सलकनपुर मंदिर परिक्रमा मार्ग पर कार दौड़ने का वीडियो वायरल, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल सीहोर। जिले के प्रसिद्ध मां विजयासन देवी धाम, सलकनपुर से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक कार मंदिर के परिक्रमा मार्ग पर घूमती नजर आ रही है। यह वही मार्ग है जहां आमतौर पर श्रद्धालुओं के अलावा किसी भी वाहन की आवाजाही पर प्रतिबंध रहता है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद वाहन परिक्रमा मार्ग तक पहुंच गया। घटना के दौरान आसपास श्रद्धालुओं की मौजूदगी भी बताई जा रही है, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं, इस घटना ने मंदिर प्रबंधन और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। फिलहाल, इस मामले को लेकर मंदिर समिति और प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
सलकनपुर मंदिर परिक्रमा मार्ग पर कार दौड़ने का वीडियो वायरल, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल सीहोर। जिले के प्रसिद्ध मां विजयासन देवी धाम, सलकनपुर से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक कार मंदिर के परिक्रमा मार्ग पर घूमती नजर आ रही है। यह वही मार्ग है जहां आमतौर पर श्रद्धालुओं के अलावा किसी भी वाहन की आवाजाही पर प्रतिबंध रहता है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद वाहन परिक्रमा मार्ग तक पहुंच गया। घटना के दौरान आसपास श्रद्धालुओं की मौजूदगी भी बताई जा रही है, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं, इस घटना ने मंदिर प्रबंधन और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। फिलहाल, इस मामले को लेकर मंदिर समिति और प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
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- सलकनपुर मंदिर परिक्रमा मार्ग पर कार दौड़ने का वीडियो वायरल, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल सीहोर। जिले के प्रसिद्ध मां विजयासन देवी धाम, सलकनपुर से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक कार मंदिर के परिक्रमा मार्ग पर घूमती नजर आ रही है। यह वही मार्ग है जहां आमतौर पर श्रद्धालुओं के अलावा किसी भी वाहन की आवाजाही पर प्रतिबंध रहता है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद वाहन परिक्रमा मार्ग तक पहुंच गया। घटना के दौरान आसपास श्रद्धालुओं की मौजूदगी भी बताई जा रही है, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं, इस घटना ने मंदिर प्रबंधन और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। फिलहाल, इस मामले को लेकर मंदिर समिति और प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।1
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- कुछ दिनों पूर्व इंदौर शहर में सोशल मीडिया ग्रुप्स में युवक ने कार से स्टंट स्टंट करते हुए वीडियो किया था वायरस वायरल हुई वीडियो रील में एक व्यक्ति सफेद कार के दरवाजे पर खतरनाक स्टंट करते हुए दिया दिखाई थाना रावजी बाजार पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए त्वरित की कार्रवाई युवक पर लगाया 3000 से अधिक का जुर्माना युवक ने हाथ जोड़कर मांगी माफी भविष्य में ऐसा कृत्य न करने की सख्त दी चेतावनी1
