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विदिशा जिले के सिरोंज नगर में वर्षा ऋतु के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या के समाधान के लिए नगर पालिका परिषद द्वारा पिछले एक वर्ष से कराए जा रहे नालों और सड़कों के निर्माण पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। निवासियों का कहना है कि नर्मदा रेत की जगह गिट्टी की चूरी का उपयोग किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप कई नाले अभी से क्षतिग्रस्त होने लगे हैं। आरोप है कि नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण नहीं कर रहे हैं, जिसका लाभ उठाकर ठेकेदार मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं। नागरिकों के अनुसार, सड़क निर्माण में भी मोटाई और चौड़ाई जैसे मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिससे लाखों रुपये के निर्माण कार्य कुछ ही समय में टूट रहे हैं। शिकायत करने पर अधिकारियों से केवल जांच और नोटिस का आश्वासन मिलता है, लेकिन धरातल पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध सरकारी दावों के बीच अब स्थानीय नागरिक एक उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। जनता चाहती है कि शासन विशेषज्ञों की एक स्वतंत्र समिति गठित कर पूर्व और वर्तमान में हुए सभी निर्माण कार्यों की तकनीकी जांच कराए। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन इन अनियमितताओं को लेकर दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई करता है।

12 hrs ago
user_IBN NEWS
IBN NEWS
सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
12 hrs ago

विदिशा जिले के सिरोंज नगर में वर्षा ऋतु के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या के समाधान के लिए नगर पालिका परिषद द्वारा पिछले एक वर्ष से कराए जा रहे नालों और सड़कों के निर्माण पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया

है। निवासियों का कहना है कि नर्मदा रेत की जगह गिट्टी की चूरी का उपयोग किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप कई नाले अभी से क्षतिग्रस्त होने लगे हैं। आरोप है कि नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण नहीं कर रहे हैं, जिसका लाभ उठाकर ठेकेदार मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं। नागरिकों के अनुसार,

सड़क निर्माण में भी मोटाई और चौड़ाई जैसे मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिससे लाखों रुपये के निर्माण कार्य कुछ ही समय में टूट रहे हैं। शिकायत करने पर अधिकारियों से केवल जांच और नोटिस का आश्वासन मिलता है, लेकिन धरातल पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध सरकारी दावों के बीच अब स्थानीय

नागरिक एक उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। जनता चाहती है कि शासन विशेषज्ञों की एक स्वतंत्र समिति गठित कर पूर्व और वर्तमान में हुए सभी निर्माण कार्यों की तकनीकी जांच कराए। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन इन अनियमितताओं को लेकर दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई करता है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • भोपाल में दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने आशुतोष तिवारी को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। अपनी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद आशुतोष तिवारी ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन ने उन पर भरोसा जताया है। इस चुनावी मुकाबले को लेकर उन्होंने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को अपना अभिभावक संबोधित किया। आशुतोष तिवारी ने स्पष्ट किया कि वे नरोत्तम मिश्रा के मार्गदर्शन में पूरी ताकत के साथ यह चुनाव लड़ेंगे। दतिया में भाजपा ने अपनी चुनावी गतिविधियों और अभियान को अब और अधिक तेज कर दिया है।
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    भोपाल में दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने आशुतोष तिवारी को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। अपनी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद आशुतोष तिवारी ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन ने उन पर भरोसा जताया है।

