नयापारा चकरभाठा के मुक्तिधाम मे जिंदा के साथ मुर्दे भी सुनते हैं रामायण पिछले 4 सालो से होते आ रहा ये अनोखा आयोजन आज रविवार की सुबह 7:00 बजे हाई कोर्ट बोदरी नयापारा चकरभाठा के मुक्तिधाम के सेवकों से मिली जानकारी के अनुसार आपने जिंदा लोगों को भागवत और रामकथा सुनते तो खूब देखा सुना होगा.लेकिन आज हम आपको ऐसी जगह लेकर चलेंगे जहां पर मुर्दे राम कथा सुनते हैं. सुनने में अजीब जरूर लगे लेकिन हकीकत यही है.आइए जानते हैं इस खबर मे जहाँ मुर्दों को रामायण सुनने का सौभाग्य मिलता है. राम नाम सत्य है..ये लाइनें अक्सर आपने अर्थी यात्रा के दौरान लोगों के मुंह से सुनी होगी.हिंदू धर्म में माना जाता है कि राम का नाम लेने मात्र से मनुष्य को मुक्ति मिल जाती है. जिन्हें कहीं शरण नहीं मिलता उन्हे प्रभु श्रीराम के चरणों में जगह मिलती है. भगवान राम की भक्ति में डूबे भक्त अपने घरों, मंदिर और पूजा स्थलों में अखंड रामायण का पाठ करवाते हैं. जिन्हें सुनने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु इकट्ठे होते हैं.आज हम आपको ऐसे ही रामायण पाठ के बारे में बताने जा रहे हैं.लेकिन ये पाठ किसी मंदिर या सार्वजनिक स्थल में नहीं बल्कि श्मशान मुक्तिधाम में कराया जाता है.जहां इंसानों के साथ मुर्दे भी रामायण पाठ का श्रवण करते हैं. बिलासपुर से कुछ दूरी पर स्थित है चकरभाठा.जहां हाईकोर्ट के पीछे नगर पालिका बोदरी का वार्ड क्रमांड 4 आता है.इस क्षेत्र को लोग नयापारा के नाम से जानते हैं. नयापारा इसलिए भी जाना जाता है क्योंकि मनुष्य की अंतिम यात्रा यहां बने श्मशान घाट में आकर समाप्त हो जाती है. पहली नजर में यहां के श्मशान घाट को देखने पर आपको लगेगा कि किसी बड़े पार्क में घूमने आए हो.लेकिन ये श्मशान घाट है जहां मुर्दों को अंतिम विदाई दी जाती है. इस श्मशान घाट में पिछले 4 साल से अनोखा आयोजन हो रहा है.यहां के आम जनता के सहयोग से श्मशान घाट में ही रामायण पाठ का आयोजन कराया जाता है. जिसमें रामायण पाठ करने वाली कई मंडली आती है.शनिवार की शाम छह बजे से लेकर अगले दिन रविवार सुबह 6 बजे तक श्मशान घाट में रामायण का पाठ किया गया.जिसे सुनने के लिए आसपास के लोगों के साथ बच्चे और बूढ़े भी बेहिचक श्मशान घाट में चले आते हैं.श्मशान घाट को लेकर ना तो किसी के मन में कोई सवाल उठता है और ना ही किसी तरह का डर. मन में सिर्फ एक ही इच्छा रहती है जीते जी हमें भी राम नाम का जाप करने सौभाग्य मिले. :इस अनोखे रामायण पाठ कराने वाले नगर के आयोजन समिती का मानना है कि इंसान जीते जी राम कथा सुन सकता है. लेकिन कलयुग में काम और पैसे कमाने की आपाधापी में कई लोग ईश्वर भक्ति से दूर रहते हैं. ऐसे में जब उनकी मौत होती है तो कहीं ना कहीं उनको मोक्ष नहीं मिलता.ऐसे ही मृत आत्माओं की शांति के लिए श्मशान घाट में रामायण पाठ का आयोजन पिछले 4 सालो से होता आ रहा है.ताकि रात भर रामभजन के माध्यम से मृतात्माओं को वैतरणी पार कराई जा सके.