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बांदा अब सिर्फ एक जिला नहीं बल्कि 'तापमान की प्रयोगशाला' बनता जा रहा है, जहाँ सूरज की गर्मी के लिए भी इंसानों द्वारा बनाई गई व्यवस्थाओं को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। मूल पोस्ट में तीखे सवाल उठाए गए हैं कि जिस धरती को रोशनी मिली, वहाँ इंसानों ने ऐसी परिस्थितियाँ क्यों बनाईं कि अब गर्मी का दोष भी उसी पर मढ़ा जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, छह वैज्ञानिकों की एक टीम तापमान नापने, हवा की दिशा और मिट्टी की नमी जाँचने के लिए शोध करेगी। हालाँकि, पोस्ट में यह सवाल उठाया गया है कि क्या कोई वैज्ञानिक उस लालच का तापमान भी मापेगा, जिसने पेड़ों को लकड़ी और पहाड़ों को खदान में बदल दिया, या उस व्यवस्था को जो प्रकृति को केवल कमाई का जरिया मानती है। यह विडंबना है कि पहले पेड़ काटे गए, फिर छांव खोजी गई; पहले तालाब पाटे गए, फिर जल संरक्षण की योजनाएं बनीं; और पहले खनन से धरती की छाती छलनी की गई, फिर पूछा गया कि गर्मी इतनी क्यों बढ़ रही है। इसे ऐसे दर्शाया गया है मानो कोई व्यक्ति खुद अपने घर में आग लगाए और फिर वैज्ञानिकों से पूछे कि आग लगी कैसे। यह अंदेशा जताया गया है कि अब अभियान चलेंगे, पौधे लगेंगे, भाषण होंगे और तस्वीरें खिंचेंगी, जिससे फाइलों में तो हरियाली उग आएगी, लेकिन धरती के घाव केवल ईमानदार संरक्षण से भरेंगे, न कि कागजों पर उगाए गए जंगलों से। वैज्ञानिक रिपोर्ट भले ही बांदा के तापमान बढ़ने का कारण बता दे, लेकिन इतिहास एक और सवाल पूछेगा कि जब पेड़ कट रहे थे, नदियाँ सूख रही थीं और धरती खोखली हो रही थी, तब जिम्मेदार लोग किस मौसम का आनंद ले रहे थे। सबसे बड़ा डर यह नहीं है कि बांदा दुनिया के सबसे गर्म इलाकों में गिना जाएगा, बल्कि यह है कि आने वाली पीढ़ियाँ यह न कहें कि यह वह जगह है जहाँ इंसानों ने पहले प्रकृति को जलाया और फिर उसकी राख का वैज्ञानिक अध्ययन कराया। पोस्ट अंत में सवाल करता है कि बांदा इतना तपा कि वैज्ञानिक तो आ रहे हैं, लेकिन क्या कभी ज़मीर का तापमान भी नापा जाएगा?

13 hrs ago
user_Amod Kumar
Amod Kumar
रिपोर्टर बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
13 hrs ago

बांदा अब सिर्फ एक जिला नहीं बल्कि 'तापमान की प्रयोगशाला' बनता जा रहा है, जहाँ सूरज की गर्मी के लिए भी इंसानों द्वारा बनाई गई व्यवस्थाओं को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। मूल पोस्ट में तीखे सवाल उठाए गए हैं कि जिस धरती को रोशनी मिली, वहाँ इंसानों ने ऐसी परिस्थितियाँ क्यों बनाईं कि अब गर्मी का दोष भी उसी पर मढ़ा जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, छह वैज्ञानिकों की एक टीम तापमान नापने, हवा की दिशा और मिट्टी की नमी जाँचने के लिए शोध करेगी। हालाँकि, पोस्ट में यह सवाल उठाया गया है कि क्या कोई वैज्ञानिक उस लालच का तापमान भी मापेगा, जिसने पेड़ों को लकड़ी और पहाड़ों को खदान में बदल दिया, या उस व्यवस्था को जो प्रकृति को केवल कमाई का जरिया मानती है। यह विडंबना है कि पहले पेड़ काटे गए, फिर छांव खोजी गई; पहले तालाब पाटे गए, फिर जल संरक्षण की योजनाएं बनीं; और पहले खनन से धरती की छाती छलनी की गई, फिर पूछा गया कि गर्मी इतनी क्यों बढ़ रही है। इसे ऐसे दर्शाया गया है मानो कोई व्यक्ति खुद अपने घर में आग लगाए और फिर वैज्ञानिकों से पूछे कि आग लगी कैसे। यह अंदेशा जताया गया है कि अब अभियान चलेंगे, पौधे लगेंगे, भाषण होंगे और तस्वीरें खिंचेंगी, जिससे फाइलों में तो हरियाली उग आएगी, लेकिन धरती के घाव केवल ईमानदार संरक्षण से भरेंगे, न कि कागजों पर उगाए गए जंगलों से। वैज्ञानिक रिपोर्ट भले ही बांदा के तापमान बढ़ने का कारण बता दे, लेकिन इतिहास एक और सवाल पूछेगा कि जब पेड़ कट रहे थे, नदियाँ सूख रही थीं और धरती खोखली हो रही थी, तब जिम्मेदार लोग किस मौसम का आनंद ले रहे थे। सबसे बड़ा डर यह नहीं है कि बांदा दुनिया के सबसे गर्म इलाकों में गिना जाएगा, बल्कि यह है कि आने वाली पीढ़ियाँ यह न कहें कि यह वह जगह है जहाँ इंसानों ने पहले प्रकृति को जलाया और फिर उसकी राख का वैज्ञानिक अध्ययन कराया। पोस्ट अंत में सवाल करता है कि बांदा इतना तपा कि वैज्ञानिक तो आ रहे हैं, लेकिन क्या कभी ज़मीर का तापमान भी नापा जाएगा?

