झालावाड़ जिले के गंगधार क्षेत्र के बोरखेड़ी करमचंद गांव में सरकारी सिस्टम की संवेदनहीनता के कारण शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है। राजकीय प्राथमिक विद्यालय के भवन को जर्जर घोषित कर राज्य सरकार के आदेश पर तोड़ तो दिया गया, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी नए भवन के निर्माण की स्वीकृति फाइलों में ही अटकी पड़ी है। इस लापरवाही की कीमत गांव के मासूम बच्चे चुका रहे हैं, जो बिना छत, कमरे और बेंच के खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। तपती धूप, मूसलाधार बारिश और कड़कड़ाती सर्दी के बीच भी इन बच्चों को खुले में ही पढ़ाई करनी पड़ रही है। इस बदतर स्थिति को लेकर आखिरकार आज ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने गंगधार उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर चल रहे इस पूरे सिस्टम को आईना दिखाया और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग करते हुए साफ चेतावनी दी है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर नए स्कूल भवन के निर्माण की स्वीकृति जारी नहीं की गई और धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ, तो वे धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
झालावाड़ जिले के गंगधार क्षेत्र के बोरखेड़ी करमचंद गांव में सरकारी सिस्टम की संवेदनहीनता के कारण शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है। राजकीय प्राथमिक विद्यालय के भवन को जर्जर घोषित कर राज्य सरकार के आदेश पर तोड़ तो दिया गया, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी नए भवन के निर्माण की स्वीकृति फाइलों में ही अटकी पड़ी है। इस
लापरवाही की कीमत गांव के मासूम बच्चे चुका रहे हैं, जो बिना छत, कमरे और बेंच के खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। तपती धूप, मूसलाधार बारिश और कड़कड़ाती सर्दी के बीच भी इन बच्चों को खुले में ही पढ़ाई करनी पड़ रही है। इस बदतर स्थिति को लेकर आखिरकार आज ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने गंगधार उपखंड अधिकारी
को ज्ञापन सौंपकर चल रहे इस पूरे सिस्टम को आईना दिखाया और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग करते हुए साफ चेतावनी दी है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर नए स्कूल भवन के निर्माण की स्वीकृति जारी नहीं की गई और धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ, तो वे धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
- झालावाड़ जिले के गंगधार क्षेत्र के बोरखेड़ी करमचंद गांव में सरकारी सिस्टम की संवेदनहीनता के कारण शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है। राजकीय प्राथमिक विद्यालय के भवन को जर्जर घोषित कर राज्य सरकार के आदेश पर तोड़ तो दिया गया, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी नए भवन के निर्माण की स्वीकृति फाइलों में ही अटकी पड़ी है। इस लापरवाही की कीमत गांव के मासूम बच्चे चुका रहे हैं, जो बिना छत, कमरे और बेंच के खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। तपती धूप, मूसलाधार बारिश और कड़कड़ाती सर्दी के बीच भी इन बच्चों को खुले में ही पढ़ाई करनी पड़ रही है। इस बदतर स्थिति को लेकर आखिरकार आज ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने गंगधार उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर चल रहे इस पूरे सिस्टम को आईना दिखाया और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग करते हुए साफ चेतावनी दी है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर नए स्कूल भवन के निर्माण की स्वीकृति जारी नहीं की गई और धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ, तो वे धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।3
- मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले के बड़ौद पुलिस थाने में मादक पदार्थों के सेवन और तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से "नशे से दूरी है जरूरी" जनजागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार शुरू किया गया यह अभियान 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक संचालित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है। पुलिस विभाग के अनुसार, पिछले वर्ष इस अभियान को मिले व्यापक जनसहयोग और इसके उत्साहजनक परिणामों को देखते हुए इस वर्ष भी इसे राज्यव्यापी स्तर पर संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत विद्यालयों और महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम, रैलियां, शपथ ग्रहण, नुक्कड़ नाटक, संगोष्ठियां और जनसंवाद जैसे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही मादक पदार्थों के अवैध कारोबार और तस्करी के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई भी जारी रहेगी। पुलिस का मानना है कि मादक पदार्थों का बढ़ता दुरुपयोग न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि आर्थिक व्यवस्था को भी गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है और अपराधों को बढ़ावा देता है। थाना प्रभारी रूप सिंह बैस ने आम जनता से स्वयं नशे से दूर रहने, दूसरों को सचेत करने और नशामुक्त मध्यप्रदेश के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने की अपील की है। इस अभियान के शुभारंभ अवसर पर विजय शुक्ला, राम सेवक मीणा और आकाश भी उपस्थित रहे।3
