डंपर रेलवे फाटक से टकराया, बड़ा हादसा टला: बीना में तीसरी लाइन पर 2.20 घंटे रेल यातायात प्रभावित। लोकेशन:-बीना रिपोर्टर:-राकेश सेन बीना:-बीना-झांसी रेलवे ट्रैक पर करोंदा रेलवे स्टेशन के पास गेट नंबर 315 पर शुक्रवार को एक डंपर की लापरवाही से बड़ा रेल हादसा टल गया। डंपर रेलवे फाटक के बूम से टकरा गया, जिससे बूम टूटकर तीसरी रेलवे लाइन की ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिक) स्पेयर वायर से जा टकराया। इस घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से तत्काल तीसरी रेलवे लाइन पर ट्रेनों का संचालन रोक दिया। करीब दो घंटे 20 मिनट तक इस लाइन पर रेल यातायात प्रभावित रहा। जानकारी के अनुसार, कंजिया की ओर से आ रहे डंपर और भानगढ़ की ओर से आ रहे एक ट्रक के रेलवे फाटक पार करते समय यह घटना हुई। डंपर चालक ने लापरवाही बरतते हुए फाटक के बूम में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बूम उछलकर तीसरी रेलवे लाइन की ओएचई स्पेयर वायर से टकरा गया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), इंजीनियरिंग और विद्युत विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचे। सबसे पहले तीसरी रेलवे लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही रोककर सुरक्षा सुनिश्चित की गई। इसके बाद क्षतिग्रस्त बूम और ओएचई स्पेयर वायर की जांच कर मरम्मत का कार्य शुरू किया गया। रेलवे कर्मचारियों ने लगभग दो घंटे 20 मिनट की मशक्कत के बाद फाटक और विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त किया, जिसके बाद तीसरी रेलवे लाइन पर रेल यातायात पुनः सुचारु हो सका। फाटक बंद रहने और मरम्मत कार्य के चलते रेलवे गेट के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि, रेलवे ने क्षतिग्रस्त बूम की जगह स्लाइड बूम का उपयोग कर सड़क यातायात बहाल किया। डंपर जब्त किया इस दौरान मुख्य रेलवे लाइन पर कोई असर नहीं पड़ा, लेकिन तीसरी लाइन पर यातायात पूरी तरह बंद होने से मालगाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हुई। घटना के बाद चालक के खिलाफ रेलवे अधिनियम व अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
डंपर रेलवे फाटक से टकराया, बड़ा हादसा टला: बीना में तीसरी लाइन पर 2.20 घंटे रेल यातायात प्रभावित। लोकेशन:-बीना रिपोर्टर:-राकेश सेन बीना:-बीना-झांसी रेलवे ट्रैक पर करोंदा रेलवे स्टेशन के पास गेट नंबर 315 पर शुक्रवार को एक डंपर की लापरवाही से बड़ा रेल हादसा टल गया। डंपर रेलवे फाटक के बूम से टकरा गया, जिससे बूम टूटकर तीसरी रेलवे लाइन की ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिक) स्पेयर वायर से जा टकराया। इस घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से तत्काल तीसरी रेलवे लाइन पर ट्रेनों का संचालन रोक दिया। करीब दो घंटे 20 मिनट तक इस लाइन पर रेल यातायात प्रभावित रहा। जानकारी के अनुसार, कंजिया की ओर से आ रहे डंपर और भानगढ़ की ओर से आ रहे एक ट्रक के रेलवे फाटक पार करते समय यह घटना हुई। डंपर चालक ने लापरवाही बरतते हुए फाटक के बूम में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बूम उछलकर तीसरी रेलवे लाइन की ओएचई स्पेयर वायर से टकरा गया। घटना की सूचना
मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), इंजीनियरिंग और विद्युत विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचे। सबसे पहले तीसरी रेलवे लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही रोककर सुरक्षा सुनिश्चित की गई। इसके बाद क्षतिग्रस्त बूम और ओएचई स्पेयर वायर की जांच कर मरम्मत का कार्य शुरू किया गया। रेलवे कर्मचारियों ने लगभग दो घंटे 20 मिनट की मशक्कत के बाद फाटक और विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त किया, जिसके बाद तीसरी रेलवे लाइन पर रेल यातायात पुनः सुचारु हो सका। फाटक बंद रहने और मरम्मत कार्य के चलते रेलवे गेट के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि, रेलवे ने क्षतिग्रस्त बूम की जगह स्लाइड बूम का उपयोग कर सड़क यातायात बहाल किया। डंपर जब्त किया इस दौरान मुख्य रेलवे लाइन पर कोई असर नहीं पड़ा, लेकिन तीसरी लाइन पर यातायात पूरी तरह बंद होने से मालगाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हुई। घटना के बाद चालक के खिलाफ रेलवे अधिनियम व अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
