सागर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "SAFE CLICK अभियान-2026" के तहत दसवें दिन को धार्मिक एवं सामुदायिक जागरूकता दिवस के रूप में मनाया गया। इस विशेष पहल के अंतर्गत, जिले के विभिन्न मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों, चर्चों और अन्य सामुदायिक स्थलों पर पहुँचकर आम नागरिकों को साइबर अपराधों के खतरों से अवगत कराया गया। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस दौरान जनघोषणाओं, पैम्फलेट वितरण और सीधे संवाद के माध्यम से लोगों को डिजिटल अरेस्ट, OTP तथा UPI फ्रॉड, फर्जी KYC कॉल, QR कोड स्कैम, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग सहित अन्य ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए प्रभावी उपाय बताए। अभियान के दौरान नागरिकों से अपील की गई कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें और किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तुरंत सतर्क रहें। सागर पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो उसे बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए या साइबर अपराध पोर्टल पर सूचना देनी चाहिए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर आर्थिक नुकसान को रोका जा सके। यह अभियान लगातार लोगों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के प्रति जागरूक कर रहा है और नागरिकों से स्वयं सतर्क रहने के साथ-साथ अपने परिवार तथा समाज को भी साइबर अपराधों से बचने के लिए जागरूक करने की अपील की जा रही है।
सागर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "SAFE CLICK अभियान-2026" के तहत दसवें दिन को धार्मिक एवं सामुदायिक जागरूकता दिवस के रूप में मनाया गया। इस विशेष पहल के अंतर्गत, जिले के विभिन्न मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों, चर्चों और अन्य सामुदायिक स्थलों पर पहुँचकर आम नागरिकों को साइबर अपराधों के खतरों से अवगत कराया गया। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस दौरान जनघोषणाओं, पैम्फलेट वितरण और सीधे संवाद के माध्यम से लोगों को डिजिटल अरेस्ट, OTP तथा UPI फ्रॉड, फर्जी KYC कॉल, QR कोड स्कैम, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग सहित अन्य ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए प्रभावी उपाय बताए। अभियान के दौरान नागरिकों से अपील की गई कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें और किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तुरंत सतर्क रहें। सागर पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो उसे बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए या साइबर अपराध पोर्टल पर सूचना देनी चाहिए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर आर्थिक नुकसान को रोका जा सके। यह अभियान लगातार लोगों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के प्रति जागरूक कर रहा है और नागरिकों से स्वयं सतर्क रहने के साथ-साथ अपने परिवार तथा समाज को भी साइबर अपराधों से बचने के लिए जागरूक करने की अपील की जा रही है।
- सागर जिले के गौरझामर का एक वीडियो क्षेत्र की सड़कों पर जलभराव और अव्यवस्था की हकीकत को दर्शाता है। यह वीडियो इस बात का उदाहरण पेश करता है कि कैसे बिना नालियों के सड़कें किस प्रकार की अव्यवस्था पैदा करती हैं। स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के अनुसार, बारिश के मौसम में उनका हाल बेहाल हो जाता है, क्योंकि जलभराव के कारण स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। जलमग्न होने के बाद जो नजारा दिखता है, उसके लिए लोग नाली के अभाव और खुद सड़कों को ही जिम्मेदार ठहराते हैं।1
- सागर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "SAFE CLICK अभियान-2026" के तहत दसवें दिन को धार्मिक एवं सामुदायिक जागरूकता दिवस के रूप में मनाया गया। इस विशेष पहल के अंतर्गत, जिले के विभिन्न मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों, चर्चों और अन्य सामुदायिक स्थलों पर पहुँचकर आम नागरिकों को साइबर अपराधों के खतरों से अवगत कराया गया। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस दौरान जनघोषणाओं, पैम्फलेट वितरण और सीधे संवाद के माध्यम से लोगों को डिजिटल अरेस्ट, OTP तथा UPI फ्रॉड, फर्जी KYC कॉल, QR कोड स्कैम, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग सहित अन्य ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए प्रभावी उपाय बताए। अभियान के दौरान नागरिकों से अपील की गई कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें और किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तुरंत सतर्क रहें। सागर पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो उसे बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए या साइबर अपराध पोर्टल पर सूचना देनी चाहिए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर आर्थिक नुकसान को रोका जा सके। यह अभियान लगातार लोगों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के प्रति जागरूक कर रहा है और नागरिकों से स्वयं सतर्क रहने के साथ-साथ अपने परिवार तथा समाज को भी साइबर अपराधों से बचने के लिए जागरूक करने की अपील की जा रही है।1
- ओडिशा के जाजपुर टाउन में एक व्यक्ति का भाई कथित तौर पर बंद है, जिसके लिए वे उसे जमानत पर छुड़ाने आए हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने भाई की शादी करवाई थी, लेकिन लड़की के settle हो जाने के बाद जब उसके माता-पिता को बुलाया गया तो उन्होंने उन्हें भुला दिया। पीड़ित परिवार ने इस घटना के बाद एक गंभीर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि ओडिशा में कभी शादी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि वे खुद फंसे हुए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि ओडिशा की लड़कियाँ पैसे भी ले जाती हैं और लड़कों को फंसा भी देती हैं।3
- बीजेपी के वरिष्ठ नेता बृजभूषण शरण ने अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चोरी के मुद्दे को लेकर एक बयान दिया है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अयोध्या में इस पूरे मामले को लेकर 'पहले दिन से ही खेल चल रहा है'।1
- नरसिंहपुर जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहाँ एक महिला ने अपने प्रेमी और उसके एक साथी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या कर दी। इस वारदात के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या में शामिल पत्नी, उसके प्रेमी और साथी सहित तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।1
- मध्य प्रदेश के बेगमगंज स्थित बर्री कला के पास एक भयावह सड़क हादसे में शक्ति ट्रांसपोर्ट की बस ने एक बाइक को टक्कर मार दी, जिससे एक पिता और उनके पाँच वर्षीय बेटे की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में पूरन सिंह सहरिया और उनके 5 वर्षीय बेटे ने अपनी जान गंवा दी। उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जबकि उनका एक और पुत्र हालांकि सुरक्षित रहा, लेकिन उसे भी चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बस को जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद एक बार फिर स्थानीय लोग तेज रफ्तार पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं शक्ति ट्रांसपोर्ट कंपनी की बसों पर फिर से सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।1
- आगरा में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ रूबी अपने पति की दुश्मन बन गई। सोनम रिया से जुड़े मामले के बाद अब आगरा की इस महिला रूबी ने अपने पति को बाथरूम में दफना दिया है।1