उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विवादित मस्जिद पहुंचकर नमाज अदा की और मस्जिद को अवैध घोषित करने वाले आदेश पर गंभीर सवाल उठाए। कलेक्ट्रेट परिसर की इस मस्जिद पर कोर्ट द्वारा करोड़ों रुपये का जुर्माना लगाने और इसे अवैध बताने के बाद इमरान मसूद ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह कोई न्यायिक आदेश नहीं, बल्कि एक प्रशासनिक आदेश जैसा प्रतीत होता है, क्योंकि बिना सभी पक्षों के मुद्दों को तय किए और मालिकाना हक का निर्धारण किए ऐसा आदेश पारित नहीं किया जा सकता। सांसद ने दावा किया कि यह मस्जिद साल 1911 से मौजूद है और इसके समर्थन में नगर निगम का बिजली बिल सहित अन्य पुराने अभिलेख भी उपलब्ध हैं। उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि न तो वहां मंदिर से किसी को कोई दिक्कत है और न ही मस्जिद से, बल्कि यह पूरा विवाद सिर्फ "नफरत की राजनीति" के कारण खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन को सलाह दी कि यदि उन्हें कोई आपत्ति है, तो विधिसम्मत नोटिस दिया जाना चाहिए और मामले का फैसला अदालत में होना चाहिए। इमरान मसूद ने इस मामले को लेकर एक बड़ा बयान देते हुए जिला प्रशासन को ही चुनौती दे डाली। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्ट्रेट भी अपने कागज और मालिकाना हक दिखाए, क्योंकि वह भी अवैध है। सांसद ने स्पष्ट किया है कि इस आदेश के खिलाफ जल्द ही अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विवादित मस्जिद पहुंचकर नमाज अदा की और मस्जिद को अवैध घोषित करने वाले आदेश पर गंभीर सवाल उठाए। कलेक्ट्रेट परिसर की इस मस्जिद पर कोर्ट द्वारा करोड़ों रुपये का जुर्माना लगाने और इसे अवैध बताने के बाद इमरान मसूद ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह कोई न्यायिक आदेश नहीं, बल्कि एक प्रशासनिक आदेश जैसा प्रतीत होता है, क्योंकि बिना सभी पक्षों के मुद्दों को तय किए और मालिकाना हक का निर्धारण किए ऐसा आदेश पारित नहीं किया जा सकता। सांसद ने दावा किया कि यह मस्जिद साल 1911 से मौजूद है और इसके समर्थन में नगर निगम का बिजली बिल सहित अन्य पुराने अभिलेख भी उपलब्ध हैं। उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि न तो वहां मंदिर से किसी को कोई दिक्कत है और न ही मस्जिद से, बल्कि यह पूरा विवाद सिर्फ "नफरत की राजनीति" के कारण खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन को सलाह दी कि यदि उन्हें कोई आपत्ति है, तो विधिसम्मत नोटिस दिया जाना चाहिए और मामले का फैसला अदालत में होना चाहिए। इमरान मसूद ने इस मामले को लेकर एक बड़ा बयान देते हुए जिला प्रशासन को ही चुनौती दे डाली। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्ट्रेट भी अपने कागज और मालिकाना हक दिखाए, क्योंकि वह भी अवैध है। सांसद ने स्पष्ट किया है कि इस आदेश के खिलाफ जल्द ही अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में जिलाधिकारी (DM) कार्यालय परिसर में स्थित मस्जिद को तत्काल प्रभाव से ध्वस्त करने के आदेश जारी किए गए हैं। यह बड़ी कार्रवाई बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी की शिकायत पर हुई सुनवाई के बाद नगर मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह की अदालत ने की है। प्रशासनिक आदेश के तहत सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और इसका दुरुपयोग करने के मामले में कब्जाधारी पर करीब 6 करोड़ 41 लाख रुपये (₹6.41 करोड़) का भारी जुर्माना भी लगाया गया है। दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सरकारी परिसर की भूमि पर न केवल अवैध निर्माण किया गया, बल्कि वहां बने कुछ कमरों को किराए पर देकर उनका व्यावसायिक उपयोग भी किया जा रहा था। प्रशासन ने आरोपों पर सुनवाई के बाद ध्वस्तीकरण और जुर्माने का यह सख्त फैसला सुनाया है। इस मामले में संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।1