- बीना रेलवे स्टेशन का GM ने किया दौरा ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, तीसरी लाइन और नई सुविधाओं का मिलेगा तोहफा!बंद पड़ी बीना-दमोह पैसेंजर फिर होगी शुरू,1
- लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण राजपूत बीना शासकीय अस्पताल में मरीज की मौत पर विवाद, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप मृतक के भाई ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की, बीएमओ बोले—डॉक्टरों ने किया था प्राथमिक उपचार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट बीना के शासकीय अस्पताल में इलाज के बाद एक मरीज की मौत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मृतक बबलू कुशवाहा के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। मृतक के भाई देवी कुशवाहा का आरोप है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण बबलू कुशवाहा की मौत हुई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और स्थानीय लोगों ने भी सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि समय पर डॉक्टरों का उपलब्ध न होना और उचित इलाज न मिलना जैसी शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। वहीं, इस मामले में बीना सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर मौजूद डॉ. दीपक तिवारी एवं डॉ. सौरभ जैन ने मरीज का प्राथमिक उपचार किया था। इसके बाद परिजन मरीज को अपने साथ घर ले गए, जहां उसकी मृत्यु हो गई। बीएमओ का कहना है कि मामले की वास्तविक स्थिति का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। एम पी न्यूज़ 24 लाइव इस मामले में सामने आने वाले सभी तथ्यों और संबंधित पक्षों का पक्ष निष्पक्ष रूप से अपने दर्शकों तक पहुंचाता रहेगा।1
- लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण राजपूत बीना शासकीय अस्पताल में मरीज की मौत पर विवाद, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप मृतक के भाई ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की, बीएमओ बोले—डॉक्टरों ने किया था प्राथमिक उपचार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट बीना के शासकीय अस्पताल में इलाज के बाद एक मरीज की मौत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मृतक बबलू कुशवाहा के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। मृतक के भाई देवी कुशवाहा का आरोप है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण बबलू कुशवाहा की मौत हुई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और स्थानीय लोगों ने भी सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि समय पर डॉक्टरों का उपलब्ध न होना और उचित इलाज न मिलना जैसी शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। वहीं, इस मामले में बीना सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर मौजूद डॉ. दीपक तिवारी एवं डॉ. सौरभ जैन ने मरीज का प्राथमिक उपचार किया था। इसके बाद परिजन मरीज को अपने साथ घर ले गए, जहां उसकी मृत्यु हो गई। बीएमओ का कहना है कि मामले की वास्तविक स्थिति का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। एम पी न्यूज़ 24 लाइव इस मामले में सामने आने वाले सभी तथ्यों और संबंधित पक्षों का पक्ष निष्पक्ष रूप से अपने दर्शकों तक पहुंचाता रहेगा। लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण राजपूत बीना शासकीय अस्पताल में मरीज की मौत पर विवाद, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप मृतक के भाई ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की, बीएमओ बोले—डॉक्टरों ने किया था प्राथमिक उपचार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट बीना के शासकीय अस्पताल में इलाज के बाद एक मरीज की मौत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मृतक बबलू कुशवाहा के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। मृतक के भाई देवी कुशवाहा का आरोप है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण बबलू कुशवाहा की मौत हुई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और स्थानीय लोगों ने भी सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि समय पर डॉक्टरों का उपलब्ध न होना और उचित इलाज न मिलना जैसी शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। वहीं, इस मामले में बीना सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर मौजूद डॉ. दीपक तिवारी एवं डॉ. सौरभ जैन ने मरीज का प्राथमिक उपचार किया था। इसके बाद परिजन मरीज को अपने साथ घर ले गए, जहां उसकी मृत्यु हो गई। बीएमओ का कहना है कि मामले की वास्तविक स्थिति का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। एम पी न्यूज़ 24 लाइव इस मामले में सामने आने वाले सभी तथ्यों और संबंधित पक्षों का पक्ष निष्पक्ष रूप से अपने दर्शकों तक पहुंचाता रहेगा।1
- गढाकोटा पुलिस को बड़ी सफलता रू 4.04लाख से अधिक की शराब बरामद। खबर जिला सागर से। लोकेशन,,,,, थाना गढ़ाकोटा जिला सागर *गढ़ाकोटा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अवैध शराब का विशाल जखीरा जब्त, ₹4.04 लाख से अधिक की शराब बरामद* सागर, दिनांक 30 जुलाई 2026। पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन में जिले में जुआ, सट्टा एवं अवैध शराब के कारोबार के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी के मार्गदर्शन एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) रहली श्री प्रकाश मिश्रा के नेतृत्व में थाना गढ़ाकोटा पुलिस ने अवैध शराब के बड़े भंडारण का खुलासा करते हुए लाखों रुपये की शराब जब्त करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। दिनांक 29 जुलाई 2026 को थाना गढ़ाकोटा पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि गढ़ाकोटा के बजरंग वार्ड स्थित एक मकान में अवैध रूप से भारी मात्रा में शराब का भंडारण कर बिक्री की जा रही है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने अब्दुल गनी पिता शुभराती खान निवासी बजरंग वार्ड के मकान पर दबिश देकर विधिवत तलाशी ली। तलाशी के दौरान मकान के एक बंद कमरे से विभिन्न ब्रांडों की देशी एवं विदेशी शराब का भारी मात्रा में अवैध भंडारण मिला। मौके से सागर गोल्ड व्हिस्की, मैक डबल नं. 1, बॉम्बे व्हिस्की, आईबी व्हिस्की, मेजिक मोमेंट्स, रॉयल स्टैग व्हिस्की तथा लीमाउंट स्ट्रॉन्ग बीयर सहित विभिन्न ब्रांडों की कुल 564.780 बल्क लीटर शराब बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹4,04,180 है। पुलिस द्वारा समस्त अवैध शराब विधिवत जब्त कर आरोपी के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब कहां से लाई गई तथा इसके वितरण नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। *सराहनीय भूमिका* इस कार्रवाई में थाना प्रभारी गढ़ाकोटा निरीक्षक गौरव सिंह तिवारी, सउनि प्रेमनारायण शुक्ला, प्रधान आरक्षक डाल सिंह, राजेश पाण्डेय, विमलेश भटेले, बसंत मिश्रा तथा आरक्षक रवि पटैल, राहुल राय, थिरवम, प्रवीण, राजदीप तिवारी एवं कौस्तुभ मणि पाठक की उल्लेखनीय एवं सराहनीय भूमिका रही।1
- लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण राजपूत बीना शासकीय अस्पताल में मरीज की मौत पर विवाद, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप मृतक के भाई ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की, बीएमओ बोले—डॉक्टरों ने किया था प्राथमिक उपचार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट बीना के शासकीय अस्पताल में इलाज के बाद एक मरीज की मौत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मृतक बबलू कुशवाहा के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। मृतक के भाई देवी कुशवाहा का आरोप है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण बबलू कुशवाहा की मौत हुई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और स्थानीय लोगों ने भी सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि समय पर डॉक्टरों का उपलब्ध न होना और उचित इलाज न मिलना जैसी शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। वहीं, इस मामले में बीना सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर मौजूद डॉ. दीपक तिवारी एवं डॉ. सौरभ जैन ने मरीज का प्राथमिक उपचार किया था। इसके बाद परिजन मरीज को अपने साथ घर ले गए, जहां उसकी मृत्यु हो गई। बीएमओ का कहना है कि मामले की वास्तविक स्थिति