सोमवार को जालौन तहसील परिसर में एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक क्षण देखने को मिला, जिसने यह साबित कर दिया कि जनता का विश्वास और सम्मान किसी भी अधिकारी की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। करीब 35 किलोमीटर दूर से आई एक 14 वर्षीय बालिका काव्या ने अपने पसंदीदा जॉइंट मजिस्ट्रेट और उपजिलाधिकारी रिंकू सिंह राही से भेंट की। वह किसी शिकायत या व्यक्तिगत कार्य के लिए नहीं, बल्कि उन्हें स्वयं अपने हाथों से बनाया हुआ उनका सुंदर स्केच उपहार में देने पहुंची थी। यह पल वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए यादगार बन गया, जब नन्ही काव्या ने एसडीएम को यह चित्र भेंट किया और उसकी कला, मेहनत तथा सम्मान की भावना ने सभी का दिल जीत लिया। जॉइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी रिंकू सिंह राही अपनी सरल कार्यशैली, जनता से सीधे संवाद, जनसुनवाई और समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए जाने जाते हैं, जिसके कारण उन्होंने जालौन में अपनी तैनाती के दौरान आम लोगों के बीच एक विशेष पहचान बनाई है। यही वजह है कि अब बच्चे भी उन्हें अपना प्रेरणास्रोत मानने लगे हैं। काव्या ने बताया कि वह एसडीएम रिंकू सिंह राही के कार्यों और जनता के प्रति उनकी सकारात्मक सोच से बहुत प्रभावित है, और इसी प्रेरणा से उसने उनका स्केच बनाकर स्वयं उन्हें भेंट करने का निर्णय लिया। एसडीएम रिंकू सिंह राही ने भी बच्ची का स्नेहपूर्ण स्वागत किया, उसकी प्रतिभा की सराहना की और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उसे निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। यह घटना मात्र एक स्केच भेंट करने से कहीं अधिक थी; यह प्रशासन और जनता के बीच मजबूत होते विश्वास, सम्मान और आत्मीयता का प्रतीक है। नन्ही काव्या का यह लगाव दर्शाता है कि जब कोई अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ करता है, तो वह केवल सरकारी दायरों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों के दिलों में भी अपनी जगह बना लेता है। यह संदेश देता है कि अधिकारी बहुत होते हैं, लेकिन जनता का असली अफसर वही बनता है, जिसे लोग सम्मान के साथ याद करें और बच्चे अपना आदर्श मानें।
सोमवार को जालौन तहसील परिसर में एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक क्षण देखने को मिला, जिसने यह साबित कर दिया कि जनता का विश्वास और सम्मान किसी भी अधिकारी की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। करीब 35 किलोमीटर दूर से आई एक 14 वर्षीय बालिका काव्या ने अपने पसंदीदा जॉइंट मजिस्ट्रेट और उपजिलाधिकारी रिंकू सिंह राही से भेंट की। वह किसी शिकायत या व्यक्तिगत कार्य के लिए नहीं, बल्कि उन्हें स्वयं अपने हाथों से बनाया हुआ उनका सुंदर स्केच उपहार में देने पहुंची थी। यह पल वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए यादगार बन गया, जब नन्ही काव्या ने एसडीएम को यह चित्र भेंट किया और उसकी कला, मेहनत तथा सम्मान की भावना ने सभी का दिल जीत लिया। जॉइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी रिंकू सिंह राही अपनी सरल कार्यशैली, जनता से सीधे संवाद, जनसुनवाई और समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए जाने जाते हैं, जिसके कारण उन्होंने जालौन में अपनी तैनाती के दौरान आम लोगों के बीच एक विशेष पहचान बनाई है। यही वजह है कि अब बच्चे भी उन्हें अपना प्रेरणास्रोत मानने लगे हैं। काव्या ने बताया कि वह एसडीएम रिंकू सिंह राही के कार्यों और जनता के प्रति उनकी सकारात्मक सोच से बहुत प्रभावित है, और इसी प्रेरणा से उसने उनका स्केच बनाकर स्वयं उन्हें भेंट करने का निर्णय लिया। एसडीएम रिंकू सिंह राही ने भी बच्ची का स्नेहपूर्ण स्वागत किया, उसकी प्रतिभा की सराहना की और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उसे निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। यह घटना मात्र एक स्केच भेंट करने से कहीं अधिक थी; यह प्रशासन और जनता के बीच मजबूत होते विश्वास, सम्मान और आत्मीयता का प्रतीक है। नन्ही काव्या का यह लगाव दर्शाता है कि जब कोई अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ करता है, तो वह केवल सरकारी दायरों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों के दिलों में भी अपनी जगह बना लेता है। यह संदेश देता है कि अधिकारी बहुत होते हैं, लेकिन जनता का असली अफसर वही बनता है, जिसे लोग सम्मान के साथ याद करें और बच्चे अपना आदर्श मानें।
