logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

बेतला पंजाब नेशनल बैंक में खाताधारकों की बढ़ी परेशानी, शाखा प्रबंधक की कार्यशैली पर उठे सवाल — दुर्व्यवहार और केवाईसी व्यवस्था को लेकर जांच की मांग तेज बरवाडीह (लातेहार) : लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र के बेतला स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा इन दिनों खाताधारकों की समस्याओं और बैंक प्रबंधन की कार्यशैली को लेकर चर्चा का केंद्र बनी हुई है। बैंक में केवाईसी (KYC) प्रक्रिया, ग्राहकों के साथ कथित दुर्व्यवहार तथा बिचौलियों के हस्तक्षेप को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कई खाताधारकों ने बैंक की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बेतला निवासी आदित्य कुमार, जो होटल वन विहार में निजी सुरक्षा गार्ड के पद पर कार्यरत हैं, ने बताया कि उन्होंने लगभग छह माह पूर्व अपने बैंक खाते का केवाईसी अपडेट कराने के लिए आवश्यक फॉर्म पंजाब नेशनल बैंक, बेतला शाखा में जमा किया था। उनका आरोप है कि बैंक द्वारा उनका फॉर्म सुरक्षित रखने के बजाय गुम कर दिया गया, जिसके कारण उनका केवाईसी लंबित रह गया। छह माह बाद फिर बैंक पहुंचने पर हुआ विवाद आदित्य कुमार के अनुसार, 13 फरवरी 2026 को वे पुनः अपनी माता और बहन के साथ बैंक पहुंचे और केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराने के लिए नया फॉर्म जमा करने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि शाखा प्रबंधक द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने बताया कि बैंक अधिकारी ने उनसे कथित रूप से कहा कि “यहां पचास हजार खाते हैं, तुम्हारा एक खाता बंद हो जाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।”इस घटना से आहत आदित्य कुमार बिना केवाईसी कराए ही बैंक से वापस लौट गए। उन्होंने कहा कि बैंक में आम ग्राहकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जा रहा है, जिससे खाताधारकों का मनोबल टूट रहा है। बैंक में फॉर्म उपलब्ध नहीं, बाहर से खरीदने की मजबूरी स्थानीय खाताधारकों का कहना है कि बैंक शाखा में केवाईसी सहित कई आवश्यक फॉर्म उपलब्ध नहीं रहते हैं। ग्राहकों को मजबूर होकर बैंक के बाहर स्थित दुकानों से पांच से दस रुपये देकर फॉर्म खरीदना पड़ता है। लोगों का आरोप है कि यह व्यवस्था आम ग्राहकों के लिए अतिरिक्त परेशानी और आर्थिक बोझ का कारण बन रही है। ग्राहकों ने सवाल उठाया कि जब केवाईसी बैंक की अनिवार्य प्रक्रिया है, तो संबंधित फॉर्म बैंक परिसर में ही निशुल्क उपलब्ध क्यों नहीं कराया जाता। बिचौलियों के सक्रिय होने का आरोप बैंक आने वाले कई खाताधारकों ने यह भी आरोप लगाया कि शाखा में बिचौलियों का प्रभाव बढ़ गया है। उनका कहना है कि सीधे बैंक कर्मियों से काम कराने में कठिनाई होती है, जबकि बिचौलियों के माध्यम से कार्य अपेक्षाकृत जल्दी हो जाता है। इससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कुछ ग्राहकों ने बताया कि ग्रामीण और कम पढ़े-लिखे लोग इस व्यवस्था से सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि उन्हें प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं होती और वे मजबूरी में बिचौलियों का सहारा लेते हैं। ग्राहकों ने लगाए गंभीर आरोप आदित्य कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि शाखा प्रबंधक द्वारा बातचीत के दौरान अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। उनका कहना है कि वे अपने परिवार के साथ बैंक पहुंचे थे, लेकिन उनके साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, उससे वे मानसिक रूप से आहत हो गए। उन्होंने कहा कि बैंक ग्राहकों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें डराने और टालने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन और बैंक के उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहकों पर पड़ रहा असर बेतला और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अपनी