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हिमाचल के 30वें राज्यपाल बने कविंद्र गुप्ता, CJ गुरमीत सिंह संधावलिया ने दिलवाई शपथ हिमाचल प्रदेश को कविंद्र गुप्ता के रूप में अपना नया राज्यपाल मिल गया है. कविंद्र गुप्ता हिमाचल के 30वें राज्यपाल बने हैं. उन्हें हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावलिया ने उन्हें संविधान और विधि के संरक्षण की शपथ दिलवाई. शिमला स्थित लोकभवन में राष्ट्रीय गीत के सभी 6 छंदों के गायन के बाद कविंद्र गुप्ता ने शपथ ली. इस दौरान हरियाणा के राज्यपाल प्रो. आशिम कुमार घोष अपनी धर्मपत्नी मित्रा घोष के साथ मौजूद रहे. इसके अलावा प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर समेत कई गणमान्य मौजूद रहे. राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने शिमला में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि लद्दाख से उनका गहरा जुड़ाव रहा है. केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में उन्हें करीब से काम करने का अवसर मिला. उन्होंने कहा कि धारा 370 हटने और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद वहाँ विकास की गति तेज हुई है. उन्होंने बताया कि लद्दाख में रहते हुए उन्होंने 10 हजार किलोमीटर से अधिक का सफर किया और क्षेत्र के विकास को नज़दीक से देखा. अब उन्हें हिमाचल प्रदेश में सेवाएं देने का अवसर मिला है. इस पहाड़ी प्रदेश को उन्हें पहले भी करीब से देखने का अवसर मिला है. उन्होंने कहा कि हिमाचल में पर्यटन, आतिथ्य और धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं. इस विषय पर उन्होंने प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी से भी चर्चा की है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि आने वाले तीन से चार महीनों में वह प्रदेश के सभी 12 जिलों का दौरा करेंगे और राज्य के विकास के लिए सरकार को हर संभव योगदान देंगे. कविंदर गुप्ता ने कहा कि देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी युवा है. ऐसे में युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बनाने पर बल देना होगा. राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि हिमाचल को आगे बढ़ाने के लिए सरकार और विपक्ष दोनों को मिलकर काम करना होगा. इसके अलावा पूर्व राज्यपाल आचार्य देवव्रत, राजेंद्र आर्लेकर और शिव प्रताप शुक्ल द्वारा शुरू किए गए कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा. उन्होंने कहा कि बतौर चांसलर प्रदेश के विश्वविद्यालयों पर भी उनकी विशेष प्राथमिकता रहेगी. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि नशा समाज के लिए एक नासूर बनता जा रहा है. उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल सरकार के प्रयासों से खत्म नहीं होगी, बल्कि समाज को भी इसमें भागीदारी निभानी होगी। राज्यपाल ने कहा कि उन्हें केंद्र में बैठे अधिकांश मंत्रियों के साथ काम करने का अवसर मिला है. इसका लाभ पहले लद्दाख को मिला, अब हिमाचल प्रदेश को भी मिल सकता है. उन्होंने कहा कि इन सभी विषयों पर मिलकर बैठकर काम किया जा सकता है. उन्हें विश्वास है कि मुख्यमंत्री भी यही चाहते होंगे.उन्होंने कहा कि हिमाचल की बेहतरी के लिए सभी को मिलकर काम करने की जरूरत है. बाइट,,कविंदर गुप्ता राज्यपाल

1 hr ago
user_Roshan Sharma
Roshan Sharma
Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
1 hr ago

हिमाचल के 30वें राज्यपाल बने कविंद्र गुप्ता, CJ गुरमीत सिंह संधावलिया ने दिलवाई शपथ हिमाचल प्रदेश को कविंद्र गुप्ता के रूप में अपना नया राज्यपाल मिल गया है. कविंद्र गुप्ता हिमाचल के 30वें राज्यपाल बने हैं. उन्हें हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावलिया ने उन्हें संविधान और विधि के संरक्षण की शपथ दिलवाई. शिमला स्थित लोकभवन में राष्ट्रीय गीत के सभी 6 छंदों के गायन के बाद कविंद्र गुप्ता ने शपथ ली. इस दौरान हरियाणा के राज्यपाल प्रो. आशिम कुमार घोष अपनी धर्मपत्नी मित्रा घोष के साथ मौजूद रहे. इसके अलावा प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर समेत कई गणमान्य मौजूद रहे. राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने शिमला में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि लद्दाख से उनका गहरा जुड़ाव रहा है. केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में उन्हें करीब से काम करने का अवसर मिला. उन्होंने कहा कि धारा 370 हटने और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद वहाँ विकास की गति

