बांदा जिले के नरैनी तहसील अंतर्गत कोलावल रायपुर खंड से ये ग्राउंड ज़ीरो के दृश्य हैं। कैमरे में साफ दिखाई दे रहा है कि नदी की धारा के बीच मशीनें सक्रिय हैं और बड़े पैमाने पर खनन जैसा काम चलता नजर आ रहा है। एक-दो नहीं, बल्कि कई लिफ्टर मशीनें नदी के भीतर काम करती दिखाई दे रही हैं, जिससे नदी की सतह और जलधारा प्रभावित होती दिख रही है। ये तस्वीरें कई गंभीर सवाल खड़े करती हैं — क्या यहां नियमों का पालन हो रहा है? क्या प्रतिबंधित मशीनों का इस्तेमाल तो नहीं हो रहा? और क्या संबंधित विभागों को इसकी जानकारी है? मौके के हालात देखकर लगता है कि नदी की प्राकृतिक संरचना पर असर पड़ रहा है। अगर ऐसा है, तो यह पर्यावरण और जल जीवन दोनों के लिए चिंता का विषय हो सकता है। सरकार, NGT और सुप्रीम कोर्ट द्वारा समय-समय पर खनन को लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में इन दृश्यों के सामने आने के बाद यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इस पर क्या संज्ञान लेता है। कोलावल रायपुर खंड से ग्राउंड ज़ीरो की ये रिपोर्ट कई सवाल छोड़ रही है — नदी बचेगी या खनन जारी रहेगा?
बांदा जिले के नरैनी तहसील अंतर्गत कोलावल रायपुर खंड से ये ग्राउंड ज़ीरो के दृश्य हैं। कैमरे में साफ दिखाई दे रहा है कि नदी की धारा के बीच मशीनें सक्रिय हैं और बड़े पैमाने पर खनन जैसा काम चलता नजर आ रहा है। एक-दो नहीं, बल्कि कई लिफ्टर मशीनें नदी के भीतर काम करती दिखाई दे रही हैं, जिससे नदी की सतह और जलधारा प्रभावित होती दिख रही है। ये तस्वीरें कई गंभीर सवाल खड़े करती हैं — क्या यहां नियमों का पालन हो रहा है? क्या प्रतिबंधित मशीनों का इस्तेमाल तो नहीं हो रहा? और क्या संबंधित विभागों को इसकी जानकारी है? मौके के हालात देखकर लगता है कि नदी की प्राकृतिक संरचना पर असर पड़ रहा है। अगर ऐसा है, तो यह पर्यावरण और जल जीवन दोनों के लिए चिंता का विषय हो सकता है। सरकार, NGT और सुप्रीम कोर्ट द्वारा समय-समय पर खनन को लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में इन दृश्यों के सामने आने के बाद यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इस पर क्या संज्ञान लेता है। कोलावल रायपुर खंड से ग्राउंड ज़ीरो की ये रिपोर्ट कई सवाल छोड़ रही है — नदी बचेगी या खनन जारी रहेगा?
- बांदा। जिला प्रशिक्षण केन्द्र, पुलिस लाइन बांदा में साइबर अपराधों की रोकथाम, आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) एवं बेसिक नेटवर्किंग विषय पर आयोजित 05 दिवसीय साइबर प्रशिक्षण कार्यक्रम का दिनांक 08 फरवरी 2026 को समापन किया गया। समापन अवसर पर सहायक पुलिस अधीक्षक बांदा सुश्री मेविस टॉक द्वारा प्रशिक्षण में प्रतिभाग करने वाले कम्प्यूटर ऑपरेटर्स को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस दौरान उन्होंने उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में पुलिस कर्मियों का तकनीकी रूप से दक्ष होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से आह्वान किया कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग करते हुए साइबर अपराधों की पहचान, रोकथाम तथा डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण में प्रभावी भूमिका निभाएं। साथ ही उन्होंने साइबर सिक्योरिटी, नेटवर्किंग एवं आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों के सही उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस की कार्यक्षमता को और अधिक सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होंगे तथा साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका1
- हम आपको दिखाने वाले हैं उत्तर प्रदेश का जिला बांदा— बुंदेलखंड की वो धरती जहां मेहनत, संघर्ष और संस्कृति तीनों साथ चलती हैं। खेती-किसानी, गांवों की सादगी और लोगों का जज्बा— यही बांदा की पहचान है। यहां चुनौतियां हैं, लेकिन उम्मीद और आगे बढ़ने का हौसला भी उतना ही मजबूत है।1
- कानपुर : HDFC बैंक की महिला कर्मी ने जातिगत धमकी दी - ग्राहक से विवाद के दौरान भद्दी-भद्दी गालियां दीं लैपटॉप तानकर धमकाया और हिंसक रवैया अपनाया - सरेआम ठाकुर हूं मैं कहकर ग्राहक को धमकाया - महिला कर्मी का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल ← - ऐसी की तैसी कर दूंगी जैसी अभद्र भाषा का प्रयोग ➡HDFC बैंक से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं - पनकी सेक्टर-2 स्थित HDFC बैंक शाखा का मामला1
