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देशभर में डिजिटल दस्तावेजों का उपयोग बढ़ रहा है, जिससे ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन से जुड़े अन्य कागजात अब मोबाइल ऐप्स के माध्यम से सुरक्षित रखे जा सकते हैं। इस सुविधा के चलते लोगों को अब भौतिक दस्तावेज साथ रखने की जरूरत कम हो गई है, वहीं इन दस्तावेजों तक पहुंच भी पहले से कहीं अधिक आसान हो गई है। डिजिटल सेवाओं के निरंतर विस्तार के साथ, इस सुविधा का उपयोग भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
Dilip Kumar Bharti
देशभर में डिजिटल दस्तावेजों का उपयोग बढ़ रहा है, जिससे ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन से जुड़े अन्य कागजात अब मोबाइल ऐप्स के माध्यम से सुरक्षित रखे जा सकते हैं। इस सुविधा के चलते लोगों को अब भौतिक दस्तावेज साथ रखने की जरूरत कम हो गई है, वहीं इन दस्तावेजों तक पहुंच भी पहले से कहीं अधिक आसान हो गई है। डिजिटल सेवाओं के निरंतर विस्तार के साथ, इस सुविधा का उपयोग भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
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- देशभर में डिजिटल दस्तावेजों का उपयोग बढ़ रहा है, जिससे ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन से जुड़े अन्य कागजात अब मोबाइल ऐप्स के माध्यम से सुरक्षित रखे जा सकते हैं। इस सुविधा के चलते लोगों को अब भौतिक दस्तावेज साथ रखने की जरूरत कम हो गई है, वहीं इन दस्तावेजों तक पहुंच भी पहले से कहीं अधिक आसान हो गई है। डिजिटल सेवाओं के निरंतर विस्तार के साथ, इस सुविधा का उपयोग भी लगातार बढ़ता जा रहा है।1
- पुलिस ने तीन ऐसे अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है जो साधु-संत का भेष धारण कर लोगों को धन दोगुना करने का लालच देकर चोरी और टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देते थे।1
- पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के सख्त निर्देशों के बाद बाँदा में अपराधियों पर शिकंजा कसा गया है। इसी कड़ी में तिंदवारी पुलिस ने साधु-संत का वेश धारण कर लोगों को ठगने वाले तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। ये ठग भोले-भाले लोगों को 'रुपए दोगुना' करने का लालच देकर उनकी जेब काटते थे। हाल ही में 18 जून को हुई एक घटना के अनुसार, फतेहपुर के मनीष साहू जब बाँदा आ रहे थे, तब बेंदाघाट चौराहे पर उन्हें एक 'साधु' मिला। इस 'साधु' ने मनीष को रुपए दोगुना करने का झांसा दिया। इसी बीच, एक चारपहिया गाड़ी से दो अन्य लोग उतरे और मनीष की गाड़ी से 50 हजार रुपए लेकर तीनों उसी गाड़ी से फरार हो गए। इस सूचना के बाद थाना तिंदवारी में तत्काल मुकदमा दर्ज कर एक टीम का गठन किया गया। वैज्ञानिक तरीकों और मुखबिर की मदद से पुलिस टीम ने 19/20 जून की दरमियानी रात भिडौरा रोड से तीनों ठगों को दबोच लिया। इनके पास से 75,200 रुपए नगद, एक चार पहिया गाड़ी, एक अवैध तमंचा 315 बोर और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। गिरफ्तार किए गए ठगों की पहचान अजय नाथ (पिंगरी, फरह, मथुरा), नवाब नाथ (विसरख सेक्टर-1, गौतमबुद्ध नगर) और गौरव नाथ (अछेजा, हसनपुर, पलवल हरियाणा) के रूप में हुई है। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने इस संबंध में कहा है कि बाँदा में अब ठगों और बदमाशों की खैर नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों का भेष कोई भी हो, जो जनता को ठगेगा वह सीधे जेल जाएगा। एसपी ने तिंदवारी पुलिस के इस शानदार काम की सराहना करते हुए बताया कि इस पूरे गिरोह को खंगाला जा रहा है, और यह भी सामने आएगा कि उन्होंने और कहाँ-कहाँ ठगी की है। उन्होंने जनता से अपील की कि ऐसे लालची लोगों से सावधान रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति की बातों पर न फंसे, क्योंकि लालच बुरी बला है।2