नगर के आयोजन समिती का कहना है कि इस मुक्तिधाम को संवारने का काम छेत्र के गडमान्य नागरिक पिछले 9 वर्षों से करते आ रहें है. इसके साथ ही साल में एक बार यहां रामायण आयोजित होता है. ''श्मशान घाट में लोगों को आना अच्छा लगता है.हमारा मानना है कि जीते जी लोग अच्छी जगहों पर जाते हैं.इसलिए मरने के बाद भी लोगों को अच्छी जगह में स्थान मिलना चाहिए.इसके लिए राम का नाम ही सहारा है.क्योंकि अंतिम समय में राम का नाम लेने से मुक्ति मिल जाती है.तो यदि मरने के बाद रामनाम सुना जाए तो महामुक्ति मिलती है.'' साथी 12 घटा चले इस रामायण में भंडारे का भी आयोजन किया जाता है जिसमें आसपास के बच्चे बड़े बुजुर्ग सभी पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करते हैं जहाँ रात भर रहती है रौनक :नगर पंचायत बोदरी का श्मशान घाट लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र भी है.यदि कोई यहां पहली बार आएगा तो उसे बिल्कुल भी नहीं लगेगा कि ये एक श्मशान घाट है.हर तरफ सुंदर फूल के पौधे,हरी भरी घास पेड़ पौधे और फाउंटेन देखने के बाद हर किसी को ये जगह एक गार्डन के रूप में नजर आती है.लेकिन ये असल में श्मशान घाट है.जिसे यहां के स्थानीय लोगों ने सजाया और संवारा है. सबसे बड़ी बात की जब से नयापारा के श्मशान घाट में रामायण का पाठ प्रारंभ किया गया है इसे देखकर छत्तीसगढ़ के कई श्मशान घाट में भी इसी तरह से रामायण का पाठ करवाया जाता है रामायण पाठ को सफल बनाने में क्षेत्रीय लोगों एवं समिति की आम भूमिका रहती है इस वर्ष के रामायण पाठ में लगभग 12 गांव के रामायण मंडलियों ने हिस्सा लिया जिन्हें समिति के द्वारा श्रीफल और प्रोत्साहन राशि दे कर सम्मानीय किया गया रामायण मण्डलीयों के नाम इस प्रकार है
नयापारा चकरभाठा के मुक्तिधाम मे जिंदा के साथ मुर्दे भी सुनते हैं रामायण पिछले 4 सालो से होते आ रहा ये अनोखा आयोजन आज रविवार की सुबह 7:00 बजे हाई कोर्ट बोदरी नयापारा चकरभाठा के मुक्तिधाम के सेवकों से मिली जानकारी के अनुसार आपने जिंदा लोगों को भागवत और रामकथा सुनते तो खूब देखा सुना होगा.लेकिन आज हम आपको ऐसी जगह लेकर चलेंगे जहां पर मुर्दे राम कथा सुनते हैं. सुनने में अजीब जरूर लगे लेकिन हकीकत यही है.आइए जानते हैं इस खबर मे जहाँ मुर्दों को रामायण सुनने का सौभाग्य मिलता है. राम नाम सत्य है..ये लाइनें अक्सर आपने अर्थी यात्रा के दौरान लोगों के मुंह से सुनी होगी.हिंदू धर्म में माना जाता है कि राम का नाम लेने मात्र से मनुष्य को मुक्ति मिल जाती है. जिन्हें कहीं शरण नहीं मिलता उन्हे प्रभु श्रीराम के चरणों में जगह मिलती है. भगवान राम की भक्ति में डूबे भक्त अपने घरों, मंदिर और पूजा स्थलों में अखंड रामायण का पाठ करवाते हैं. जिन्हें सुनने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु इकट्ठे होते हैं.आज हम आपको ऐसे ही रामायण पाठ के बारे में बताने जा रहे हैं.लेकिन ये पाठ किसी मंदिर या सार्वजनिक स्थल में नहीं बल्कि श्मशान मुक्तिधाम में कराया जाता है.जहां इंसानों के साथ मुर्दे भी रामायण पाठ का श्रवण करते हैं. बिलासपुर से कुछ दूरी पर स्थित है चकरभाठा.