- सहारनपुर के चिलकाना थाना क्षेत्र के ग्राम फिरोजाबाद में एक युवती के लापता होने के बाद उसके गुस्साए परिजनों द्वारा घर पर पलायन के पोस्टर लगाने का मामला अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। इस कदम से चर्चा में आए पीड़ित परिवार ने अब खुद सामने आकर सफाई दी है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने गलतफहमी और भावनात्मक आवेश में आकर यह कदम उठाया था। युवती के गायब होने के बाद पूरा परिवार भारी मानसिक तनाव में था, जिसके कारण उस समय की मनःस्थिति में उन्होंने यह निर्णय लिया था। परिवार ने स्पष्ट किया है कि उनका इरादा किसी प्रकार का विवाद खड़ा करने का नहीं था। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें पुलिस से कोई शिकायत नहीं है और वे उनके प्रयासों से पूरी तरह संतुष्ट हैं। वहीं, पुलिस मामले की जांच में जुटी है और लापता युवती की तलाश लगातार जारी रखे हुए है।1
- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विवादित मस्जिद पहुंचकर नमाज अदा की और मस्जिद को अवैध घोषित करने वाले आदेश पर गंभीर सवाल उठाए। कलेक्ट्रेट परिसर की इस मस्जिद पर कोर्ट द्वारा करोड़ों रुपये का जुर्माना लगाने और इसे अवैध बताने के बाद इमरान मसूद ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह कोई न्यायिक आदेश नहीं, बल्कि एक प्रशासनिक आदेश जैसा प्रतीत होता है, क्योंकि बिना सभी पक्षों के मुद्दों को तय किए और मालिकाना हक का निर्धारण किए ऐसा आदेश पारित नहीं किया जा सकता। सांसद ने दावा किया कि यह मस्जिद साल 1911 से मौजूद है और इसके समर्थन में नगर निगम का बिजली बिल सहित अन्य पुराने अभिलेख भी उपलब्ध हैं। उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि न तो वहां मंदिर से किसी को कोई दिक्कत है और न ही मस्जिद से, बल्कि यह पूरा विवाद सिर्फ "नफरत की राजनीति" के कारण खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन को सलाह दी कि यदि उन्हें कोई आपत्ति है, तो विधिसम्मत नोटिस दिया जाना चाहिए और मामले का फैसला अदालत में होना चाहिए। इमरान मसूद ने इस मामले को लेकर एक बड़ा बयान देते हुए जिला प्रशासन को ही चुनौती दे डाली। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्ट्रेट भी अपने कागज और मालिकाना हक दिखाए, क्योंकि वह भी अवैध है। सांसद ने स्पष्ट किया है कि इस आदेश के खिलाफ जल्द ही अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में बेहट विधानसभा क्षेत्र के गांव कोठडी बहलोलपुर के लोग पानी न होने की वजह से बेहद परेशान हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र के लिए जो जल योजना निकाली गई थी, उसका पानी अभी तक किसी भी घर तक नहीं पहुंच पाया है। योजना शुरू होने के बाद भी पानी न मिलने से ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और लोगों में इस पूरी स्थिति को लेकर भारी परेशानी और आक्रोश है।1
- हरियाणा के यमुनानगर में श्री सनातन धर्म संघर्ष समिति के प्रधान प्रो. नरेंद्र अत्री ने अपने साथियों के साथ एक प्रेस वार्ता आयोजित की है। इस प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने सनातन धर्म सभा मॉडल टाउन में हुई कथित अनियमितताओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के बेहट में एक लड़के को डंडों और स्टील रॉड से बेरहमी से पीटने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। इस पूरी वारदात का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें लड़के को डंडों और स्टील की रॉड से बेरहमी से मारते हुए देखा जा सकता है। इस खौफनाक घटना को देखकर लोग बेहद आक्रोश में हैं और तीखा सवाल उठा रहे हैं कि आखिर यह सब क्या चल रहा है।2
- सहारनपुर के नानौता में एक प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर कक्षा पांच की छात्रा से छेड़छाड़ करने का आरोप लगा है। छात्रा के परिजनों को जब इस बात की जानकारी मिली, तो बड़ी संख्या में ग्रामीण विद्यालय पहुंच गए, जिससे वहां का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए मामले की जांच शुरू की। छात्रा के पक्ष ने प्रधानाध्यापक पर अभद्र व्यवहार करने और धमकी देने का आरोप लगाया है। वहीं, प्रधानाध्यापक ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने छात्रा से केवल विद्यालय में सफाई करने के लिए कहा था। फिलहाल थाना पुलिस ने परिजनों, विद्यालय के स्टाफ और अन्य लोगों से पूछताछ कर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।1