रातु के ऐतिहासिक राजकिला मैदान में 16 जुलाई को निकलने वाली रथ यात्रा को लेकर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है, जिसका मुख्य उद्देश्य मेले और रथ यात्रा के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है। प्रशासन इस आयोजन की सुरक्षा व विधि व्यवस्था को लेकर पूरी तरह मुस्तैद नज़र आ रही है। इसी क्रम में, सोमवार को ग्रामीण एसपी सौरभ गोस्वामी ने रातु किला पहुँचकर रथ यात्रा के रूट का जायजा लिया और मेले की सुरक्षा व विधि व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान डीएसपी अजय आर्यन व थानेदार आदि कांत महतो भी मौजूद थे। ग्रामीण एसपी ने पुलिसकर्मियों को कई अहम निर्देश दिए, जिनमें मेले की निगरानी सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से करना, सुरक्षा के लिए महिला व पुरुष पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करना, पॉकेटमारी और छिनतई रोकने के लिए सादे लिबास में महिला व पुरुष पुलिसकर्मी द्वारा गश्त लगाना, भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग करना और श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु ट्रैफिक रूट में बदलाव करना शामिल है। इसके अलावा, मेले में कंट्रोल रूम बनाने तथा किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ करने के भी निर्देश दिए गए। गढ़ प्रबंधक की ओर से मेले की सुरक्षा में सहयोग के लिए 100 से अधिक वॉलिंटियर तैनात किए जाएँगे, जिनकी पहचान के लिए उन्हें विशेष तरह की टोपी और आई कार्ड दिए जाएंगे। ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए 10 वॉलिंटियर के साथ एक पुलिसकर्मी भी रहेगा। मेले के दिन सड़क किनारे निजी पार्किंग की व्यवस्था रहती है, जहाँ तीन पहिया, चार पहिया व दो पहिया वाहन खड़े किए जाते हैं और पार्किंग संचालक इन वाहनों से एक तय रकम वसूलते हैं, जो वाहनों के प्रकार के अनुसार अलग-अलग होती है। ग्रामीण एसपी सौरभ गोस्वामी ने स्पष्ट रूप से बताया है कि पार्किंग में रखे वाहनों की चोरी होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी पार्किंग संचालकों की होगी।
रातु के ऐतिहासिक राजकिला मैदान में 16 जुलाई को निकलने वाली रथ यात्रा को लेकर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है, जिसका मुख्य उद्देश्य मेले और रथ यात्रा के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है। प्रशासन इस आयोजन की सुरक्षा व विधि व्यवस्था को लेकर पूरी तरह मुस्तैद नज़र आ रही है। इसी क्रम में, सोमवार को ग्रामीण एसपी सौरभ गोस्वामी ने रातु किला पहुँचकर रथ यात्रा के रूट का जायजा लिया और मेले की सुरक्षा व विधि व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान डीएसपी अजय आर्यन व थानेदार आदि कांत महतो भी मौजूद थे। ग्रामीण एसपी ने पुलिसकर्मियों को कई अहम निर्देश दिए, जिनमें मेले की निगरानी सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से करना, सुरक्षा के लिए महिला व पुरुष पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करना, पॉकेटमारी और छिनतई रोकने के लिए सादे लिबास में महिला व पुरुष पुलिसकर्मी द्वारा गश्त लगाना, भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग करना और श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु ट्रैफिक रूट में बदलाव करना शामिल है। इसके अलावा, मेले में कंट्रोल रूम बनाने तथा किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ करने के भी निर्देश दिए गए। गढ़ प्रबंधक की ओर से मेले की सुरक्षा में सहयोग के लिए 100 से अधिक वॉलिंटियर तैनात किए जाएँगे, जिनकी पहचान के लिए उन्हें विशेष तरह की टोपी और आई कार्ड दिए जाएंगे। ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए 10 वॉलिंटियर के साथ एक पुलिसकर्मी भी रहेगा। मेले के दिन सड़क किनारे निजी पार्किंग की व्यवस्था रहती है, जहाँ तीन पहिया, चार पहिया व दो पहिया वाहन खड़े किए जाते हैं और पार्किंग संचालक इन वाहनों से एक तय रकम वसूलते हैं, जो वाहनों के प्रकार के अनुसार अलग-अलग होती है। ग्रामीण एसपी सौरभ गोस्वामी ने स्पष्ट रूप से बताया है कि पार्किंग में रखे वाहनों की चोरी होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी पार्किंग संचालकों की होगी।
