मध्य प्रदेश बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन ने मुंगावली के जयस्तंभ चौराहा स्थित बस स्टैंड पर बिजली के स्मार्ट मीटर जबरन लगाए जाने, पहले से लगे स्मार्ट मीटर हटाए जाने, बिजली की बढ़ती कीमतों और बिलों में हो रही बढ़ोतरी के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इस मुद्दे को लेकर एस.डी.एम. को ज्ञापन सौंपा है। एसोसिएशन के राज्य समिति सदस्य श्री सचिन जैन जी ने बिजली को आधुनिक सभ्यता की धुरी बताते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर के माध्यम से आम जनता की जेब खाली की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपभोक्ताओं द्वारा मना करने के बावजूद कंपनी जबरन स्मार्ट मीटर लगा रही है, जिससे बिलों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है और जो उपभोक्ता मोबाइल का उपयोग नहीं करते, उन्हें ऑफलाइन बिल भी नहीं मिल रहे हैं। सभा को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के वक्ताओं ने स्मार्ट मीटर से जुड़े तकनीकी खतरों और बिलिंग प्रणालियों जैसे टी.ओ.डी., डायनेमिक प्राइसिंग और रियल टाइम मॉनिटरिंग पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए नियंत्रित होने वाले ये मीटर सॉफ्टवेयर में बदलाव और मनमानी रीडिंग की संभावना बढ़ाते हैं, जिससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। एसोसिएशन ने विद्युत अधिनियम 2003 का हवाला देते हुए दावा किया कि मौजूदा डिजिटल मीटर को बदलना गलत है। इसके साथ ही, केंद्र सरकार की रियैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आर.डी.एस.एस.) को सिर्फ एक योजना बताते हुए उन्होंने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर जी के संसद में दिए उस बयान का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर जबरन नहीं थोपे जाएंगे और इन्हें लगाना अनिवार्य नहीं है। इस प्रदर्शन का संचालन शिशुपाल ने किया और इसमें एसोसिएशन के सदस्य देवेंद्र विजोरे, राखी, भागीरथ दादा सहित सैकड़ों उपभोक्ता शामिल हुए। कालीचरण, नितिन, अभिषेक, दिनेश, उधमसिंह, रविंद्र गुर्जर, जाहिद खान, दीपक योगी और रूपसिंह जैसे अन्य लोग भी इस विरोध में मौजूद रहे। एसोसिएशन ने अपनी मांगों के तहत किसी भी सुविधा के नाम पर जबरन स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगाने, लगे हुए स्मार्ट मीटर को तुरंत हटाने, बढ़े हुए बिजली बिल वापस लेने और बिजली के निजीकरण पर अंकुश लगाने की मांग की है।
मध्य प्रदेश बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन ने मुंगावली के जयस्तंभ चौराहा स्थित बस स्टैंड पर बिजली के स्मार्ट मीटर जबरन लगाए जाने, पहले से लगे स्मार्ट मीटर हटाए जाने, बिजली की बढ़ती कीमतों और बिलों में हो रही बढ़ोतरी के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इस मुद्दे को लेकर एस.डी.एम. को ज्ञापन सौंपा है। एसोसिएशन के राज्य समिति सदस्य श्री सचिन जैन जी ने बिजली को आधुनिक सभ्यता की धुरी बताते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर के माध्यम से आम जनता की जेब खाली की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपभोक्ताओं द्वारा मना करने के बावजूद कंपनी जबरन स्मार्ट मीटर लगा रही है, जिससे बिलों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है और जो उपभोक्ता मोबाइल का उपयोग नहीं करते, उन्हें ऑफलाइन बिल भी नहीं मिल रहे हैं। सभा को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के वक्ताओं ने स्मार्ट मीटर से जुड़े तकनीकी खतरों और बिलिंग प्रणालियों जैसे टी.ओ.डी., डायनेमिक प्राइसिंग और रियल टाइम मॉनिटरिंग पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए नियंत्रित होने वाले ये मीटर सॉफ्टवेयर में बदलाव और मनमानी रीडिंग की संभावना बढ़ाते हैं, जिससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। एसोसिएशन ने विद्युत अधिनियम 2003 का हवाला देते हुए दावा किया कि मौजूदा डिजिटल मीटर को बदलना गलत है। इसके साथ ही, केंद्र सरकार की रियैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आर.