सरवाड़ अस्पताल के खस्ता हालात से आमजन परेशान, अधिकारी बने अनजान एक तरफ सरकार द्वारा 'डिजिटल इंडिया' और बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे हैं... तो दूसरी तरफ सिस्टम की लाचारी के कारण अस्पतालों में परेशान होते मरीजो की एक कहानी का कड़वा सच। मामला है सरवाड़ के राजकीय चिकित्सालय का। जहाँ इलाज कराने आ रहे मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहाँ पिछले कई दिनों से एक्सरे फिल्म ही खत्म है! हैरानी की बात देखिए... फिल्म न होने की वजह से चिकित्साकर्मी अब मरीजों के एक्सरे की फोटो खींचकर, सीधे चिकित्सा अधिकारी को व्हाट्सएप पर भेज रहे हैं। यानी मरीज को खुद की रिपोर्ट तक नसीब नहीं हो रही। जब इस अव्यवस्था पर अस्पताल के कर्मचारियों से सवाल किया गया, तो उन्होंने बड़ी आसानी से पल्ला झाड़ लिया। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने ऊपर रिक्वायरमेंट भेज दी है, लेकिन सिस्टम की सुस्ती के कारण सप्लाई ही नहीं आ रही। आपको बता दें कि यह बदहाली सिर्फ सरवाड़ तक सीमित नहीं है। केकड़ी के जिला अस्पताल समेत पूरे इलाके के अन्य राजकीय चिकित्सालयों में भी यही ढर्रा चल रहा है। मरीज दर्द में भटकने को मजबूर हैं। सप्लाई चेन की इस नाकामी का खामियाजा गरीब जनता भुगत रही है। अब बड़ा सवाल यह है कि सिस्टम की नींद कब टूटेगी? और कब इन बेबस मरीजों की पीड़ा सुनकर कोई सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सरवाड़ अस्पताल के खस्ता हालात से आमजन परेशान, अधिकारी बने अनजान एक तरफ सरकार द्वारा 'डिजिटल इंडिया' और बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे हैं... तो दूसरी तरफ सिस्टम की लाचारी के कारण अस्पतालों में परेशान होते मरीजो की एक कहानी का कड़वा सच। मामला है सरवाड़ के राजकीय चिकित्सालय का। जहाँ इलाज कराने आ रहे मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहाँ पिछले कई दिनों से एक्सरे फिल्म ही खत्म है! हैरानी की बात देखिए... फिल्म न होने की वजह से चिकित्साकर्मी अब मरीजों के एक्सरे की फोटो खींचकर, सीधे चिकित्सा अधिकारी को व्हाट्सएप पर भेज रहे हैं। यानी मरीज को खुद की रिपोर्ट तक नसीब नहीं हो रही। जब इस अव्यवस्था पर अस्पताल के कर्मचारियों से सवाल किया गया, तो उन्होंने बड़ी आसानी से पल्ला झाड़ लिया। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने ऊपर रिक्वायरमेंट भेज दी है, लेकिन सिस्टम की सुस्ती के कारण सप्लाई ही नहीं आ रही। आपको बता दें कि यह बदहाली सिर्फ सरवाड़ तक सीमित नहीं है। केकड़ी के जिला अस्पताल समेत पूरे इलाके के अन्य राजकीय चिकित्सालयों में भी यही ढर्रा चल रहा है। मरीज दर्द में भटकने को मजबूर हैं। सप्लाई चेन की इस नाकामी का खामियाजा गरीब जनता भुगत रही है। अब बड़ा सवाल यह है कि सिस्टम की नींद कब टूटेगी? और कब इन बेबस मरीजों की पीड़ा सुनकर कोई सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- सरवाड़ अस्पताल के खस्ता हालात से आमजन परेशान, अधिकारी बने अनजान एक तरफ सरकार द्वारा 'डिजिटल इंडिया' और बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे हैं... तो दूसरी तरफ सिस्टम की लाचारी के कारण अस्पतालों में परेशान होते मरीजो की एक कहानी का कड़वा सच। मामला है सरवाड़ के राजकीय चिकित्सालय का। जहाँ इलाज कराने आ रहे मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहाँ पिछले कई दिनों से एक्सरे फिल्म ही खत्म है! हैरानी की बात देखिए... फिल्म न होने की वजह से चिकित्साकर्मी अब मरीजों के एक्सरे की फोटो खींचकर, सीधे चिकित्सा अधिकारी को व्हाट्सएप पर भेज रहे हैं। यानी मरीज को खुद की रिपोर्ट तक नसीब नहीं हो रही। जब इस अव्यवस्था पर अस्पताल के कर्मचारियों से सवाल किया गया, तो उन्होंने बड़ी आसानी से पल्ला झाड़ लिया। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने ऊपर रिक्वायरमेंट भेज दी है, लेकिन सिस्टम की सुस्ती के कारण सप्लाई ही नहीं आ रही। आपको बता दें कि यह बदहाली सिर्फ सरवाड़ तक सीमित नहीं है। केकड़ी के जिला अस्पताल समेत पूरे इलाके के अन्य राजकीय चिकित्सालयों में भी यही ढर्रा चल रहा है। मरीज दर्द में भटकने को मजबूर हैं। सप्लाई चेन की इस नाकामी का खामियाजा गरीब जनता भुगत रही है। अब बड़ा सवाल यह है कि सिस्टम की नींद कब टूटेगी? और कब इन बेबस मरीजों की पीड़ा सुनकर कोई सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी।1
- एक वर्ष बाद भी नहीं आई किसानों के खाते में फसल खराबा राशि, भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री के नाम गिरदावर को दिया ज्ञापन भारतीय किसान संघ के बैनर तलें गुरुवार को सैकड़ो किसानों ने राज्य सरकार से झालावाड़ में किसानों के साथ किए गए वादा खिलाफी का आरोप लगाते राज्य सरकार से खरीफ 2025 की प्रधानमंत्री फसल बीमा राशि सहित आपदा प्रबंधन राशि जल्दी ही किसानों के खाते में डालने की मांग की किसानों ने सात दिवस में फसल खराबा राशि एवं खरीफ 2025 की प्रधानमंत्री फसल बीमा राशि किसानों के खाते में नहीं आने पर। सांसद एवं विधायक आवास के बाहर धरना प्रदर्शन किया जाएगा इसके साथ सचिवालय का भी घेराव किया जाएगा भारतीय किसान संघ ने गुरुवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम कादेड़ा उप तहसील कार्यालय पर गिरदावर धनराज राठी को ज्ञापन सोपा भराई , कादेड़ा,भीमडावास, पिपलाज सहित आसपास के गांवों से सैकड़ो की संख्या में आए किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से किसानों के साथ झालावाड़ में हुएं किसान आंदोलन का हवाला देते हुए उस दौरान राज्य सरकार ने किसानों की मांग पर प्रधानमंत्री फसल बीमा राशि एवं आपदा प्रबंधन के तहत फसल खराबा राशि राज्य सरकार से स्वीकृत तों कर दी परंतु एक वर्ष उपरांत भी किसानों के खाते में फसल खराबा की राशि नहीं आई जिससे किसानों को मानसिक एवं आर्थिक समस्या से गुजरना पड़ रहा ज्ञापन के दौरान जिला अध्यक्ष सत्यनारायण प्रजापति भराई, जिला सचिव नाथूलाल शर्मा भराई तहसील अध्यक्ष घीसालाल शर्मा भीमडावास, धनराज सिंह राठौड़, रामलाल प्रजापत कादेड़ा इकाई अध्यक्ष, चंद्रसेन कीर, सीताराम गुर्जर सहित सैकड़ो की संख्या में किसान उपस्थित थे2
