*खगड़िया में पशु बांझपन निवारण शिविर का आयोजन, नगर सभापति अर्चना कुमारी ने किया उद्घाटन* *सात निश्चय–2 के तहत हरदाशचक में लगा शिविर, पशुपालकों को मिला मुफ्त इलाज और परामर्श* *पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने की दिशा में अहम पहल* खगड़िया, 25 मार्च 2026। जिले में पशुपालन को सशक्त बनाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत नगर परिषद खगड़िया क्षेत्र के वार्ड संख्या–37 अंतर्गत हरदाशचक स्थित दुर्गा मंदिर प्रांगण में पशु बांझपन निवारण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग द्वारा आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय–2 कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया। शिविर का उद्घाटन नगर सभापति अर्चना कुमारी ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पशुपालकों की आर्थिक मजबूती के लिए इस तरह के शिविर अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि पशुओं में बांझपन की समस्या किसानों के लिए बड़ी चुनौती होती है, जिसे वैज्ञानिक तरीके से दूर कर उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने कहा, “सरकार की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। पशुओं के स्वस्थ रहने से दूध उत्पादन बढ़ेगा और इससे पशुपालकों की आय में सीधा इजाफा होगा।” पशुओं की जांच और उपचार की व्यवस्था शिविर के दौरान पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा पशुओं की निःशुल्क जांच, उपचार और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। साथ ही पशुपालकों को बांझपन के कारण, उसके उपचार, टीकाकरण और सही देखभाल के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। पशुपालकों को यह भी बताया गया कि संतुलित आहार, समय पर उपचार और वैज्ञानिक तरीके अपनाने से पशुओं की उत्पादन क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। किसानों और पशुपालकों को मिलेगा सीधा लाभ इस शिविर में बड़ी संख्या में पशुपालकों ने भाग लेकर अपने पशुओं का इलाज कराया और विशेषज्ञों से परामर्श लिया। स्थानीय लोगों ने कहा कि इस तरह के शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में काफी उपयोगी साबित होते हैं और इससे पशुपालन को बढ़ावा मिलता है। अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद कार्यक्रम में जिला पशुपालन पदाधिकारी, पशु चिकित्सक एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी भागीदारी रही। इस शिविर का आयोजन राजकीय पशु औषधालय, खगड़िया द्वारा किया गया। ग्रामीण विकास की दिशा में सकारात्मक पहल विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के शिविरों से न केवल पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि होती है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है और आत्मनिर्भर बिहार के लक्ष्य को साकार करने में मदद मिलती है। कुल मिलाकर, खगड़िया में आयोजित यह पशु बांझपन निवारण शिविर पशुपालकों के लिए एक बड़ी राहत और उपयोगी पहल के रूप में सामने आया है, जिससे आने वाले समय में क्षेत्र में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
*खगड़िया में पशु बांझपन निवारण शिविर का आयोजन, नगर सभापति अर्चना कुमारी ने किया उद्घाटन* *सात निश्चय–2 के तहत हरदाशचक में लगा शिविर, पशुपालकों को मिला मुफ्त इलाज और परामर्श* *पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने की दिशा में अहम पहल* खगड़िया, 25 मार्च 2026। जिले में पशुपालन को सशक्त बनाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत नगर परिषद खगड़िया क्षेत्र के वार्ड संख्या–37 अंतर्गत हरदाशचक स्थित दुर्गा मंदिर प्रांगण में पशु बांझपन निवारण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग द्वारा आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय–2 कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया। शिविर का उद्घाटन नगर सभापति अर्चना कुमारी ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पशुपालकों की आर्थिक मजबूती के लिए इस तरह के शिविर अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि पशुओं में बांझपन की समस्या किसानों के लिए बड़ी चुनौती होती है, जिसे वैज्ञानिक तरीके से दूर कर उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने कहा, “सरकार की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। पशुओं के स्वस्थ रहने से दूध उत्पादन बढ़ेगा और इससे पशुपालकों की आय में सीधा इजाफा होगा।” पशुओं की जांच और उपचार की व्यवस्था शिविर के दौरान पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा पशुओं की निःशुल्क जांच, उपचार और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। साथ ही पशुपालकों को बांझपन के कारण, उसके उपचार, टीकाकरण और सही देखभाल के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। पशुपालकों को यह भी बताया गया कि संतुलित आहार, समय पर उपचार और वैज्ञानिक तरीके अपनाने से पशुओं की उत्पादन क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। किसानों और पशुपालकों को मिलेगा सीधा लाभ इस शिविर में बड़ी संख्या में पशुपालकों ने भाग लेकर अपने पशुओं का इलाज कराया और विशेषज्ञों से परामर्श लिया। स्थानीय लोगों ने कहा कि इस तरह के शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में काफी उपयोगी साबित होते हैं और इससे पशुपालन को बढ़ावा मिलता है। अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद कार्यक्रम में जिला पशुपालन पदाधिकारी, पशु चिकित्सक एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी भागीदारी रही। इस शिविर का आयोजन राजकीय पशु औषधालय, खगड़िया द्वारा किया गया। ग्रामीण विकास की दिशा में सकारात्मक पहल विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के शिविरों से न केवल पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि होती है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है और आत्मनिर्भर बिहार के लक्ष्य को साकार करने में मदद मिलती है। कुल मिलाकर, खगड़िया में आयोजित यह पशु बांझपन निवारण शिविर पशुपालकों के लिए एक बड़ी राहत और उपयोगी पहल के रूप में सामने आया है, जिससे आने वाले समय में क्षेत्र में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