इस चुनावी मुकाबले को लेकर उन्होंने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को अपना अभिभावक संबोधित किया। आशुतोष तिवारी ने स्पष्ट किया कि वे नरोत्तम मिश्रा के मार्गदर्शन में पूरी ताकत के साथ यह चुनाव लड़ेंगे। दतिया में भाजपा ने अपनी चुनावी गतिविधियों और अभियान को अब और अधिक तेज कर दिया है।
    user_Deepak kushwaha
    Deepak kushwaha
    Farmer बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मध्य प्रदेश बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन ने मुंगावली के जयस्तंभ चौराहा स्थित बस स्टैंड पर बिजली के स्मार्ट मीटर जबरन लगाए जाने, पहले से लगे स्मार्ट मीटर हटाए जाने, बिजली की बढ़ती कीमतों और बिलों में हो रही बढ़ोतरी के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इस मुद्दे को लेकर एस.डी.एम. को ज्ञापन सौंपा है। एसोसिएशन के राज्य समिति सदस्य श्री सचिन जैन जी ने बिजली को आधुनिक सभ्यता की धुरी बताते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर के माध्यम से आम जनता की जेब खाली की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपभोक्ताओं द्वारा मना करने के बावजूद कंपनी जबरन स्मार्ट मीटर लगा रही है, जिससे बिलों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है और जो उपभोक्ता मोबाइल का उपयोग नहीं करते, उन्हें ऑफलाइन बिल भी नहीं मिल रहे हैं। सभा को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के वक्ताओं ने स्मार्ट मीटर से जुड़े तकनीकी खतरों और बिलिंग प्रणालियों जैसे टी.ओ.डी., डायनेमिक प्राइसिंग और रियल टाइम मॉनिटरिंग पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए नियंत्रित होने वाले ये मीटर सॉफ्टवेयर में बदलाव और मनमानी रीडिंग की संभावना बढ़ाते हैं, जिससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। एसोसिएशन ने विद्युत अधिनियम 2003 का हवाला देते हुए दावा किया कि मौजूदा डिजिटल मीटर को बदलना गलत है। इसके साथ ही, केंद्र सरकार की रियैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आर.डी.एस.एस.) को सिर्फ एक योजना बताते हुए उन्होंने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर जी के संसद में दिए उस बयान का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर जबरन नहीं थोपे जाएंगे और इन्हें लगाना अनिवार्य नहीं है। इस प्रदर्शन का संचालन शिशुपाल ने किया और इसमें एसोसिएशन के सदस्य देवेंद्र विजोरे, राखी, भागीरथ दादा सहित सैकड़ों उपभोक्ता शामिल हुए। कालीचरण, नितिन, अभिषेक, दिनेश, उधमसिंह, रविंद्र गुर्जर, जाहिद खान, दीपक योगी और रूपसिंह जैसे अन्य लोग भी इस विरोध में मौजूद रहे। एसोसिएशन ने अपनी मांगों के तहत किसी भी सुविधा के नाम पर जबरन स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगाने, लगे हुए स्मार्ट मीटर को तुरंत हटाने, बढ़े हुए बिजली बिल वापस लेने और बिजली के निजीकरण पर अंकुश लगाने की मांग की है।
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    मध्य प्रदेश बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन ने मुंगावली के जयस्तंभ चौराहा स्थित बस स्टैंड पर बिजली के स्मार्ट मीटर जबरन लगाए जाने, पहले से लगे स्मार्ट मीटर हटाए जाने, बिजली की बढ़ती कीमतों और बिलों में हो रही बढ़ोतरी के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इस मुद्दे को लेकर एस.डी.एम. को ज्ञापन सौंपा है। एसोसिएशन के राज्य समिति सदस्य श्री सचिन जैन जी ने बिजली को आधुनिक सभ्यता की धुरी बताते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर के माध्यम से आम जनता की जेब खाली की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपभोक्ताओं द्वारा मना करने के बावजूद कंपनी जबरन स्मार्ट मीटर लगा रही है, जिससे बिलों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है और जो उपभोक्ता मोबाइल का उपयोग नहीं करते, उन्हें ऑफलाइन बिल भी नहीं मिल रहे हैं।

सभा को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के वक्ताओं ने स्मार्ट मीटर से जुड़े तकनीकी खतरों और बिलिंग प्रणालियों जैसे टी.ओ.डी., डायनेमिक प्राइसिंग और रियल टाइम मॉनिटरिंग पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए नियंत्रित होने वाले ये मीटर सॉफ्टवेयर में बदलाव और मनमानी रीडिंग की संभावना बढ़ाते हैं, जिससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। एसोसिएशन ने विद्युत अधिनियम 2003 का हवाला देते हुए दावा किया कि मौजूदा डिजिटल मीटर को बदलना गलत है। इसके साथ ही, केंद्र सरकार की रियैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आर.डी.एस.एस.) को सिर्फ एक योजना बताते हुए उन्होंने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर जी के संसद में दिए उस बयान का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर जबरन नहीं थोपे जाएंगे और इन्हें लगाना अनिवार्य नहीं है।