- बुढ़मू प्रखंड के कंडेर गांव निवासी जाने-माने समाजसेवी महावीर यादव का सोमवार को निधन हो गया। वे कई महीनों से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज जारी था। महावीर यादव अपने मिलनसार स्वभाव और हर वक्त लोगों की मदद के लिए तैयार रहने के लिए जाने जाते थे, और उनके निधन से उमेडंडा कंडेर गांव में गहरा शोक छा गया है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने उनके निधन पर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उनका अंतिम संस्कार शाम को स्थानीय मुक्तिधाम में किया गया।1
- झारखंड सरकार के जमीनी विकास को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, विशेषकर चौपारण क्षेत्र से सामने आई एक फेसबुक पोस्ट में। यह पोस्ट, जिसे बीजेपी झारखंड से संबंधित बताया जा रहा है, वायरल हो रही है और इसमें सीधे तौर पर यह प्रश्न किया गया है कि क्या सामने दिख रही स्थिति ही राज्य सरकार का वास्तविक धरातलीय विकास है।1
- रांची स्थित राज हॉस्पिटल में घोर लापरवाही के बीच एक बड़ा और गंभीर हादसा हो गया है। इस घटना का दर्द इतना गहरा है कि इसने देश के एक सिपाही को भी रुला दिया है, जो इस त्रासदी और लापरवाही के परिणामों की भयावहता को साफ तौर पर दिखाता है।1
- यह एक बूढ़ी मां और उसके चोर बेटे की कहानी है।1
- झारखंड के मंडर में मंडर कंडारी करगिवाला रोड की हालत बदतर हो गई है, जिस कारण अब इस पर पैदल चलना भी बेहद मुश्किल हो गया है। इस रास्ते पर 3 स्कूल स्थित हैं, जहाँ बच्चे पैदल चलकर पहुँचते हैं। शिकायत है कि इस सड़क की मरम्मत की जा सकती थी, लेकिन अब तक इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। लोगों को यह नहीं पता कि आखिर यह रास्ता कब बन पाएगा।4
- मुजफ्फरपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर एक मामले का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस त्वरित कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो शूटरों को गिरफ्तार किया है।1
- रातु के ऐतिहासिक राजकिला मैदान में 16 जुलाई को निकलने वाली रथ यात्रा को लेकर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है, जिसका मुख्य उद्देश्य मेले और रथ यात्रा के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है। प्रशासन इस आयोजन की सुरक्षा व विधि व्यवस्था को लेकर पूरी तरह मुस्तैद नज़र आ रही है। इसी क्रम में, सोमवार को ग्रामीण एसपी सौरभ गोस्वामी ने रातु किला पहुँचकर रथ यात्रा के रूट का जायजा लिया और मेले की सुरक्षा व विधि व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान डीएसपी अजय आर्यन व थानेदार आदि कांत महतो भी मौजूद थे। ग्रामीण एसपी ने पुलिसकर्मियों को कई अहम निर्देश दिए, जिनमें मेले की निगरानी सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से करना, सुरक्षा के लिए महिला व पुरुष पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करना, पॉकेटमारी और छिनतई रोकने के लिए सादे लिबास में महिला व पुरुष पुलिसकर्मी द्वारा गश्त लगाना, भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग करना और श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु ट्रैफिक रूट में बदलाव करना शामिल है। इसके अलावा, मेले में कंट्रोल रूम बनाने तथा किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ करने के भी निर्देश दिए गए। गढ़ प्रबंधक की ओर से मेले की सुरक्षा में सहयोग के लिए 100 से अधिक वॉलिंटियर तैनात किए जाएँगे, जिनकी पहचान के लिए उन्हें विशेष तरह की टोपी और आई कार्ड दिए जाएंगे। ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए 10 वॉलिंटियर के साथ एक पुलिसकर्मी भी रहेगा। मेले के दिन सड़क किनारे निजी पार्किंग की व्यवस्था रहती है, जहाँ तीन पहिया, चार पहिया व दो पहिया वाहन खड़े किए जाते हैं और पार्किंग संचालक इन वाहनों से एक तय रकम वसूलते हैं, जो वाहनों के प्रकार के अनुसार अलग-अलग होती है। ग्रामीण एसपी सौरभ गोस्वामी ने स्पष्ट रूप से बताया है कि पार्किंग में रखे वाहनों की चोरी होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी पार्किंग संचालकों की होगी।1
- मणिपुर में तंगखुल नागा लॉन्ग (TNL) ने NH-202 के New Heaven क्षेत्र में स्थापित असम राइफल्स आउटपोस्ट को हटाने की मांग को लेकर 24 घंटे के बंद का आह्वान किया है। संगठन ने इस दौरान हुए प्रदर्शन में महिलाओं के साथ कथित बल प्रयोग का आरोप भी लगाया है। यह जानकारी सार्वजनिक और आधिकारिक/मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। रांची क्लब टीवी ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी पक्ष के आरोपों या दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है, और संबंधित पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक बयान या नया अपडेट आने पर उसे प्रकाशित करने की बात कही है।1