- #उत्तर प्रदेश# जिला₹ बांदा तहसील #नरैनी में #आज #हाहाकार मचा है# ज्यादा #लाइक #करो शेयर करो1
- Post by Mr.Umesh Kumar1
- Post by हेमराज3
- #Apkiawajdigital बांदा, उत्तर प्रदेश: विगत शनिवार (7 फरवरी, 2026) को बांदा जिले में सवर्ण समाज के लोगों ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस, 2026' के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस कानून को 'काला कानून' करार देते हुए प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यह उच्च शिक्षा संस्थानों में जातीय विभाजन को बढ़ावा देगा और सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ भेदभाव करेगा। सवर्ण एकता मंच के तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शन में सैकड़ों लोग शामिल हुए, जिन्होंने GIC मैदान से शुरू होकर जिला मुख्यालय तक मार्च किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी बांदा को सौंपा। यह प्रदर्शन UGC के नए नियमों के खिलाफ चल रही देशव्यापी लहर का हिस्सा है, जो जनवरी 2026 में अधिसूचित किए गए थे। इन नियमों के तहत सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में OBC, SC और ST समुदायों के सदस्यों वाली इक्विटी कमेटियां गठित करना अनिवार्य है, जो भेदभाव की शिकायतों को संबोधित करेंगी। समर्थकों का कहना है कि यह समावेशिता को बढ़ावा देगा, लेकिन विरोधी इसे 'विभाजनकारी' मानते हैं, क्योंकि यह सामान्य वर्ग के छात्रों को निशाना बनाता है और कैंपस में सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ सकता है। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए जैसे "UGC रोल बैक", "बांटेंगे तो कटेंगे" और "एक हैं तो सेफ हैं", जो इस कानून के सामाजिक प्रभाव पर गहरी चिंता जताते हैं। सवर्ण एकता मंच के प्रतिनिधि अंकित कुमार मिश्रा एड. ने अपने वक्तव्य में कहा, "यह कानून हमें बांटने का प्रयास है। हम सर्व समाज के हैं और सर्व समाज हमारे साथ है। सभी को एकजुट होकर इसका विरोध करना चाहिए।" ज्ञापन में मांग की गई है कि सरकार इस 'काले कानून' को तुरंत वापस ले, अन्यथा आंदोलन और तेज होगा। स्थानीय प्रशासन ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बताया, लेकिन पूरे उत्तर प्रदेश में ऐसे विरोध बढ़ते जा रहे हैं, जहां लखनऊ, कानपुर और वाराणसी जैसे शहरों में भी छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। यह घटना उच्च शिक्षा में समानता की बहस को नई दिशा दे रही है, लेकिन समस्या यह है कि ऐसे नियम कैंपस में जातीय तनाव पैदा कर सकते हैं, जहां छात्र पहले से ही एक साथ पढ़ते-खाते हैं। सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में यह मुद्दा गर्माया हुआ है, जहां कुछ भाजपा नेता भी इस्तीफे दे चुके हैं। क्या यह कानून समावेशिता लाएगा या विभाजन? आने वाले दिनों में इसका जवाब मिलेगा, लेकिन बांदा का यह प्रदर्शन एक बड़ा संकेत है कि सामान्य वर्ग अब चुप नहीं बैठेगा।2
- महाशिवरात्रि को लेकर पीस कमेटी की बैठक बिजली पानी व सफाई व्यवस्था पर मंथन मौदहा नगर में आगामी महाशिवरात्रि पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न करने के उद्देश्य से मौदहा कोतवाली परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई बैठक की अध्यक्षता उप जिला अधिकारी कर्मवीर सिंह ने की जबकि क्षेत्राधिकार राजकुमार पांडे विशेष रूप से मौजूद रहे बैठक में 15 फरवरी को मनाए जाने वाले महाशिवरात्रि पर्व के दौरान निकलने वाली शोभायात्राओं मंदिरों में होने वाले रुद्राभिषेक पूजा चना एवं श्रद्धालुओं की भीड़ को लेकर विस्तार से चर्चा की गई बैठक में कोतवाली प्रभारी संतोष सिंह क्राइम इंस्पेक्टर चंद्रशेखर गौतम सहित नगर के गणमान्य नागरिक जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक लोगों उपस्थित रहे1
- बेकाबू ट्रक सडक किनारे दुकान में जाकर घुसा, दुकान में सो रहे अधेड दुकानदार की हादसे में मौत हुई, रविवार देर रात यह सडक हादसा हुआ, मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्यवाही शुरू की, मुस्करा थानाक्षेत्र के बिहूनी गांव का मामला...।।2