इस प्रदर्शन का संचालन शिशुपाल ने किया और इसमें एसोसिएशन के सदस्य देवेंद्र विजोरे, राखी, भागीरथ दादा सहित सैकड़ों उपभोक्ता शामिल हुए। कालीचरण, नितिन, अभिषेक, दिनेश, उधमसिंह, रविंद्र गुर्जर, जाहिद खान, दीपक योगी और रूपसिंह जैसे अन्य लोग भी इस विरोध में मौजूद रहे। एसोसिएशन ने अपनी मांगों के तहत किसी भी सुविधा के नाम पर जबरन स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगाने, लगे हुए स्मार्ट मीटर को तुरंत हटाने, बढ़े हुए बिजली बिल वापस लेने और बिजली के निजीकरण पर अंकुश लगाने की मांग की है।
    user_ADJ,Alim Dyer Journalist
    ADJ,Alim Dyer Journalist
    Reporter Mungaoli•
    4 hrs ago
  • सागर जिले के बीना शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों को मृत करार देते हुए कांग्रेस द्वारा विरोध स्वरूप अर्थी यात्रा निकाली जा रही है। कांग्रेस ने इस प्रदर्शन के दौरान दो अर्थियां निकाली हैं, जिनमें से एक नगर के लिए और दूसरी पूरे विधानसभा क्षेत्र के लिए समर्पित है।
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    सागर जिले के बीना शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों को मृत करार देते हुए कांग्रेस द्वारा विरोध स्वरूप अर्थी यात्रा निकाली जा रही है। कांग्रेस ने इस प्रदर्शन के दौरान दो अर्थियां निकाली हैं, जिनमें से एक नगर के लिए और दूसरी पूरे विधानसभा क्षेत्र के लिए समर्पित है।
    user_बिजय चोहन
    बिजय चोहन
    Carpenter बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • राजस्थान के झुंझुनूं में नई सड़क बनने के बावजूद बिजली के खंभे सड़क के बीचों-बीच खड़े रहने का मामला सामने आया है। इस स्थिति की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों में काफी चर्चा है। स्थानीय निवासियों ने सड़क के बीच खड़े इन खंभों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि इस स्थिति के चलते किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। इसे लेकर स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत प्रभाव से खंभे हटाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच किए जाने की मांग की है।
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    राजस्थान के झुंझुनूं में नई सड़क बनने के बावजूद बिजली के खंभे सड़क के बीचों-बीच खड़े रहने का मामला सामने आया है। इस स्थिति की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों में काफी चर्चा है।

स्थानीय निवासियों ने सड़क के बीच खड़े इन खंभों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि इस स्थिति के चलते किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। इसे लेकर स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत प्रभाव से खंभे हटाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच किए जाने की मांग की है।
    user_Rahul Goswami journalist
    Rahul Goswami journalist
    Local News Reporter Berasia, Bhopal•
    11 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के बीना में करीब 78.33 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित खिमलासा-कजिया मार्ग भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण के कारण जानलेवा साबित हो रहा है। गुरुवार को इस सड़क की एक गहरी दरार में बाइक का पहिया फंसने से उमरिया निवासी लंबरदार भगवान सिंह की दर्दनाक मौत हो गई। इस दुखद घटना के साथ ही इस मार्ग पर अब तक हादसों में मरने वालों की संख्या पांच हो गई है। लगभग 36.8 से 37 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) के माध्यम से न्यू डेवलपमेंट बैंक वित्तपोषित परियोजना के तहत किया गया था, लेकिन निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़क पर गहरी दरारें और सतह उखड़ने जैसी समस्याएं सामने आने लगीं। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में भानगढ़ में उग्र प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सड़क की दयनीय स्थिति और दरारों की जानकारी प्रशासन व निर्माण एजेंसी को लंबे समय से थी, लेकिन जानबूझकर मरम्मत में लापरवाही बरती गई। स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाए हैं कि गुणवत्ता मानकों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य किया गया और अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार को भुगतान भी जारी कर दिया गया। लोगों का कहना है कि एमपीआरडीसी के कई अन्य निर्माण कार्यों की स्थिति भी इसी तरह खराब है, जो विभागीय अधिकारियों की निरीक्षण और गुणवत्ता परीक्षण में बरती गई गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। इंदर सिंह ठाकुर ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क की दरारों की मरम्मत नहीं हुई और जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो आमजन बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय एवं स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए, गुणवत्ता रिपोर्ट सार्वजनिक हो, दोषी ठेकेदार व लापरवाह अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा मिले। खराब सड़क, बेईमान कंपनी और लापरवाह प्रशासन के इस 'मौत वाले खेल' ने पूरे क्षेत्र में व्यवस्था के प्रति गहरा रोष पैदा कर दिया है।
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    मध्य प्रदेश के बीना में करीब 78.33 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित खिमलासा-कजिया मार्ग भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण के कारण जानलेवा साबित हो रहा है। गुरुवार को इस सड़क की एक गहरी दरार में बाइक का पहिया फंसने से उमरिया निवासी लंबरदार भगवान सिंह की दर्दनाक मौत हो गई। इस दुखद घटना के साथ ही इस मार्ग पर अब तक हादसों में मरने वालों की संख्या पांच हो गई है। लगभग 36.8 से 37 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) के माध्यम से न्यू डेवलपमेंट बैंक वित्तपोषित परियोजना के तहत किया गया था, लेकिन निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़क पर गहरी दरारें और सतह उखड़ने जैसी समस्याएं सामने आने लगीं।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में भानगढ़ में उग्र प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सड़क की दयनीय स्थिति और दरारों की जानकारी प्रशासन व निर्माण एजेंसी को लंबे समय से थी, लेकिन जानबूझकर मरम्मत में लापरवाही बरती गई। स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाए हैं कि गुणवत्ता मानकों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य किया गया और अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार को भुगतान भी जारी कर दिया गया। लोगों का कहना है कि एमपीआरडीसी के कई अन्य निर्माण कार्यों की स्थिति भी इसी तरह खराब है, जो विभागीय अधिकारियों की निरीक्षण और गुणवत्ता परीक्षण में बरती गई गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