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  • पुलिस ने तीन ऐसे अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है जो साधु-संत का भेष धारण कर लोगों को धन दोगुना करने का लालच देकर चोरी और टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देते थे।
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    पुलिस ने तीन ऐसे अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है जो साधु-संत का भेष धारण कर लोगों को धन दोगुना करने का लालच देकर चोरी और टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देते थे।
    user_Surash Sahu
    Surash Sahu
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के सख्त निर्देशों के बाद बाँदा में अपराधियों पर शिकंजा कसा गया है। इसी कड़ी में तिंदवारी पुलिस ने साधु-संत का वेश धारण कर लोगों को ठगने वाले तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। ये ठग भोले-भाले लोगों को 'रुपए दोगुना' करने का लालच देकर उनकी जेब काटते थे। हाल ही में 18 जून को हुई एक घटना के अनुसार, फतेहपुर के मनीष साहू जब बाँदा आ रहे थे, तब बेंदाघाट चौराहे पर उन्हें एक 'साधु' मिला। इस 'साधु' ने मनीष को रुपए दोगुना करने का झांसा दिया। इसी बीच, एक चारपहिया गाड़ी से दो अन्य लोग उतरे और मनीष की गाड़ी से 50 हजार रुपए लेकर तीनों उसी गाड़ी से फरार हो गए। इस सूचना के बाद थाना तिंदवारी में तत्काल मुकदमा दर्ज कर एक टीम का गठन किया गया। वैज्ञानिक तरीकों और मुखबिर की मदद से पुलिस टीम ने 19/20 जून की दरमियानी रात भिडौरा रोड से तीनों ठगों को दबोच लिया। इनके पास से 75,200 रुपए नगद, एक चार पहिया गाड़ी, एक अवैध तमंचा 315 बोर और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। गिरफ्तार किए गए ठगों की पहचान अजय नाथ (पिंगरी, फरह, मथुरा), नवाब नाथ (विसरख सेक्टर-1, गौतमबुद्ध नगर) और गौरव नाथ (अछेजा, हसनपुर, पलवल हरियाणा) के रूप में हुई है। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने इस संबंध में कहा है कि बाँदा में अब ठगों और बदमाशों की खैर नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों का भेष कोई भी हो, जो जनता को ठगेगा वह सीधे जेल जाएगा। एसपी ने तिंदवारी पुलिस के इस शानदार काम की सराहना करते हुए बताया कि इस पूरे गिरोह को खंगाला जा रहा है, और यह भी सामने आएगा कि उन्होंने और कहाँ-कहाँ ठगी की है। उन्होंने जनता से अपील की कि ऐसे लालची लोगों से सावधान रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति की बातों पर न फंसे, क्योंकि लालच बुरी बला है।
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    पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के सख्त निर्देशों के बाद बाँदा में अपराधियों पर शिकंजा कसा गया है। इसी कड़ी में तिंदवारी पुलिस ने साधु-संत का वेश धारण कर लोगों को ठगने वाले तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। ये ठग भोले-भाले लोगों को 'रुपए दोगुना' करने का लालच देकर उनकी जेब काटते थे।