जहां हाईकोर्ट के पीछे नगर पालिका बोदरी का वार्ड क्रमांड 4 आता है.इस क्षेत्र को लोग नयापारा के नाम से जानते हैं. नयापारा इसलिए भी जाना जाता है क्योंकि मनुष्य की अंतिम यात्रा यहां बने श्मशान घाट में आकर समाप्त हो जाती है. पहली नजर में यहां के श्मशान घाट को देखने पर आपको लगेगा कि किसी बड़े पार्क में घूमने आए हो.लेकिन ये श्मशान घाट है जहां मुर्दों को अंतिम विदाई दी जाती है. इस श्मशान घाट में पिछले 4 साल से अनोखा आयोजन हो रहा है.यहां के आम जनता के सहयोग से श्मशान घाट में ही रामायण पाठ का आयोजन कराया जाता है. जिसमें रामायण पाठ करने वाली कई मंडली आती है.शनिवार की शाम छह बजे से लेकर अगले दिन रविवार सुबह 6 बजे तक श्मशान घाट में रामायण का पाठ किया गया.जिसे सुनने के लिए आसपास के लोगों के साथ बच्चे और बूढ़े भी बेहिचक श्मशान घाट में चले आते हैं.श्मशान घाट को लेकर ना तो किसी के मन में कोई सवाल उठता है और ना ही किसी तरह का डर. मन में सिर्फ एक ही इच्छा रहती है जीते जी हमें भी राम नाम का जाप करने सौभाग्य मिले. :इस अनोखे रामायण पाठ कराने वाले नगर के आयोजन समिती का मानना है कि इंसान जीते जी राम कथा सुन सकता है. लेकिन कलयुग में काम और पैसे कमाने की आपाधापी में कई लोग ईश्वर भक्ति से दूर रहते हैं. ऐसे में जब उनकी मौत होती है तो कहीं ना कहीं उनको मोक्ष नहीं मिलता.ऐसे ही मृत आत्माओं की शांति के लिए श्मशान घाट में रामायण पाठ का आयोजन पिछले 4 सालो से होता आ रहा है.ताकि रात भर रामभजन के माध्यम से मृतात्माओं को वैतरणी पार कराई जा सके.नगर के आयोजन समिती का कहना है कि इस मुक्तिधाम को संवारने का काम छेत्र के गडमान्य नागरिक पिछले 9 वर्षों से करते आ रहें है. इसके साथ ही साल में एक बार यहां रामायण आयोजित होता है. ''श्मशान घाट में लोगों को आना अच्छा लगता है.हमारा मानना है कि जीते जी लोग अच्छी जगहों पर जाते हैं.इसलिए मरने के बाद भी लोगों को अच्छी जगह में स्थान मिलना चाहिए.इसके लिए राम का नाम ही सहारा है.क्योंकि अंतिम समय में राम का नाम लेने से मुक्ति मिल जाती है.तो यदि मरने के बाद रामनाम सुना जाए तो महामुक्ति मिलती है.'' साथी 12 घटा चले इस रामायण में भंडारे का भी आयोजन किया जाता है जिसमें आसपास के बच्चे बड़े बुजुर्ग सभी पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करते हैं जहाँ रात भर रहती है रौनक :नगर पंचायत बोदरी का श्मशान घाट लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र भी है.यदि कोई यहां पहली बार आएगा तो उसे बिल्कुल भी नहीं लगेगा कि ये एक श्मशान घाट है.हर तरफ सुंदर फूल के पौधे,हरी भरी घास पेड़ पौधे और फाउंटेन देखने के बाद हर किसी को ये जगह एक गार्डन के रूप में नजर आती है.लेकिन ये असल में श्मशान घाट है.जिसे यहां के स्थानीय लोगों ने सजाया और संवारा है. सबसे बड़ी बात की जब से नयापारा के श्मशान घाट में रामायण का पाठ प्रारंभ किया गया है इसे देखकर छत्तीसगढ़ के कई श्मशान घाट में भी इसी तरह से रामायण का पाठ करवाया जाता है रामायण पाठ को सफल बनाने में क्षेत्रीय लोगों एवं समिति की आम भूमिका रहती है इस वर्ष के रामायण पाठ में लगभग 12 गांव के रामायण मंडलियों ने हिस्सा लिया जिन्हें समिति के द्वारा श्रीफल और प्रोत्साहन राशि दे कर सम्मानीय किया गया रामायण मण्डलीयों के नाम इस प्रकार है
