में जब पानी की हर बूंद कीमती है, ऐसे में सारा दिन सड़कों पर पानी बहने से न सिर्फ जल संकट और गहरा रहा है, बल्कि राहगीरों को भी आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जनता ने जिला प्रशासन और उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इस घोर लापरवाही का तुरंत संज्ञान लिया जाए और जल्द से जल्द पाइपलाइन की मरम्मत कराई जाए।1
- रायबरेली जिले के सलोन तहसील अंतर्गत मदापुर गांव में बिजली विभाग की घोर लापरवाही के कारण पिछले दस दिनों से गंभीर बिजली संकट बना हुआ है। पकसरावां फीडर के तहत आने वाले इस गांव में कम क्षमता का तार लगाए जाने से लगभग 40 घरों में बिजली का वोल्टेज बेहद कम आ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि दस दिन पहले एक बिजली का तार टूटकर गिर गया था, जिसे विभाग ने बदल तो दिया, लेकिन नया तार इतनी कम क्षमता का है कि घरों में पंखे-कूलर चलना तो दूर, बल्ब भी ठीक से नहीं जल पा रहे हैं। इस भीषण गर्मी में लोगों का जीना मुहाल हो गया है। ग्रामवासियों ने विद्युत विभाग उपखंड सलोन को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर तुरंत सही क्षमता का तार लगवाकर बिजली आपूर्ति सुचारु करने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद भी विभाग इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इस दौरान अवधेश पासी, रोशन पासी, शिवजीत पासी, संजय पासी, पवन कुमार, बिंदेश्वरी, रंजीत कुमार और बाबूलाल सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।1
- रविवार को रायबरेली के ऊंचाहार स्थित विकास खंड रोहनिया के उमरन में स्वामी दयानंद इंटर कॉलेज के प्रांगण में एक स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ऊंचाहार विधायक और खाद्य रसद आपूर्ति विभाग के मंत्री डॉक्टर मनोज कुमार पाण्डेय के रोहनिया में प्रथम आगमन पर आयोजित किया गया था। इस अवसर पर वहाँ मौजूद गणमान्य लोगों ने मंत्री का फूल-माला पहनाकर भव्य स्वागत किया। अपने वक्तव्य में कैबिनेट मंत्री डॉक्टर मनोज कुमार पाण्डेय ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने शासन द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी और विपक्षियों द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों से सचेत रहने की अपील की। कार्यक्रम में बीजेपी रोहनिया मंडल अध्यक्ष अशोक कुमार पासी, पूर्व रोहनिया मंडल अध्यक्ष हरकेश मौर्य, उपेन्द्र सिंह, तूफान सिंह, संजय गुप्ता, एस पी ओझा, आशीष तिवारी, अभिलाष चंद्र कौशल, डॉक्टर हर्षवर्धन द्विवेदी, दशरथ लाल जायसवाल सहित अन्य क्षेत्रीय जन समूह मौजूद रहा। इससे पहले मंत्री ने पूरे झमिनी, लक्ष्मी गंज, इटौरा और उसरैना सहित कई अन्य कार्यक्रमों में भी शिरकत की।1