दैनिक बैंकिंग जरूरतों के लिए इसी शाखा पर निर्भर हैं। पेंशनधारी, मजदूर, छात्र और सरकारी योजनाओं के लाभुक नियमित रूप से बैंक आते हैं। ऐसे में केवाईसी जैसी जरूरी प्रक्रिया में लापरवाही से लोगों के खाते प्रभावित हो सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर केवाईसी नहीं होने से कई बार खाते फ्रीज हो जाते हैं, जिससे सरकारी योजनाओं की राशि निकालने में परेशानी होती है। इससे गरीब और जरूरतमंद वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित होता है। *जांच और सुधार की उठी मांग* घटना के बाद क्षेत्र में बैंक व्यवस्था को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं और खाताधारकों ने बैंक प्रबंधन से पारदर्शी व्यवस्था लागू करने, बैंक में सभी आवश्यक फॉर्म उपलब्ध कराने तथा ग्राहकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की है।लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी ग्राहक को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।प्रशासन और बैंक मुख्यालय से हस्तक्षेप की उम्मीद स्थानीय नागरिकों ने पंजाब नेशनल बैंक के उच्च अधिकारियों तथा जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है। उनका मानना है कि जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी और बैंकिंग व्यवस्था में सुधार संभव होगा। ग्रामीणों का कहना है कि बैंक आम जनता की सेवा के लिए है और यहां आने वाले हर ग्राहक के साथ सम्मान और पारदर्शिता के साथ व्यवहार होना चाहिए। फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग अब प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

2 hrs ago
user_Sonu Ram
Sonu Ram
Local News Reporter Barwadih, Latehar•
2 hrs ago

बेतला पंजाब नेशनल बैंक में खाताधारकों की बढ़ी परेशानी, शाखा प्रबंधक की कार्यशैली पर उठे सवाल — दुर्व्यवहार और केवाईसी व्यवस्था को लेकर जांच की मांग तेज बरवाडीह (लातेहार) : लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र के बेतला स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा इन दिनों खाताधारकों की समस्याओं और बैंक प्रबंधन की कार्यशैली को लेकर चर्चा का केंद्र बनी हुई है। बैंक में केवाईसी (KYC) प्रक्रिया, ग्राहकों के साथ कथित दुर्व्यवहार तथा बिचौलियों के हस्तक्षेप को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कई खाताधारकों ने बैंक की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बेतला निवासी आदित्य कुमार, जो होटल वन विहार में निजी सुरक्षा गार्ड के पद पर कार्यरत हैं, ने बताया कि उन्होंने लगभग छह माह पूर्व अपने बैंक खाते का केवाईसी अपडेट कराने के लिए आवश्यक फॉर्म पंजाब नेशनल बैंक, बेतला शाखा में जमा किया था। उनका आरोप है कि बैंक द्वारा उनका फॉर्म सुरक्षित रखने के बजाय गुम कर दिया गया, जिसके कारण उनका केवाईसी लंबित रह गया। छह माह बाद फिर बैंक पहुंचने पर हुआ विवाद आदित्य कुमार के अनुसार, 13 फरवरी 2026 को वे पुनः अपनी माता और बहन के साथ बैंक पहुंचे और केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराने के लिए नया फॉर्म जमा करने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि शाखा प्रबंधक द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने बताया कि बैंक अधिकारी ने उनसे कथित रूप से कहा कि “यहां पचास हजार खाते हैं, तुम्हारा एक खाता बंद हो जाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।”