डी.एस.एस.) को सिर्फ एक योजना बताते हुए उन्होंने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर जी के संसद में दिए उस बयान का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर जबरन नहीं थोपे जाएंगे और इन्हें लगाना अनिवार्य नहीं है। इस प्रदर्शन का संचालन शिशुपाल ने किया और इसमें एसोसिएशन के सदस्य देवेंद्र विजोरे, राखी, भागीरथ दादा सहित सैकड़ों उपभोक्ता शामिल हुए। कालीचरण, नितिन, अभिषेक, दिनेश, उधमसिंह, रविंद्र गुर्जर, जाहिद खान, दीपक योगी और रूपसिंह जैसे अन्य लोग भी इस विरोध में मौजूद रहे। एसोसिएशन ने अपनी मांगों के तहत किसी भी सुविधा के नाम पर जबरन स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगाने, लगे हुए स्मार्ट मीटर को तुरंत हटाने, बढ़े हुए बिजली बिल वापस लेने और बिजली के निजीकरण पर अंकुश लगाने की मांग की है।
- बीना के खिमलासा-कजिया मार्ग पर गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में उमरिया निवासी लंबरदार भगवान सिंह की मौत हो गई। उनकी बाइक का पहिया सड़क पर बनी एक गहरी दरार में फंस गया था। इस मार्ग पर लगातार हो रहे हादसों में अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है। 36.8 से 37 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) द्वारा न्यू डेवलपमेंट बैंक वित्तपोषित परियोजना के तहत करीब 78.33 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था। घटना के बाद पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में भानगढ़ में स्थानीय लोगों ने उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन और निर्माण एजेंसी को सड़क की दरारों की जानकारी लंबे समय से थी, लेकिन मरम्मत नहीं कराई गई। लोगों ने सड़क निर्माण में गंभीर गुणवत्ता मानकों की अनदेखी और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार को भुगतान करने के आरोप लगाए हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि काम मानकों के अनुरूप होता तो सड़क इतनी जल्दी जर्जर नहीं होती। एमपीआरडीसी के अन्य निर्माण कार्यों की स्थिति भी खराब होने का आरोप लगाया गया है और यह सवाल उठाया गया है कि गुणवत्ताहीन निर्माण के बावजूद प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। इंदर सिंह ठाकुर ने चेतावनी दी है कि यदि सड़क की तत्काल मरम्मत नहीं हुई और जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि सड़क निर्माण की उच्चस्तरीय एवं स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए, गुणवत्ता रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और दोषी ठेकेदार तथा लापरवाह अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही, मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।3
- सागर जिले के बीना में गोमती नंदन के यहां घूमने गए एक व्यक्ति की विंध्याचल एक्सप्रेस से टकराने से दुखद मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया है।1
- ललितपुर जिले की पाली तहसील अंतर्गत बालाबेहट में राजकीय हाईस्कूल के निर्माण कार्य का विधिवत भूमि पूजन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में झांसी-ललितपुर के सांसद डॉ. अनुराग शर्मा और महरौनी के विधायक एवं राज्य मंत्री मनोहर लाल मन्नू कोरी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। क्षेत्र के लोगों को इस विद्यालय की काफी वर्षों से प्रतीक्षा थी। इस नए हाईस्कूल के बनने से स्थानीय बच्चों को अच्छी शिक्षा प्राप्त करने की बेहतर सुविधा मिलेगी। इस विद्यालय की स्थापना ग्राम प्रधान के विशेष आर्थिक प्रयासों का परिणाम है, जिसके चलते क्षेत्र को यह महत्वपूर्ण सौगात मिली है।1