- सोमवार को जालौन तहसील परिसर में एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक क्षण देखने को मिला, जिसने यह साबित कर दिया कि जनता का विश्वास और सम्मान किसी भी अधिकारी की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। करीब 35 किलोमीटर दूर से आई एक 14 वर्षीय बालिका काव्या ने अपने पसंदीदा जॉइंट मजिस्ट्रेट और उपजिलाधिकारी रिंकू सिंह राही से भेंट की। वह किसी शिकायत या व्यक्तिगत कार्य के लिए नहीं, बल्कि उन्हें स्वयं अपने हाथों से बनाया हुआ उनका सुंदर स्केच उपहार में देने पहुंची थी। यह पल वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए यादगार बन गया, जब नन्ही काव्या ने एसडीएम को यह चित्र भेंट किया और उसकी कला, मेहनत तथा सम्मान की भावना ने सभी का दिल जीत लिया। जॉइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी रिंकू सिंह राही अपनी सरल कार्यशैली, जनता से सीधे संवाद, जनसुनवाई और समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए जाने जाते हैं, जिसके कारण उन्होंने जालौन में अपनी तैनाती के दौरान आम लोगों के बीच एक विशेष पहचान बनाई है। यही वजह है कि अब बच्चे भी उन्हें अपना प्रेरणास्रोत मानने लगे हैं। काव्या ने बताया कि वह एसडीएम रिंकू सिंह राही के कार्यों और जनता के प्रति उनकी सकारात्मक सोच से बहुत प्रभावित है, और इसी प्रेरणा से उसने उनका स्केच बनाकर स्वयं उन्हें भेंट करने का निर्णय लिया। एसडीएम रिंकू सिंह राही ने भी बच्ची का स्नेहपूर्ण स्वागत किया, उसकी प्रतिभा की सराहना की और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उसे निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। यह घटना मात्र एक स्केच भेंट करने से कहीं अधिक थी; यह प्रशासन और जनता के बीच मजबूत होते विश्वास, सम्मान और आत्मीयता का प्रतीक है। नन्ही काव्या का यह लगाव दर्शाता है कि जब कोई अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ करता है, तो वह केवल सरकारी दायरों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों के दिलों में भी अपनी जगह बना लेता है। यह संदेश देता है कि अधिकारी बहुत होते हैं, लेकिन जनता का असली अफसर वही बनता है, जिसे लोग सम्मान के साथ याद करें और बच्चे अपना आदर्श मानें।1
- जालौन जिले के कुठोंद थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक वांछित वारंटी को गिरफ्तार किया है। कुठोंद थाना प्रभारी जगदंबा दुबे की टीम द्वारा की गई इस कार्रवाई में, वह वारंटी पकड़ा गया जो झांसी जिले से गैंगस्टर सहित कई अन्य मामलों में वांछित चल रहा था।1
- जालौन में जॉइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी रिंकू सिंह राही की कार्यशैली से प्रभावित होकर 14 वर्षीय इंटरमीडिएट की छात्रा काव्या विश्वकर्मा ने अपने छोटे भाई के साथ लगभग 35 किलोमीटर की दूरी तय की और उनसे मिलने तहसील पहुंची। काव्या विशेष रूप से जॉइंट मजिस्ट्रेट को अपने हाथों से बनाया गया उनका स्केच भेंट करने आई थी। वह गोहन क्षेत्र के विजदुआ गांव की निवासी है। काव्या ने बताया कि वह जॉइंट मजिस्ट्रेट की कार्यशैली और आम लोगों की समस्याओं के समाधान के प्रति उनके समर्पण से अत्यधिक प्रभावित है। इसी प्रेरणा से उसने उनका स्केच तैयार किया और व्यक्तिगत रूप से उन्हें भेंट करने का निर्णय लिया। काव्या को चित्रकला का विशेष शौक है और वह भविष्य में एक सफल कलाकार बनने की आकांक्षा रखती है। तहसील पहुंचने पर काव्या ने जॉइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही को अपना बनाया हुआ स्केच भेंट किया। रिंकू सिंह राही ने छात्रा की