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डूंगरपुर शहर में भारत विकास परिषद (भाविप) तिलक शाखा द्वारा पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष गोष्ठी का आयोजन किया गया। शाखा कोषाध्यक्ष शिवराम मोची के आतिथ्य तथा प्रकल्प प्रभारी गिरीश पंड्या की अध्यक्षता में आयोजित इस संगोष्ठी में वक्ताओं ने पर्यावरण और स्वच्छता को मानव जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद और भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन व पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। शाखा सचिव चिराग व्यास ने मंच संचालन करते हुए सभी आगंतुकों का स्वागत व अभिनंदन किया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए शाखा अध्यक्ष मुकेश श्रीमाल ने पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए 6 से 8 फीट बड़े फलदार पौधों के रोपण पर जोर दिया ताकि पशु-पक्षियों को भोजन मिल सके और पौधों के जीवित रहने की संभावना अधिक हो। उन्होंने गायों और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए पॉलीथिन और प्लास्टिक के उपयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित करने का आह्वान किया। वहीं, कार्यक्रम के अध्यक्ष गिरीश पंड्या ने स्वच्छता और पर्यावरण को अनिवार्य प्रकल्प बताते हुए कहा कि इसके लिए समाज में व्यापक जन-जागरण की आवश्यकता है। उन्होंने जोर दिया कि जब तक हर व्यक्ति स्व-प्रेरणा से आगे आकर स्वच्छता को अपने जीवन का हिस्सा नहीं बनाएगा, तब तक यह मिशन साकार नहीं होगा और स्वच्छ परिवेश ही बीमारियों से बचने का एकमात्र उपाय है। इस अवसर पर प्रांतीय समन्वयक गिरीश पानेरी ने युवाओं को पाश्चात्य संस्कृति छोड़कर भारतीय संस्कृति के अनुरूप दीप प्रज्वलित कर अपना जन्मदिन मनाने के लिए प्रेरित किया। इसी कड़ी में गोष्ठी के दौरान शाखा कोषाध्यक्ष शिवराम मोची का जन्मदिन दीप प्रज्वलित कर मनाया गया, जहां परिषद के सभी सदस्यों ने उन्हें उपरना ओढ़ाकर बधाई व शुभकामनाएं दीं। अंत में सभी उपस्थित सदस्यों के लिए अल्पाहार की व्यवस्था की गई और स्वयं शिवराम मोची ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस गरिमामयी आयोजन में शाखा के संस्थापक संरक्षक हीरालाल पटेल, पर्यावरण संयोजक रमेश वर्यानी, मार्गदर्शक सुरेश स्वर्णकार सहित डायालाल मोची, निलेश पंचाल, प्रवीण श्रीमाल, कपिल भट्ट, रवि मोची, बाबूलाल मोची, गणेशलाल मोची, विजय जोशी, आलोक, राज, भगवती देवी, सुनीता, जागृति, ममता, भाविनी, अक्षरा और मोची समाज के कई गणमान्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

1 hr ago
user_Santosh Vyas
Santosh Vyas
Court reporter डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
1 hr ago

डूंगरपुर शहर में भारत विकास परिषद (भाविप) तिलक शाखा द्वारा पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष गोष्ठी का आयोजन किया गया। शाखा कोषाध्यक्ष शिवराम मोची के आतिथ्य तथा प्रकल्प प्रभारी गिरीश पंड्या की अध्यक्षता में आयोजित इस संगोष्ठी में वक्ताओं ने पर्यावरण और स्वच्छता को मानव जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद और भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन व पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। शाखा सचिव चिराग व्यास ने मंच संचालन करते हुए सभी आगंतुकों का स्वागत व अभिनंदन किया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए शाखा अध्यक्ष मुकेश श्रीमाल ने पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए 6 से 8 फीट बड़े फलदार पौधों के रोपण पर जोर दिया ताकि पशु-पक्षियों को भोजन मिल सके और पौधों के जीवित रहने की संभावना अधिक हो। उन्होंने गायों और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए पॉलीथिन और प्लास्टिक के उपयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित करने का आह्वान किया। वहीं, कार्यक्रम के अध्यक्ष गिरीश पंड्या ने स्वच्छता और पर्यावरण को अनिवार्य प्रकल्प बताते हुए कहा कि इसके लिए समाज में व्यापक जन-जागरण की आवश्यकता है। उन्होंने