तेज हुई है. उन्होंने बताया कि लद्दाख में रहते हुए उन्होंने 10 हजार किलोमीटर से अधिक का सफर किया और क्षेत्र के विकास को नज़दीक से देखा. अब उन्हें हिमाचल प्रदेश में सेवाएं देने का अवसर मिला है. इस पहाड़ी प्रदेश को उन्हें पहले भी करीब से देखने का अवसर मिला है. उन्होंने कहा कि हिमाचल में पर्यटन, आतिथ्य और धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं. इस विषय पर उन्होंने प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी से भी चर्चा की है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि आने वाले तीन से चार महीनों में वह प्रदेश के सभी 12 जिलों का दौरा करेंगे और राज्य के विकास के लिए सरकार को हर संभव योगदान देंगे. कविंदर गुप्ता ने कहा कि देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी युवा है. ऐसे में युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बनाने पर बल देना होगा. राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि हिमाचल

को आगे बढ़ाने के लिए सरकार और विपक्ष दोनों को मिलकर काम करना होगा. इसके अलावा पूर्व राज्यपाल आचार्य देवव्रत, राजेंद्र आर्लेकर और शिव प्रताप शुक्ल द्वारा शुरू किए गए कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा. उन्होंने कहा कि बतौर चांसलर प्रदेश के विश्वविद्यालयों पर भी उनकी विशेष प्राथमिकता रहेगी. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि नशा समाज के लिए एक नासूर बनता जा रहा है. उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल सरकार के प्रयासों से खत्म नहीं होगी, बल्कि समाज को भी इसमें भागीदारी निभानी होगी। राज्यपाल ने कहा कि उन्हें केंद्र में बैठे अधिकांश मंत्रियों के साथ काम करने का अवसर मिला है. इसका लाभ पहले लद्दाख को मिला, अब हिमाचल प्रदेश को भी मिल सकता है. उन्होंने कहा कि इन सभी विषयों पर मिलकर बैठकर काम किया जा सकता है. उन्हें विश्वास है कि मुख्यमंत्री भी यही चाहते होंगे.उन्होंने कहा कि हिमाचल की बेहतरी के लिए सभी को मिलकर काम करने की जरूरत है. बाइट,,कविंदर गुप्ता राज्यपाल

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  • हिमाचल के 30वें राज्यपाल बने कविंद्र गुप्ता, CJ गुरमीत सिंह संधावलिया ने दिलवाई शपथ हिमाचल प्रदेश को कविंद्र गुप्ता के रूप में अपना नया राज्यपाल मिल गया है. कविंद्र गुप्ता हिमाचल के 30वें राज्यपाल बने हैं. उन्हें हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावलिया ने उन्हें संविधान और विधि के संरक्षण की शपथ दिलवाई. शिमला स्थित लोकभवन में राष्ट्रीय गीत के सभी 6 छंदों के गायन के बाद कविंद्र गुप्ता ने शपथ ली. इस दौरान हरियाणा के राज्यपाल प्रो. आशिम कुमार घोष अपनी धर्मपत्नी मित्रा घोष के साथ मौजूद रहे. इसके अलावा प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर समेत कई गणमान्य मौजूद रहे. राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने शिमला में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि लद्दाख से उनका गहरा जुड़ाव रहा है. केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में उन्हें करीब से काम करने का अवसर मिला. उन्होंने कहा कि धारा 370 हटने और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद वहाँ विकास की गति तेज हुई है. उन्होंने बताया कि लद्दाख में रहते हुए उन्होंने 10 हजार किलोमीटर से अधिक का सफर किया और क्षेत्र के विकास को नज़दीक से देखा. अब उन्हें हिमाचल प्रदेश में सेवाएं देने का अवसर