- *केयर सीएचएल हॉस्पिटल, इंदौर द्वारा ‘लिटिल चैंपियंस मीट’ का सफल आयोजन* बच्चों की हिम्मत, जज़्बे और मुस्कान को समर्पित ‘लिटिल चैंपियंस मीट’ का आयोजन *इंदौर।* बच्चों की हिम्मत, जज़्बे और मुस्कान को समर्पित ‘लिटिल चैंपियंस मीट’ का आयोजन केयर सीएचएल हॉस्पिटल, इंदौर द्वारा सफलतापूर्वक किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में लगभग 20 बच्चों और उनके परिवारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य उन नन्हे योद्धाओं का सम्मान करना था, जिन्होंने कम उम्र में ही स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करते हुए अद्भुत साहस और दृढ़ता का परिचय दिया है। एनआईसीयू से बाहर आए हुए ये बच्चे आज स्वस्थ जीवनयापन कर रहे हैं। हॉस्पिटल के ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों और उनके परिजनों के साथ एक भावनात्मक और प्रेरणादायक संवाद स्थापित किया गया। इस दौरान बच्चों और उनके परिवारों ने अपने अनुभव, संघर्ष और सफलता की कहानियाँ साझा कीं, जिसने पूरे वातावरण को भावुक और प्रेरणादायक बना दिया। कार्यक्रम में मनोरंजन, इंटरैक्टिव गतिविधियाँ और बच्चों के लिए विशेष सरप्राइज भी शामिल रहे, जिससे यह दिन सभी के लिए यादगार बन गया। *11 महीने की मायरा के परिजनों ने बताया कि* मां को गर्भावस्था के सातवें महीने में कोल्ड कफ की दिक्कत हुई और परेशानियां बढ़ने लगी, लगातार क्लिनिक के चक्कर लगाने पड़ रहे थे लेकिन नतीजा शून्य था। तब वे केयर सीएचएल हॉस्पिटल आए इस समय तक मां की हालत और गंभीर हो गई थी। सीजेरियन पद्धति में बच्ची का जन्म हुआ। हॉस्पिटल के एनआईसीयू में बच्चे का खास ख्याल रखा गया। आज मायरा एक वर्ष की होने को है एवं स्वस्थ जीवन जी रही है। *विराज के अभिभावकों ने बताया कि* मां को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी थी, मां का ब्लड ग्रुप भी ए नेगेटिव था इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान परिजन काफी डर गए थे, डिलीवरी होने के बाद भी बच्चे ने रिस्पॉन्स नहीं दिया लेकिन डॉक्टर्स ने मेडिकल प्रैक्टिस के माध्यम से उसे रिवाइब किया गया, लेकिन तुरंत बाद उसको एनआईसीयू में भर्ती करना पड़ा, बच्चे को पीलिया हुआ लेकिन केयर सीएचएल हॉस्पिटल के डॉक्टर्स और पूरी टीम ने अपने प्रयास जारी रही; आज बच्चा 7 वर्ष का है और पूरी तरह से स्वस्थ जीवन जी रहा है। *केयर सीएचएल हॉस्पिटल के एचसीओओ (हॉस्पिटल चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर) श्री मनीष गुप्ता ने कहा,* “हमारा उद्देश्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि मरीजों और उनके परिवारों के साथ एक भावनात्मक जुड़ाव बनाना भी है। ‘लिटिल चैंपियंस मीट’ उन बच्चों के साहस को सलाम करने का एक प्रयास है, जिन्होंने अपनी छोटी उम्र में बड़ी लड़ाइयाँ जीती हैं। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और बच्चों के आत्मविश्वास को और मजबूत बनाते हैं।” *केयर सीएचएल हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष जैन ने कहा,* “हर बच्चा अपने आप में एक चैंपियन होता है, लेकिन जो बच्चे स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से उबरते हैं, वे वास्तव में प्रेरणा के स्रोत बन जाते हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से हम उनके जज़्बे को पहचान देने के साथ-साथ उन्हें एक खुशहाल और सकारात्मक माहौल प्रदान करने में सफल रहे।” *केयर सीएचएल हॉस्पिटल के कंसल्टेंट, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ पिपरसानिया ने बताया,* “बच्चों का मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना उनका शारीरिक स्वास्थ्य। इस तरह के आयोजनों से बच्चों को एक ऐसा मंच मिलता है, जहां वे खुद को खास महसूस करते हैं और उनके आत्मबल में वृद्धि होती है।” *वहीं केयर सीएचएल हॉस्पिटल के सीनियर चाइल्ड आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. पुष्पवर्धन मंडलेचा ने कहा,* “बच्चों में कम उम्र से भी जोड़ रोग समस्याएं होने लगती है। इसका विशेष ख्याल रखें और डॉक्टर से तुरंत सलाह लें। माता-पिता के लिए अपने बच्चों को स्वस्थ और खुश देखना सबसे बड़ी खुशी होती है। ‘लिटिल चैंपियंस मीट’ न केवल बच्चों बल्कि उनके परिवारों के लिए भी एक सशक्त अनुभव रहा, जहां उन्होंने अपनी यात्रा साझा की और एक-दूसरे से प्रेरणा ली।” केयर सीएचएल हॉस्पिटल, इंदौर द्वारा आयोजित यह पहल न केवल बच्चों के साहस का उत्सव बनी, बल्कि समाज में सकारात्मकता और उम्मीद का संदेश भी दे गई।1
- मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के महू क्षेत्र के दातोदा गांव से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां देश की सेवा में तैनात एक आर्मी जवान की पैतृक जमीन पर कब्जा करने की साजिश सामने आ रही है। जानकारी के मुताबिक, जमीन का खसरा नंबर 269/1, जो सड़क किनारे स्थित था, उसका नक्शा बदलकर पीछे कर दिया गया, जबकि खसरा नंबर 269/4 को आगे दर्शाया गया है। इस मामले में अपर कलेक्टर द्वारा जांच में स्पष्ट रूप से त्रुटि पाई गई और सुधार के आदेश भी जारी किए गए। लेकिन हैरानी की बात यह है कि आदेश के 2 महीने बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। पीड़ित आर्मी जवान ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से गुहार लगाई है कि उसकी समस्या का जल्द समाधान किया जाए, क्योंकि वह ड्यूटी पर तैनात है और बार-बार छुट्टी लेकर नहीं आ सकता। यह मामला प्रशासनिक लापरवाही और जमीन माफिया की मिलीभगत की ओर इशारा करता है। 📌 क्या आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित हैं? 📌 क्या एक सैनिक को अपनी ही जमीन के लिए संघर्ष करना पड़ेगा?1
- मालवा मिल पर नगर निगम मोबाइ कोर्ट के चलने कार्रवाई का भारी विरोध इंदौर मालवा मिल चलानी कार्यवाही से नाराज़ हुए व्यापारियों ने किए रास्ता जमा1
- लोकायुक्त इंदौर की टीम ने पुलिस थाने के एएसआई रवींद्र कुमार गुरु को सात हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा है। जान से मारने की धमकी की शिकायत के निराकरण के लिए एएसआई ने 20 हजार रुपए की डिमांड की थी। बाद में 10 हजार रुपए देना तय हुआ। इसमें से तीन हजार रुपए गुरुवार को दिए गए। शुक्रवार को बाकी सात हजार रुपए यहां बस स्टैंड क्षेत्र में देने के दौरान लोकायुक्त की टीम ने एएसआई को पकड़ा। कार्यवाहक निरीक्षक सचिन पटेरिया ने बताया ग्राम चंदावड़ तहसील भगवानपुरा के 69 वर्षीय किसान श्यामलाल उपाध्याय ने लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत दर्ज कराई थी। उपाध्याय के अनुसार कसरावद थाने पर उनके खिलाफ राजेश बागदरे कसरावद ने जान से मारने की धमकी की शिकायत की थी। इसी मामले के निराकरण के लिए एएसआई ने उपाध्याय से 20 हजार रुपए की मांग की जा रही थी। शुक्रवार को ट्रैप दल का गठन किया गया। योजना के अनुसार बस स्टैंड पर जैसे ही आरोपी एएसआई ने आवेदक उपाध्याय से सात हजार रुपए लिए, लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया। थाने बुला कर प्रताड़ना उपाध्याय ने बताया करीब एक माह पहले उनके खिलाफ जान से मारने की धमकी की झूठी शिकायत की गई। विधायक सचिन यादव के माध्यम से शिकायत का निराकरण भी करवा दिया गया। इसके बाद भी उन्हें कई बार थाने बुलाकर प्रताड़ित किया गया। एएसआई द्वारा टीआई का नाम लेते हुए 20 हजार रुपए की मांग की जा रही थी। उन्होंने बताया कि खरगोन की एक महिला पार्षद (अरुणा उपाध्याय) पहले उनके संरक्षण में थी। बाद में वह राजेश बागदरे के पक्ष में चली गई। इसको लेकर पहले भी दो बार बागदरे ने उनकी शिकायत की थी। इसको लेकर एसपी कार्यालय में आवेदन भी दिया था।1