जोर दिया कि जब तक हर व्यक्ति स्व-प्रेरणा से आगे आकर स्वच्छता को अपने जीवन का हिस्सा नहीं बनाएगा, तब तक यह मिशन साकार नहीं होगा और स्वच्छ परिवेश ही बीमारियों से बचने का एकमात्र उपाय है। इस अवसर पर प्रांतीय समन्वयक गिरीश पानेरी ने युवाओं को पाश्चात्य संस्कृति छोड़कर भारतीय संस्कृति के अनुरूप दीप प्रज्वलित कर अपना जन्मदिन मनाने के लिए प्रेरित किया। इसी कड़ी में गोष्ठी के दौरान शाखा कोषाध्यक्ष शिवराम मोची का जन्मदिन दीप प्रज्वलित कर मनाया गया, जहां परिषद के सभी सदस्यों ने उन्हें उपरना ओढ़ाकर बधाई व शुभकामनाएं दीं। अंत में सभी उपस्थित सदस्यों के लिए अल्पाहार की व्यवस्था की गई और स्वयं शिवराम मोची ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस गरिमामयी आयोजन में शाखा के संस्थापक संरक्षक हीरालाल पटेल, पर्यावरण संयोजक रमेश वर्यानी, मार्गदर्शक सुरेश स्वर्णकार सहित डायालाल मोची, निलेश पंचाल, प्रवीण श्रीमाल, कपिल भट्ट, रवि मोची, बाबूलाल मोची, गणेशलाल मोची, विजय जोशी, आलोक, राज, भगवती देवी, सुनीता, जागृति, ममता, भाविनी, अक्षरा और मोची समाज के कई गणमान्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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  • डूंगरपुर शहर में भारत विकास परिषद (भाविप) तिलक शाखा द्वारा पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष गोष्ठी का आयोजन किया गया। शाखा कोषाध्यक्ष शिवराम मोची के आतिथ्य तथा प्रकल्प प्रभारी गिरीश पंड्या की अध्यक्षता में आयोजित इस संगोष्ठी में वक्ताओं ने पर्यावरण और स्वच्छता को मानव जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद और भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन व पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। शाखा सचिव चिराग व्यास ने मंच संचालन करते हुए सभी आगंतुकों का स्वागत व अभिनंदन किया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए शाखा अध्यक्ष मुकेश श्रीमाल ने पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए 6 से 8 फीट बड़े फलदार पौधों के रोपण पर जोर दिया ताकि पशु-पक्षियों को भोजन मिल सके और पौधों के जीवित रहने की संभावना अधिक हो। उन्होंने गायों और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए पॉलीथिन और प्लास्टिक के उपयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित करने का आह्वान किया। वहीं, कार्यक्रम के अध्यक्ष गिरीश पंड्या ने स्वच्छता और पर्यावरण को अनिवार्य प्रकल्प बताते हुए कहा कि इसके लिए समाज में व्यापक जन-जागरण की आवश्यकता है। उन्होंने जोर दिया कि जब तक हर व्यक्ति स्व-प्रेरणा से आगे आकर स्वच्छता को अपने जीवन का हिस्सा नहीं बनाएगा, तब तक यह मिशन साकार नहीं होगा और स्वच्छ परिवेश ही बीमारियों से बचने का एकमात्र उपाय है। इस अवसर पर प्रांतीय समन्वयक गिरीश पानेरी ने युवाओं को पाश्चात्य संस्कृति छोड़कर भारतीय संस्कृति के अनुरूप दीप प्रज्वलित कर अपना जन्मदिन मनाने के लिए प्रेरित किया। इसी कड़ी में गोष्ठी के दौरान शाखा कोषाध्यक्ष शिवराम मोची का जन्मदिन दीप प्रज्वलित कर मनाया गया, जहां परिषद के सभी सदस्यों ने उन्हें उपरना ओढ़ाकर बधाई व शुभकामनाएं दीं। अंत में सभी उपस्थित सदस्यों के लिए अल्पाहार की व्यवस्था की गई और स्वयं शिवराम मोची ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस गरिमामयी आयोजन में शाखा के संस्थापक संरक्षक हीरालाल पटेल, पर्यावरण संयोजक रमेश वर्यानी, मार्गदर्शक सुरेश स्वर्णकार सहित डायालाल मोची, निलेश पंचाल, प्रवीण श्रीमाल, कपिल भट्ट, रवि मोची, बाबूलाल मोची, गणेशलाल मोची, विजय जोशी, आलोक, राज, भगवती देवी, सुनीता, जागृति, ममता, भाविनी, अक्षरा और मोची समाज के कई गणमान्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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    डूंगरपुर शहर में भारत विकास परिषद (भाविप) तिलक शाखा द्वारा पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष गोष्ठी का आयोजन किया गया। शाखा कोषाध्यक्ष शिवराम मोची के आतिथ्य तथा प्रकल्प प्रभारी गिरीश पंड्या की अध्यक्षता में आयोजित इस संगोष्ठी में वक्ताओं ने पर्यावरण और स्वच्छता को मानव जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद और भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन व पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। शाखा सचिव चिराग व्यास ने मंच संचालन करते हुए सभी आगंतुकों का स्वागत व अभिनंदन किया।