कलात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उसे अपनी कला को और अधिक निखारने के लिए प्रोत्साहित किया। सोमवार को तहसील परिसर में बड़ी संख्या में फरियादी भी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचे थे, जिन्होंने जॉइंट मजिस्ट्रेट द्वारा शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण की सराहना की, जिससे आमजन का प्रशासन पर विश्वास बढ़ा है। यह घटना, जिसमें एक किशोरी ने अपने पसंदीदा अधिकारी से मिलने के लिए लंबी दूरी तय की और अपनी कला के माध्यम से सम्मान व्यक्त किया, पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। लोगों ने इसे बच्चों में प्रशासन के प्रति बढ़ते विश्वास और सकारात्मक सोच के एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में देखा।1
- जालौन जनपद में जॉइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी रिंकू सिंह राही की कार्यशैली एक बार फिर चर्चा का विषय बनी हुई है। उनकी कार्यशैली से प्रभावित होकर एक 14 वर्षीय बच्ची अपने छोटे भाई के साथ लगभग 35 किलोमीटर दूर से तहसील जालौन पहुंची और उन्हें अपने हाथों से बनाया गया उनका स्केच भेंट किया। यह भावुक और प्रेरणादायक दृश्य तहसील जालौन में देखने को मिला, जिसकी जनपद में खूब सराहना हो रही है। बच्ची ने बताया कि वह जॉइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही के कार्यों और जनता के प्रति उनके व्यवहार से बहुत प्रभावित है, जिसके चलते ही वह अपने भाई के साथ उनसे मिलने आई थी। बातचीत के दौरान बच्ची ने यह भी बताया कि उसका सपना आगे चलकर एक सफल आर्टिस्ट बनने का है। उसने स्पष्ट किया कि वह ऐसे अधिकारियों से प्रेरणा लेती है जो समाज के लिए समर्पित भाव से कार्य करते हैं। तहसील परिसर में बड़ी संख्या में अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचे फरियादियों की उपस्थिति भी इस बात का प्रमाण थी कि जॉइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही जनता की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से निस्तारण कर रहे हैं। यही कारण है कि उनकी कार्यशैली की सराहना केवल बुजुर्ग और आमजन ही नहीं, बल्कि बच्चे भी कर रहे हैं।1
- इंसानियत ग्रुप ने एक अविश्वसनीय कार्य को संभव कर दिखाया है, जो चार महीनों से नहीं हो पाया था उसे मात्र 10 घंटे में पूरा कर दिखाया है। रात्रि 1 बजे अपनी नींद और काम छोड़कर समूह के सदस्य एक ऐसे दिव्यांग व्यक्ति की मदद में जुट गए हैं, जिसके लिए उसकी 80 वर्षीय माँ बेसब्री से राह देख रही थी। यह भावनात्मक और सराहनीय कार्य कई लोगों को रुला गया है। चार महीने से, नीलू नामक यह दिव्यांग व्यक्ति, जिसका एक पैर और एक हाथ नहीं है, जिला जालौन स्थित अपने घर वापस लौटना चाहता था, पर कोई मददगार न होने के कारण ऐसा नहीं कर पा रहा था। कल शाम 5 बजे, उसकी माँ और आटा संधी गाँव के ओम जी ने इंसानियत ग्रुप से मदद माँगी। ग्रुप ने 24 घंटे भी पूरे होने से पहले ही यह मदद पूरी कर दी है। बालकृष्ण दीक्षित जी अपने परिवार सहित पूरी रात्रि डटे रहे, और डॉ. पुष्पेंद्र गुर्जर जी तथा रजत भाई का भी विशेष सहयोग रहा, जिसके कारण नीलू उधर से झाँसी आ पा रहे हैं। नीलू आज दोपहर 12 बजे झाँसी में विश्वकर्मा जी के साथ पहुँचेंगे। झाँसी के मददगार भाइयों से निवेदन किया गया है कि वे समय पर पहुँचकर नीलू को ट्रेन से उतारें और उरई तक पहुँचाने का कार्य करें, क्योंकि वह अकेले न तो ट्रेन से उतर सकते हैं और न ही बैठ सकते हैं। यह कार्य हम सभी को मिलकर पूरा करना है।1