- आज अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज द्वारा थाना मटौंध का गहन निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने मिशन शक्ति केंद्र, महिला हेल्प डेस्क, थाना कार्यालय और परिसर, विभिन्न अभिलेखों, मालखाना, शस्त्रागार, कंप्यूटर कक्ष, बैरक, मेस तथा थाने की साफ-सफाई का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण के बाद, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पाई गई कमियों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इसके अतिरिक्त, अभिलेखों के समुचित रख-रखाव और नियमित अद्यतनीकरण सुनिश्चित करने, लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने तथा जनसुनवाई की गुणवत्ता में सुधार लाने हेतु भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस कर्मियों को आमजन के प्रति संवेदनशील और तत्पर रहकर कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया।1
- सतना में ज़िला अधिवक्ता संघ के आगामी चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं। अध्यक्ष पद के दावेदार और पिछले 26 वर्षों से क्रिमिनल लॉयर के तौर पर प्रैक्टिस कर रहे एडवोकेट प्रदीप पांडे ने 'उद्घोष समय' न्यूज़ चैनल से खास बातचीत में अपना विजन और घोषणा पत्र साझा किया। उन्होंने पूर्व पदाधिकारियों पर वकीलों की मूलभूत समस्याओं को नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाते हुए अपने कार्यकाल के लिए कई बड़े वादे किए हैं। पांडे ने युवा अधिवक्ताओं की आर्थिक सुरक्षा पर विशेष ज़ोर दिया। उन्होंने वादा किया कि वकालत के शुरुआती 1 से 12 वर्षों तक आर्थिक संकट का सामना करने वाले युवा वकीलों को, यदि वे अपनी निजी ज़रूरतों के लिए पर्याप्त कमाई न कर पाने का घोषणा पत्र देते हैं, तो संघ की ओर से ₹12,000 से ₹15,000 प्रति माह की आर्थिक सहायता मिलेगी। इसके अलावा, उन्होंने चैंबरों की भारी कमी को दूर करने का आश्वासन देते हुए कहा कि चुनाव जीतने के महज़ 5 दिन के भीतर ही अधिवक्ता चैंबर निर्माण का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। वृद्धावस्था में वकीलों की सुरक्षा के लिए, उन्होंने 35 वर्ष की प्रैक्टिस पूरी करने या लाइसेंस सरेंडर करने वाले वकीलों को ₹10 लाख की एकमुश्त राशि और ₹15,000 से ₹25,000 प्रति माह पेंशन दिलाने के लिए शासन पर दबाव बनाने का प्रस्ताव रखा। साथ ही, पारिवारिक पेंशन योजना लागू करने और आकस्मिक मृत्यु या विकलांगता की स्थिति में राज्य परिषद द्वारा दी जाने वाली ₹2-₹10 लाख की सहायता राशि को राज्य सरकार के समक्ष बढ़ाकर दिलाने की पुरज़ोर मांग रखने की बात कही। उन्होंने न्यायालय परिसर में पानी की निकासी, नालियों, पीने के पानी और शौचालयों जैसी मूलभूत सुविधाओं की दुर्दशा पर चिंता जताते हुए इन्हें दुरुस्त करने को प्राथमिकता बताया। अंत में, एडवोकेट प्रदीप पांडे ने सभी अधिवक्ताओं से अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि पूर्व पदाधिकारियों ने वकीलों को वे सहयोग और सुविधाएं नहीं दीं जिनके वे हक़दार थे। पांडे ने भरोसा दिलाया कि वे चुनाव जीतने के बाद 'पदाधिकारी नहीं, बल्कि हर अधिवक्ता के पास एक 'सेवक' के रूप में उपस्थित रहेंगे।2