गोष्ठी को संबोधित करते हुए शाखा अध्यक्ष मुकेश श्रीमाल ने पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए 6 से 8 फीट बड़े फलदार पौधों के रोपण पर जोर दिया ताकि पशु-पक्षियों को भोजन मिल सके और पौधों के जीवित रहने की संभावना अधिक हो। उन्होंने गायों और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए पॉलीथिन और प्लास्टिक के उपयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित करने का आह्वान किया। वहीं, कार्यक्रम के अध्यक्ष गिरीश पंड्या ने स्वच्छता और पर्यावरण को अनिवार्य प्रकल्प बताते हुए कहा कि इसके लिए समाज में व्यापक जन-जागरण की आवश्यकता है। उन्होंने जोर दिया कि जब तक हर व्यक्ति स्व-प्रेरणा से आगे आकर स्वच्छता को अपने जीवन का हिस्सा नहीं बनाएगा, तब तक यह मिशन साकार नहीं होगा और स्वच्छ परिवेश ही बीमारियों से बचने का एकमात्र उपाय है।

इस अवसर पर प्रांतीय समन्वयक गिरीश पानेरी ने युवाओं को पाश्चात्य संस्कृति छोड़कर भारतीय संस्कृति के अनुरूप दीप प्रज्वलित कर अपना जन्मदिन मनाने के लिए प्रेरित किया। इसी कड़ी में गोष्ठी के दौरान शाखा कोषाध्यक्ष शिवराम मोची का जन्मदिन दीप प्रज्वलित कर मनाया गया, जहां परिषद के सभी सदस्यों ने उन्हें उपरना ओढ़ाकर बधाई व शुभकामनाएं दीं। अंत में सभी उपस्थित सदस्यों के लिए अल्पाहार की व्यवस्था की गई और स्वयं शिवराम मोची ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस गरिमामयी आयोजन में शाखा के संस्थापक संरक्षक हीरालाल पटेल, पर्यावरण संयोजक रमेश वर्यानी, मार्गदर्शक सुरेश स्वर्णकार सहित डायालाल मोची, निलेश पंचाल, प्रवीण श्रीमाल, कपिल भट्ट, रवि मोची, बाबूलाल मोची, गणेशलाल मोची, विजय जोशी, आलोक, राज, भगवती देवी, सुनीता, जागृति, ममता, भाविनी, अक्षरा और मोची समाज के कई गणमान्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
    user_Santosh Vyas
    Santosh Vyas
    Court reporter डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • राजस्थान के डूंगरपुर-बांसवाड़ा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद महोदय राजकुमार जी रोत के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया है। वे क्षेत्र में एक बेहद लोकप्रिय सांसद के रूप में जाने जाते हैं।
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    राजस्थान के डूंगरपुर-बांसवाड़ा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद महोदय राजकुमार जी रोत के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया है। वे क्षेत्र में एक बेहद लोकप्रिय सांसद के रूप में जाने जाते हैं।
    user_Pappu Roat
    Pappu Roat
    Voice of people जोथरी, डूंगरपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • डूंगरपुर जिले के धम्बोला थाना क्षेत्र के बड़ी गांव स्थित वात्रक एनीकट में रविवार सुबह करीब 10 बजे एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ एनीकट में नहाने गए छह बच्चे गहरे पानी में चले गए, जिससे डूबने से चार बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में तीन सगे भाई-बहन और उनकी एक फुफेरी बहन शामिल हैं। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हादसे में जान गंवाने वालों में बाबूसिंह डामोर की बड़ी बेटी हिना (24), बेटा प्रतीक (20) और छोटी बेटी इशिता (15) शामिल हैं। इनके साथ ही पालनपुर निवासी गौतम भाई परमार की बेटी रौनक (20) की भी डूबने से मौत हो गई, जो उनकी फुफेरी बहन थी। वहीं, ग्रामीणों द्वारा बचाए गए घायल राजवीर (पुत्र कोहरा डामोर) और जयसिंह (पुत्र सुरेश डामोर) को इलाज के लिए सीमलवाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही धम्बोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और चारों शवों को कब्जे में लेकर सीमलवाड़ा अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवाया। पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। एक ही परिवार के चार बच्चों की इस आकस्मिक मौत से बड़ी गांव और पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।