इस घटना से आहत आदित्य कुमार बिना केवाईसी कराए ही बैंक से वापस लौट गए। उन्होंने कहा कि बैंक में आम ग्राहकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जा रहा है, जिससे खाताधारकों का मनोबल टूट रहा है। बैंक में फॉर्म उपलब्ध नहीं, बाहर से खरीदने की मजबूरी स्थानीय खाताधारकों का कहना है कि बैंक शाखा में केवाईसी सहित कई आवश्यक फॉर्म उपलब्ध नहीं रहते हैं। ग्राहकों को मजबूर होकर बैंक के बाहर स्थित दुकानों से पांच से दस रुपये देकर फॉर्म खरीदना पड़ता है। लोगों का आरोप है कि यह व्यवस्था आम ग्राहकों के लिए अतिरिक्त परेशानी और आर्थिक बोझ का कारण बन रही है। ग्राहकों ने सवाल उठाया कि जब केवाईसी बैंक की अनिवार्य प्रक्रिया है, तो संबंधित फॉर्म बैंक परिसर में ही निशुल्क उपलब्ध क्यों नहीं कराया जाता। बिचौलियों के सक्रिय होने का आरोप बैंक आने वाले कई खाताधारकों ने यह भी आरोप लगाया कि शाखा में बिचौलियों का प्रभाव बढ़ गया है। उनका कहना है कि सीधे बैंक कर्मियों से काम कराने में कठिनाई होती है, जबकि बिचौलियों के माध्यम से कार्य अपेक्षाकृत जल्दी हो जाता है। इससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कुछ ग्राहकों ने बताया कि ग्रामीण और कम पढ़े-लिखे लोग इस व्यवस्था से सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि उन्हें प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं होती और वे मजबूरी में बिचौलियों का सहारा लेते हैं। ग्राहकों ने लगाए गंभीर आरोप आदित्य कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि शाखा प्रबंधक द्वारा बातचीत के दौरान अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। उनका कहना है कि वे अपने परिवार के साथ बैंक पहुंचे थे, लेकिन उनके साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, उससे वे मानसिक रूप से आहत हो गए। उन्होंने कहा कि बैंक ग्राहकों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें डराने और टालने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन और बैंक के उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहकों पर पड़ रहा असर बेतला और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अपनी दैनिक बैंकिंग जरूरतों के लिए इसी शाखा पर निर्भर हैं। पेंशनधारी, मजदूर, छात्र और सरकारी योजनाओं के लाभुक नियमित रूप से बैंक आते हैं। ऐसे में केवाईसी जैसी जरूरी प्रक्रिया में लापरवाही से लोगों के खाते प्रभावित हो सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर केवाईसी नहीं होने से कई बार खाते फ्रीज हो जाते हैं, जिससे सरकारी योजनाओं की राशि निकालने में परेशानी होती है। इससे गरीब और जरूरतमंद वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित होता है। *जांच और सुधार की उठी मांग* घटना के बाद क्षेत्र में बैंक व्यवस्था को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं और खाताधारकों ने बैंक प्रबंधन से पारदर्शी व्यवस्था लागू करने, बैंक में सभी आवश्यक फॉर्म उपलब्ध कराने तथा ग्राहकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की है।लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी ग्राहक को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।प्रशासन और बैंक मुख्यालय से हस्तक्षेप की उम्मीद स्थानीय नागरिकों ने पंजाब नेशनल बैंक के उच्च अधिकारियों तथा जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है। उनका मानना है कि जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी और बैंकिंग व्यवस्था में सुधार संभव होगा। ग्रामीणों का कहना है कि बैंक आम जनता की सेवा के लिए है और यहां आने वाले हर ग्राहक के साथ सम्मान और पारदर्शिता के साथ व्यवहार होना चाहिए। फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग अब प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

More news from Latehar and nearby areas