- टोंक जिले के मालपुरा तहसील के ग्राम किरावल के पास द्वाकापुरी से स्कूल आने वाले बच्चों को कीचड़ से परेशानी करनी पड़ती हैं। जिससे सरकार को इस समस्या का निवारण करे। मालपुरा तहसील के ग्राम किरावल में द्वारकापुरी से स्कूल आने वाले बच्चों को कीचड़ ओर बबूल से बहुत परेशानी होती हैं। जिससे बच्चों के द्वारा सरकार को रैली निकालकर संदेश दिया। अत बच्चों की यह समस्या दूर करे।1
- 3 साल से फालोलाव में सड़क नहीं बन रही हैं और सभी ग्रामीण और इस पास के लोग बहुत परेशान हैं क्या मेरे गांव फालोलाव तेहसिलह टोडारासिग ग्राम पंचायत कुकड,,जिला टोंक क्या मेरे गांव फालोलाव में सड़क बन सकती है क्या । सभी ग्रामीण क्षेत्रों के लोग आने जाने बहुत परेशानी है और गांव के चारों तरफ किचड़ ही किचड़ है । मेरे यह आवाज है कि मेरे गांव में सड़क का न्यु निर्माण करने कि कोसी करें भारत सरकार1
- पुष्कर सड़क निर्माण का काम स्टार्ट हो चुका है यह आप सभी लोगों की मेहनत और लाइक और शेयर करने का नतीजा है जो आज सड़क बन रही है प्रशासन सरकार को संज्ञान लेना जरूरी है आप सभी दोस्तों का बहुत-बहुत धन्यवाद आप सभी की मेहनत रंग लाई और पुष्कर सड़क निर्माण कार्य शुरू किया गया है सभी भाइयों सपोर्ट करते हैं शासन प्रशासन सरकार ने बहुत गंभीर स्थिति सुधर गई है बहुत-बहुत धन्यवाद सभी भाइयों को 😍😍1
- अजमेर दरगाह में खानाबदोश महिलाओं का जमावड़ा जायरिनो को करते हैं परेशान अजमेर दरगाह में खानाबदोश महिलाओं का जमावड़ा जायरिनो को करते हैं परेशान1
- खेत पर रखवाली करने गया युवक अचेत मिला। हुई मौत। परिजनों ने मौत को संदिग्ध मानते हुए जांच की मांग की। पुलिस ने मृग दर्ज कर जांच सौंपी। शाहपुरा भैरू लाल लक्षकार खेत पर रखवाली करने हुए युवक सुबह खेत में अचेत अवस्था में मिला शाहपुरा हॉस्पिटल लाने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस मर्ग दर्ज कर जांच में जुटी। पुलिस के अनुसार मृतक की मां नंदू देवी बैरवा ने दी रिपोर्ट में बताया कि उसका बेटा कल रात खेत पर रखवाली करने गया। सुबह चाय लेकर गए जहां युवक अचेत अवस्था में मिला परिजनों ने शाहपुरा अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने मौत को संदिग्ध मानते हुए जांच की मांग:- मृतक की मां व परिजनों ने मृतक की मौत को संदिग्ध मानते हुई कई तरह की आशंक व्यक्त की। इधर मृतक के सुसराल वाले भी मौके पर पहुंचे। परिजनों ने हत्या की आशंका व्यक्त करते हुए थाने पहुंच गए और थानाधिकारी लीलाराम मालवीय के मामले की गहन जांच करने की मांग की। थानाधिकारी ने परिजनों से मृतक के शरीर पर कही चोट के निशान नहीं होने पर आशंकित परिजनों को समझाइश करते हुए मृग दर्ज करते हुए जांच अधिकारी नियुक्त किया और गहनता से जांच के आदेश दिए। समझाइश के बाद शव का पोस्टमार्टम करावा शव परिजनों को सौंपा। बताया गया कि मृतक के तीन मासूम बच्ची, पत्नी एवं परिजनों का रो रो कर बुरा हाल हो गया।1