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    डूंगरपुर जिले के धम्बोला थाना क्षेत्र के बड़ी गांव स्थित वात्रक एनीकट में रविवार सुबह करीब 10 बजे एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ एनीकट में नहाने गए छह बच्चे गहरे पानी में चले गए, जिससे डूबने से चार बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में तीन सगे भाई-बहन और उनकी एक फुफेरी बहन शामिल हैं। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

हादसे में जान गंवाने वालों में बाबूसिंह डामोर की बड़ी बेटी हिना (24), बेटा प्रतीक (20) और छोटी बेटी इशिता (15) शामिल हैं। इनके साथ ही पालनपुर निवासी गौतम भाई परमार की बेटी रौनक (20) की भी डूबने से मौत हो गई, जो उनकी फुफेरी बहन थी। वहीं, ग्रामीणों द्वारा बचाए गए घायल राजवीर (पुत्र कोहरा डामोर) और जयसिंह (पुत्र सुरेश डामोर) को इलाज के लिए सीमलवाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही धम्बोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और चारों शवों को कब्जे में लेकर सीमलवाड़ा अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवाया। पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। एक ही परिवार के चार बच्चों की इस आकस्मिक मौत से बड़ी गांव और पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।
    user_Naresh Bhoi
    Naresh Bhoi
    पत्रकार डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • डूंगरपुर के पुनाली गांव में स्थित मां अंबे मंदिर और शिव शक्ति धाम श्रद्धालुओं की अगाध आस्था का केंद्र बना हुआ है, जहां आने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है। इस भव्य मां अंबे मंदिर की स्थापना नीलकंठ मित्र मंडल जय अंबे पदयात्रा संघ के सानिध्य में 18 वर्षों की पैदल यात्रा पूरी करने के बाद ग्राम वासियों ने मिलकर की थी। वर्तमान में इस मंदिर में सुबह-शाम नियम से आरती की जाती है और हर पूर्णिमा को विशेष हवन का आयोजन होता है, जिसमें सैकड़ों भक्त अपनी मन्नतें पूरी होने पर शामिल होकर हवन का लाभ उठाते हैं। इसी के समीप स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर शिव शक्ति धाम की स्थापना भी देश के 22 संतों और समस्त ग्रामीणों के सहयोग से हुई थी, जिसमें लोगों की गहरी श्रद्धा बसी हुई है। इस पावन मंदिर परिसर में गणपति दादा की मूर्ति भी विराजमान है, जिसकी स्थापना स्वर्गीय नीता बहन की इच्छा के अनुसार की गई थी। इसके साथ ही, जय अंबे संघ डूंगरपुर द्वारा कई वर्षों से बिछीवाड़ा रोड पर विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जाता है, जिसमें आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए भोजन, दवाई और रात्रि विश्राम की पूरी व्यवस्था की जाती है। सभी भक्तों से एक बार यहाँ पधारकर दर्शन का लाभ उठाने का आग्रह किया गया है।
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    डूंगरपुर के पुनाली गांव में स्थित मां अंबे मंदिर और शिव शक्ति धाम श्रद्धालुओं की अगाध आस्था का केंद्र बना हुआ है, जहां आने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है। इस भव्य मां अंबे मंदिर की स्थापना नीलकंठ मित्र मंडल जय अंबे पदयात्रा संघ के सानिध्य में 18 वर्षों की पैदल यात्रा पूरी करने के बाद ग्राम वासियों ने मिलकर की थी। वर्तमान में इस मंदिर में सुबह-शाम नियम से आरती की जाती है और हर पूर्णिमा को विशेष हवन का आयोजन होता है, जिसमें सैकड़ों भक्त अपनी मन्नतें पूरी होने पर शामिल होकर हवन का लाभ उठाते हैं। इसी के समीप स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर शिव शक्ति धाम की स्थापना भी देश के 22 संतों और समस्त ग्रामीणों के सहयोग से हुई थी, जिसमें लोगों की गहरी श्रद्धा बसी हुई है।

