संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी 21 जून को ट्विटर X पर एक विशेष सेवा आयोजित कर रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य यह प्रचारित करना है कि काशी वाले कबीर ही भगवान हैं। यह सेवा 'कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस' के अवसर पर की जा रही है, जिसके तहत मालिक की दया से यह ज्ञान सभी तक पहुँचाया जाएगा। इस अभियान के लिए सेवा से संबंधित तस्वीरें बाद में भेजी जाएंगी। इस सेवा के अंतर्गत दिए गए प्रमुख बिंदुओं में बताया गया है कि संत रामपाल जी के अनुसार, वेदों में परमात्मा का नाम 'कविर्देव' यानी कबीर है। ऋग्वेद मंडल 9, सूक्त 96, मंत्र 17 में वर्णित है कि पूर्ण परमात्मा कविर्देव शिशु रूप में अवतरित होते हैं और कविताओं, दोहों के माध्यम से अपना तत्वज्ञान प्रचारित करते हैं, जिससे वे एक प्रसिद्ध कवि भी कहलाते हैं। यह लीला काशी वाले कबीर जी ने ही की थी, इसलिए उन्हें भगवान बताया गया है। ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 93 मंत्र 2 और ऋग्वेद मंडल 10 सूक्त 4 मंत्र 3, 4 के अनुसार, परमात्मा का किसी माँ से जन्म नहीं होता; वे सशरीर प्रकट होते हैं और सशरीर ही चले जाते हैं। इतिहास गवाह है कि कबीर जी काशी के लहरतारा तालाब में सशरीर प्रकट हुए और मगहर (वर्तमान जिला संत कबीर नगर) से सशरीर गए थे। इसके अतिरिक्त, ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 1 मंत्र 9 में कहा गया है कि शिशु रूप में प्रकट परमात्मा का पालन-पोषण कुंवारी गाय के दूध से होता है, और कबीर सागर, अध्याय ज्ञानसागर, पृष्ठ 74-75 भी इसकी पुष्टि करता है कि कबीर जी का पालन-पोषण कुंवारी गाय के दूध से ही हुआ था। यह सभी प्रमाण वेदों के अनुसार काशी वाले कबीर को भगवान सिद्ध करते हैं। इसी कड़ी में, गुरु ग्रन्थ साहिब, राग ‘‘सिरी‘‘ महला 1, पृष्ठ 24 के शब्द 29 में आदरणीय नानक जी ने सच्चखंड में सृष्टि के रचनहार कबीर परमात्मा को देखने के बाद, उन्हें काशी में धाणक (जुलाहे) की भूमिका करते हुए देखकर 'करतार' यानी सर्व सृष्टि को बनाने वाला भगवान कहा था। संत गरीबदास जी ने भी अपनी वाणियों में स्पष्ट किया है: 'गरीब, हम सुलतानी नानक तारे, दादू कूँ उपदेश दिया। जात जुलाहा भेद न पाया, काशी माहीं कबीर हुआ।।' संत दादू जी ने भी अपनी वाणी में काशी वाले कबीर भगवान के विषय में कहा है: 'जिन मोकुं निज नाम दिया, सोइ सतगुरु हमार। दादू दूसरा कोई नहीं, कबीर सृजन हार।। कबीर कर्ता आप है, दूजा नाहिं कोय। दादू पूरन जगत को, भक्ति दृढावत सोय।।' संत गरीबदास जी ने अमरग्रन्थ साहिब में भी यह स्पष्ट किया है कि परमेश्वर एक कबीर ही हैं और वे ही सकल सृष्टि के सिरजनहार हैं। स्वामी रामानंद जी और कबीर जी समकालीन थे, और कबीर जी उन्हें अपना सांसारिक गुरु मानते थे। उन्हीं रामानंद जी ने भी कहा है कि काशी वाले कबीर ही भगवान हैं: 'बोलत रामानंद जी, सुन कबीर करतार। गरीबदास सब रूप में, तुम हीं बोलन हार।। दोहूँ ठौर है एक तूं, भया एक से दोय। गरीबदास हम कारणे, उतरे हो मग जोय।।' गुरुग्रंथ साहिब के पृष्ठ 721 में आदरणीय नानक जी ने भी 'हक्का कबीर करीम तू, बेएब परवरदिगार। नानक बुगोयद जनु तुरा, तेरे चाकरां पाखाक।।’ कहकर काशी वाले कबीर को भगवान बताया है। संत गरीबदास जी ने अमरग्रन्थ साहिब में यह भी स्पष्ट किया है कि काशी में लगभग 600 वर्ष पूर्व सशरीर प्रकट होने वाले और जुलाहे की भूमिका करने वाले कबीर ही पूर्णब्रह्म जुलाहा यानी भगवान हैं।
संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी 21 जून को ट्विटर X पर एक विशेष सेवा आयोजित कर रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य यह प्रचारित करना है कि काशी वाले कबीर ही भगवान हैं। यह सेवा 'कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस' के अवसर पर की जा रही है, जिसके तहत मालिक की दया से यह ज्ञान सभी तक पहुँचाया जाएगा। इस अभियान के लिए सेवा से संबंधित तस्वीरें बाद में भेजी जाएंगी। इस सेवा के अंतर्गत दिए गए प्रमुख बिंदुओं में बताया गया है कि संत रामपाल जी के अनुसार, वेदों में परमात्मा का नाम 'कविर्देव' यानी कबीर है। ऋग्वेद मंडल 9, सूक्त 96, मंत्र 17 में वर्णित है कि पूर्ण परमात्मा कविर्देव शिशु रूप में अवतरित होते हैं और कविताओं, दोहों के माध्यम से अपना तत्वज्ञान प्रचारित करते हैं, जिससे वे एक प्रसिद्ध कवि भी कहलाते हैं। यह लीला काशी वाले कबीर जी ने ही की थी, इसलिए उन्हें भगवान बताया गया है। ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 93 मंत्र 2 और ऋग्वेद मंडल 10 सूक्त 4 मंत्र 3, 4 के अनुसार, परमात्मा का किसी माँ से जन्म नहीं होता; वे सशरीर प्रकट होते हैं और सशरीर ही चले जाते हैं। इतिहास गवाह है कि कबीर जी काशी के लहरतारा तालाब में सशरीर प्रकट हुए और मगहर (वर्तमान जिला संत कबीर नगर) से सशरीर गए थे। इसके अतिरिक्त, ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 1 मंत्र 9 में कहा गया है कि शिशु रूप में प्रकट परमात्मा का पालन-पोषण कुंवारी गाय के दूध से होता है, और कबीर सागर, अध्याय ज्ञानसागर, पृष्ठ 74-75 भी इसकी पुष्टि करता है कि कबीर जी का पालन-पोषण कुंवारी गाय के दूध से ही हुआ था। यह सभी प्रमाण वेदों के अनुसार काशी वाले कबीर को भगवान सिद्ध करते हैं। इसी कड़ी में, गुरु ग्रन्थ साहिब, राग ‘‘सिरी‘‘ महला 1, पृष्ठ 24 के शब्द 29 में आदरणीय नानक जी ने सच्चखंड में सृष्टि के रचनहार कबीर परमात्मा को देखने के बाद, उन्हें काशी में धाणक (जुलाहे) की भूमिका करते हुए देखकर 'करतार' यानी सर्व सृष्टि को बनाने वाला भगवान कहा था। संत गरीबदास जी ने भी अपनी वाणियों में स्पष्ट किया है: 'गरीब, हम सुलतानी नानक तारे, दादू कूँ उपदेश दिया। जात जुलाहा भेद न पाया, काशी माहीं कबीर हुआ।।' संत दादू जी ने भी अपनी वाणी में काशी वाले कबीर भगवान के विषय में कहा है: 'जिन मोकुं निज नाम दिया, सोइ सतगुरु हमार। दादू दूसरा कोई नहीं, कबीर सृजन हार।। कबीर कर्ता आप है, दूजा नाहिं कोय। दादू पूरन जगत को, भक्ति दृढावत सोय।।' संत गरीबदास जी ने अमरग्रन्थ साहिब में भी यह स्पष्ट किया है कि परमेश्वर एक कबीर ही हैं और वे ही सकल सृष्टि के सिरजनहार हैं। स्वामी रामानंद जी और कबीर जी समकालीन थे, और कबीर जी उन्हें अपना सांसारिक गुरु मानते थे। उन्हीं रामानंद जी ने भी कहा है कि काशी वाले कबीर ही भगवान हैं: 'बोलत रामानंद जी, सुन कबीर करतार। गरीबदास सब रूप में, तुम हीं बोलन हार।। दोहूँ ठौर है एक तूं, भया एक से दोय। गरीबदास हम कारणे, उतरे हो मग जोय।।' गुरुग्रंथ साहिब के पृष्ठ 721 में आदरणीय नानक जी ने भी 'हक्का कबीर करीम तू, बेएब परवरदिगार। नानक बुगोयद जनु तुरा, तेरे चाकरां पाखाक।।’ कहकर काशी वाले कबीर को भगवान बताया है। संत गरीबदास जी ने अमरग्रन्थ साहिब में यह भी स्पष्ट किया है कि काशी में लगभग 600 वर्ष पूर्व सशरीर प्रकट होने वाले और जुलाहे की भूमिका करने वाले कबीर ही पूर्णब्रह्म जुलाहा यानी भगवान हैं।
- संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी 21 जून को ट्विटर X पर एक विशेष सेवा आयोजित कर रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य यह प्रचारित करना है कि काशी वाले कबीर ही भगवान हैं। यह सेवा 'कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस' के अवसर पर की जा रही है, जिसके तहत मालिक की दया से यह ज्ञान सभी तक पहुँचाया जाएगा। इस अभियान के लिए सेवा से संबंधित तस्वीरें बाद में भेजी जाएंगी। इस सेवा के अंतर्गत दिए गए प्रमुख बिंदुओं में बताया गया है कि संत रामपाल जी के अनुसार, वेदों में परमात्मा का नाम 'कविर्देव' यानी कबीर है। ऋग्वेद मंडल 9, सूक्त 96, मंत्र 17 में वर्णित है कि पूर्ण परमात्मा कविर्देव शिशु रूप में अवतरित होते हैं और कविताओं, दोहों के माध्यम से अपना तत्वज्ञान प्रचारित करते हैं, जिससे वे एक प्रसिद्ध कवि भी कहलाते हैं। यह लीला काशी वाले कबीर जी ने ही की थी, इसलिए उन्हें भगवान बताया गया है। ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 93 मंत्र 2 और ऋग्वेद मंडल 10 सूक्त 4 मंत्र 3, 4 के अनुसार, परमात्मा का किसी माँ से जन्म नहीं होता; वे सशरीर प्रकट होते हैं और सशरीर ही चले जाते हैं। इतिहास गवाह है कि कबीर जी काशी के लहरतारा तालाब में सशरीर प्रकट हुए और मगहर (वर्तमान जिला संत कबीर नगर) से सशरीर गए थे। इसके अतिरिक्त, ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 1 मंत्र 9 में कहा गया है कि शिशु रूप में प्रकट परमात्मा का पालन-पोषण कुंवारी गाय के दूध से होता है, और कबीर सागर, अध्याय ज्ञानसागर, पृष्ठ 74-75 भी इसकी पुष्टि करता है कि कबीर जी का पालन-पोषण कुंवारी गाय के दूध से ही हुआ था। यह सभी प्रमाण वेदों के अनुसार काशी वाले कबीर को भगवान सिद्ध करते हैं। इसी कड़ी में, गुरु ग्रन्थ साहिब, राग ‘‘सिरी‘‘ महला 1, पृष्ठ 24 के शब्द 29 में आदरणीय नानक जी ने सच्चखंड में सृष्टि के रचनहार कबीर परमात्मा को देखने के बाद, उन्हें काशी में धाणक (जुलाहे) की भूमिका करते हुए देखकर 'करतार' यानी सर्व सृष्टि को बनाने वाला भगवान कहा था। संत गरीबदास जी ने भी अपनी वाणियों में स्पष्ट किया है: 'गरीब, हम सुलतानी नानक तारे, दादू कूँ उपदेश दिया। जात जुलाहा भेद न पाया, काशी माहीं कबीर हुआ।।' संत दादू जी ने भी अपनी वाणी में काशी वाले कबीर भगवान के विषय में कहा है: 'जिन मोकुं निज नाम दिया, सोइ सतगुरु हमार। दादू दूसरा कोई नहीं, कबीर सृजन हार।। कबीर कर्ता आप है, दूजा नाहिं कोय। दादू पूरन जगत को, भक्ति दृढावत सोय।।' संत गरीबदास जी ने अमरग्रन्थ साहिब में भी यह स्पष्ट किया है कि परमेश्वर एक कबीर ही हैं और वे ही सकल सृष्टि के सिरजनहार हैं। स्वामी रामानंद जी और कबीर जी समकालीन थे, और कबीर जी उन्हें अपना सांसारिक गुरु मानते थे। उन्हीं रामानंद जी ने भी कहा है कि काशी वाले कबीर ही भगवान हैं: 'बोलत रामानंद जी, सुन कबीर करतार। गरीबदास सब रूप में, तुम हीं बोलन हार।। दोहूँ ठौर है एक तूं, भया एक से दोय। गरीबदास हम कारणे, उतरे हो मग जोय।।' गुरुग्रंथ साहिब के पृष्ठ 721 में आदरणीय नानक जी ने भी 'हक्का कबीर करीम तू, बेएब परवरदिगार। नानक बुगोयद जनु तुरा, तेरे चाकरां पाखाक।।’ कहकर काशी वाले कबीर को भगवान बताया है। संत गरीबदास जी ने अमरग्रन्थ साहिब में यह भी स्पष्ट किया है कि काशी में लगभग 600 वर्ष पूर्व सशरीर प्रकट होने वाले और जुलाहे की भूमिका करने वाले कबीर ही पूर्णब्रह्म जुलाहा यानी भगवान हैं।1
- चंडीगढ़ स्थित Royal Solutions Consultancy के डायरेक्टर मनप्रीत पर विदेश भेजने के नाम पर लोगों से ठगी करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। यह Consultancy चंडीगढ़ के सेक्टर 26-D, मध्य मार्ग के SCO 10, प्रथम तल पर संचालित है। यह आरोप @DGPHaryana को टैग करते हुए सामने आया है।2
- विश्व जाट महासभा ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए महंत श्री राजेंद्र पुरी जी महाराज को संत समाज का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस घोषणा के बाद जगज्योति दरबार में उनका भव्य स्वागत किया गया।2
- अंबाला में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन पूरे उत्साह और जोश के साथ किया गया, जिसमें कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष मंदीप राणा, प्रशासनिक अधिकारियों, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों तथा हजारों विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने एक साथ योग का अभ्यास किया, जिससे स्वस्थ जीवन का संदेश दिया गया। मुख्य अतिथि विपुल गोयल ने योग को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताया और कहा कि यह केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली जीने का एक मार्ग है। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से प्रतिदिन योग अपनाने का आह्वान किया। गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आज उन्हीं की बदौलत पूरा विश्व योग दिवस मना रहा है और 190 से अधिक देशों में योग दिवस के कार्यक्रम चल रहे हैं। उन्होंने इसे भारत की प्राचीन सभ्यता को विश्व द्वारा अपनाने की एक बड़ी उपलब्धि करार दिया और कहा कि इसी तरह मोदी जी का 2047 तक भारत को विकसित बनाने का संकल्प भी पूरा होगा। पूरे कार्यक्रम के दौरान एक उत्साह का माहौल बना रहा, जहाँ सभी प्रतिभागियों ने योग के माध्यम से निरोग और स्वस्थ भारत के निर्माण के संकल्प को दोहराया।1
- उचाना उपमंडल कार्यालय के सभागार में विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान विधायक पूरी तरह एक्शन मोड में नज़र आए और उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ज़ोर दिया कि शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि लोगों को एक ही कार्य के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। विधायक अत्री ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की विकास रैली के दौरान उचाना हलके के लिए मंजूर हुई मांगों पर तेज़ी से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने करसिंधु महाग्राम, छात्तर, नगूरां और अलेवा