हाल ही में 18 जून को हुई एक घटना के अनुसार, फतेहपुर के मनीष साहू जब बाँदा आ रहे थे, तब बेंदाघाट चौराहे पर उन्हें एक 'साधु' मिला। इस 'साधु' ने मनीष को रुपए दोगुना करने का झांसा दिया। इसी बीच, एक चारपहिया गाड़ी से दो अन्य लोग उतरे और मनीष की गाड़ी से 50 हजार रुपए लेकर तीनों उसी गाड़ी से फरार हो गए।

इस सूचना के बाद थाना तिंदवारी में तत्काल मुकदमा दर्ज कर एक टीम का गठन किया गया। वैज्ञानिक तरीकों और मुखबिर की मदद से पुलिस टीम ने 19/20 जून की दरमियानी रात भिडौरा रोड से तीनों ठगों को दबोच लिया। इनके पास से 75,200 रुपए नगद, एक चार पहिया गाड़ी, एक अवैध तमंचा 315 बोर और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। गिरफ्तार किए गए ठगों की पहचान अजय नाथ (पिंगरी, फरह, मथुरा), नवाब नाथ (विसरख सेक्टर-1, गौतमबुद्ध नगर) और गौरव नाथ (अछेजा, हसनपुर, पलवल हरियाणा) के रूप में हुई है।

पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने इस संबंध में कहा है कि बाँदा में अब ठगों और बदमाशों की खैर नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों का भेष कोई भी हो, जो जनता को ठगेगा वह सीधे जेल जाएगा। एसपी ने तिंदवारी पुलिस के इस शानदार काम की सराहना करते हुए बताया कि इस पूरे गिरोह को खंगाला जा रहा है, और यह भी सामने आएगा कि उन्होंने और कहाँ-कहाँ ठगी की है। उन्होंने जनता से अपील की कि ऐसे लालची लोगों से सावधान रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति की बातों पर न फंसे, क्योंकि लालच बुरी बला है।
    user_Altmush Husain
    Altmush Husain
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • आज अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज द्वारा थाना मटौंध का गहन निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने मिशन शक्ति केंद्र, महिला हेल्प डेस्क, थाना कार्यालय और परिसर, विभिन्न अभिलेखों, मालखाना, शस्त्रागार, कंप्यूटर कक्ष, बैरक, मेस तथा थाने की साफ-सफाई का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण के बाद, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पाई गई कमियों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इसके अतिरिक्त, अभिलेखों के समुचित रख-रखाव और नियमित अद्यतनीकरण सुनिश्चित करने, लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने तथा जनसुनवाई की गुणवत्ता में सुधार लाने हेतु भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस कर्मियों को आमजन के प्रति संवेदनशील और तत्पर रहकर कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया।
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    आज अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज द्वारा थाना मटौंध का गहन निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने मिशन शक्ति केंद्र, महिला हेल्प डेस्क, थाना कार्यालय और परिसर, विभिन्न अभिलेखों, मालखाना, शस्त्रागार, कंप्यूटर कक्ष, बैरक, मेस तथा थाने की साफ-सफाई का बारीकी से अवलोकन किया।