  • बरवाडीह (लातेहार) : लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र के बेतला स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा इन दिनों खाताधारकों की समस्याओं और बैंक प्रबंधन की कार्यशैली को लेकर चर्चा का केंद्र बनी हुई है। बैंक में केवाईसी (KYC) प्रक्रिया, ग्राहकों के साथ कथित दुर्व्यवहार तथा बिचौलियों के हस्तक्षेप को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कई खाताधारकों ने बैंक की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बेतला निवासी आदित्य कुमार, जो होटल वन विहार में निजी सुरक्षा गार्ड के पद पर कार्यरत हैं, ने बताया कि उन्होंने लगभग छह माह पूर्व अपने बैंक खाते का केवाईसी अपडेट कराने के लिए आवश्यक फॉर्म पंजाब नेशनल बैंक, बेतला शाखा में जमा किया था। उनका आरोप है कि बैंक द्वारा उनका फॉर्म सुरक्षित रखने के बजाय गुम कर दिया गया, जिसके कारण उनका केवाईसी लंबित रह गया। छह माह बाद फिर बैंक पहुंचने पर हुआ विवाद आदित्य कुमार के अनुसार, 13 फरवरी 2026 को वे पुनः अपनी माता और बहन के साथ बैंक पहुंचे और केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराने के लिए नया फॉर्म जमा करने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि शाखा प्रबंधक द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने बताया कि बैंक अधिकारी ने उनसे कथित रूप से कहा कि “यहां पचास हजार खाते हैं, तुम्हारा एक खाता बंद हो जाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।”इस घटना से आहत आदित्य कुमार बिना केवाईसी कराए ही बैंक से वापस लौट गए। उन्होंने कहा कि बैंक में आम ग्राहकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जा रहा है, जिससे खाताधारकों का मनोबल टूट रहा है। बैंक में फॉर्म उपलब्ध नहीं, बाहर से खरीदने की मजबूरी स्थानीय खाताधारकों का कहना है कि बैंक शाखा में केवाईसी सहित कई आवश्यक फॉर्म उपलब्ध नहीं रहते हैं। ग्राहकों को मजबूर होकर बैंक के बाहर स्थित दुकानों से पांच से दस रुपये देकर फॉर्म खरीदना पड़ता है। लोगों का आरोप है कि यह व्यवस्था आम ग्राहकों के लिए अतिरिक्त परेशानी और आर्थिक बोझ का कारण बन रही है। ग्राहकों ने सवाल उठाया कि जब केवाईसी बैंक की अनिवार्य प्रक्रिया है, तो संबंधित फॉर्म बैंक परिसर में ही निशुल्क उपलब्ध क्यों नहीं कराया जाता। बिचौलियों के सक्रिय होने का आरोप बैंक आने वाले कई खाताधारकों ने यह भी आरोप लगाया कि शाखा में बिचौलियों का प्रभाव बढ़ गया है। उनका कहना है कि सीधे बैंक कर्मियों से काम कराने में कठिनाई होती है, जबकि बिचौलियों के माध्यम से कार्य अपेक्षाकृत जल्दी हो जाता है। इससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कुछ ग्राहकों ने बताया कि ग्रामीण और कम पढ़े-लिखे लोग इस व्यवस्था से सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि उन्हें प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं होती और वे मजबूरी में बिचौलियों का सहारा लेते हैं। ग्राहकों ने लगाए गंभीर आरोप आदित्य कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि शाखा प्रबंधक द्वारा बातचीत के दौरान अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। उनका कहना है कि वे अपने परिवार के साथ बैंक पहुंचे थे, लेकिन उनके साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, उससे वे मानसिक रूप से आहत हो गए। उन्होंने कहा कि बैंक ग्राहकों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें डराने और टालने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन और बैंक के उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहकों पर पड़ रहा असर बेतला और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अपनी दैनिक बैंकिंग जरूरतों के लिए इसी शाखा पर निर्भर हैं। पेंशनधारी, मजदूर, छात्र और सरकारी योजनाओं के लाभुक नियमित रूप से बैंक आते हैं। ऐसे में केवाईसी जैसी जरूरी प्रक्रिया में लापरवाही से लोगों के खाते प्रभावित हो सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर केवाईसी नहीं होने से कई बार खाते फ्रीज हो जाते हैं, जिससे सरकारी योजनाओं की राशि निकालने में परेशानी होती है। इससे गरीब और जरूरतमंद वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित होता है। *जांच और सुधार की उठी मांग* घटना के बाद क्षेत्र में बैंक व्यवस्था को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं और खाताधारकों ने बैंक प्रबंधन से पारदर्शी व्यवस्था लागू करने, बैंक में सभी आवश्यक फॉर्म उपलब्ध कराने तथा ग्राहकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की है।लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी ग्राहक को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।प्रशासन और बैंक मुख्यालय से हस्तक्षेप की उम्मीद स्थानीय नागरिकों ने पंजाब नेशनल बैंक के उच्च अधिकारियों तथा जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है। उनका मानना है कि जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी और बैंकिंग व्यवस्था में सुधार संभव होगा। ग्रामीणों का कहना है कि बैंक आम जनता की सेवा के लिए है और यहां आने वाले हर ग्राहक के साथ सम्मान और पारदर्शिता के साथ व्यवहार होना चाहिए। फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग अब प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
    1
    बरवाडीह (लातेहार) : लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र के बेतला स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा इन दिनों खाताधारकों की समस्याओं और बैंक प्रबंधन की कार्यशैली को लेकर चर्चा का केंद्र बनी हुई है। बैंक में केवाईसी (KYC) प्रक्रिया, ग्राहकों के साथ कथित दुर्व्यवहार तथा बिचौलियों के हस्तक्षेप को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कई खाताधारकों ने बैंक की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बेतला निवासी आदित्य कुमार, जो होटल वन विहार में निजी सुरक्षा गार्ड के पद पर कार्यरत हैं, ने बताया कि उन्होंने लगभग छह माह पूर्व अपने बैंक खाते का केवाईसी अपडेट कराने के लिए आवश्यक फॉर्म पंजाब नेशनल बैंक, बेतला शाखा में जमा किया था। उनका आरोप है कि बैंक द्वारा उनका फॉर्म सुरक्षित रखने के बजाय गुम कर दिया गया, जिसके कारण उनका केवाईसी लंबित रह गया।
छह माह बाद फिर बैंक पहुंचने पर हुआ विवाद
आदित्य कुमार के अनुसार, 13 फरवरी 2026 को वे पुनः अपनी माता और बहन के साथ बैंक पहुंचे और केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराने के लिए नया फॉर्म जमा करने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि शाखा प्रबंधक द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने बताया कि बैंक अधिकारी ने उनसे कथित रूप से कहा कि “यहां पचास हजार खाते हैं, तुम्हारा एक खाता बंद हो जाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।”इस घटना से आहत आदित्य कुमार बिना केवाईसी कराए ही बैंक से वापस लौट गए। उन्होंने कहा कि बैंक में आम ग्राहकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जा रहा है, जिससे खाताधारकों का मनोबल टूट रहा है। बैंक में फॉर्म उपलब्ध नहीं, बाहर से खरीदने की मजबूरी स्थानीय खाताधारकों का कहना है कि बैंक शाखा में केवाईसी सहित कई आवश्यक फॉर्म उपलब्ध नहीं रहते हैं। ग्राहकों को मजबूर होकर बैंक के बाहर स्थित दुकानों से पांच से दस रुपये देकर फॉर्म खरीदना पड़ता है। लोगों का आरोप है कि यह व्यवस्था आम ग्राहकों के लिए अतिरिक्त परेशानी और आर्थिक बोझ का कारण बन रही है। ग्राहकों ने सवाल उठाया कि जब केवाईसी बैंक की अनिवार्य प्रक्रिया है, तो संबंधित फॉर्म बैंक परिसर में ही निशुल्क उपलब्ध क्यों नहीं कराया जाता।
बिचौलियों के सक्रिय होने का आरोप बैंक आने वाले कई खाताधारकों ने यह भी आरोप लगाया कि शाखा में बिचौलियों का प्रभाव बढ़ गया है। उनका कहना है कि सीधे बैंक कर्मियों से काम कराने में कठिनाई होती है, जबकि बिचौलियों के माध्यम से कार्य अपेक्षाकृत जल्दी हो जाता है। इससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कुछ ग्राहकों ने बताया कि ग्रामीण और कम पढ़े-लिखे लोग इस व्यवस्था से सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि उन्हें प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं होती और वे मजबूरी में बिचौलियों का सहारा लेते हैं।