- जालौन तहसील परिसर में सोमवार को एक भावुक और प्रेरणादायक क्षण देखने को मिला, जब 14 वर्षीय काव्या अपने पसंदीदा जॉइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम रिंकू सिंह राही से मिलने लगभग 35 किलोमीटर का सफर तय कर पहुंची। काव्या किसी शिकायत या व्यक्तिगत कार्य से नहीं, बल्कि अपने हाथों से बनाया गया एसडीएम का एक सुंदर स्केच भेंट करने आई थी। तहसील परिसर में अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में जब उसने अपना बनाया हुआ चित्र एसडीएम को सौंपा, तो वहां उपस्थित सभी लोग उसकी प्रतिभा और सम्मान की भावना से प्रभावित हुए। जनसमस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए पहचाने जाने वाले एसडीएम रिंकू सिंह राही ने भी बच्ची का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने काव्या की कला और मेहनत की सराहना करते हुए उसे उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं तथा निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। काव्या ने बताया कि वह एसडीएम रिंकू सिंह राही के कार्यों और जनता के प्रति उनकी संवेदनशील कार्यशैली से प्रभावित है, और इसी प्रेरणा से उसने उनका स्केच तैयार किया तथा स्वयं आकर उन्हें भेंट करने का निर्णय लिया। यह अवसर केवल एक स्केच भेंट करने का नहीं था, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच बने विश्वास, सम्मान और आत्मीयता का भी प्रतीक बन गया। इस नन्ही बालिका का स्नेह यह दर्शाता है कि जब कोई अधिकारी अपनी कार्यशैली से लोगों के दिलों में जगह बना लेता है, तो सम्मान और प्रेम स्वतः ही उसके हिस्से में आ जाता है; अधिकारी अनेक होते हैं, लेकिन जनता के दिलों पर राज करने वाले विरले ही होते हैं।1
- जालौन के कोतवाली क्षेत्र में चोरों के हौसले बुलंद दिख रहे हैं, जहाँ एक ही रात में दो अलग-अलग गांवों में चोरी की बड़ी वारदातों से ग्रामीणों में दहशत और सनसनी फैल गई है। इन घटनाओं ने पुलिस की रात्रि गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अज्ञात बदमाशों ने बंद और रिहायशी घरों को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के जेवरात और नकदी चुरा ली है, जिसके बाद ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे हैं। छिरिया चौकी क्षेत्र के सहाव गांव में बाबूराम पुत्र ब्रंची के बंद घर में रात के समय चोरों ने धावा बोल दिया। पीड़ित परिवार के अनुसार, चोर लगभग 5 तोला सोने के आभूषण और ₹65 हजार नकद लेकर फरार हो गए, जिनकी कुल कीमत करीब 6 लाख रुपये बताई जा रही है। सुबह घटना की जानकारी होने पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पाकर छिरिया चौकी प्रभारी आलोक पाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुँचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर मामले की जाँच में जुटी हुई है। इसी रात कोतवाली क्षेत्र के औरेखी गांव में भी चोरों ने प्रताप कुशवाहा के घर को निशाना बनाया। देर रात घर में घुसे बदमाशों ने सोने-चांदी के जेवरात, ₹50 हजार नकद और अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया। पीड़ित परिवार के मुताबिक, चोरी गए सामान की कीमत करीब 3 लाख रुपये है। सुबह चोरी का पता चलते ही गांव में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुँची पुलिस ने मौका मुआयना किया और जाँच शुरू कर दी है, साथ ही आसपास के लोगों से पूछताछ कर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। एक ही रात में हुई इन दो बड़ी चोरियों से ग्रामीणों में आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए रात्रि गश्त बढ़ाई जानी चाहिए और जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोनों मामलों की गंभीरता से जाँच की जा रही है और जल्द ही चोरी की घटनाओं का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।2
- उरई शहर के व्यस्त स्टेशन रोड क्षेत्र में रविवार को दिनदहाड़े एक युवक पर चाकू से हमला किए जाने की घटना से हड़कंप मच गया। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्राम कुइया निवासी अतुल वर्मा अपने मित्र कार्तिकेय मिश्रा को बाइक से घर छोड़ने जा रहा था, तभी स्टेशन रोड स्थित ब्लैक चिली रेस्टोरेंट के पास स्कूटी और बाइक से आए 5-6 युवकों ने उसे घेर लिया। हमलावरों ने अतुल वर्मा पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर घायल अतुल वर्मा को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना से पहले फोन पर कहासुनी होने की बात सामने आई है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस को सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से क्षेत्र में दहशत का माहौल है।1