का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। एम पी न्यूज़ 24 लाइव इस मामले में सामने आने वाले सभी तथ्यों और संबंधित पक्षों का पक्ष निष्पक्ष रूप से अपने दर्शकों तक पहुंचाता रहेगा। लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण राजपूत बीना शासकीय अस्पताल में मरीज की मौत पर विवाद, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप मृतक के भाई ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की, बीएमओ बोले—डॉक्टरों ने किया था प्राथमिक उपचार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट बीना के शासकीय अस्पताल में इलाज के बाद एक मरीज की मौत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मृतक बबलू कुशवाहा के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। मृतक के भाई देवी कुशवाहा का आरोप है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण बबलू कुशवाहा की मौत हुई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और स्थानीय लोगों ने भी सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि समय पर डॉक्टरों का उपलब्ध न होना और उचित इलाज न मिलना जैसी शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। वहीं, इस मामले में बीना सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर मौजूद डॉ. दीपक तिवारी एवं डॉ. सौरभ जैन ने मरीज का प्राथमिक उपचार किया था। इसके बाद परिजन मरीज को अपने साथ घर ले गए, जहां उसकी मृत्यु हो गई। बीएमओ का कहना है कि मामले की वास्तविक स्थिति का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। एम पी न्यूज़ 24 लाइव इस मामले में सामने आने वाले सभी तथ्यों और संबंधित पक्षों का पक्ष निष्पक्ष रूप से अपने दर्शकों तक पहुंचाता रहेगा।1
- Abuses never solve anything. Let’s guide the misguided. Let’s work together. Let’s work for Bharat. Abuses never solve anything. Let’s guide the misguided. Let’s work together. Let’s work for Bharat.1
- सागर जिले के राहतगढ़ का सिविल अस्पताल बना गंदगी का केंद्र,बद से बद्तर शौचालय1
- डंपर रेलवे फाटक से टकराया, बड़ा हादसा टला: बीना में तीसरी लाइन पर 2.20 घंटे रेल यातायात प्रभावित। लोकेशन:-बीना रिपोर्टर:-राकेश सेन बीना:-बीना-झांसी रेलवे ट्रैक पर करोंदा रेलवे स्टेशन के पास गेट नंबर 315 पर शुक्रवार को एक डंपर की लापरवाही से बड़ा रेल हादसा टल गया। डंपर रेलवे फाटक के बूम से टकरा गया, जिससे बूम टूटकर तीसरी रेलवे लाइन की ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिक) स्पेयर वायर से जा टकराया। इस घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से तत्काल तीसरी रेलवे लाइन पर ट्रेनों का संचालन रोक दिया। करीब दो घंटे 20 मिनट तक इस लाइन पर रेल यातायात प्रभावित रहा। जानकारी के अनुसार, कंजिया की ओर से आ रहे डंपर और भानगढ़ की ओर से आ रहे एक ट्रक के रेलवे फाटक पार करते समय यह घटना हुई। डंपर चालक ने लापरवाही बरतते हुए फाटक के बूम में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बूम उछलकर तीसरी रेलवे लाइन की ओएचई स्पेयर वायर से टकरा गया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), इंजीनियरिंग और विद्युत विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचे। सबसे पहले तीसरी रेलवे लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही रोककर सुरक्षा सुनिश्चित की गई। इसके बाद क्षतिग्रस्त बूम और ओएचई स्पेयर वायर की जांच कर मरम्मत का कार्य शुरू किया गया। रेलवे कर्मचारियों ने लगभग दो घंटे 20 मिनट की मशक्कत के बाद फाटक और विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त किया, जिसके बाद तीसरी रेलवे लाइन पर रेल यातायात पुनः सुचारु हो सका। फाटक बंद रहने और मरम्मत कार्य के चलते रेलवे गेट के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि, रेलवे ने क्षतिग्रस्त बूम की जगह स्लाइड बूम का उपयोग कर सड़क यातायात बहाल किया। डंपर जब्त किया इस दौरान मुख्य रेलवे लाइन पर कोई असर नहीं पड़ा, लेकिन तीसरी लाइन पर यातायात पूरी तरह बंद होने से मालगाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हुई। घटना के बाद चालक के खिलाफ रेलवे अधिनियम व अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।2