- मध्य प्रदेश के सुसनेर में पिड़ावा रोड पर बुधवार की दोपहर करीब 3 बजे एक सड़क दुर्घटना हो गई, जहां एक अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक 50 वर्षीय व्यक्ति घायल हो गया। हादसे के बाद घायल को तुरंत पुराना बस स्टैंड स्थित शासकीय सिविल अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टर अखिलेश कुमार बागी ने घायल व्यक्ति का प्राथमिक इलाज किया और उसके बाद उसे आगर जिला अस्पताल के लिए रैफर कर दिया। सड़कों पर वाहनों की लगातार बढ़ती तेज रफ्तार इन हादसों का मुख्य कारण बन रही है। ऐसे हादसों को रोकने और वाहनों की गति पर नियंत्रण पाने के लिए अब प्रशासन को उचित प्रयास करने चाहिए।1
- गोवर्धन की शिवनगर कॉलोनी में जलभराव के कारण स्थानीय लोगों का जीना बेहद मुश्किल हो गया है। जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने से बारिश का गंदा पानी सीधे लोगों के घरों के भीतर तक घुस गया है, जिससे घरों के फर्श, रसोई और सारा सामान पूरी तरह कीचड़ से सन गए हैं। इस जलभराव के चलते पशुओं को भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है, क्योंकि घरों में रखा उनका चारा पूरी तरह खराब हो गया है और बेजुबान पशु पानी में खड़े रहने को मजबूर हैं। इसके अलावा, गली-मोहल्ले पूरी तरह जलमग्न हो जाने के कारण आवागमन पूरी तरह ठप हो चुका है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों का घरों से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर बारिश शुरू होने से पहले ही नाली और जल निकासी के पुख्ता इंतजाम कर लिए जाते, तो आज यह दुर्दशा नहीं देखनी पड़ती। हर साल इस गंभीर समस्या को झेलने वाले कॉलोनीवासियों ने अब नगर पंचायत गोवर्धन से विनम्र आग्रह करते हुए मांग की है कि यहां तुरंत पंप या मोटर लगाकर जमा पानी को बाहर निकलवाया जाए और जल निकासी के स्थाई समाधान के लिए काम जल्द से जल्द शुरू किया जाए।2
- मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिला अंतर्गत सुसनेर नगर में वन विभाग द्वारा स्टार सेरेमेनी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जो कि अब संपन्न हो चुका है।1
- मध्य प्रदेश की आलोट मंडी में 15 जुलाई 2026 को सोयाबीन और गेहूं दोनों के बाजारों में तेजी का माहौल देखने को मिला है। अर्जुन राठौर 294 द्वारा रोजाना दी जाने वाली इस मंडी अपडेट में किसानों को फसलों के दाम, आने वाले अवकाश की जानकारी और मंडी में आवक की ताजा स्थिति से अवगत कराया जाता है। किसानों से अपील की गई है कि वे सबसे पहले मंडी अपडेट पाने के लिए चैनल को लाइक और फॉलो करने के साथ-साथ कमेंट भी जरूर करें, ताकि 'अपनी मंडी अपना भाव अपना शहर अपना बाजार' की भावना के साथ स्थानीय बाजार आगे बढ़ सके।1
- मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के शामगढ़ से पत्रकार रामप्रसाद धनगर गुर्जर की यह खबर है।1
- मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले में सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी सिलसिले में जिला कलेक्टर प्रीति यादव और एसपी विनोद कुमार सिंह ने तनोडिया और आगर के विभिन्न पड़ाव स्थलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सर्व सुविधा युक्त पड़ाव स्थल विकसित करने के निर्देश दिए और इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने की बात कही। इस प्रस्ताव में श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन, प्रवेश एवं निकासी की व्यवस्था, पेयजल, प्रकाश, सुविधाघर, छांव के लिए टेंट, चाय, नाश्ता और भोजन जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने मुख्य रूप से तनोडिया के मंडी परिसर और उसके समीप उपलब्ध भूमि के साथ-साथ उज्जैन रोड पर एमपीआईडीसी के पास खुली जमीन का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी प्रमुख मार्गों और रूटों पर पड़ाव स्थलों को चिन्हित किया जाए, ताकि बाहर से आने वाले वाहनों और श्रद्धालुओं के ठहरने और पार्किंग की उचित व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। उन्होंने वाहनों के प्रवेश और निकासी को सुविधाजनक बनाने पर विशेष जोर दिया ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस भ्रमण के दौरान जिला पंचायत सीईओ बीएस सोलंकी, एसडीएम मिलिंद ढोके, एसडीओपी मोतीलाल कुशवाह, सहायक संचालक जिला जनसंपर्क कार्यालय श्री जगदीश चंद्र मालवीय, तहसीलदार श्री विजय सेनानी, सीएमओ श्री कुशाल सिंह डोडवे सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।1