- शाकंभरी पेट्रोल पंप के पास भोजपुरी में गार्ड के साथ की गई मारपीट जिसकी हिर्री थाना में दर्ज कराई गई रिपोर्ट शनिवार की रात 10:00 बजे हिर्री पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार नाम प्रार्थी/ मुंशीराम मनहरे पिता रिखीराम मनहरे उम्र 60 साल साकिन मदकूदीप थाना सरगांव जिला मुंगेली ने शनिवार की दोपहर 13.52 बजे थाना हुर्री मे उपस्थित हों कर रिपोर्ट दर्ज कराई है की विवरण:- मैं ग्राम मदकूदीप थाना सरगांव जिला मुंगेली में रहता हूं मैं नंदू सेठ के शाकम्भरी पट्रोल पंप तथा ट्रांसपोर्ट कंपनी ग्राम भोजपुरी में गार्ड का नौकरी करता हूं मैं दिनांक 23.01.2026 के रात 08.00 बजे से दिनांक 24.01.2026 के सुबह 08.30 बजे तक के लिए शाकम्भरी पट्रोल पंप में नौकरी पर तैनात था दिनांक 24.01.2026 के रात्रि करीबन 01.00 बजे कंपनी का चालक विनय अपने ट्रेलर को ट्रांसपोर्ट के मेन गेट के सामने खडी कर दिया था जिसे मैं विनय को अपने वाहन को वहां से हटाने के लिए बोल ही रहा था कि उसी समय उसी कंपनी मे मैकेनिक का काम करने वाले विश्वकर्मा निषाद ग्राम मोहदा का वहीं पर खडा था जो आया और विनय के ट्रेलर के चाबी को अपने पास रख लिया तब विनय बोला कि विश्वकर्मा निषाद चाबी को रख लिया है मैं कैसे वाहन को स्टार्ट करू तब मैं विश्वकर्मा निषाद को बोला कि चाबी को देदो तब वह गाडी का नही हटायेगा तो क्या कर लोगे कहने लगा तब मैं अपने सेठ नंदू को फोन लगाकर घटना के बारे में बताया और विश्वकर्मा निषाद से बात कराया फोन को काटने के बाद विश्वकर्मा निषाद मेरी बेज्जती कर रहे हो गाली खिला रहे हो बोलकर मुझे मां बहन की अश्लील गाली गलौच कर जान से मारने की धमकी देते वही पर आग जल रहे बत्ता को उठाकर मेरे सिर मे मार दिया जिससे मेंरे सिर मे चोट लगकर खून निकला है लडाई झगडा की आवाज को सुनकर पास के टायर दुकान वाला लडका आया और बीच बचाव कर अपने मफलर से मेरे सिर को बांधा कुछ देर बाद एम्बंलेंस आई तब ईलाज हेतु सरगांव अस्पताल लेकर गये जहां मैं ईलाज कराया उसके बाद आज रिपोर्ट करने थाना आया हूं कि रिपोर्ट करता हूं कार्यवाही चाहता हूं प्रॉर्थी की रिपोर्ट पर हिर्री पुलिस ने अपराध धारा – 296,115(2),351(2) बी एन एस के तहत मामला दर्ज कर लिया है और मामले की विवेचना जारी है1
- जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह का अंतिम फुल ड्रेस रिहर्सल। जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह का अंतिम फुल ड्रेस रिहर्सल। आज शनिवार सुबह 8 बजे पुलिस परेड ग्राउंड में किया गया। फाइनल रिहर्सल में मुख्य अतिथि का आगमन, स्वागत, ध्वजारोहण। परेड सलामी, मार्च पास्ट, मुख्य अतिथि द्वारा परेड कमाण्डों से परिचय। पुरस्कार वितरण, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि का रिहर्सल किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जिला मुख्यालय के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। आईजी श्री रामगोपाल गर्ग भी मौजूद थे।1