ग्राहकों ने लगाए गंभीर आरोप आदित्य कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि शाखा प्रबंधक द्वारा बातचीत के दौरान अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। उनका कहना है कि वे अपने परिवार के साथ बैंक पहुंचे थे, लेकिन उनके साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, उससे वे मानसिक रूप से आहत हो गए।
उन्होंने कहा कि बैंक ग्राहकों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें डराने और टालने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन और बैंक के उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहकों पर पड़ रहा असर
बेतला और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अपनी दैनिक बैंकिंग जरूरतों के लिए इसी शाखा पर निर्भर हैं। पेंशनधारी, मजदूर, छात्र और सरकारी योजनाओं के लाभुक नियमित रूप से बैंक आते हैं। ऐसे में केवाईसी जैसी जरूरी प्रक्रिया में लापरवाही से लोगों के खाते प्रभावित हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर केवाईसी नहीं होने से कई बार खाते फ्रीज हो जाते हैं, जिससे सरकारी योजनाओं की राशि निकालने में परेशानी होती है। इससे गरीब और जरूरतमंद वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित होता है।
*जांच और सुधार की उठी मांग*
घटना के बाद क्षेत्र में बैंक व्यवस्था को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं और खाताधारकों ने बैंक प्रबंधन से पारदर्शी व्यवस्था लागू करने, बैंक में सभी आवश्यक फॉर्म उपलब्ध कराने तथा ग्राहकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की है।लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी ग्राहक को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।प्रशासन और बैंक मुख्यालय से हस्तक्षेप की उम्मीद स्थानीय नागरिकों ने पंजाब नेशनल बैंक के उच्च अधिकारियों तथा जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है। उनका मानना है कि जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी और बैंकिंग व्यवस्था में सुधार संभव होगा।
ग्रामीणों का कहना है कि बैंक आम जनता की सेवा के लिए है और यहां आने वाले हर ग्राहक के साथ सम्मान और पारदर्शिता के साथ व्यवहार होना चाहिए। फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग अब प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
    user_Sonu Ram
    Sonu Ram
    Local News Reporter Barwadih, Latehar•
    2 hrs ago
  • Post by Tipu Sultan
    1
    Post by Tipu Sultan
    user_Tipu Sultan
    Tipu Sultan
    चैनपुर, पलामू, झारखंड•
    3 hrs ago
  • डालटनगंज नगर निगम क्षेत्र में विकास का काम सिर्फ और सिर्फ अरुणा शंकर ही करवा सकती है चैनपुर के पूर्व जिला परिषद सदस्य शैलेंद्र कुमार शैलू ने मीडिया से बातचीत में कहा
    1
    डालटनगंज नगर निगम क्षेत्र में विकास का काम सिर्फ और सिर्फ अरुणा शंकर ही करवा सकती है चैनपुर के पूर्व जिला परिषद सदस्य शैलेंद्र कुमार शैलू ने मीडिया से बातचीत में कहा
    user_JHARKHAND BULLETIN
    JHARKHAND BULLETIN
    पत्रकार मेदिनीनगर (डाल्टनगंज), पलामू, झारखंड•
    11 hrs ago
  • गारू : गारू प्रखंड अंतर्गत करवाई पंचायत के दलदलिया गांव में उस वक्त ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला, जब ग्राम प्रधान राजू उरांव की रिहाई पर हजारों ग्रामीणों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। बुधवार शाम करीब 4:30 बजे अरमू मोड़ पर आसपास के कई गांवों से पहुंचे लोगों ने फूल-मालाओं और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ उनका भव्य स्वागत किया ग्रामीणों ने इस रिहाई को सिर्फ एक व्यक्ति की वापसी नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता और भारतीय संविधान में प्रदत्त अनुसूचित क्षेत्र के अधिकारों की जीत बताया। पूरे क्षेत्र में उत्साह और गर्व का माहौल देखा गया।