निरीक्षण के बाद, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पाई गई कमियों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इसके अतिरिक्त, अभिलेखों के समुचित रख-रखाव और नियमित अद्यतनीकरण सुनिश्चित करने, लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने तथा जनसुनवाई की गुणवत्ता में सुधार लाने हेतु भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस कर्मियों को आमजन के प्रति संवेदनशील और तत्पर रहकर कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया।
    user_दुर्गेश कश्यप
    दुर्गेश कश्यप
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • बांदा अब सिर्फ एक जिला नहीं बल्कि 'तापमान की प्रयोगशाला' बनता जा रहा है, जहाँ सूरज की गर्मी के लिए भी इंसानों द्वारा बनाई गई व्यवस्थाओं को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। मूल पोस्ट में तीखे सवाल उठाए गए हैं कि जिस धरती को रोशनी मिली, वहाँ इंसानों ने ऐसी परिस्थितियाँ क्यों बनाईं कि अब गर्मी का दोष भी उसी पर मढ़ा जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, छह वैज्ञानिकों की एक टीम तापमान नापने, हवा की दिशा और मिट्टी की नमी जाँचने के लिए शोध करेगी। हालाँकि, पोस्ट में यह सवाल उठाया गया है कि क्या कोई वैज्ञानिक उस लालच का तापमान भी मापेगा, जिसने पेड़ों को लकड़ी और पहाड़ों को खदान में बदल दिया, या उस व्यवस्था को जो प्रकृति को केवल कमाई का जरिया मानती है। यह विडंबना है कि पहले पेड़ काटे गए, फिर छांव खोजी गई; पहले तालाब पाटे गए, फिर जल संरक्षण की योजनाएं बनीं; और पहले खनन से धरती की छाती छलनी की गई, फिर पूछा गया कि गर्मी इतनी क्यों बढ़ रही है। इसे ऐसे दर्शाया गया है मानो कोई व्यक्ति खुद अपने घर में आग लगाए और फिर वैज्ञानिकों से पूछे कि आग लगी कैसे। यह अंदेशा जताया गया है कि अब अभियान चलेंगे, पौधे लगेंगे, भाषण होंगे और तस्वीरें खिंचेंगी, जिससे फाइलों में तो हरियाली उग आएगी, लेकिन धरती के घाव केवल ईमानदार संरक्षण से भरेंगे, न कि कागजों पर उगाए गए जंगलों से। वैज्ञानिक रिपोर्ट भले ही बांदा के तापमान बढ़ने का कारण बता दे, लेकिन इतिहास एक और सवाल पूछेगा कि जब पेड़ कट रहे थे, नदियाँ सूख रही थीं और धरती खोखली हो रही थी, तब जिम्मेदार लोग किस मौसम का आनंद ले रहे थे। सबसे बड़ा डर यह नहीं है कि बांदा दुनिया के सबसे गर्म इलाकों में गिना जाएगा, बल्कि यह है कि आने वाली पीढ़ियाँ यह न कहें कि यह वह जगह है जहाँ इंसानों ने पहले प्रकृति को जलाया और फिर उसकी राख का वैज्ञानिक अध्ययन कराया। पोस्ट अंत में सवाल करता है कि बांदा इतना तपा कि वैज्ञानिक तो आ रहे हैं, लेकिन क्या कभी ज़मीर का तापमान भी नापा जाएगा?
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    बांदा अब सिर्फ एक जिला नहीं बल्कि 'तापमान की प्रयोगशाला' बनता जा रहा है, जहाँ सूरज की गर्मी के लिए भी इंसानों द्वारा बनाई गई व्यवस्थाओं को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। मूल पोस्ट में तीखे सवाल उठाए गए हैं कि जिस धरती को रोशनी मिली, वहाँ इंसानों ने ऐसी परिस्थितियाँ क्यों बनाईं कि अब गर्मी का दोष भी उसी पर मढ़ा जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, छह वैज्ञानिकों की एक टीम तापमान नापने, हवा की दिशा और मिट्टी की नमी जाँचने के लिए शोध करेगी। हालाँकि, पोस्ट में यह सवाल उठाया गया है कि क्या कोई वैज्ञानिक उस लालच का तापमान भी मापेगा, जिसने पेड़ों को लकड़ी और पहाड़ों को खदान में बदल दिया, या उस व्यवस्था को जो प्रकृति को केवल कमाई का जरिया मानती है। यह विडंबना है कि पहले पेड़ काटे गए, फिर छांव खोजी गई; पहले तालाब पाटे गए, फिर जल संरक्षण की योजनाएं बनीं; और पहले खनन से धरती की छाती छलनी की गई, फिर पूछा गया कि गर्मी इतनी क्यों बढ़ रही है। इसे ऐसे दर्शाया गया है मानो कोई व्यक्ति खुद अपने घर में आग लगाए और फिर वैज्ञानिकों से पूछे कि आग लगी कैसे।

