Shuru
Apke Nagar Ki App…
मातृशक्ति का प्रशिक्षण वर्ग समापन पर निकाला नगर में भव्य पथ संचलन जगह-जगह हुआ पुष्प वर्षा से मातृशक्ति का स्वागत
Vikas Soni
मातृशक्ति का प्रशिक्षण वर्ग समापन पर निकाला नगर में भव्य पथ संचलन जगह-जगह हुआ पुष्प वर्षा से मातृशक्ति का स्वागत
More news from Madhya Pradesh and nearby areas
- गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 70910778981
- विंध्य लोकवाणी कटनी से ख़ास रिपोर्ट विकास श्रीवास्तव के साथ श्री राजपूत करणी सेना ने एसपी कार्यालय में सौंपा ज्ञापन1
- रात्रि में 10°C की कड़ाके की ठंड में भी सभी निराश्रित गौवंश को 1.5 क्विंटल औषधि युक्त गुड़ के लड्डू खिलाएं गए...1
- विकसित भारत - जी राम जी में गांव तथा ग्राम सभा, विकसित ग्राम पंचायत प्लान बनाएंगे और तय करेंगे कि गांव में कौन से काम हों। यह योजना गरीबी मुक्त, रोजगार युक्त, स्वावलंबी और स्वयंपूर्ण गांव के सपने को पूरा करने का संकल्प है।1
- महाराष्ट्र के अमरावती से वैष्णो देवी तक लुढ़ककर यात्रा 2050 किलोमीटर की अमरावती के रहने वाले देवदास कर रहे हैं यात्राकरने वालें भक्त का टीकमगढ़ की धरा पर हुआ आगमन1
- *धतूरा नई बस्ती में प्रशासन का 'बुलडोजर प्रहार': बिना नोटिस बेघर हुए गरीब, मासूमों की सिसकियों ने सरकार को झकझोरा* खबर/धतूरा (मध्य प्रदेश): एक तरफ जहां कड़ाके की ठंड और जीवन का संघर्ष है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की कथित 'गुंडाशाही' ने दर्जनों परिवारों को खुले आसमान के नीचे लाकर खड़ा कर दिया है। धतूरा नई बस्ती में हाल ही में हुई प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई विवादों के घेरे में आ गई है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना या जांच के उनके आशियानों पर बुलडोजर चला दिया गया *बिना नोटिस की कार्रवाई 'सब कुछ मिट्टी में मिल गया* पीड़ित मजदूरों और ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने नियमों को ताक पर रखकर कार्रवाई की। जहां कुछ लोगों को 'कारण बताओ' नोटिस जारी किए गए थे, वहीं प्रशासन ने उन घरों को भी जमींदोज कर दिया जिनके पास कोई नोटिस नहीं पहुंचा था। नुकसान का मंजर: कार्रवाई इतनी अचानक थी कि लोगों को अपना सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला। राशन, जमा पूंजी और गृहस्थी का सारा सामान मलबे में तब्दील हो गया है *मासूमों की पुकार मुख्यमंत्री जी हमारी किताबें दब गईं* इस घटना का सबसे हृदयविदारक पहलू वे नन्हे-मुन्ने बच्चे हैं, जिनकी पढ़ाई इस कार्रवाई की भेंट चढ़ गई हाथ जोड़कर रोते हुए बच्चों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुहार लगाई है "हमारी कॉपी-किताबें और स्कूल बैग सब मलबे में दब गए हैं। हम स्कूल कैसे जाएं हमें शिक्षा से वंचित न किया जाए, हमें रहने के लिए घर दिया जाए *जनता का आक्रोश हाइवे जाम करेंगे, आत्महत्या को मजबूर* बेघर हुए परिवारों ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है जनता का कहना है कि यदि उन्हें तत्काल सिर छुपाने की जगह और मुआवजा नहीं मिला, तो वे नेशनल हाईवे जाम करेंगे आक्रोशित लोगों ने यहां तक कहा कि यदि उनकी सुनवाई नहीं हुई, तो वे सामूहिक आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होंगे *उठते सवाल* क्या प्रशासन ने नियमानुसार बेदखली से पहले वैकल्पिक व्यवस्था की सोची बिना नोटिस दिए घर गिराने वाले अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी शिक्षा के अधिकार की बात करने वाली सरकार में बच्चों की किताबें मलबे में क्यों दबी हैं ग्रामीण अब मुख्यमंत्री से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं कि इस 'अमानवीय' कार्रवाई की जांच होगी और बेघर हुए गरीबों को छत नसीब होगी1
- फर्जी खातों में शाखा प्रबंधक ने करोड़ों रुपए किए ट्रांसफर,एसपी ने किया खुलासा1
- जिला कटनी बरही में धार्मिक भावनाएँ आहत करने का गंभीर मामला, बजरंग दल ने सौंपा ज्ञापन1
- झूठी दुनिया को मन से हटा ले..1