मिला है. इस पहाड़ी प्रदेश को उन्हें पहले भी करीब से देखने का अवसर मिला है. उन्होंने कहा कि हिमाचल में पर्यटन, आतिथ्य और धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं. इस विषय पर उन्होंने प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी से भी चर्चा की है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि आने वाले तीन से चार महीनों में वह प्रदेश के सभी 12 जिलों का दौरा करेंगे और राज्य के विकास के लिए सरकार को हर संभव योगदान देंगे. कविंदर गुप्ता ने कहा कि देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी युवा है. ऐसे में युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बनाने पर बल देना होगा. राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि हिमाचल को आगे बढ़ाने के लिए सरकार और विपक्ष दोनों को मिलकर काम करना होगा. इसके अलावा पूर्व राज्यपाल आचार्य देवव्रत, राजेंद्र आर्लेकर और शिव प्रताप शुक्ल द्वारा शुरू किए गए कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा. उन्होंने कहा कि बतौर चांसलर प्रदेश के विश्वविद्यालयों पर भी उनकी विशेष प्राथमिकता रहेगी. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि नशा समाज के लिए एक नासूर बनता जा रहा है. उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल सरकार के प्रयासों से खत्म नहीं होगी, बल्कि समाज को भी इसमें भागीदारी निभानी होगी। राज्यपाल ने कहा कि उन्हें केंद्र में बैठे अधिकांश मंत्रियों के साथ काम करने का अवसर मिला है. इसका लाभ पहले लद्दाख को मिला, अब हिमाचल प्रदेश को भी मिल सकता है. उन्होंने कहा कि इन सभी विषयों पर मिलकर बैठकर काम किया जा सकता है. उन्हें विश्वास है कि मुख्यमंत्री भी यही चाहते होंगे.उन्होंने कहा कि हिमाचल की बेहतरी के लिए सभी को मिलकर काम करने की जरूरत है. बाइट,,कविंदर गुप्ता राज्यपाल
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    हिमाचल के 30वें राज्यपाल बने कविंद्र गुप्ता, CJ गुरमीत सिंह संधावलिया ने दिलवाई शपथ
हिमाचल प्रदेश को कविंद्र गुप्ता के रूप में अपना नया राज्यपाल मिल गया है. कविंद्र गुप्ता हिमाचल के 30वें राज्यपाल बने हैं. उन्हें हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावलिया ने उन्हें संविधान और विधि के संरक्षण की शपथ दिलवाई. शिमला स्थित लोकभवन में राष्ट्रीय गीत के सभी 6 छंदों के गायन के बाद कविंद्र गुप्ता ने शपथ ली. इस दौरान हरियाणा के राज्यपाल प्रो. आशिम कुमार घोष अपनी धर्मपत्नी मित्रा घोष के साथ मौजूद रहे. इसके अलावा प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर समेत कई गणमान्य मौजूद रहे.
राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने शिमला में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि लद्दाख से उनका गहरा जुड़ाव रहा है. केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में उन्हें करीब से काम करने का अवसर मिला. उन्होंने कहा कि धारा 370 हटने और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद वहाँ विकास की गति तेज हुई है. उन्होंने बताया कि लद्दाख में रहते हुए उन्होंने 10 हजार किलोमीटर से अधिक का सफर किया और क्षेत्र के विकास को नज़दीक से देखा. अब उन्हें हिमाचल प्रदेश में सेवाएं देने का अवसर मिला है. इस पहाड़ी प्रदेश को उन्हें पहले भी करीब से देखने का अवसर मिला है. उन्होंने कहा कि हिमाचल में पर्यटन, आतिथ्य और धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं. इस विषय पर उन्होंने प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी से भी चर्चा की है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि आने वाले तीन से चार महीनों में वह प्रदेश के सभी 12 जिलों का दौरा करेंगे और राज्य के विकास के लिए सरकार को हर संभव योगदान देंगे. कविंदर गुप्ता ने कहा कि देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी युवा है. ऐसे में युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बनाने पर बल देना होगा.
राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि हिमाचल को आगे बढ़ाने के लिए सरकार और विपक्ष दोनों को मिलकर काम करना होगा. इसके अलावा पूर्व राज्यपाल आचार्य देवव्रत, राजेंद्र आर्लेकर और शिव प्रताप शुक्ल द्वारा शुरू किए गए कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा. उन्होंने कहा कि बतौर चांसलर प्रदेश के विश्वविद्यालयों पर भी उनकी विशेष प्राथमिकता रहेगी. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि नशा समाज के लिए एक नासूर बनता जा रहा है. उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल सरकार के प्रयासों से खत्म नहीं होगी, बल्कि समाज को भी इसमें भागीदारी निभानी होगी।
राज्यपाल ने कहा कि उन्हें केंद्र में बैठे अधिकांश मंत्रियों के साथ काम करने का अवसर मिला है. इसका लाभ पहले लद्दाख को मिला, अब हिमाचल प्रदेश को भी मिल सकता है. उन्होंने कहा कि इन सभी विषयों पर मिलकर बैठकर काम किया जा सकता है. उन्हें विश्वास है कि मुख्यमंत्री भी यही चाहते होंगे.उन्होंने कहा कि हिमाचल की बेहतरी के लिए सभी को मिलकर काम करने की जरूरत है.
बाइट,,कविंदर गुप्ता राज्यपाल
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    1 hr ago
  • राजकीय आईटीआई बरठीं के इलेक्ट्रीशियन व्यवसाय के ट्रेनीज ने अंबिका इलेक्ट्रिकल वर्क्स कंदरौर जिला बिलासपुर में एक दिवसीय प्लांट विजिट किया। जिसमें प्रोजेक्ट मैनेजर श्री जितेंद्र ठाकुर जी ने प्लांट के अंदर बनने वाले विभिन्न प्रकार के ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइन के उपकरणों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जिसमें की इंसुलेटर लाइटनिंग अरेस्टर सी टी पी टी स्विचगियर जिओ स्विच इत्यादि के बारे में विस्तृत तरीके से बताया और ट्रेनीज को इस विजिट के दौरान बहुत कुछ सीखने को मिला इसमें संस्थान के अनुदेशक राजेश कुमार व अरुण शर्मा ट्रेनीज के साथ उपस्थित रहे और इस भ्रमण के लिए अंबिका इलेक्ट्रिकल वर्क्स की तरफ से अनुमति देने के लिए संस्थान के प्रधानाचार्य सचिन शर्मा जी ने उनका आभार व्यक्त किया
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    राजकीय आईटीआई बरठीं के इलेक्ट्रीशियन व्यवसाय के ट्रेनीज ने अंबिका इलेक्ट्रिकल वर्क्स कंदरौर जिला बिलासपुर में एक दिवसीय प्लांट विजिट किया। जिसमें प्रोजेक्ट मैनेजर श्री जितेंद्र ठाकुर जी ने प्लांट के अंदर बनने वाले विभिन्न प्रकार के ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइन  के उपकरणों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जिसमें की इंसुलेटर लाइटनिंग अरेस्टर सी टी पी टी स्विचगियर जिओ स्विच इत्यादि के बारे में विस्तृत तरीके से बताया और ट्रेनीज को इस विजिट के दौरान बहुत कुछ सीखने को मिला इसमें संस्थान के अनुदेशक राजेश कुमार व अरुण शर्मा ट्रेनीज के साथ उपस्थित रहे और इस भ्रमण के लिए अंबिका इलेक्ट्रिकल वर्क्स की तरफ से अनुमति देने के लिए संस्थान के प्रधानाचार्य सचिन शर्मा जी ने उनका  आभार व्यक्त किया
    user_Sanjeev ranout
    Sanjeev ranout
    बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    17 hrs ago
  • Post by Dev Raj Thakur
    1
    Post by Dev Raj  Thakur
    user_Dev Raj  Thakur
    Dev Raj Thakur
    Farmer निरमंड, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    10 hrs ago
