अजमेर जिले की कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने और प्रशासनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पुलिस प्रशासन में एक बड़ा फेरबदल किया गया है। अजमेर जिला पुलिस अधीक्षक (SP) हर्षवर्धन अग्रवाला ने एक आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से जिले के 17 पुलिस निरीक्षकों (Inspectors), 15 उप-निरीक्षकों (Sub-Inspectors) और करीब 500 कांस्टेबलों के तबादले व नवीन पदस्थापन किए हैं। इस व्यापक फेरबदल से केकड़ी, सावर, सरवाड़ और किशनगढ़ सहित जिले भर के थानों, चौकियों और तकनीकी शाखाओं के समीकरण बदल गए हैं। आदेश के अनुसार, विभिन्न थानों के थानाधिकारियों को बदलते हुए पुलिस लाइन और अन्य शाखाओं से निरीक्षकों को फील्ड में भेजा गया है। भवानी सिंह को मदनगंज, नरपतराम बाना को किशनगढ़, बन्नालाल जाट को बांदरसिंदरी, रोशन सामरिया को गेगल, अशोक बिशु को पुष्कर, और करण सिंह को नसीराबाद सिटी का थानाधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा राधेश्याम चौधरी को नसीराबाद सदर, जसवंत सिंह को श्रीनगर, हरीश चौधरी को मांगलियावास, जगदीश प्रसाद को केकड़ी शहर, और मुकेश चौधरी को केकड़ी सदर थाना की कमान सौंपी गई है। सुरेन्द्र सिंह को भिनाय, ओमप्रकाश मीना को आदर्श नगर, और पारूल यादव को महिला थाना का प्रभार दिया गया है। वहीं, अनिल कुमार शर्मा को अपराध सहायक (अपराध शाखा, कार्यालय हाजा), पुरखाराम को साइबर थाना अजमेर और श्रीमती कल्पना राठौड़ को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (महिला अपराध एवं अनुसंधान सैल) कार्यालय में तैनात किया गया है। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक ने 15 उप-निरीक्षकों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया है। इनमें किशन सिंह राठौड़ और नारायणराम को पुलिस थाना केकड़ी शहर भेजा गया है, जबकि राकेश मीणा व रामकिशन को केकड़ी सदर थाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही जगदेव और रामधन का तबादला पुलिस थाना सावर में किया गया है। इस बड़े बदलाव के जरिए पुलिस महकमे को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने का प्रयास किया गया है।
अजमेर जिले की कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने और प्रशासनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पुलिस प्रशासन में एक बड़ा फेरबदल किया गया है। अजमेर जिला पुलिस अधीक्षक (SP) हर्षवर्धन अग्रवाला ने एक आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से जिले के 17 पुलिस निरीक्षकों (Inspectors), 15 उप-निरीक्षकों (Sub-Inspectors) और करीब 500 कांस्टेबलों के तबादले व नवीन पदस्थापन किए हैं। इस व्यापक फेरबदल से केकड़ी, सावर, सरवाड़ और किशनगढ़ सहित जिले भर के थानों, चौकियों और तकनीकी शाखाओं के समीकरण बदल गए हैं। आदेश के अनुसार, विभिन्न थानों के थानाधिकारियों को बदलते हुए पुलिस लाइन और अन्य शाखाओं से निरीक्षकों को फील्ड में भेजा गया है। भवानी सिंह को मदनगंज, नरपतराम बाना को किशनगढ़, बन्नालाल जाट को बांदरसिंदरी, रोशन सामरिया को गेगल, अशोक बिशु को पुष्कर, और करण सिंह को नसीराबाद सिटी का थानाधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा राधेश्याम चौधरी को नसीराबाद सदर, जसवंत सिंह को श्रीनगर, हरीश चौधरी को मांगलियावास, जगदीश प्रसाद को केकड़ी शहर, और मुकेश चौधरी को केकड़ी सदर थाना की कमान सौंपी गई है। सुरेन्द्र सिंह को भिनाय, ओमप्रकाश मीना को आदर्श नगर, और पारूल यादव को महिला थाना का प्रभार दिया गया है। वहीं, अनिल कुमार शर्मा को अपराध सहायक (अपराध शाखा, कार्यालय हाजा), पुरखाराम को साइबर थाना अजमेर और श्रीमती कल्पना राठौड़ को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (महिला अपराध एवं अनुसंधान सैल) कार्यालय में तैनात किया गया है। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक ने 15 उप-निरीक्षकों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया है। इनमें किशन सिंह राठौड़ और नारायणराम को पुलिस थाना केकड़ी शहर भेजा गया है, जबकि राकेश मीणा व रामकिशन को केकड़ी सदर थाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही जगदेव और रामधन का तबादला पुलिस थाना सावर में किया गया है। इस बड़े बदलाव के जरिए पुलिस महकमे को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने का प्रयास किया गया है।
- उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में बालिका कॉलेज परिसर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन वहां पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गई है। कॉलेज परिसर के भीतर इस हाईटेंशन लाइन की मौजूदगी के कारण छात्राओं की सुरक्षा दांव पर लगी हुई है।1