इंदर सिंह ठाकुर ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क की दरारों की मरम्मत नहीं हुई और जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो आमजन बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय एवं स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए, गुणवत्ता रिपोर्ट सार्वजनिक हो, दोषी ठेकेदार व लापरवाह अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा मिले। खराब सड़क, बेईमान कंपनी और लापरवाह प्रशासन के इस 'मौत वाले खेल' ने पूरे क्षेत्र में व्यवस्था के प्रति गहरा रोष पैदा कर दिया है।
    user_Rakesh sen
    Rakesh sen
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • विदिशा जिले के गंजबासौदा स्थित कन्या मंडी शाला में शिक्षिका निशा खान द्वारा प्राचार्य प्रभात श्रीवास्तव के खिलाफ की गई शिकायतों ने विवाद को तूल दे दिया है। निशा खान ने इस मामले में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, विदिशा कलेक्टर और विभिन्न राजनेताओं तक अपनी शिकायतें दर्ज कराई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम ने दोनों पक्षों का पक्ष जानने का प्रयास किया है। शिक्षिका और प्राचार्य के बीच चल रहे इस विवाद में दोनों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके तहत अब प्राचार्य प्रभात श्रीवास्तव ने भी शिक्षिका निशा खान के कार्य व्यवहार को लेकर अपना पक्ष रखा है।
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    विदिशा जिले के गंजबासौदा स्थित कन्या मंडी शाला में शिक्षिका निशा खान द्वारा प्राचार्य प्रभात श्रीवास्तव के खिलाफ की गई शिकायतों ने विवाद को तूल दे दिया है। निशा खान ने इस मामले में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, विदिशा कलेक्टर और विभिन्न राजनेताओं तक अपनी शिकायतें दर्ज कराई हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम ने दोनों पक्षों का पक्ष जानने का प्रयास किया है। शिक्षिका और प्राचार्य के बीच चल रहे इस विवाद में दोनों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके तहत अब प्राचार्य प्रभात श्रीवास्तव ने भी शिक्षिका निशा खान के कार्य व्यवहार को लेकर अपना पक्ष रखा है।
    user_रिपोर्टर rupesh yadav
    रिपोर्टर rupesh yadav
    Photographer सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • सागर जिले के खिमलासा में शिवलिंग निर्माण का आयोजन बेहद धूमधाम से संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन के पश्चात विसर्जन यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त और श्रद्धालु शामिल हुए। भक्तों और क्षेत्रीय लोगों ने उत्साह के साथ नाचते-गाते हुए विसर्जन यात्रा में भाग लिया। इस आयोजन की भव्यता को लेकर स्थानीय भक्तों और श्रद्धालुगणों में विशेष हर्ष का माहौल देखने को मिला।
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    सागर जिले के खिमलासा में शिवलिंग निर्माण का आयोजन बेहद धूमधाम से संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन के पश्चात विसर्जन यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त और श्रद्धालु शामिल हुए।