यह अंदेशा जताया गया है कि अब अभियान चलेंगे, पौधे लगेंगे, भाषण होंगे और तस्वीरें खिंचेंगी, जिससे फाइलों में तो हरियाली उग आएगी, लेकिन धरती के घाव केवल ईमानदार संरक्षण से भरेंगे, न कि कागजों पर उगाए गए जंगलों से। वैज्ञानिक रिपोर्ट भले ही बांदा के तापमान बढ़ने का कारण बता दे, लेकिन इतिहास एक और सवाल पूछेगा कि जब पेड़ कट रहे थे, नदियाँ सूख रही थीं और धरती खोखली हो रही थी, तब जिम्मेदार लोग किस मौसम का आनंद ले रहे थे। सबसे बड़ा डर यह नहीं है कि बांदा दुनिया के सबसे गर्म इलाकों में गिना जाएगा, बल्कि यह है कि आने वाली पीढ़ियाँ यह न कहें कि यह वह जगह है जहाँ इंसानों ने पहले प्रकृति को जलाया और फिर उसकी राख का वैज्ञानिक अध्ययन कराया। पोस्ट अंत में सवाल करता है कि बांदा इतना तपा कि वैज्ञानिक तो आ रहे हैं, लेकिन क्या कभी ज़मीर का तापमान भी नापा जाएगा?
    user_Amod Kumar
    Amod Kumar
    रिपोर्टर बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • बाँदा जनपद की बबेरू कोतवाली पुलिस ने एक ढोंगी तांत्रिक को गिरफ्तार किया है। इस तांत्रिक पर एक नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी तांत्रिक को पकड़कर जेल भेज दिया है।
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    बाँदा जनपद की बबेरू कोतवाली पुलिस ने एक ढोंगी तांत्रिक को गिरफ्तार किया है। इस तांत्रिक पर एक नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी तांत्रिक को पकड़कर जेल भेज दिया है।
    user_JSB NEWS UP
    JSB NEWS UP
    पत्रकारिता बबेरू, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • बांदा जिले से मिली जानकारी के अनुसार, तिंदवारी पुलिस ने लोगों को धन दोगुना करने का लालच देकर चोरी और टप्पेबाजी करने वाले तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये अभियुक्त साधु-संत का भेष धारण कर अपनी वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों ने फतेहपुर निवासी एक व्यक्ति से ₹50,000 की टप्पेबाजी की थी। मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने तीनों अभियुक्तों को भिडौरा रोड से धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के कब्जे से ₹75,200 नकद, वारदात में इस्तेमाल किया गया एक चारपहिया वाहन, एक अवैध 315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने साधु का वेश धारण कर लोगों का विश्वास जीतने और फिर धन दोगुना करने का झांसा देकर नकदी व आभूषण ठगने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब इन अपराधियों के अन्य आपराधिक मामलों और इनके साथियों की भी जाँच कर रही है।
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    बांदा जिले से मिली जानकारी के अनुसार, तिंदवारी पुलिस ने लोगों को धन दोगुना करने का लालच देकर चोरी और टप्पेबाजी करने वाले तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये अभियुक्त साधु-संत का भेष धारण कर अपनी वारदातों को अंजाम देते थे।

पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों ने फतेहपुर निवासी एक व्यक्ति से ₹50,000 की टप्पेबाजी की थी। मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने तीनों अभियुक्तों को भिडौरा रोड से धर दबोचा।

गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के कब्जे से ₹75,200 नकद, वारदात में इस्तेमाल किया गया एक चारपहिया वाहन, एक अवैध 315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने साधु का वेश धारण कर लोगों का विश्वास जीतने और फिर धन दोगुना करने का झांसा देकर नकदी व आभूषण ठगने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब इन अपराधियों के अन्य आपराधिक मामलों और इनके साथियों की भी जाँच कर रही है।
    user_Surash Sahu
    Surash Sahu
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • मौदहा नगर के नेशनल हाईवे 34 पर गुप्ता पेट्रोल पंप के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक अर्टिगा कार और बाइक की जोरदार भिड़ंत हुई। इस हादसे में एक महिला और एक 2 वर्षीय मासूम बच्ची सहित कुल चार लोग घायल हो गए। महिला और बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें सदर अस्पताल रेफर किया गया है। राहगीरों की मदद से सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। यह शनिवार को इसी हाईवे पर हुआ दूसरा बड़ा हादसा है, जिसने क्षेत्रवासियों में दहशत और नाराजगी बढ़ा दी है। एनएच-34 पर लगातार बढ़ रहे हादसों के कारण लोग इसे 'खूनी हाईवे' बता रहे हैं और सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग तेजी से उठ रही है।
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    मौदहा नगर के नेशनल हाईवे 34 पर गुप्ता पेट्रोल पंप के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक अर्टिगा कार और बाइक की जोरदार भिड़ंत हुई। इस हादसे में एक महिला और एक 2 वर्षीय मासूम बच्ची सहित कुल चार लोग घायल हो गए। महिला और बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें सदर अस्पताल रेफर किया गया है। राहगीरों की मदद से सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

यह शनिवार को इसी हाईवे पर हुआ दूसरा बड़ा हादसा है, जिसने क्षेत्रवासियों में दहशत और नाराजगी बढ़ा दी है। एनएच-34 पर लगातार बढ़ रहे हादसों के कारण लोग इसे 'खूनी हाईवे' बता रहे हैं और सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग तेजी से उठ रही है।
    user_ISLAM
    ISLAM
    Local News Reporter मौदहा, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
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