- राजस्थान के केकड़ी को ₹880 करोड़ की एक बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यहाँ विकास कार्यों का शिलान्यास किया है। विकास कार्यों की इस बड़ी सौगात के साथ ही मुख्यमंत्री का जोरदार अभिनंदन भी किया गया।1
- राजस्थान के अजमेर जिले के विकास को नई गति देते हुए आज करीब ₹880 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इन परियोजनाओं में 'देवली-नसीराबाद फोरलेन सड़क परियोजना' के प्रथम चरण का शिलान्यास भी शामिल है। पिछले ढाई वर्षों में हमारी सरकार प्रदेश में विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना के निर्माण को अभूतपूर्व गति देते हुए 'विकसित राजस्थान' के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।1
- अजमेर में नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो गई है। हड़ताल खत्म होने के साथ ही शहर की सफाई व्यवस्था एक बार फिर पटरी पर लौट आई है।1
- राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ में बिना प्रशासनिक स्वीकृति के सार्वजनिक गली की सड़क तोड़कर विद्युत केबल बिछाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में किरण नर्सिंग होम एंड रिसर्च सेंटर की निदेशक डॉ. किरण माला जैन ने उपखंड अधिकारी और नगर परिषद आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर काम पर तत्काल रोक लगाने और जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में सीधे तौर पर आरोप लगाया गया है कि अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड और संबंधित व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स के मालिकों द्वारा बिना किसी प्रशासनिक मंजूरी के सार्वजनिक गली में विद्युत केबल बिछाने का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा, पुराने बस स्टैंड के जीर्णोद्धार के दौरान बनी नई दीवार के पास विद्युत विभाग द्वारा दो खंभे स्थापित कर कॉम्प्लेक्स को बिजली कनेक्शन देने की तैयारी भी की जा रही है। डॉ. जैन के अनुसार, यह गली पहले करीब 12 फीट चौड़ी थी, लेकिन अतिक्रमण के चलते इसकी चौड़ाई काफी कम हो गई है, जिससे आम लोगों के आवागमन में लगातार परेशानी हो रही है। इस पूरे मामले में एक बड़ा कानूनी पहलू भी शामिल है। दीवानी वाद संख्या 69/2024 एवं 37/2024 (सीआईएस संख्या 68/2024) में न्यायालय द्वारा पहले ही यथास्थिति बनाए रखने के आदेश पारित किए जा चुके हैं। इसके बावजूद सड़क तोड़कर काम किया जाना सीधे तौर पर न्यायालय के आदेशों की अवहेलना है। ज्ञापन के जरिए प्रशासन से पुरजोर मांग की गई है कि सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा, अदालती आदेशों की पालना और आमजन के हितों को ध्यान में रखते हुए इस निर्माण और केबल बिछाने के कार्य को तुरंत रुकवाया जाए तथा निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।1
- आज अजमेर जिले के विकास को नई गति देते हुए करीब ₹880 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। इन परियोजनाओं में 'देवली-नसीराबाद फोरलेन सड़क परियोजना' के प्रथम चरण का शिलान्यास भी शामिल है। पिछले ढाई वर्षों में सरकार प्रदेश में विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना के निर्माण को अभूतपूर्व गति देते हुए 'विकसित राजस्थान' के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।1
- अजमेर जिले के ग्राम काकलवाडा में किशनगढ़-मालपुरा स्टेट हाईवे संख्या 7ई पर स्थित अलख जी महाराज चौराहे के पास तालाब की पुलिया पर सुरक्षा दीवार नहीं होने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया के समीप तालाब का नाला भी है, लेकिन वहां किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड या संकेतक नहीं लगाया गया है। शाम के समय तेज रफ्तार वाहनों की हेडलाइट की रोशनी के कारण चालकों को पुलिया का किनारा स्पष्ट दिखाई नहीं देता, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है। पहले इस स्थान पर ग्राम पंचायत द्वारा सुरक्षा दीवार बनाई गई थी, लेकिन नई सड़क का निर्माण करने के दौरान ठेकेदार ने पुलिया एवं तालाब की ओर सुरक्षा दीवार का पुनर्निर्माण नहीं कराया। ग्राम निवासी हाथीराम कुड़ी ने बताया कि यदि समय रहते सुरक्षा दीवार और चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए तो यहां कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र सुरक्षा दीवार का निर्माण करवाने और आवश्यक चेतावनी संकेतक लगाने की मांग की है।3