- मैं जब जुगल किशोर यादव & सरिता यादव के घर सैदा जाकर अपना दिया हुआ पैसा 1 एक लाख 50 हजार रुपए वापस को मांगी तो वह म बदतमीजी से बात करने लग गया अश्लील गाली गलौज मारपीट करने का धमकी देता है पैसा नहीं दूंगा जो करना है कर ले बोलता है और दोबारा पैसा मांगा तो झूठ प्रकरण कर्ज के केस में फंसा देने व आत्महत्या कर लेने की धमकी देता है और नाम लगाकर फसा दूंगा बोलता है पुलिस वगैरा से नहीं डरता हूं यह भी सब बोलता है जहां जाना है वहां चले जाओ बोलता है मैं किसी से नहीं डरता हूं बोलता है जुगल किशोर यादव के द्वारा दिए धमकी से मैं भयभीत हूं इसलिए उक्त घटना की शिकायत करती हूं जुगल किशोर यादव सरिता यादव के ऊपर उचित कानूनी कार्यवाही की जाये मेरी छत्तीसगढ़ प्रशासन बिलासपुर पुलिस सकरी पुलिस प्रशासन से निवेदन है अतः आप सभी से निवेदन है की यह व्यक्ति से आप सभी सावधान रहें सतर्क रहें किसी तरह का पैसे का लेनदेन ना करें / 🙏🏻😔1
- इस वीडियो में ब्रह्मांड की विशालता को ऐसे दिखाया गया है कि इंसान की मौजूदगी एक बिंदु से भी छोटी महसूस होती है। पृथ्वी, आकाशगंगा और अनंत अंतरिक्ष के सामने मानव जीवन कितना क्षणिक है, यह दृश्य साफ़ करता है। यह वीडियो सिर्फ़ विज्ञान नहीं, बल्कि इंसान को उसकी वास्तविक हैसियत का एहसास भी कराता है। #Universe #Cosmos #HumanExistence #RealityCheck #SpaceFacts #Astronomy #ScienceReels #ViralVideo #MindBlowing #Explore #Perspective1
- Full Video Link https://youtu.be/lFnn_gwYsX4?si=ef7J5jTKYNvSkkKK1
- *भाटापारा नगर में विकास को मिली नई रफ्तार, विभिन्न वार्डों में निर्माण कार्यों का भूमिपूजन संपन्न* संवाददाता- विजय शंकर तिवारी देश दुनिया की हर खबर सबसे पहले पाने के लिए हमारे साथ जुड़े रहे https://www.prabhatnews24.in/single/bhatapara-nagar-mein-vikas-ko-mili-nahin-raftar-vibhinn-vadon-mein-vikas-karyon-ka-bhumi-pujan-sampann और भी हर तरह की खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे What's group से जुड़े रहे https://chat.whatsapp.com/F6JIC5Pbn6DEU4I5RyeKDD खबर व विज्ञापन के लिए सम्पर्क करें 6260187193 सत्य के पुजारी - विजय तिवारी 🙏🙏🙏🙏🙏 जहां सच है वहां हम है ।1
- patna rampur hadsa1
- ग्राम देवकिरारी में आधी रात बाइक लेकर निकले बालक की सड़क दुर्घटना में मौत बिल्हा पुलिस ने शव पीएम के पश्चात परिजनों को सोपा शनिवार की रात 10:00 बजे बिल्हा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बिल्हा क्षेत्र के ग्राम देव किरारी में रहने वाले कोटवार का पोता आधी रात बाइक लेकर घर से निकला था इस दौरान स्वजन गहरी नींद में सो रहे थे कुछ देर बाद पुलिस की टीम कोटवार के घर पहुंची पुलिस के साथ जब कोटवार मौके पर पहुंचे तो उन्होंने अपने पोते की पहचान की1