स्वागत के बाद सभी समुदाय के लोग एक मंच पर एकत्रित हुए, जहां पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति ने माहौल को और भी जोशीला बना दिया। ढोल नगाड़ों की गूंज के बीच जुलूस दलदलिया गांव की ओर बढ़ा। गांव पहुंचने पर पारंपरिक रीति रिवाजों के तहत ग्राम प्रधान का पैर धोकर सम्मान किया गया। धरती माता की पूजा-अर्चना की गई और खुटगड़ी पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।ग्रामीणों ने कहा कि यह जीत सामूहिक एकता, संघर्ष और अधिकारों की रक्षा का प्रतीक है। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और इसे सामाजिक सौहार्द व एकजुटता का संदेश बताया।दलदलिया गांव में देर शाम तक जश्न का माहौल बना रहा, जहां हर चेहरे पर संतोष और गर्व साफ झलक रहा था।
    2
    गारू : गारू प्रखंड अंतर्गत करवाई पंचायत के दलदलिया गांव में उस वक्त ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला, जब ग्राम प्रधान राजू उरांव की रिहाई पर हजारों ग्रामीणों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। बुधवार शाम करीब 4:30 बजे अरमू मोड़ पर आसपास के कई गांवों से पहुंचे लोगों ने फूल-मालाओं और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ उनका भव्य स्वागत किया ग्रामीणों ने इस रिहाई को सिर्फ एक व्यक्ति की वापसी नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता और भारतीय संविधान में प्रदत्त अनुसूचित क्षेत्र के अधिकारों की जीत बताया। पूरे क्षेत्र में उत्साह और गर्व का माहौल देखा गया।स्वागत के बाद सभी समुदाय के लोग एक मंच पर एकत्रित हुए, जहां पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति ने माहौल को और भी जोशीला बना दिया। ढोल नगाड़ों की गूंज के बीच जुलूस दलदलिया गांव की ओर बढ़ा। गांव पहुंचने पर पारंपरिक रीति रिवाजों के तहत ग्राम प्रधान का पैर धोकर सम्मान किया गया। धरती माता की पूजा-अर्चना की गई और खुटगड़ी पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।ग्रामीणों ने कहा कि यह जीत सामूहिक एकता, संघर्ष और अधिकारों की रक्षा का प्रतीक है। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और इसे सामाजिक सौहार्द व एकजुटता का संदेश बताया।दलदलिया गांव में देर शाम तक जश्न का माहौल बना रहा, जहां हर चेहरे पर संतोष और गर्व साफ झलक रहा था।
    user_निरंजन प्रसाद
    निरंजन प्रसाद
    गारू, लातेहार, झारखंड•
    16 hrs ago
  • Post by Sunil singh
    1
    Post by Sunil singh
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    Ranka, Garhwa•
    15 hrs ago
  • ये है मझिआंव का विकास गांव जहां लोग तराही तरही मान कर रही है
    1
    ये है मझिआंव का विकास गांव जहां लोग तराही तरही मान कर रही है
    user_Green Line News, Md Mostaque
    Green Line News, Md Mostaque
    पत्रकार गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    2 hrs ago
  • कहानी चंद्रयान 3 की जब असफल हो गई थी चंद्रयान-2 उसके बाद कैसे सफल हुई चंद्रयान-3 आईए जानते हैं पूरी कहानी
    1
    कहानी चंद्रयान 3 की जब असफल हो गई थी चंद्रयान-2 उसके बाद कैसे सफल हुई चंद्रयान-3 
आईए जानते हैं पूरी कहानी
    user_Anit tiwary
    Anit tiwary
    Local Politician गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    5 hrs ago
  • मिलिए नगर की प्रथम महापौर अरुणा शंकर ने चंद्रवंशी समाज को संबोधित किया चंद्रवंशी समाज ने अरुण शंकर को अपना समर्थन दिया मौके पर चंद्रवंशी समाज के अध्यक्ष रहे मौजूद साथी पूर्व मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी भी रहे मौजूद।
    1
    मिलिए  नगर की प्रथम महापौर अरुणा शंकर ने चंद्रवंशी समाज को संबोधित किया चंद्रवंशी समाज ने अरुण शंकर को अपना समर्थन दिया मौके पर चंद्रवंशी समाज के अध्यक्ष रहे मौजूद साथी पूर्व मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी भी रहे मौजूद।
    user_JHARKHAND BULLETIN
    JHARKHAND BULLETIN
    पत्रकार मेदिनीनगर (डाल्टनगंज), पलामू, झारखंड•
    11 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.