Shuru
Apke Nagar Ki App…
जनपद संभल की चंदौसी तहसील परिसर में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं द्वारा एक प्रदर्शन किया गया। हालांकि, इस प्रदर्शन के पीछे का सटीक कारण मूल जानकारी में नहीं बताया गया है।
Nitin Sagar
जनपद संभल की चंदौसी तहसील परिसर में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं द्वारा एक प्रदर्शन किया गया। हालांकि, इस प्रदर्शन के पीछे का सटीक कारण मूल जानकारी में नहीं बताया गया है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- संभल जिले में बबराला पुलिस ने चैकिंग के दौरान हुई एक पुलिस मुठभेड़ के बाद छह वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले के सफल अनावरण में डॉग स्क्वाड टीम के डॉग 'मैरी' ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। घटना 18 जून, 2026 की है, जब बबराला थाना क्षेत्र में वादी की छह वर्षीय पुत्री शाम के समय घर के बाहर खेल रही थी और खेलते हुए घर से कुछ दूरी पर चली गई। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया। वादी की तहरीर पर 19 जून, 2026 को बबराला थाने में अज्ञात के खिलाफ मु0अ0सं0 154/2026 धारा 65(2)/62 बीएनएस व 5एम/6 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस टीम और फोरेंसिक टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घटनास्थल का निरीक्षण किया और मौके से एक गमछा बरामद किया। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य माध्यमों से भी जानकारी जुटाई, लेकिन कोई लाभप्रद सूचना नहीं मिली। इसके बाद, संभल के पुलिस अधीक्षक के.के. बिश्नोई के निर्देशानुसार डॉग स्क्वाड टीम को घटनास्थल पर भेजा गया। डॉग स्क्वाड टीम के डॉग 'मैरी' ने घटनास्थल से बरामद गमछे को सूंघकर अभियुक्त संदीप पुत्र हरस्वरुप, जिसकी उम्र करीब 34 वर्ष है और वह ग्राम पंवारी थाना बबराला जनपद सम्भल का निवासी है, के घर तक पहुंच गई, लेकिन अभियुक्त उस समय घर से फरार था। पुलिस टीम ने बाद में चैकिंग के दौरान हुई मुठभेड़ में अभियुक्त संदीप को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना के सफल अनावरण पर संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार ने डॉग स्क्वाड टीम के डॉग 'मैरी' को 10,000 रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित किया।2
- जनपद संभल की चंदौसी तहसील परिसर में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं द्वारा एक प्रदर्शन किया गया। हालांकि, इस प्रदर्शन के पीछे का सटीक कारण मूल जानकारी में नहीं बताया गया है।1
- लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद बदायूं प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है, जिसके चलते जिले भर में संचालित कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों की सघन जांच शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में बिसौली में अग्निशमन विभाग की टीम ने विभिन्न लाइब्रेरियों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान सुरक्षा मानकों में गंभीर खामियां पाए जाने पर दो लाइब्रेरियों को सील कर दिया गया है। प्रभारी अग्निशमन बिसौली महेंद्र पाल सिंह के निर्देशन में बिसौली नगर की लगभग दस लाइब्रेरियों का निरीक्षण किया गया। इस जांच में कई स्थानों पर अग्नि सुरक्षा मानकों की कमी मिली। विशेष रूप से उन लाइब्रेरियों को चिन्हित किया गया जो बेसमेंट में या ऐसे भवनों में चल रही थीं, जहां आपात स्थिति में दमकल वाहन आसानी से नहीं पहुंच सकते। निरीक्षण के दौरान धड़क लाइब्रेरी और परीक्षा गढ़ लाइब्रेरी में गंभीर सुरक्षा कमियां पाई गईं, जिसके बाद उन्हें सील कर दिया गया। अन्य सभी संचालकों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।4
