मध्यप्रदेश के सिंगरौली की गृहिणी मीरा सिंह चंदेल ने घर और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच अपने प्रयास, आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत के दम पर आय का एक नया रास्ता तैयार किया है, जिससे उन्होंने न सिर्फ अपनी पहचान बनाई, बल्कि आत्मनिर्भरता की मिसाल भी पेश की है। आज वह कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं। मीरा सिंह चंदेल ने लोगों को अपने साथ जोड़ते हुए एक अलग पहचान बनाई और कम समय में आय अर्जित कर यह साबित किया कि मजबूत इच्छाशक्ति वाली गृहिणियां भी घर बैठे अपने सपनों को नई उड़ान दे सकती हैं। वह अब खुद आगे बढ़ने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी मार्गदर्शन देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं, जिससे कई महिलाएं उनसे जुड़कर एक नई शुरुआत करने का हौसला जुटा रही हैं। मीरा सिंह चंदेल का मानना है कि महिलाओं में अपार क्षमता होती है और उन्हें केवल सही दिशा, मेहनत और आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है। उनका कहना है कि घर की जिम्मेदारियों के साथ भी महिलाएं अपना बेहतर भविष्य बना सकती हैं और आर्थिक रूप से मजबूत बन सकती हैं। उन्होंने कहा, “अगर मैंने कर दिखाया, तो आप भी कर सकती हैं।” उनकी यह यात्रा उन महिलाओं के लिए प्रेरणादायक मानी जा रही है, जो घर की जिम्मेदारियों के चलते अपने सपनों को पीछे छोड़ देती हैं, और यह संदेश देती है कि आत्मनिर्भरता की शुरुआत घर से भी की जा सकती है, बस हौसला और लगन होनी चाहिए।
मध्यप्रदेश के सिंगरौली की गृहिणी मीरा सिंह चंदेल ने घर और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच अपने प्रयास, आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत के दम पर आय का एक नया रास्ता तैयार किया है, जिससे उन्होंने न सिर्फ अपनी पहचान बनाई, बल्कि आत्मनिर्भरता की मिसाल भी पेश की है। आज वह कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं। मीरा सिंह चंदेल ने लोगों को अपने साथ जोड़ते हुए एक अलग पहचान बनाई और कम समय में आय अर्जित कर यह साबित किया
कि मजबूत इच्छाशक्ति वाली गृहिणियां भी घर बैठे अपने सपनों को नई उड़ान दे सकती हैं। वह अब खुद आगे बढ़ने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी मार्गदर्शन देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं, जिससे कई महिलाएं उनसे जुड़कर एक नई शुरुआत करने का हौसला जुटा रही हैं। मीरा सिंह चंदेल का मानना है कि महिलाओं में अपार क्षमता होती है और उन्हें केवल सही दिशा, मेहनत और आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है। उनका कहना है कि घर
की जिम्मेदारियों के साथ भी महिलाएं अपना बेहतर भविष्य बना सकती हैं और आर्थिक रूप से मजबूत बन सकती हैं। उन्होंने कहा, “अगर मैंने कर दिखाया, तो आप भी कर सकती हैं।” उनकी यह यात्रा उन महिलाओं के लिए प्रेरणादायक मानी जा रही है, जो घर की जिम्मेदारियों के चलते अपने सपनों को पीछे छोड़ देती हैं, और यह संदेश देती है कि आत्मनिर्भरता की शुरुआत घर से भी की जा सकती है, बस हौसला और लगन होनी चाहिए।
- सतना में ज़िला अधिवक्ता संघ के आगामी चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं। अध्यक्ष पद के दावेदार और पिछले 26 वर्षों से क्रिमिनल लॉयर के तौर पर प्रैक्टिस कर रहे एडवोकेट प्रदीप पांडे ने 'उद्घोष समय' न्यूज़ चैनल से खास बातचीत में अपना विजन और घोषणा पत्र साझा किया। उन्होंने पूर्व पदाधिकारियों पर वकीलों की मूलभूत समस्याओं को नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाते हुए अपने कार्यकाल के लिए कई बड़े वादे किए हैं। पांडे ने युवा अधिवक्ताओं की आर्थिक सुरक्षा पर विशेष ज़ोर दिया। उन्होंने वादा किया कि वकालत के शुरुआती 1 से 12 वर्षों तक आर्थिक संकट का सामना करने वाले युवा वकीलों को, यदि वे अपनी निजी ज़रूरतों के लिए पर्याप्त कमाई न कर पाने का घोषणा पत्र देते हैं, तो संघ की ओर से ₹12,000 से ₹15,000 प्रति माह की आर्थिक सहायता मिलेगी। इसके अलावा, उन्होंने चैंबरों की भारी कमी को दूर करने का आश्वासन देते हुए कहा कि चुनाव जीतने के महज़ 5 दिन के भीतर ही अधिवक्ता चैंबर निर्माण का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। वृद्धावस्था में वकीलों की सुरक्षा के लिए, उन्होंने 35 वर्ष की प्रैक्टिस पूरी करने या लाइसेंस सरेंडर करने वाले वकीलों को ₹10 लाख की एकमुश्त राशि और ₹15,000 से ₹25,000 प्रति माह पेंशन दिलाने के लिए शासन पर दबाव बनाने का प्रस्ताव रखा। साथ ही, पारिवारिक पेंशन योजना लागू करने और आकस्मिक मृत्यु या विकलांगता की स्थिति में राज्य परिषद द्वारा दी जाने वाली ₹2-₹10 लाख की सहायता राशि को राज्य सरकार के समक्ष बढ़ाकर दिलाने की पुरज़ोर मांग रखने की बात कही। उन्होंने न्यायालय परिसर में पानी की निकासी, नालियों, पीने के पानी और शौचालयों जैसी मूलभूत सुविधाओं की दुर्दशा पर चिंता जताते हुए इन्हें दुरुस्त करने को प्राथमिकता बताया। अंत में, एडवोकेट प्रदीप पांडे ने सभी अधिवक्ताओं से अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि पूर्व पदाधिकारियों ने वकीलों को वे सहयोग और सुविधाएं नहीं दीं जिनके वे हक़दार थे। पांडे ने भरोसा दिलाया कि वे चुनाव जीतने के बाद 'पदाधिकारी नहीं, बल्कि हर अधिवक्ता के पास एक 'सेवक' के रूप में उपस्थित रहेंगे।2
- भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा राहुल गांधी को परशुराम का रूप देकर उन पर दूध चढ़ाने की घटना की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने इसे सनातन धर्म का घोर अपमान बताया है और भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि सनातन के अपमान के बावजूद वह इस कृत्य को समर्थन दे रही है, क्योंकि अभी तक इस मामले में एफआईआर दर्ज कर किसी को जेल नहीं भेजा गया है। भारतीय जन मोर्चा पार्टी के राष्ट्रीय सचिव जितेंद्र राय ने कहा कि इस घटना से लगता है कि सवर्णों को दोयम दर्जे का नागरिक बना दिया गया है, जिसके कारण उनके भगवान का अपमान करने वाले लोग अभी भी खुले घूम रहे हैं। पार्टी ने कांग्रेसियों की इस 'गंदी मानसिकता' का पुरजोर विरोध किया है। जितेंद्र राय ने सरकार से तत्काल मांग की है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर दोषियों को तुरंत जेल भेजा जाए।1
- चित्रकूट आबकारी विभाग जनपद में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए एक विशेष प्रवर्तन अभियान चला रहा है। यह कार्रवाई माननीय आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश के आदेशानुसार और जिलाधिकारी चित्रकूट, श्री पुलकित गर्ग के कुशल निर्देशन में की जा रही है। इसी क्रम में, जिला आबकारी अधिकारी, चित्रकूट के नेतृत्व में आबकारी टीम ने कर्वी थाना क्षेत्र के ग्राम कपसेठी में मंदाकिनी नदी के किनारे संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी और सघन तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान लगभग 600 किलोग्राम लहन बरामद किया गया, जिसे मौके पर ही विधिपूर्वक नष्ट कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, दबिश में 40 लीटर अवैध शराब भी जब्त की गई। इस संबंध में, संयुक्त प्रांत आबकारी अधिनियम, 1910 (यथा संशोधित) की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत 3 अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि जनपद में अवैध मदिरा के व्यापार में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत कठोर कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।1
