अंबेहटा पीर में बालाजी शोभायात्रा बनी हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल - मुस्लिम युवाओं की पुष्प वर्षा, हिंदू समाज का सम्मान, गले मिले दिल - सौहार्द का भावुक दृश्य बना चर्चा का केंद्र - छोटे कस्बे से पूरे देश को भाईचारे का बड़ा संदेश सहारनपुर: अंबेहटा पीर में निकाली गई श्री बालाजी शोभायात्रा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब दिल मिलते हैं तो धर्म की दीवारें छोटी पड़ जाती हैं - बालाजी सेवा समिति के नेतृत्व में निकली इस शोभायात्रा का मुस्लिम समाज के युवाओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया - जिससे माहौल पूरी तरह भावुक और सौहार्दपूर्ण हो गया - मुख्य मार्गों से गुजरती शोभायात्रा के दौरान दोनों समुदायों के लोग एक-दूसरे के साथ खड़े नजर आए - मुस्लिम युवाओं के स्वागत के जवाब में हिंदू समाज के लोगों ने उन्हें पटका पहनाकर सम्मानित किया, जो भाईचारे का अद्भुत दृश्य बन गया - इस आयोजन ने न सिर्फ धार्मिक उत्सव को जीवंत किया - बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि एकता और आपसी सम्मान ही असली ताकत है - अंबेहटा पीर का यह दृश्य हर उस सोच को जवाब देता नजर आया, जो समाज को बांटने की कोशिश करती है - छोटे कस्बे से उठी यह बड़ी मिसाल अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई
अंबेहटा पीर में बालाजी शोभायात्रा बनी हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल - मुस्लिम युवाओं की पुष्प वर्षा, हिंदू समाज का सम्मान, गले मिले दिल - सौहार्द का भावुक दृश्य बना चर्चा का केंद्र - छोटे कस्बे से पूरे देश को भाईचारे का बड़ा संदेश सहारनपुर: अंबेहटा पीर में निकाली गई श्री बालाजी शोभायात्रा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब दिल मिलते हैं तो धर्म की दीवारें छोटी पड़ जाती हैं - बालाजी सेवा समिति के नेतृत्व में निकली इस शोभायात्रा का मुस्लिम समाज के युवाओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया - जिससे माहौल पूरी तरह भावुक और सौहार्दपूर्ण हो गया - मुख्य मार्गों से गुजरती शोभायात्रा के दौरान दोनों समुदायों के लोग एक-दूसरे के साथ खड़े नजर आए - मुस्लिम युवाओं के स्वागत के जवाब में हिंदू समाज के लोगों ने उन्हें पटका पहनाकर सम्मानित किया, जो भाईचारे का अद्भुत दृश्य बन गया - इस आयोजन ने न सिर्फ धार्मिक उत्सव को जीवंत किया - बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि एकता और आपसी सम्मान ही असली ताकत है - अंबेहटा पीर का यह दृश्य हर उस सोच को जवाब देता नजर आया, जो समाज को बांटने की कोशिश करती है - छोटे कस्बे से उठी यह बड़ी मिसाल अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई
- सहारनपुर: अंबेहटा पीर में निकाली गई श्री बालाजी शोभायात्रा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब दिल मिलते हैं तो धर्म की दीवारें छोटी पड़ जाती हैं - बालाजी सेवा समिति के नेतृत्व में निकली इस शोभायात्रा का मुस्लिम समाज के युवाओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया - जिससे माहौल पूरी तरह भावुक और सौहार्दपूर्ण हो गया - मुख्य मार्गों से गुजरती शोभायात्रा के दौरान दोनों समुदायों के लोग एक-दूसरे के साथ खड़े नजर आए - मुस्लिम युवाओं के स्वागत के जवाब में हिंदू समाज के लोगों ने उन्हें पटका पहनाकर सम्मानित किया, जो भाईचारे का अद्भुत दृश्य बन गया - इस आयोजन ने न सिर्फ धार्मिक उत्सव को जीवंत किया - बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि एकता और आपसी सम्मान ही असली ताकत है - अंबेहटा पीर का यह दृश्य हर उस सोच को जवाब देता नजर आया, जो समाज को बांटने की कोशिश करती है - छोटे कस्बे से उठी यह बड़ी मिसाल अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई1
- Post by अहसान अली लोजपा जिला अध्यक्ष स5
- क्या #फिल्म_सेंसर_बोर्ड_BJP का गुलाम बन चुका है आखिर #इस्लाम_विरोधी_फिल्मो टैक्स फ्री को बढ़ाव क्यो #बहुआयामी_दल के प्रश्न व जनता से अपील ?1
- Post by Mr Suresh Chauhan1
- Post by Dharamvir Singh2
- Post by Anoopshukla1
- जो आने जाने का रास्ता होता है वह 2 साल से बंद है जल्दी से इस पर एक्शन ले1
- Post by Anoopshukla1