  • निरमंड उपमंडल के पर्वतारोही प्रशिक्षु बालकृष्ण ठाकुर ने मार्च माह में ही समुद्र तल से लगभग 5187 मीटर ऊंची श्रीखंड महादेव कैलाश की चोटी फतह कर नया रिकॉर्ड बनाया है। आमतौर पर इस दुर्गम पर्वत पर मई–जून के बाद ही श्रद्धालु और पर्वतारोही पहुंचते हैं, लेकिन इस बार कम हिमपात के कारण बालकृष्ण ठाकुर ने 8 मार्च को ही यहां तक पहुंचने में सफलता हासिल की। इस वर्ष पूरे उत्तर भारत में पिछले साल की तुलना में कम हिमपात हुआ है, जिसके कारण निचले क्षेत्रों में तापमान बढ़ा है और ऊंचे पहाड़ों पर भी बर्फ तेजी से पिघल रही है। विशेषज्ञों के अनुसार इसका असर आने वाले महीनों में तापमान पर पड़ सकता है और मई–जून में गर्मी पिछले वर्षों से अधिक बढ़ सकती है। बालकृष्ण ठाकुर ने बताया कि कम बर्फबारी को देखते हुए उन्होंने इस बार मार्च में ही रैकी करने का निर्णय लिया। वे 8 मार्च को सुबह करीब 2 बजे बाराटी नाला से श्रीखंड महादेव के लिए रवाना हुए। सुबह 5 बजे कालीघाटी पहुंचे और उसके बाद लगभग 9 बजे भीम डवारी पहुंचे। वहां जलपान करने के बाद 10 बजे पार्वती बाग के लिए आगे बढ़े और करीब 11 बजे 75 फीट ऊंचे शिवलिंग के दर्शन किए। पूजा-अर्चना और थोड़े विश्राम के बाद वे वापस लौट आए। इस पूरी यात्रा को पूरा करने में उन्हें कुल 9 घंटे 1 मिनट का समय लगा। उन्होंने बताया कि इस समय श्रीखंड क्षेत्र में पिछले साल की तुलना में बहुत कम बर्फ है और करीब 4 फीट ही बर्फ बची है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रशासन यात्रा एक माह पहले शुरू करता है तो भीम डवारी में स्नो ब्रिज के बिना यात्रा करना बेहद कठिन हो सकता है। श्रीखंड महादेव यात्रा उत्तर भारत की प्रमुख धार्मिक यात्राओं में शामिल है, जिसे हर वर्ष जुलाई माह में श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट कुल्लू द्वारा हरी झंडी दिखाकर शुरू किया जाता है। हालांकि कुछ श्रद्धालु आधिकारिक यात्रा से पहले भी भोले बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। बालकृष्ण ठाकुर ने लोगों से अपील की है कि फिलहाल इस समय यात्रा का प्रयास न करें, क्योंकि यह केवल रैकी थी जो बिना प्रशिक्षण के करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।
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    निरमंड उपमंडल के पर्वतारोही प्रशिक्षु बालकृष्ण ठाकुर ने मार्च माह में ही समुद्र तल से लगभग 5187 मीटर ऊंची श्रीखंड महादेव कैलाश की चोटी फतह कर नया रिकॉर्ड बनाया है। आमतौर पर इस दुर्गम पर्वत पर मई–जून के बाद ही श्रद्धालु और पर्वतारोही पहुंचते हैं, लेकिन इस बार कम हिमपात के कारण बालकृष्ण ठाकुर ने 8 मार्च को ही यहां तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
इस वर्ष पूरे उत्तर भारत में पिछले साल की तुलना में कम हिमपात हुआ है, जिसके कारण निचले क्षेत्रों में तापमान बढ़ा है और ऊंचे पहाड़ों पर भी बर्फ तेजी से पिघल रही है। विशेषज्ञों के अनुसार इसका असर आने वाले महीनों में तापमान पर पड़ सकता है और मई–जून में गर्मी पिछले वर्षों से अधिक बढ़ सकती है।
बालकृष्ण ठाकुर ने बताया कि कम बर्फबारी को देखते हुए उन्होंने इस बार मार्च में ही रैकी करने का निर्णय लिया। वे 8 मार्च को सुबह करीब 2 बजे बाराटी नाला से श्रीखंड महादेव के लिए रवाना हुए। सुबह 5 बजे कालीघाटी पहुंचे और उसके बाद लगभग 9 बजे भीम डवारी पहुंचे। वहां जलपान करने के बाद 10 बजे पार्वती बाग के लिए आगे बढ़े और करीब 11 बजे 75 फीट ऊंचे शिवलिंग के दर्शन किए। पूजा-अर्चना और थोड़े विश्राम के बाद वे वापस लौट आए। इस पूरी यात्रा को पूरा करने में उन्हें कुल 9 घंटे 1 मिनट का समय लगा।