- न्यू तक्षशिला कॉन्वेंट स्कूल, बिरसिंहपुर, शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को संस्कार देने पर जोर देता है। स्कूल का मानना है कि हर बच्चा अपने साथ एक सपना लेकर आता है, और उनकी कोशिश सिर्फ पढ़ाने की नहीं, बल्कि उस सपने को पहचानकर उसे उड़ान देना है। बड़े वादे करने के बजाय, यह स्कूल रोज़ छोटे-छोटे प्रयासों के माध्यम से अपनी पहचान बनाता है। न्यू तक्षशिला कॉन्वेंट स्कूल में नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के लिए प्रवेश खुले हैं, अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9109050582 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- चित्रकूट जनपद के ग्राम रामनगर में एक पैर से दिव्यांग बुजुर्ग ने आरोप लगाया है कि पिछले 15-20 दिनों से उनके घर की पानी की टोटी में जलापूर्ति पूरी तरह ठप है। बुजुर्ग ने बताया कि अपनी दिव्यांगता के कारण पानी की व्यवस्था करना उनके लिए अत्यंत कठिन हो गया है, जिससे उनका दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। क्षेत्र के अन्य ग्रामीणों ने भी पुष्टि की है कि पेयजल संकट की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। उन्होंने संबंधित विभाग से इस ओर तत्काल ध्यान देने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जिम्मेदार अधिकारी जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करें और नियमित जलापूर्ति बहाल करें, ताकि स्थानीय लोगों को राहत मिल सके।1
- मौसम विभाग ने देश के कई क्षेत्रों में आगामी बारिश, तेज हवाओं और बदलते मौसम को लेकर एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी के मद्देनजर, लोगों को आवश्यक सावधानी बरतने और मौसम से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है। विभाग ने आगाह किया है कि मौसम में हो रहे इन बदलावों के कारण कुछ प्रभावित क्षेत्रों में दैनिक जीवन और यातायात पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।1
- मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में एक बार फिर बेशकीमती हीरे की चमक सामने आई है। जिले के जरुआपुर ग्राम स्थित उथली हीरा खदान में 6.54 कैरेट का उज्ज्वल किस्म का हीरा मिला है, जिसकी अनुमानित कीमत 20 लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है। जानकारी के अनुसार, यह बहुमूल्य हीरा मीरा सिंह नामक महिला को प्राप्त हुआ है। मीरा सिंह ने मार्च माह में हीरा खदान का पट्टा लिया था और तब से लगातार खनन कार्य कर रही थीं, जिसकी मेहनत रंग लाई और उन्हें यह बेशकीमती हीरा मिला। इस खोज के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।1
- देशभर में डिजिटल दस्तावेजों का उपयोग बढ़ रहा है, जिससे ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन से जुड़े अन्य कागजात अब मोबाइल ऐप्स के माध्यम से सुरक्षित रखे जा सकते हैं। इस सुविधा के चलते लोगों को अब भौतिक दस्तावेज साथ रखने की जरूरत कम हो गई है, वहीं इन दस्तावेजों तक पहुंच भी पहले से कहीं अधिक आसान हो गई है। डिजिटल सेवाओं के निरंतर विस्तार के साथ, इस सुविधा का उपयोग भी लगातार बढ़ता जा रहा है।1