संस्कार हॉस्पिटल इटावा पर लापरवाही का आरोप, सड़क हादसे में घायल नगला सड़क निवासी की इलाज के दौरान मौत सैफई ट्रॉमा सेंटर के बाहर सक्रिय निजी अस्पतालों के दलालों पर भी उठे गंभीर सवाल इटावा। जनपद मैनपुरी के थाना करहल क्षेत्र अंतर्गत नगला सड़क निवासी राकेश कुमार (55) की इलाज के दौरान मौत के बाद इटावा स्थित संस्कार हॉस्पिटल पर गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही के आरोप लगे हैं। मृतक के परिजनों ने न केवल अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई ट्रॉमा सेंटर के आसपास सक्रिय कथित निजी अस्पतालों के दलालों की भूमिका को भी इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार ठहराया है। परिजनों के अनुसार, 7 फरवरी की शाम राकेश कुमार सड़क हादसे में घायल हो गए थे। घटना के तुरंत बाद उन्हें इलाज के लिए सैफई स्थित ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां वे पूरी तरह होश में थे। डॉक्टरों द्वारा प्रारंभिक जांच के बाद बताया गया कि उन्हें केवल पैर में फ्रैक्चर है और उनकी हालत स्थिर है। परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान सैफई ट्रॉमा सेंटर के गेट नंबर चार के पास मौजूद कुछ लोगों ने खुद को मददगार बताते हुए निजी अस्पताल में बेहतर इलाज का झांसा दिया। इन बातों में आकर परिजन घायल राकेश को इटावा के संस्कार हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। संस्कार हॉस्पिटल में ऑपरेशन के बाद राकेश की हालत अचानक बिगड़ गई। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन से पहले मरीज सामान्य बातचीत कर रहा था, लेकिन ऑपरेशन के बाद वह कोमा जैसी स्थिति में पहुंच गया। जब परिजनों ने स्थिति की जानकारी मांगी तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। हालत गंभीर होने पर अस्पताल ने राकेश को दोबारा सैफई रेफर कर दिया। बुधवार दोपहर सैफई में इलाज के दौरान राकेश कुमार की मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने संस्कार हॉस्पिटल पर लापरवाही, गलत इलाज और बिना पूरी जानकारी दिए ऑपरेशन करने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के बाद सैफई ट्रॉमा सेंटर के आसपास कथित दलालों की सक्रियता एक बार फिर चर्चा में आ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये लोग अक्सर गंभीर मरीजों के परिजनों को गुमराह कर निजी अस्पतालों की ओर मोड़ देते हैं। इससे न केवल सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं, बल्कि मरीजों की जान भी खतरे में पड़ जाती है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि— 👉 संस्कार हॉस्पिटल इटावा की भूमिका की जांच कब होगी? 👉 सैफई ट्रॉमा सेंटर के बाहर सक्रिय कथित दलालों पर प्रशासन कब कार्रवाई करेगा? 👉 और क्या भविष्य में मरीजों और उनके परिजनों को इस तरह गुमराह होने से बचाया जा सकेगा? यह मामला अब केवल एक व्यक्ति की मौत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था, प्रशासनिक निगरानी और मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुका है। जनता की निगाहें अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
संस्कार हॉस्पिटल इटावा पर लापरवाही का आरोप, सड़क हादसे में घायल नगला सड़क निवासी की इलाज के दौरान मौत सैफई ट्रॉमा सेंटर के बाहर सक्रिय निजी अस्पतालों के दलालों पर भी उठे गंभीर सवाल इटावा। जनपद मैनपुरी के थाना करहल क्षेत्र अंतर्गत नगला सड़क निवासी राकेश कुमार (55) की इलाज के दौरान मौत के बाद इटावा स्थित संस्कार हॉस्पिटल पर गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही के आरोप लगे हैं। मृतक के परिजनों ने न केवल अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई ट्रॉमा सेंटर के आसपास सक्रिय कथित निजी अस्पतालों के दलालों की भूमिका को भी इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार ठहराया है। परिजनों के अनुसार, 7 फरवरी की शाम राकेश कुमार सड़क हादसे में घायल हो गए थे। घटना के तुरंत बाद उन्हें इलाज के लिए सैफई स्थित ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां वे पूरी तरह होश में थे। डॉक्टरों द्वारा प्रारंभिक जांच के बाद बताया गया कि उन्हें केवल पैर में फ्रैक्चर है और उनकी हालत स्थिर है। परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान सैफई ट्रॉमा सेंटर के गेट नंबर चार के पास मौजूद कुछ लोगों ने खुद को मददगार बताते हुए निजी अस्पताल में बेहतर इलाज का झांसा दिया। इन बातों में आकर परिजन घायल राकेश को इटावा के संस्कार हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। संस्कार हॉस्पिटल में ऑपरेशन के बाद राकेश की हालत अचानक बिगड़ गई। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन से पहले मरीज सामान्य बातचीत कर रहा था, लेकिन ऑपरेशन के बाद