उन्होंने बताया कि इस समय श्रीखंड क्षेत्र में पिछले साल की तुलना में बहुत कम बर्फ है और करीब 4 फीट ही बर्फ बची है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रशासन यात्रा एक माह पहले शुरू करता है तो भीम डवारी में स्नो ब्रिज के बिना यात्रा करना बेहद कठिन हो सकता है।
श्रीखंड महादेव यात्रा उत्तर भारत की प्रमुख धार्मिक यात्राओं में शामिल है, जिसे हर वर्ष जुलाई माह में श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट कुल्लू द्वारा हरी झंडी दिखाकर शुरू किया जाता है। हालांकि कुछ श्रद्धालु आधिकारिक यात्रा से पहले भी भोले बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
बालकृष्ण ठाकुर ने लोगों से अपील की है कि फिलहाल इस समय यात्रा का प्रयास न करें, क्योंकि यह केवल रैकी थी जो बिना प्रशिक्षण के करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।
    user_MINAKSHII BHARDWAJ
    MINAKSHII BHARDWAJ
    रामपुर, शिमला, हिमाचल प्रदेश•
    16 hrs ago
  • रिपोर्ट 10 मार्च बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। जैसे-जैसे गर्मी का पारा चढ़ रहा है, सैलानियों का रुख पहाड़ों की ठंडी वादियों की ओर बढ़ गया है। देवभूमि कुल्लू में इन दिनों पर्यटकों की भारी आमद देखी जा रही है। कुल्लू की मशहूर सैंज घाटी का दुर्गम क्षेत्र, गाड़ा पाली पंचायत, इन दिनों आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। भीड़भाड़ से दूर, प्रकृति की गोद में बसा यह इलाका अब पर्यटकों की पहली पसंद बन रहा है। गाड़ा पाली वॉटरफॉल। दूधिया सफेद पानी और चारों ओर ऊंची चट्टानों के बीच गिरता यह झरना किसी का भी मन मोह लेने के लिए काफी है।
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    रिपोर्ट 10 मार्च बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज।
जैसे-जैसे गर्मी का पारा चढ़ रहा है, सैलानियों का रुख पहाड़ों की ठंडी वादियों की ओर बढ़ गया है। देवभूमि कुल्लू में इन दिनों पर्यटकों की भारी आमद देखी जा रही है।
कुल्लू की मशहूर सैंज घाटी का दुर्गम क्षेत्र, गाड़ा पाली पंचायत, इन दिनों आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। भीड़भाड़ से दूर, प्रकृति की गोद में बसा यह इलाका अब पर्यटकों की पहली पसंद बन रहा है।
गाड़ा पाली वॉटरफॉल। दूधिया सफेद पानी और चारों ओर ऊंची चट्टानों के बीच गिरता यह झरना किसी का भी मन मोह लेने के लिए काफी है।
    user_Budhi Singh Thakur
    Budhi Singh Thakur
    Local News Reporter Sainj, Kullu•
    12 hrs ago
  • Post by Dinesh Kumar
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    Post by Dinesh Kumar
    user_Dinesh Kumar
    Dinesh Kumar
    Farmer भोटा, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by हमीरपुरी पत्रकार
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    Post by हमीरपुरी पत्रकार
    user_हमीरपुरी पत्रकार
    हमीरपुरी पत्रकार
    लम्बलू, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    10 hrs ago