सहित विभिन्न गांवों में जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की, साथ ही बिजली निगम और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों से भी क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट ली। बैठक में विधायक ने अपनी सरकार का उद्देश्य अंत्योदय की भावना को साकार करना बताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने उचाना की जनता से किए गए विकसित उचाना के वादे को पूरा करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की बात कही। मानसून को देखते हुए, विधायक अत्री ने जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के विशेष निर्देश दिए, ताकि बारिश के मौसम में कहीं भी जलभराव की स्थिति न बने और लोगों को परेशानी न हो। नहरी पानी से जुड़े मुद्दों पर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए ताकि किसानों और ग्रामीणों को कोई दिक्कत न हो। विधायक ने जन स्वास्थ्य विभाग, नहरी विभाग, बिजली निगम सहित अन्य विभागों के अधिकारियों को जनसंवाद और समाधान शिविरों में प्राप्त शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए, यह सुनिश्चित करते हुए कि प्रत्येक समस्या का त्वरित समाधान हो। विधायक अत्री ने बताया कि वह सप्ताह में पांच दिन लोगों के बीच रहते हैं और किसी भी समय फोन पर जनता की समस्याएं सुनने के लिए उपलब्ध हैं, क्योंकि जनता की सेवा करना उनका कर्तव्य है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और विकसित उचाना का सपना भी जल्द साकार होगा।1
- Available for Sale Item : Rabbit Quantity Available : 100 Price : 100000 City / Locality : Jind, Haryana Farming Sector : Livestock khargosh palan kese kare1
- मुलाना के डुलियाना इलाके में शुक्रवार को एक सूने मकान को निशाना बनाकर अज्ञात चोरों ने लाखों रुपये के जेवरात और हजारों रुपये की नकदी पर हाथ साफ कर दिया। वारदात के समय पीड़ित परिवार का कोई भी सदस्य घर पर मौजूद नहीं था। पीड़ित अशोक कुमार ने बताया कि शुक्रवार सुबह वह और उनका छोटा भाई घर पर ताला लगाकर अपनी नौकरी पर गए थे। शाम को जब उनका छोटा भाई घर लौटा, तो घर का दरवाजा खुला देखकर दंग रह गया। घर के भीतर कोई नहीं था, जिससे किसी अनहोनी की आशंका के चलते जब अंदर जाकर देखा गया, तो सारा सामान बिखरा पड़ा था। चोरों ने घर के अंदर रखी दो अलमारियों के ताले तोड़ दिए थे। जांच करने पर पता चला कि चोरों ने अलमारियों में रखे करीब 6 तोले सोने और 78 तोले चांदी के कीमती गहनों सहित 50 हजार रुपये की नकदी चुरा ली थी। चोर गहनों की खाली डिब्बियां वहीं मौके पर ही छोड़ गए। पीड़ित अशोक के अनुसार, चोरी गई 50 हजार रुपये की नकदी में से 40 हजार रुपये एक कमेटी के थे, जिसे उन्होंने घर में रखा हुआ था। इस वारदात से पीड़ित भाइयों को लाखों रुपये का भारी नुकसान हुआ है। घटना के तुरंत बाद पीड़ित परिवार ने 'डायल 112' पर कॉल कर पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही मुलाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।3
- करनाल में नीट की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। परीक्षा के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए पुलिस द्वारा कड़े प्रबंध किए गए थे।1