वह कोमा जैसी स्थिति में पहुंच गया। जब परिजनों ने स्थिति की जानकारी मांगी तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। हालत गंभीर होने पर अस्पताल ने राकेश को दोबारा सैफई रेफर कर दिया। बुधवार दोपहर सैफई में इलाज के दौरान राकेश कुमार की मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने संस्कार हॉस्पिटल पर लापरवाही, गलत इलाज और बिना पूरी जानकारी दिए ऑपरेशन करने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के बाद सैफई ट्रॉमा सेंटर के आसपास कथित दलालों की सक्रियता एक बार फिर चर्चा में आ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये लोग अक्सर गंभीर मरीजों के परिजनों को गुमराह कर निजी अस्पतालों की ओर मोड़ देते हैं। इससे न केवल सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं, बल्कि मरीजों की जान भी खतरे में पड़ जाती है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि— 👉 संस्कार हॉस्पिटल इटावा की भूमिका की जांच कब होगी? 👉 सैफई ट्रॉमा सेंटर के बाहर सक्रिय कथित दलालों पर प्रशासन कब कार्रवाई करेगा? 👉 और क्या भविष्य में मरीजों और उनके परिजनों को इस तरह गुमराह होने से बचाया जा सकेगा? यह मामला अब केवल एक व्यक्ति की मौत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था, प्रशासनिक निगरानी और मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुका है। जनता की निगाहें अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
- mahewa ke pass anepura bhangara2
- सिरसागंज के गिरधारी इंटर कॉलेज और एमडी जैन इंटर कॉलेज सहित सभी केंद्रों पर सुबह से ही परीक्षार्थियों की भारी भीड़ रही। सघन चेकिंग के बाद ही छात्रों को प्रवेश दिया गया। परीक्षा देकर बाहर निकले छात्र निमिष और भानु प्रताप ने पेपर को सरल बताते हुए खुशी जाहिर की। विदिति हो कि बोर्ड परीक्षाओं का मंगलवार को जिले के 107 केंद्रों पर उत्साहपूर्ण आगाज हुआ। पहले दिन हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्रों ने हिंदी के प्रश्नपत्र के साथ अपने भविष्य के महाकुंभ की शुरुआत की।1
- दलीप नगर मढैयन तहसील चकर नगर इटावा उ प्र1
- कलेक्टर भिण्ड द्वारा आगामी उपार्जन सीजन की सतर्क और सुव्यवस्थित तैयारी सुनिश्चित करने हेतु खाद्य आपूर्ति विभाग अधिकारियों की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार भिण्ड में आयोजित की गई। इस दौरान जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी, प्रभारी डीएमओ मार्कफेड, समस्त कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने साफ निर्देश दिए कि हर हाल में 7 मार्च से पहले सभी किसानों का पंजीयन कराया जाए। गिरदाबली के आधार पर पंजीयन प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया गया, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। कलेक्टर ने उपार्जन केंद्रों की व्यवस्था पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र अच्छे और सुगम स्थानों पर स्थापित हों, जहां लोगों को आने-जाने में कोई असुविधा न हो। गोदामों के स्थान पहले से चिन्हित कर लिए जाएं, जिससे अनाज के परिवहन और रखरखाव में कोई बाधा न आए। गोदामों के बाहर अनाज का ढेर न लगे, इसके लिए पहले से प्लानिंग आवश्यक है। उपार्जन केंद्रों पर तौल की व्यवस्था लगातार बनी रहे, अनाज रखने की उचित सुविधा हो और ट्रांसपोर्ट की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अनाज के ढेर लगने या जाम की स्थिति बिल्कुल न बने। मंडी में आने-जाने वाले वाहनों पर कड़ी निगरानी रखी जाए, ताकि यातायात सुचारू रहे। इसके अलावा हम्माल कार्य करने वाले व्यक्तियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। कलेक्टर ने सरसों खरीदी को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से कराने तथा भुगतान में पूर्ण सावधानी बरतने के सख्त निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि राशन वितरण समयबद्ध तरीके से हो। किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वितरण प्रक्रिया पारदर्शी रखें, लाभार्थियों को कोई असुविधा न हो और स्टॉक की गुणवत्ता सुनिश्चित करें।1
- जिले में उपार्जन हेतु पंजीयन कार्य 38 केन्द्रों पर किया जा रहा है। सभी किसान भाई आवश्यक दस्तावेज ले जाकर पंजीयन कराएं - जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी भिण्ड1
- Post by Kamal Singh1
- नसीरपुर थाना पुलिस ने ग्राम नानेमऊ निवासी अभियुक्त अंकुश पुत्र मुकेश को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर BNS के तहत मुकदमा दर्ज था। प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेन्द्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी को नानेमऊ चौराहे से गिरफ्तार किया। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अंकित कुमार और कांस्टेबल अरुण कुमार शामिल रहे। पुलिस ने विधिक कार्यवाही पूरी कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया है।1
- Post by Ramraj Verma1
- बुधवार को शुरू हुई यूपी बोर्ड की परीक्षा में सुबह की पाली में हाईस्कूल की परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई,तहसील क्षेत्र के सभी सेंट्रो पर सुरक्षा को लेकर पुलिस बल तैनात रहा,उपजिलाधिकारी गोपाल शर्मा ने भी सेंट्रो पर पहुंचकर निरीक्षण किया,सुबह प्रथम पाली में 8,30 बजे पेपर को लेकर परीक्षार्थी 30 मिनट पहले ही पहुंच गए,हालंकि मौसम में ठंडक होने से परीक्षार्थियों को सुबह की पाली में ठंड का भी सामना करना पड़ा,नगर के स्वामी सदानंद राजकीय कन्या इंटर कालेज, डाक्टर राम मनोहर लोहिया इंटर कालेज, वी ए एन एम इंटर कालेज आदि सहित दर्जनों सेंटरों पर परीक्षा शांतिपूर्ण और नकल विहीन कराने के लिए उपजिलाधिकारी गोपाल शर्मा ने कई सेंटरों का निरीक्षण कर दिशा निर्देश दिए,थाना प्रभारी छत्रपाल सिंह ने बताया कि सुरक्षा को लेकर प्रत्येक परीक्षा सेंटर पर पुलिस फोर्स मौजूद रहा,और उनके द्वारा पुलिस बल के साथ भ्रमण किया गया।1