- ललितपुर जिले के एरावनी और विजयपुरा गांवों के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण इस स्थिति को लेकर काफी परेशान हैं और उन्हें रोजमर्रा के जीवन में भारी परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है।1
- ललितपुर जिले के जाखलौन कस्बे में राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक घायल गौ माता का उपचार किया है। संगठन के कार्यकर्ताओं ने तत्परता दिखाते हुए घायल अवस्था में मिली गौ माता की सुध ली और मौके पर पहुंचकर उसका इलाज सुनिश्चित किया।1
- सागर जिले के खिमलासा में चोरों ने एक बार फिर आतंक मचाते हुए दो दुकानों के ताले तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया है। पहली वारदात राधिका ऑनलाइन दुकान में हुई, जहाँ से चोर फोटो कॉपी मशीनें, प्रिंटर और कंप्यूटर के साथ-साथ करीब 10 क्विंटल गेहूं, चना और अन्य सामान ले उड़े। संचालक नकुल चंदेल के अनुसार, इस चोरी में लगभग 1,50,000 रुपये का नुकसान हुआ है। इसके कुछ ही दूरी पर स्थित बंटी साहू की किराना दुकान को भी निशाना बनाया गया, जहाँ से चोर लगभग 50,000 से 60,000 रुपये का किराना सामान चोरी कर ले गए। इलाके में चोरियों का सिलसिला थम नहीं रहा है। खिमलासा थाना अंतर्गत एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी चोरी है। स्थिति यह है कि इसी सप्ताह कंजिया रोड से चोर एक मोटरसाइकिल भी लूट ले गए थे। फिलहाल, खिमलासा पुलिस चोरों को पकड़ने का प्रयास कर रही है।4
- सागर जिले के खिमलासा में शिवलिंग निर्माण का आयोजन बेहद धूमधाम से संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन के पश्चात विसर्जन यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त और श्रद्धालु शामिल हुए। भक्तों और क्षेत्रीय लोगों ने उत्साह के साथ नाचते-गाते हुए विसर्जन यात्रा में भाग लिया। इस आयोजन की भव्यता को लेकर स्थानीय भक्तों और श्रद्धालुगणों में विशेष हर्ष का माहौल देखने को मिला।1
- उत्तर प्रदेश के बालाबेहट में सचिवालय के पास प्रकृति को हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में झांसी-ललितपुर के सांसद डॉ. अनुराग शर्मा, उत्तर प्रदेश सरकार में श्रम एवं सेवायोजन राज्य मंत्री मनोहर लाल मन्नू कोरी, महरौनी के विधायक, ब्लॉक प्रमुख मोहित निरंजन और वन विभाग की गोंना रेंज की टीम शामिल हुई। सांसद डॉ. अनुराग शर्मा ने इस दौरान स्वयं वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने वृक्षों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि मनुष्य को वृक्षों से ही ऑक्सीजन प्राप्त होती है।2
- ललितपुर जिले के बार थाना क्षेत्र के ग्राम चिगलौआ में दिवंगत शिक्षक राजाराम गोस्वामी की आत्महत्या का मामला अब और गंभीर हो गया है। मृतक के पुत्र अनुराग गोस्वामी अपने समर्थकों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। परिजनों का आरोप है कि मुकदमा दर्ज न होने के कारण उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। अनुराग गोस्वामी ने अपनी शिकायत में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (सेवानिवृत्त) सहित कई अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायती पत्र के अनुसार, इन लोगों ने उनके पिता को झूठे एससी/एसटी एक्ट के मुकदमे में फंसाया, उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, झूठी गवाही दिलवाई और उनसे पांच लाख रुपये की अवैध मांग की। अनुराग का कहना है कि लगातार अपमान और मानसिक दबाव के कारण उनके पिता ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। परिजनों ने दावा किया है कि राजाराम गोस्वामी ने अपनी आत्महत्या से पूर्व पुलिस अधीक्षक, थाना बार और न्यायालय के नाम लिखित नोट छोड़े थे, जिनमें उनके साथ हुए उत्पीड़न का पूरा विवरण दिया गया है। इसी आधार पर परिवार ने सभी आरोपितों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।1