- *खगड़िया में पशु बांझपन निवारण शिविर का आयोजन, नगर सभापति अर्चना कुमारी ने किया उद्घाटन* *सात निश्चय–2 के तहत हरदाशचक में लगा शिविर, पशुपालकों को मिला मुफ्त इलाज और परामर्श* *पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने की दिशा में अहम पहल* खगड़िया, 25 मार्च 2026। जिले में पशुपालन को सशक्त बनाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत नगर परिषद खगड़िया क्षेत्र के वार्ड संख्या–37 अंतर्गत हरदाशचक स्थित दुर्गा मंदिर प्रांगण में पशु बांझपन निवारण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग द्वारा आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय–2 कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया। शिविर का उद्घाटन नगर सभापति अर्चना कुमारी ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पशुपालकों की आर्थिक मजबूती के लिए इस तरह के शिविर अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि पशुओं में बांझपन की समस्या किसानों के लिए बड़ी चुनौती होती है, जिसे वैज्ञानिक तरीके से दूर कर उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने कहा, “सरकार की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। पशुओं के स्वस्थ रहने से दूध उत्पादन बढ़ेगा और इससे पशुपालकों की आय में सीधा इजाफा होगा।” पशुओं की जांच और उपचार की व्यवस्था शिविर के दौरान पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा पशुओं की निःशुल्क जांच, उपचार और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। साथ ही पशुपालकों को बांझपन के कारण, उसके उपचार, टीकाकरण और सही देखभाल के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। पशुपालकों को यह भी बताया गया कि संतुलित आहार, समय पर उपचार और वैज्ञानिक तरीके अपनाने से पशुओं की उत्पादन क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। किसानों और पशुपालकों को मिलेगा सीधा लाभ इस शिविर में बड़ी संख्या में पशुपालकों ने भाग लेकर अपने पशुओं का इलाज कराया और विशेषज्ञों से परामर्श लिया। स्थानीय लोगों ने कहा कि इस तरह के शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में काफी उपयोगी साबित होते हैं और इससे पशुपालन को बढ़ावा मिलता है। अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद कार्यक्रम में जिला पशुपालन पदाधिकारी, पशु चिकित्सक एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी भागीदारी रही। इस शिविर का आयोजन राजकीय पशु औषधालय, खगड़िया द्वारा किया गया। ग्रामीण विकास की दिशा में सकारात्मक पहल विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के शिविरों से न केवल पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि होती है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है और आत्मनिर्भर बिहार के लक्ष्य को साकार करने में मदद मिलती है। कुल मिलाकर, खगड़िया में आयोजित यह पशु बांझपन निवारण शिविर पशुपालकों के लिए एक बड़ी राहत और उपयोगी पहल के रूप में सामने आया है, जिससे आने वाले समय में क्षेत्र में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।1
- बीते दिनों आई तेज आंधी तुफान से हुई फसल छति को लेकर प्रखंड कृषि पदाधिकारी अनुषा कुमारी ने किसानो के खेत का लिया जायजा बोली 90 प्रतिशत फसल बर्बाद1
- Post by Adv Pranav Kumar1
- Post by Gaurav Kumar Mishra1
- नीतीश कुमार के JDU राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर प्रशांत किशोर का तंज, बोले- अब उनका दल भी परिवारवाद से अछूता नहीं1
- गोगरी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बोरना पंचायत मे समाजसेवी पंकज मिश्रा के आवास पर अखंड ब्राह्मण सेवा समिति (भारतवर्ष ) की एक बैठक की गयी।इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ब्राह्मण एकजुटता, सनातन धर्म का प्रचार करना, समाज के आर्थिक रुप से पिछड़े ब्राह्मण परिवार को मुख्य धारा मे लाना, सरकारी लाभ से बंचित ब्राह्मण परिवार को लाभ पहुँचाना, ब्राह्मणो मे जनजाग्रति लाना सहित अनुमंडल एवं प्रखंड के कार्यकारिणी चुनाव, मनोनयन करना था। उद्घोषक के रूप मे मुरारी झा थे।इस मौके संगठन के प्रदेश महासचिव महेश कुमार पाठक ने कहा की ब्राह्मण एकजुट रहें ताकि ब्राह्मण का सम्मान जारी रहे। जो भी सरकार ब्राह्मण को सम्मान नहीं देगी उसे समर्थन नहीं करें।संगठन मंत्री लक्षमेश्वर झा ने कहा की जिस दिन एक ब्राह्मण दूसरे ब्राह्मण का सहायता करना शुरू कर देंगे उसी दिन ब्राह्मण एकता हो जाएगा। एक दूसरे से लड़े नहीं।जिलाध्यक्ष बीरेंद्र मोहन झा ने कहा की ब्राह्मण समाज सब दिन सर्वश्रेष्ठ रहा है। इस समाज के लोगों को सर्वप्रथम यह भी देखना है की वो एवं उनके बच्चे कोई गलत संगती मे तो नहीं हैं। उनके बच्चे अपने कर्म और कर्तव्य को तो नहीं भूल रहें हैं।ब्राह्मण समाज को अपना कर्तव्य कभी नहीं भूलना चाहिए। इस अवसर पर हीरा कुमारी,उग्रमोहन झा, संतोष प्रिंस,ब्रजेश झा,रवि शास्त्री,पंकज मिश्रा, विक्रम उपाध्याय,राकू आदि उपस्थित थे।1
- भागलपुर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। रसोई गैस (LPG) की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति की समस्याओं को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। नाराज़ लोगों ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और विरोध स्वरूप पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लगातार बढ़ती गैस कीमतों से आम जनता का बजट बिगड़ गया है। खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के लिए खाना बनाना भी मुश्किल होता जा रहा है। लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गैस की कीमतों में कमी और नियमित आपूर्ति की मांग की। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। फिलहाल प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहा, लेकिन लोगों में नाराजगी साफ तौर पर देखने को मिली।1
- Post by Gaurav Kumar Mishra1