दिल्ली से बयान जारी करते हुए भाजपा नेता तरुण चुघ ने भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, कहते हुए कि यह लगातार कर्मचारी विरोधी नीतियों पर काम कर रही है। चुघ के अनुसार, मान सरकार द्वारा हाई कोर्ट में दाखिल की गई एक रिपोर्ट ने यह साबित कर दिया है कि आप सरकार कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के अधिकारों को बोझ मानती है। उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे करने वाली यह सरकार अब वित्तीय संकट का बहाना बनाकर महंगाई भत्ता (DA) रोकने का रास्ता क्यों तलाश रही है, इसे कर्मचारियों के साथ खुला धोखा और वादाखिलाफी करार दिया। भाजपा नेता ने कहा कि आप सरकार की इन नीतियों के कारण आज पंजाब के सभी सरकारी कर्मचारी भारी रोष में हैं, धरने दे रहे हैं, सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि डीए सरकार की कोई कृपा नहीं, बल्कि कर्मचारियों का अधिकार है। चुघ ने दावा किया कि सरकार द्वारा दाखिल की गई रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि आप सरकार कर्मचारियों के साथ अत्याचार कर रही है, और भाजपा इस मुद्दे पर कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों के साथ मजबूती से खड़ी है।
दिल्ली से बयान जारी करते हुए भाजपा नेता तरुण चुघ ने भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, कहते हुए कि यह लगातार कर्मचारी विरोधी नीतियों पर काम कर रही है। चुघ के अनुसार, मान सरकार द्वारा हाई कोर्ट में दाखिल की गई एक रिपोर्ट ने यह साबित कर दिया है कि आप सरकार कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के अधिकारों को बोझ मानती है। उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे करने वाली यह सरकार अब वित्तीय संकट का बहाना बनाकर महंगाई भत्ता (DA) रोकने का रास्ता क्यों तलाश रही है, इसे कर्मचारियों के साथ खुला धोखा और वादाखिलाफी करार दिया। भाजपा नेता ने कहा कि आप सरकार की इन नीतियों के कारण आज पंजाब के सभी सरकारी कर्मचारी भारी रोष में हैं, धरने दे रहे हैं, सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि डीए सरकार की कोई कृपा नहीं, बल्कि कर्मचारियों का अधिकार है। चुघ ने दावा किया कि सरकार द्वारा दाखिल की गई रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि आप सरकार कर्मचारियों के साथ अत्याचार कर रही है, और भाजपा इस मुद्दे पर कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों के साथ मजबूती से खड़ी है।
- NAND KISHORE CHOUHANबख्शी का तालाब, लखनऊ, उत्तर प्रदेश😤1 hr ago
- अभिजीत दीपके, जिन्हें उनके सोशल मीडिया हैंडल और 'कॉकक्रोच जनता पार्टी' के संदर्भ के साथ संदर्भित किया गया है, जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं। उनका मुख्य उद्देश्य शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा मांगना है।1
- कुशीनगर के पुलिस अधीक्षक केशव कुमार का एक बयान सामने आया है।1
- उत्तर-पश्चिम दिल्ली के शालीमार बाग स्थित हैदरपुर गांव में रविवार को अतिक्रमण हटाने का एक बड़ा अभियान जारी रहा। जिला मजिस्ट्रेट शैलेन्द्र सिंह परिहार ने जानकारी दी कि प्रशासन ने अब तक चिन्हित संपत्तियों के लगभग 50 से 60 प्रतिशत हिस्से को हटा दिया है। इस कार्रवाई में डीडीए, पीडब्ल्यूडी, दिल्ली पुलिस और अन्य संबंधित विभागों की टीमें संयुक्त रूप से शामिल थीं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया को एक व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है और यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक पूरी तरह से संपन्न नहीं हो जाता। अधिकारियों के अनुसार, अतिक्रमण हटाने के तुरंत बाद सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा, जिसके तहत सड़क को 30 मीटर तक चौड़ा करने की योजना है। प्रशासन का मानना है कि इस परियोजना से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी।1
- नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के एक बयान से देश में भारी हंगामा मच गया है। रविवार को नेपाल की संसद में सांसदों के सवालों का जवाब देते हुए शाह ने कहा कि 'सिर्फ भारत ने ही नेपाल की ज़मीन पर अतिक्रमण नहीं किया है, बल्कि नेपाल ने भी कई जगह भारतीय क्षेत्र पर अतिक्रमण किया है।' उनके इस बयान की नेपाल में तीव्र आलोचना हो रही है, जिससे उनकी सरकार बैकफुट पर आती दिख रही है। नेपाल के अख़बार 'द काठमांडू पोस्ट' में इस पूरे विवाद पर छपे एक लेख के अनुसार, प्रधानमंत्री बालेन शाह पहले इस बात को लेकर ट्रोल हो रहे थे कि वे बोल नहीं रहे हैं, लेकिन जब उन्होंने संसद में अपनी बात रखी, तो उनके बयान ने और बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी विवाद पर पूछे गए सवालों के जवाब में शाह ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री बनने के बाद ही पता चला कि नेपाल ने भी भारत की ज़मीन पर कई जगह अतिक्रमण किया है। इस बयान के बाद संसद में तत्काल हंगामा मच गया और विपक्षी सांसदों ने उनके बयान को संसदीय रिकॉर्ड से हटाने की मांग की। नेपाल में सीमा मामलों के जानकारों और पूर्व राजनयिकों ने भी शाह के बयान पर सवाल उठाए हैं, जिससे वह आलोचनाओं के घेरे में आ गए हैं। भारत और नेपाल के बीच लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी को लेकर लंबे समय से सीमा विवाद चल रहा है, जिस पर दोनों देश अपना-अपना दावा करते हैं। शाह ने यह भी बताया कि नेपाल सरकार इस मुद्दे पर पहले ही भारत और चीन को कूटनीतिक संदेश भेज चुकी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल भारत और चीन से ही नहीं, बल्कि ब्रिटिश सरकार से भी बात की है, क्योंकि उनका मानना है कि इंग्लैंड को भी इस मामले में रुचि लेनी चाहिए, क्योंकि यह विवाद उस दौर से जुड़ा है जब भारत पर ब्रिटिश शासन था। शाह के अनुसार, इन सभी मुद्दों का समाधान बातचीत और कूटनीतिक बातचीत के ज़रिए ही होना चाहिए।1
- दिल्ली से बयान जारी करते हुए भाजपा नेता तरुण चुघ ने भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, कहते हुए कि यह लगातार कर्मचारी विरोधी नीतियों पर काम कर रही है। चुघ के अनुसार, मान सरकार द्वारा हाई कोर्ट में दाखिल की गई एक रिपोर्ट ने यह साबित कर दिया है कि आप सरकार कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के अधिकारों को बोझ मानती है। उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे करने वाली यह सरकार अब वित्तीय संकट का बहाना बनाकर महंगाई भत्ता (DA) रोकने का रास्ता क्यों तलाश रही है, इसे कर्मचारियों के साथ खुला धोखा और वादाखिलाफी करार दिया। भाजपा नेता ने कहा कि आप सरकार की इन नीतियों के कारण आज पंजाब के सभी सरकारी कर्मचारी भारी रोष में हैं, धरने दे रहे हैं, सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि डीए सरकार की कोई कृपा नहीं, बल्कि कर्मचारियों का अधिकार है। चुघ ने दावा किया कि सरकार द्वारा दाखिल की गई रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि आप सरकार कर्मचारियों के साथ अत्याचार कर रही है, और भाजपा इस मुद्दे पर कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों के साथ मजबूती से खड़ी है।1
- दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में रविवार सुबह एक बड़ा बुलडोजर एक्शन देखने को मिला। सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत यहां लगभग 150 से 157 मकानों को तोड़ने की कार्रवाई की गई है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम आउटर रिंग रोड और आजादपुर मंडी को जोड़ने वाली सड़क को चौड़ा करने के लिए उठाया गया है, जिससे क्षेत्र में ट्रैफिक जाम कम होगा और कनेक्टिविटी बेहतर होगी। हालांकि, इस कार्रवाई से प्रभावित हुए परिवार अब प्रशासन से पुनर्वास और मुआवजे की मांग कर रहे हैं।1