काली माटी पंचायत में जर्दा फैक्ट्री के खिलाफ भड़का जनाक्रोश, जांच पर उठे सवाल — काली माटी पंचायत में जर्दा फैक्ट्री के खिलाफ भड़का जनाक्रोश, जांच पर उठे सवाल — आर-पार की लड़ाई के मूड में ग्रामीण निरसा धनबाद जिले के एगारकुंड प्रखंड अंतर्गत काली माटी पंचायत में स्थित ‘एसके टोबैको’ जर्दा फैक्ट्री से निकलने वाली दमघोंटू गंध को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। लंबे समय से फैक्ट्री से फैल रहे प्रदूषण से परेशान स्थानीय लोग अब निर्णायक संघर्ष के मूड में नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि प्रदूषण विभाग के अधिकारियों ने मौके पर आकर जांच करने का आश्वासन तो दिया, लेकिन वे स्थल पर पहुंचे ही नहीं। इतना ही नहीं, बिना किसी स्थलीय निरीक्षण के ही जांच पूरी होने का दावा कर दिया गया और ग्रामीणों को कार्यालय बुलाकर औपचारिकता पूरी करने की बात कही गई। इस रवैये ने लोगों के बीच आक्रोश को और भड़का दिया है। हालांकि खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा फैक्ट्री से सैंपल जरूर लिए गए हैं, लेकिन प्रदूषण विभाग की निष्क्रियता और टालमटोल भरे रवैये पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक मौके पर निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक समस्या का समाधान संभव नहीं है। इसी मुद्दे को लेकर जिला परिषद सदस्य पिंकी मरांडी और समाजसेवी रंजीत महतो के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन तेज किया जाएगा और आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई है। ग्रामीणों का गुस्सा और प्रशासनिक उदासीनता के आरोप अब इस मुद्दे को गंभीर रूप दे रहे हैं। काली माटी पंचायत में प्रदूषण की समस्या अब केवल स्थानीय परेशानी नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता का बड़ा सवाल बन चुकी है। आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई ही तय करेगी कि यह मामला शांत होगा या बड़ा आंदोलन का रूप लेगा।
काली माटी पंचायत में जर्दा फैक्ट्री के खिलाफ भड़का जनाक्रोश, जांच पर उठे सवाल — काली माटी पंचायत में जर्दा फैक्ट्री के खिलाफ भड़का जनाक्रोश, जांच पर उठे सवाल — आर-पार की लड़ाई के मूड में ग्रामीण निरसा धनबाद जिले के एगारकुंड प्रखंड अंतर्गत काली माटी पंचायत में स्थित ‘एसके टोबैको’ जर्दा फैक्ट्री से निकलने वाली दमघोंटू गंध को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। लंबे समय से फैक्ट्री से फैल रहे प्रदूषण से परेशान स्थानीय लोग अब निर्णायक
संघर्ष के मूड में नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि प्रदूषण विभाग के अधिकारियों ने मौके पर आकर जांच करने का आश्वासन तो दिया, लेकिन वे स्थल पर पहुंचे ही नहीं। इतना ही नहीं, बिना किसी स्थलीय निरीक्षण के ही जांच पूरी होने का दावा कर दिया गया और ग्रामीणों को कार्यालय बुलाकर औपचारिकता पूरी करने की बात कही गई। इस रवैये ने लोगों के बीच आक्रोश को और भड़का दिया है। हालांकि खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा फैक्ट्री से
सैंपल जरूर लिए गए हैं, लेकिन प्रदूषण विभाग की निष्क्रियता और टालमटोल भरे रवैये पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक मौके पर निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक समस्या का समाधान संभव नहीं है। इसी मुद्दे को लेकर जिला परिषद सदस्य पिंकी मरांडी और समाजसेवी रंजीत महतो के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो
आंदोलन तेज किया जाएगा और आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई है। ग्रामीणों का गुस्सा और प्रशासनिक उदासीनता के आरोप अब इस मुद्दे को गंभीर रूप दे रहे हैं। काली माटी पंचायत में प्रदूषण की समस्या अब केवल स्थानीय परेशानी नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता का बड़ा सवाल बन चुकी है। आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई ही तय करेगी कि यह मामला शांत होगा या बड़ा आंदोलन का रूप लेगा।
- काली माटी पंचायत में जर्दा फैक्ट्री के खिलाफ भड़का जनाक्रोश, जांच पर उठे सवाल — आर-पार की लड़ाई के मूड में ग्रामीण निरसा धनबाद जिले के एगारकुंड प्रखंड अंतर्गत काली माटी पंचायत में स्थित ‘एसके टोबैको’ जर्दा फैक्ट्री से निकलने वाली दमघोंटू गंध को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। लंबे समय से फैक्ट्री से फैल रहे प्रदूषण से परेशान स्थानीय लोग अब निर्णायक संघर्ष के मूड में नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि प्रदूषण विभाग के अधिकारियों ने मौके पर आकर जांच करने का आश्वासन तो दिया, लेकिन वे स्थल पर पहुंचे ही नहीं। इतना ही नहीं, बिना किसी स्थलीय निरीक्षण के ही जांच पूरी होने का दावा कर दिया गया और ग्रामीणों को कार्यालय बुलाकर औपचारिकता पूरी करने की बात कही गई। इस रवैये ने लोगों के बीच आक्रोश को और भड़का दिया है। हालांकि खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा फैक्ट्री से सैंपल जरूर लिए गए हैं, लेकिन प्रदूषण विभाग की निष्क्रियता और टालमटोल भरे रवैये पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक मौके पर निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक समस्या का समाधान संभव नहीं है। इसी मुद्दे को लेकर जिला परिषद सदस्य पिंकी मरांडी और समाजसेवी रंजीत महतो के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन तेज किया जाएगा और आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई है। ग्रामीणों का गुस्सा और प्रशासनिक उदासीनता के आरोप अब इस मुद्दे को गंभीर रूप दे रहे हैं। काली माटी पंचायत में प्रदूषण की समस्या अब केवल स्थानीय परेशानी नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता का बड़ा सवाल बन चुकी है। आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई ही तय करेगी कि यह मामला शांत होगा या बड़ा आंदोलन का रूप लेगा।4
- Post by Chandu thakur1
- Post by Firoj ansari1
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- Post by Niraj Kumar1
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- Post by Niraj Kumar1