उत्तर प्रदेश के मेरठ में अपनी लंबित मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले किसानों का कलेक्ट्रेट घेराव और धरना प्रदर्शन शुरू हो गया है। मंगलवार दोपहर को मेरठ की तीन तहसीलों से किसान अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और निजी वाहनों में सवार होकर कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और कमिश्नरी चौराहे पर डेरा डाल दिया। किसानों के इस बड़े प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी सुरक्षा और पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रदर्शन के दौरान भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि कई बार ज्ञापन सौंपने और किसान दिवस में गंभीर मुद्दों को उठाने के बावजूद प्रशासन ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर प्रशासनिक अधिकारियों से स्पष्ट आश्वासन नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा।
उत्तर प्रदेश के मेरठ में अपनी लंबित मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले किसानों का कलेक्ट्रेट घेराव और धरना प्रदर्शन शुरू हो गया है। मंगलवार दोपहर को मेरठ की तीन तहसीलों से किसान अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और निजी वाहनों में सवार होकर कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और कमिश्नरी चौराहे पर डेरा डाल दिया। किसानों के इस बड़े प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी सुरक्षा और पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रदर्शन के दौरान भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि कई बार ज्ञापन सौंपने और किसान दिवस में गंभीर मुद्दों को उठाने के बावजूद प्रशासन ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर प्रशासनिक अधिकारियों से स्पष्ट आश्वासन नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा।
- छात्रों के खून का हिसाब मांगने के लिए प्रदर्शनकारी सीधे प्रधानमंत्री के घर पहुंचे हैं। सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा गया है कि युवाओं की गुनहगार मोदी सरकार अपनी जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही है और संसद में इस मुद्दे पर चर्चा से भाग नहीं सकती। देश के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने और उनके खिलाफ हुई क्रूरता का सीधा आरोप लगाते हुए नरेंद्र मोदी, अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में अपनी लंबित मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले किसानों का कलेक्ट्रेट घेराव और धरना प्रदर्शन शुरू हो गया है। मंगलवार दोपहर को मेरठ की तीन तहसीलों से किसान अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और निजी वाहनों में सवार होकर कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और कमिश्नरी चौराहे पर डेरा डाल दिया। किसानों के इस बड़े प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी सुरक्षा और पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रदर्शन के दौरान भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि कई बार ज्ञापन सौंपने और किसान दिवस में गंभीर मुद्दों को उठाने के बावजूद प्रशासन ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर प्रशासनिक अधिकारियों से स्पष्ट आश्वासन नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच पार्टी का प्रदर्शन अभी भी जारी है। इस विरोध प्रदर्शन में सनम जी की बीवी भी शामिल हुई हैं।1
- अभिनेता विजय के दिल्ली विरोध प्रदर्शन से जुड़े वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा पूरी तरह से झूठा साबित हुआ है। दिल्ली पुलिस और फैक्ट चेक द्वारा इस वीडियो से जुड़े दावों को गलत ठहराया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने नशामुक्ति की शपथ ली है।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में कलेक्ट्रेट पर किसान यूनियन का जोरदार प्रदर्शन और धरना जारी है। देश के किसानों की समस्याओं को लेकर किए जा रहे इस आंदोलन के जरिए किसान अपनी ताकत का महत्व बता रहे हैं। किसान देश की एक ऐसी ताकत हैं जो देश के किसानों की समस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन कर अपनी ताकत का महत्व दिखा देते हैं और इसी सिलसिले में कलेक्ट्रेट पर यह जोरदार प्रदर्शन और धरना दिया जा रहा है।1
- देश के छात्रों का कहना है कि उनका कोई भविष्य नहीं बचा है, जबकि इस सरकार के मंत्री खुलेआम दावा कर रहे हैं कि उनकी कुर्सी नहीं जाएगी। इस स्थिति पर सीधा प्रहार करते हुए कहा गया है कि जिस देश में छात्रों को अपना भविष्य खोना पड़े और मंत्रियों की कुर्सी सुरक्षित बची रहे, वहां न्याय का कोई अस्तित्व ही नहीं है। एक तरफ जहां देश का छात्र अपने भविष्य को लेकर परेशान है, वहीं दूसरी तरफ सरकार के मंत्रियों को केवल अपनी कुर्सी बचाए रखने की चिंता है।1
- मेरठ के हस्तिनापुर की शकुंतला कॉलोनी में रविवार देर रात एक अधेड़ व्यक्ति ने गृह क्लेश के चलते जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली।1