  • बजट से पहले पेंशनरों का शक्ति प्रदर्शन, 16 मार्च को जिला मुख्यालयों पर धरना शिमला, 10 मार्च:हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने आगामी बजट सत्र से पहले सरकार पर दबाव बनाने के लिए 16 मार्च को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। समिति ने सरकार से मांग की है कि वर्ष 2026-27 के बजट में पेंशनरों के लंबित वित्तीय लाभों के भुगतान के लिए पर्याप्त प्रावधान किया जाए।मंगलवार को शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता में समिति के अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा ने बताया कि 5 मार्च को सुंदरनगर में हुई राज्य स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि 18 मार्च से हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र दोबारा शुरू हो रहा है और 21 मार्च को राज्य का बजट पेश किया जाएगा। ऐसे में सरकार को पेंशनरों की मांगों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। वर्मा ने बताया कि शिमला में यह धरना उपायुक्त कार्यालय के समीप तारघर के पास आयोजित होगा, जिसमें 18 पेंशनर संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से जेसीसी की बैठक जल्द बुलाकर पेंशनरों की लंबित समस्याओं का समाधान करने की मांग भी उठाई।भूपराम वर्मा ने कुछ नेताओं के बयानों की निंदा करते हुए कहा कि पेंशनरों को किसी भी तरह से गुमराह नहीं होने दिया जाएगा। वर्मा ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार आगामी बजट में पेंशनरों की 60 से 70 प्रतिशत देनदारियां इसी वर्ष देने का आश्वासन देती है, तो 30 मार्च को शिमला में प्रस्तावित राज्य स्तरीय रैली को स्थगित किया जा सकता है।
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    बजट से पहले पेंशनरों का शक्ति प्रदर्शन, 16 मार्च को जिला मुख्यालयों पर धरना
शिमला, 10 मार्च:हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने आगामी बजट सत्र से पहले सरकार पर दबाव बनाने के लिए 16 मार्च को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। समिति ने सरकार से मांग की है कि वर्ष 2026-27 के बजट में पेंशनरों के लंबित वित्तीय लाभों के भुगतान के लिए पर्याप्त प्रावधान किया जाए।मंगलवार को शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता में समिति के अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा ने बताया कि 5 मार्च को सुंदरनगर में हुई राज्य स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि 18 मार्च से हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र दोबारा शुरू हो रहा है और 21 मार्च को राज्य का बजट पेश किया जाएगा। ऐसे में सरकार को पेंशनरों की मांगों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
वर्मा ने बताया कि शिमला में यह धरना उपायुक्त कार्यालय के समीप तारघर के पास आयोजित होगा, जिसमें 18 पेंशनर संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से जेसीसी की बैठक जल्द बुलाकर पेंशनरों की लंबित समस्याओं का समाधान करने की मांग भी उठाई।भूपराम वर्मा  ने कुछ नेताओं के बयानों की निंदा करते हुए कहा कि पेंशनरों को किसी भी तरह से गुमराह नहीं होने दिया जाएगा। वर्मा ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार आगामी बजट में पेंशनरों की 60 से 70 प्रतिशत देनदारियां इसी वर्ष देने का आश्वासन देती है, तो 30 मार्च को शिमला में प्रस्तावित राज्य स्तरीय रैली को स्थगित किया जा सकता है।
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    1 hr ago
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