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जोधपुर स्थित पावटा राजकीय चिकित्सालय एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक डॉक्टर की कथित लापरवाही का उल्लेख किया गया है।
Jitendra dave
जोधपुर स्थित पावटा राजकीय चिकित्सालय एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक डॉक्टर की कथित लापरवाही का उल्लेख किया गया है।
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- जोधपुर जिले के बोरुंदा कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गुरुवार सुबह करीब एक घंटे तक हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया। इस बारिश के कारण तापमान में लगभग 7 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। उत्तरी-पूर्वी तेज हवाओं के साथ आई काली घटाओं के कारण बोरुंदा कस्बे सहित पटेल नगर, सोवनिया, पूंदलू और बीटन जैसे कई गांवों में लगभग एक घंटे तक मध्यम से तेज बारिश हुई। इस बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, क्योंकि उन्हें खरीफ फसलों की बुवाई और खेतों में पर्याप्त नमी से लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, सुबह की बारिश ने जहाँ एक ओर राहत पहुँचाई, वहीं दोपहर होते-होते वातावरण में नमी बढ़ने से उमस का असर भी महसूस किया गया, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का मानना है कि आगामी दिनों में यदि अच्छी बारिश होती है, तो कृषि कार्यों को गति मिलेगी।2
- जोधपुर स्थित पावटा राजकीय चिकित्सालय एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक डॉक्टर की कथित लापरवाही का उल्लेख किया गया है।1
- जोधपुर में डोली भूमि पर कथित अवैध कब्जों के विरोध में श्री ठाकुर जी मंदिर विकास समिति के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट तक एक रैली निकाली जाएगी। थोरियों की ढाणी, पाल बालाजी पाल स्थित श्री ठाकुर जी मंदिर में हुई एक बैठक के बाद इस रैली का निर्णय लिया गया, जहाँ क्षेत्र की मातृशक्ति ने मंदिर में भजन-कीर्तन और जनसमर्थन जुटाने का कार्यक्रम भी शुरू किया है। समिति का आरोप है कि डोली भूमि पर लगातार अवैध कब्जे हो रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। प्रशासन और पुलिस से इन कथित भूमि माफियाओं के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की गई है। यह रैली श्री ठाकुर जी मंदिर से शुरू होकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचेगी, जहाँ जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। समिति ने ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों से बड़ी संख्या में शामिल होकर एकजुटता दिखाने की अपील की है, जिसके माध्यम से “एकजुट रहेंगे – अधिकार लेंगे – डोली भूमि बचाएंगे” का संदेश दिया जाएगा। इसे अपनी मांगें प्रशासन तक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से पहुंचाने का एक आह्वान बताया गया है।1
- रोहट के जैतपुर थाना क्षेत्र के मांडावास गाँव में गुरुवार को एक रहवासी झोपड़ी में अज्ञात कारणों से आग लग गई। मांडावास सरहद पर स्थित नया चेंडा रोड पर प्रतापराम राव के खेत में बनी इस झोपड़ी में आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते वह पूरी झोपड़ी उसकी चपेट में आ गई, जिससे उसमें रखा सारा घरेलू सामान जलकर राख हो गया। आग की लपटें उठती देख आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। इसी दौरान, वहाँ से गुजर रहे प्रकाश घांची, जेठाराम, सोहन परमार और नेमाराम सरगरा ने तत्परता दिखाते हुए अपने स्तर पर कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं किया जाता, तो आसपास के क्षेत्र में भी भारी नुकसान होने की आशंका थी।3
- Post by District.reporter.babulaljogaw1
- देश पर थोपे गए आपातकाल के 51 साल पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 25 जून को देशभर के साथ पाली स्थित अपने जिला कार्यालय में 'काला दिवस' के रूप में मनाया। इस अवसर पर जोधपुर संभाग स्तरीय 'लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह' का आयोजन किया गया, जिसमें भाजपा ने लोकतंत्र के प्रहरियों को नमन किया। कार्यक्रम में राजस्थान वित्त आयोग अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता बचाने के लिए संविधान की 'हत्या' कर दी गई थी। चतुर्वेदी ने बताया कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज़ उठाने वाले लाखों कार्यकर्ताओं को जेल में डालकर अमानवीय यातनाएँ दी गईं। समारोह के अंत में, सभी लोकतंत्र सेनानियों को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।2
- निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर पाली शहर में धार्मिक आस्था और सेवा भावना का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। इस दौरान शहर के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई और भगवान का आकर्षक श्रृंगार किया गया। पाली के श्री सोमनाथ महादेव मंदिर में भगवान का 51 किलो आम से विशेष श्रृंगार किया गया, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। शहर के कई अन्य मंदिरों में भी आम की मनमोहक आंगी (सजावट) तैयार की गई, जहाँ सुबह से ही भगवान के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। इस पावन पर्व पर शहर के विभिन्न चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर कई सामाजिक संगठनों द्वारा राहगीरों और श्रद्धालुओं के लिए नींबू की शिकंजी, मिल्क रोज और अन्य शीतल पेय का वितरण किया गया, जिसकी भीषण गर्मी के बीच लोगों ने खूब सराहना की। धार्मिक परंपरा के अनुसार, महिलाओं ने मंदिरों में शक्कर के ओड़ (मीठे प्रसाद) और जल से भरी मटकियां अर्पित कीं। कई मंदिरों के ऊपर भी जल से भरी मटकियां रखी गईं, जो निर्जला एकादशी की परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती हैं। महिलाओं ने परिवार की सुख-समृद्धि एवं अखंड सौभाग्य की कामना के साथ व्रत और पूजा-अर्चना की। दिनभर शहर के प्रमुख मंदिरों में भजन-कीर्तन, दर्शन और पूजा-अर्चना का सिलसिला चलता रहा। श्रद्धालुओं ने निर्जला एकादशी का व्रत रखकर भगवान विष्णु की आराधना की और इन धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लिया।3
- जोधपुर के चौपासनी स्थित सिंधु महल के सामने सेक्टर 10 चौपासनी हाउसिंग बोर्ड की टंकी से पानी लगातार व्यर्थ बह रहा है। यह स्थिति तब है जब जोधपुर के लोग पानी पीने की किल्लत और क्लोजर की मार झेल रहे हैं। इतनी गंभीर समस्या के बावजूद जल विभाग इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा और मुख दर्शक बना बैठा है, जिससे उसकी घोर लापरवाही स्पष्ट रूप से उजागर हो रही है।1