- समाजवादी पार्टी में 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले मुस्लिम मुख्यमंत्री चेहरे की मांग जोर पकड़ती दिख रही है। संभल से समाजवादी पार्टी के जिला सचिव नवाब साद आदिल ने मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी द्वारा अखिलेश यादव को लिखे पत्र का समर्थन करते हुए कहा है कि मुसलमानों ने हमेशा सपा का साथ दिया है, इसलिए अब उन्हें पार्टी में नेतृत्व का अवसर मिलना चाहिए। नवाब साद आदिल ने मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी की उस मांग का समर्थन किया, जिसमें 2027 विधानसभा चुनाव के लिए सपा की ओर से मुस्लिम मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करने की बात कही गई है। उन्होंने तर्क दिया कि उत्तर प्रदेश में लगभग 22 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है, जिसने समाजवादी पार्टी का मजबूती से समर्थन किया है और मुलायम सिंह यादव, रामगोपाल यादव व अखिलेश यादव को सत्ता और संसद तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका रही है। साद आदिल का कहना है कि जब मुस्लिम समाज लगातार पार्टी के साथ खड़ा रहा है, तो 2027 में मुख्यमंत्री पद के लिए मुस्लिम चेहरे को आगे लाने पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। उन्होंने भारतीय संविधान द्वारा सभी नागरिकों को दिए गए समान अधिकारों का हवाला देते हुए यह भी बताया कि देश में पहले भी मुस्लिम राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री रह चुके हैं। सपा नेता ने मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी की इस मांग को पूरी तरह लोकतांत्रिक और संवैधानिक बताते हुए कहा कि पार्टी नेतृत्व को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।1
- बुदायूँ जिले के बिलसी क्षेत्र के एक गांव में, ग्रामीणों को खुले में खोदे गए नालों से गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ता ने बताया है कि ये नाले उनके घर के पास ही खोदे गए हैं और इनमें किसी भी जानवर या छोटे बच्चे के गिरने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में अभी तक कोई भी विकास कार्य नहीं कराया गया है, और प्रधान द्वारा भी उनके गांव में कोई काम नहीं करवाया जा रहा है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।1
- उत्तर प्रदेश अग्निशमन विभाग में बुलेट खरीद को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिसमें विभाग के महानिदेशक (DG) पर ₹8 लाख प्रति बुलेट के हिसाब से बड़े घोटाले का आरोप लगा है। बताया गया है कि विभाग ने जो बुलेट ₹11 लाख में खरीदी है, उसकी असल कीमत मात्र ₹3 लाख है। यह गंभीर आरोप फायरमैन जितेंद्र राठौर द्वारा लगाए गए हैं, जिन्होंने लखनऊ में एक अग्निकांड स्थल पर पहुँचकर इस मामले को उजागर किया।1
- ग्रामीण महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित किसी भी समस्या के लिए अब संपर्क करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इच्छुक व्यक्ति दिए गए संपर्क नंबरों 9027999866 और 9454229115 पर किसी भी समय व्हाट्सएप संदेश भेज सकते हैं।4
- सम्भल जिले में प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए एक महिला के निधन के लगभग डेढ़ माह बाद उसका शव कब्र से निकलवाकर दोबारा पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। यह कदम मृतका के मायके पक्ष की निरंतर मांग और जिलाधिकारी के स्पष्ट आदेश के बाद उठाया गया। जानकारी के अनुसार, जफीर की पत्नी महताब की मृत्यु 11 मई 2026 को हुई थी। उस समय स्थानीय पुलिस ने आवश्यक पंचनामा की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया था और बिसरा भी सुरक्षित रखवाया गया था। पहले पोस्टमार्टम के बाद महताब के शव को थाना हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र के कस्बा सिरसी में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया था। हालांकि, मृतका का मायके पक्ष पहले हुए पोस्टमार्टम से संतुष्ट नहीं था, उनका आरोप था कि महिला की मौत के कारणों की सही और निष्पक्ष जांच नहीं हुई है। इसी असंतोष के चलते उन्होंने जिलाधिकारी सम्भल से शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की गुहार लगाई थी। जिलाधिकारी के आदेश के बाद, सोमवार को नायब तहसीलदार सम्भल दीपक कुमार जुरैल की निगरानी में चिकित्सकों और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की एक विशेष टीम कब्रिस्तान पहुँची। टीम ने निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए, लगभग एक घंटे की कार्रवाई के बाद, महताब के शव को कब्र से बाहर निकाला। इसके उपरांत, शव को सीलबंद कर दोबारा पोस्टमार्टम के लिए बहजोई स्थित मोर्चरी भेज दिया गया। अब सभी की निगाहें इस दूसरे पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे महिला की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होने की उम्मीद की जा रही है।1