- बांदा अब सिर्फ एक जिला नहीं बल्कि 'तापमान की प्रयोगशाला' बनता जा रहा है, जहाँ सूरज की गर्मी के लिए भी इंसानों द्वारा बनाई गई व्यवस्थाओं को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। मूल पोस्ट में तीखे सवाल उठाए गए हैं कि जिस धरती को रोशनी मिली, वहाँ इंसानों ने ऐसी परिस्थितियाँ क्यों बनाईं कि अब गर्मी का दोष भी उसी पर मढ़ा जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, छह वैज्ञानिकों की एक टीम तापमान नापने, हवा की दिशा और मिट्टी की नमी जाँचने के लिए शोध करेगी। हालाँकि, पोस्ट में यह सवाल उठाया गया है कि क्या कोई वैज्ञानिक उस लालच का तापमान भी मापेगा, जिसने पेड़ों को लकड़ी और पहाड़ों को खदान में बदल दिया, या उस व्यवस्था को जो प्रकृति को केवल कमाई का जरिया मानती है। यह विडंबना है कि पहले पेड़ काटे गए, फिर छांव खोजी गई; पहले तालाब पाटे गए, फिर जल संरक्षण की योजनाएं बनीं; और पहले खनन से धरती की छाती छलनी की गई, फिर पूछा गया कि गर्मी इतनी क्यों बढ़ रही है। इसे ऐसे दर्शाया गया है मानो कोई व्यक्ति खुद अपने घर में आग लगाए और फिर वैज्ञानिकों से पूछे कि आग लगी कैसे। यह अंदेशा जताया गया है कि अब अभियान चलेंगे, पौधे लगेंगे, भाषण होंगे और तस्वीरें खिंचेंगी, जिससे फाइलों में तो हरियाली उग आएगी, लेकिन धरती के घाव केवल ईमानदार संरक्षण से भरेंगे, न कि कागजों पर उगाए गए जंगलों से। वैज्ञानिक रिपोर्ट भले ही बांदा के तापमान बढ़ने का कारण बता दे, लेकिन इतिहास एक और सवाल पूछेगा कि जब पेड़ कट रहे थे, नदियाँ सूख रही थीं और धरती खोखली हो रही थी, तब जिम्मेदार लोग किस मौसम का आनंद ले रहे थे। सबसे बड़ा डर यह नहीं है कि बांदा दुनिया के सबसे गर्म इलाकों में गिना जाएगा, बल्कि यह है कि आने वाली पीढ़ियाँ यह न कहें कि यह वह जगह है जहाँ इंसानों ने पहले प्रकृति को जलाया और फिर उसकी राख का वैज्ञानिक अध्ययन कराया। पोस्ट अंत में सवाल करता है कि बांदा इतना तपा कि वैज्ञानिक तो आ रहे हैं, लेकिन क्या कभी ज़मीर का तापमान भी नापा जाएगा?1
- भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा राहुल गांधी को परशुराम का रूप देकर उन पर दूध चढ़ाने की घटना की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने इसे सनातन धर्म का घोर अपमान बताया है और भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि सनातन के अपमान के बावजूद वह इस कृत्य को समर्थन दे रही है, क्योंकि अभी तक इस मामले में एफआईआर दर्ज कर किसी को जेल नहीं भेजा गया है। भारतीय जन मोर्चा पार्टी के राष्ट्रीय सचिव जितेंद्र राय ने कहा कि इस घटना से लगता है कि सवर्णों को दोयम दर्जे का नागरिक बना दिया गया है, जिसके कारण उनके भगवान का अपमान करने वाले लोग अभी भी खुले घूम रहे हैं। पार्टी ने कांग्रेसियों की इस 'गंदी मानसिकता' का पुरजोर विरोध किया है। जितेंद्र राय ने सरकार से तत्काल मांग की है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर दोषियों को तुरंत जेल भेजा जाए।1
- बांदा जिले से मिली जानकारी के अनुसार, तिंदवारी पुलिस ने लोगों को धन दोगुना करने का लालच देकर चोरी और टप्पेबाजी करने वाले तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये अभियुक्त साधु-संत का भेष धारण कर अपनी वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों ने फतेहपुर निवासी एक व्यक्ति से ₹50,000 की टप्पेबाजी की थी। मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने तीनों अभियुक्तों को भिडौरा रोड से धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के कब्जे से ₹75,200 नकद, वारदात में इस्तेमाल किया गया एक चारपहिया वाहन, एक अवैध 315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने साधु का वेश धारण कर लोगों का विश्वास जीतने और फिर धन दोगुना करने का झांसा देकर नकदी व आभूषण ठगने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब इन अपराधियों के अन्य आपराधिक मामलों और इनके साथियों की भी जाँच कर रही है।4