भक्तों और क्षेत्रीय लोगों ने उत्साह के साथ नाचते-गाते हुए विसर्जन यात्रा में भाग लिया। इस आयोजन की भव्यता को लेकर स्थानीय भक्तों और श्रद्धालुगणों में विशेष हर्ष का माहौल देखने को मिला।
    user_Deepak kushwaha
    Deepak kushwaha
    Farmer बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • बीना के खिमलासा-कजिया मार्ग पर गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में उमरिया निवासी लंबरदार भगवान सिंह की मौत हो गई। उनकी बाइक का पहिया सड़क पर बनी एक गहरी दरार में फंस गया था। इस मार्ग पर लगातार हो रहे हादसों में अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है। 36.8 से 37 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) द्वारा न्यू डेवलपमेंट बैंक वित्तपोषित परियोजना के तहत करीब 78.33 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था। घटना के बाद पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में भानगढ़ में स्थानीय लोगों ने उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन और निर्माण एजेंसी को सड़क की दरारों की जानकारी लंबे समय से थी, लेकिन मरम्मत नहीं कराई गई। लोगों ने सड़क निर्माण में गंभीर गुणवत्ता मानकों की अनदेखी और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार को भुगतान करने के आरोप लगाए हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि काम मानकों के अनुरूप होता तो सड़क इतनी जल्दी जर्जर नहीं होती। एमपीआरडीसी के अन्य निर्माण कार्यों की स्थिति भी खराब होने का आरोप लगाया गया है और यह सवाल उठाया गया है कि गुणवत्ताहीन निर्माण के बावजूद प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। इंदर सिंह ठाकुर ने चेतावनी दी है कि यदि सड़क की तत्काल मरम्मत नहीं हुई और जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि सड़क निर्माण की उच्चस्तरीय एवं स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए, गुणवत्ता रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और दोषी ठेकेदार तथा लापरवाह अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही, मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
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    बीना के खिमलासा-कजिया मार्ग पर गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में उमरिया निवासी लंबरदार भगवान सिंह की मौत हो गई। उनकी बाइक का पहिया सड़क पर बनी एक गहरी दरार में फंस गया था। इस मार्ग पर लगातार हो रहे हादसों में अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है। 36.8 से 37 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) द्वारा न्यू डेवलपमेंट बैंक वित्तपोषित परियोजना के तहत करीब 78.33 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था।

घटना के बाद पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में भानगढ़ में स्थानीय लोगों ने उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन और निर्माण एजेंसी को सड़क की दरारों की जानकारी लंबे समय से थी, लेकिन मरम्मत नहीं कराई गई। लोगों ने सड़क निर्माण में गंभीर गुणवत्ता मानकों की अनदेखी और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार को भुगतान करने के आरोप लगाए हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि काम मानकों के अनुरूप होता तो सड़क इतनी जल्दी जर्जर नहीं होती। एमपीआरडीसी के अन्य निर्माण कार्यों की स्थिति भी खराब होने का आरोप लगाया गया है और यह सवाल उठाया गया है कि गुणवत्ताहीन निर्माण के बावजूद प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की जाती।

इंदर सिंह ठाकुर ने चेतावनी दी है कि यदि सड़क की तत्काल मरम्मत नहीं हुई और जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि सड़क निर्माण की उच्चस्तरीय एवं स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए, गुणवत्ता रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और दोषी ठेकेदार तथा लापरवाह अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही, मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
    user_Rakesh sen
    Rakesh sen
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • भोपाल में कलेक्ट्रेट स्थित दिशा की बैठक के दौरान जमकर हंगामा हुआ। मास्टर प्लान पर चर्चा के बीच कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील की जनपद अध्यक्ष प्रमोद राजपूत के साथ तीखी नोंकझोंक हो गई। इस दौरान प्रमोद राजपूत ने दोनों विधायकों को अपनी 'औकात में रहने' की बात कही। विवाद बढ़ने पर प्रमोद राजपूत ने यह भी कहा कि वह राजपूत हैं और बदमाशी भी कर लेंगे, जिससे वह निपट लेंगे। इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील बैठक छोड़कर बाहर निकल गए। आरिफ मसूद ने इस व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि बदतमीजी और बेइज्जती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इस घटना को विधायकों का विशेषाधिकार हनन बताते हुए इसकी औपचारिक शिकायत विधानसभा अध्यक्ष से करने की बात कही है। यह पूरा घटनाक्रम एशिया न्यूज मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ के कैमरे में भी कैद हुआ है।
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    भोपाल में कलेक्ट्रेट स्थित दिशा की बैठक के दौरान जमकर हंगामा हुआ। मास्टर प्लान पर चर्चा के बीच कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील की जनपद अध्यक्ष प्रमोद राजपूत के साथ तीखी नोंकझोंक हो गई। इस दौरान प्रमोद राजपूत ने दोनों विधायकों को अपनी 'औकात में रहने' की बात कही। विवाद बढ़ने पर प्रमोद राजपूत ने यह भी कहा कि वह राजपूत हैं और बदमाशी भी कर लेंगे, जिससे वह निपट लेंगे।

इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील बैठक छोड़कर बाहर निकल गए। आरिफ मसूद ने इस व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि बदतमीजी और बेइज्जती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इस घटना को विधायकों का विशेषाधिकार हनन बताते हुए इसकी औपचारिक शिकायत विधानसभा अध्यक्ष से करने की बात कही है। यह पूरा घटनाक्रम एशिया न्यूज मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ के कैमरे में भी कैद हुआ है।
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    AM NEWS
    बैरसिया, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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