इस पावन मंदिर परिसर में गणपति दादा की मूर्ति भी विराजमान है, जिसकी स्थापना स्वर्गीय नीता बहन की इच्छा के अनुसार की गई थी। इसके साथ ही, जय अंबे संघ डूंगरपुर द्वारा कई वर्षों से बिछीवाड़ा रोड पर विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जाता है, जिसमें आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए भोजन, दवाई और रात्रि विश्राम की पूरी व्यवस्था की जाती है। सभी भक्तों से एक बार यहाँ पधारकर दर्शन का लाभ उठाने का आग्रह किया गया है।
    user_Yashwant Joshi
    Yashwant Joshi
    डौडा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • डूंगरपुर के सीमलवाड़ा क्षेत्र के पीठ में स्थित विद्यानिकेतन माध्यमिक विद्यालय में एक दिव्यांग सहायता शिविर का आयोजन किया गया। महावीर इंटरनेशनल पीठ एवं भारत विकास परिषद शाखा सीमलवाड़ा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में जरूरतमंद दिव्यांगजनों को ट्रायसाइकिल वितरित की गई, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर जीवन जीने की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग मिला है। शिविर के दौरान दिव्यांगजनों और उनके परिजनों ने संस्था के इस कार्य के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि ट्राईसाइकिल मिलने से उनके दैनिक जीवन की कई कठिनाइयां आसान हो जाएंगी। इस मौके पर भारत विकास परिषद शाखा सीमलवाड़ा के अध्यक्ष महेंद्र जैन और महावीर इंटरनेशनल पीठ के अध्यक्ष डॉ. निखिल जैन ने बताया कि संस्था का उद्देश्य दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उनके जीवन को सहज और सम्मानजनक बनाना है। उन्होंने जानकारी दी कि इससे पहले फरवरी महीने में भी आयोजित सहायता शिविर के दौरान 50 से अधिक दिव्यांगजनों को विभिन्न प्रकार की सहायक सामग्री उपलब्ध कराई गई थी और भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे। उपस्थित अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना चाहिए। इस अवसर पर पीठ उपसरपंच गोवर्धन डेचिया, पूर्व पंचायत समिति सदस्य अनिल मिश्रा, मंडल अध्यक्ष गजराज सिंह, महिपाल सिंह, भारत विकास परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष देवेंद्र पंड्या, शाखा सचिव डायालाल कलाल, गोपाल पंड्या, अशोक वी. कलाल, भंवरलाल डेचिया, महावीर इंटरनेशनल के आईटी संयोजक मयंक जैन, सचिव यतिन जैन, पीयूष जैन, दीपक जैन, अखिल जैन और तलवार सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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    डूंगरपुर के सीमलवाड़ा क्षेत्र के पीठ में स्थित विद्यानिकेतन माध्यमिक विद्यालय में एक दिव्यांग सहायता शिविर का आयोजन किया गया। महावीर इंटरनेशनल पीठ एवं भारत विकास परिषद शाखा सीमलवाड़ा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में जरूरतमंद दिव्यांगजनों को ट्रायसाइकिल वितरित की गई, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर जीवन जीने की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग मिला है। शिविर के दौरान दिव्यांगजनों और उनके परिजनों ने संस्था के इस कार्य के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि ट्राईसाइकिल मिलने से उनके दैनिक जीवन की कई कठिनाइयां आसान हो जाएंगी।

इस मौके पर भारत विकास परिषद शाखा सीमलवाड़ा के अध्यक्ष महेंद्र जैन और महावीर इंटरनेशनल पीठ के अध्यक्ष डॉ. निखिल जैन ने बताया कि संस्था का उद्देश्य दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उनके जीवन को सहज और सम्मानजनक बनाना है। उन्होंने जानकारी दी कि इससे पहले फरवरी महीने में भी आयोजित सहायता शिविर के दौरान 50 से अधिक दिव्यांगजनों को विभिन्न प्रकार की सहायक सामग्री उपलब्ध कराई गई थी और भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे। उपस्थित अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना चाहिए।

इस अवसर पर पीठ उपसरपंच गोवर्धन डेचिया, पूर्व पंचायत समिति सदस्य अनिल मिश्रा, मंडल अध्यक्ष गजराज सिंह, महिपाल सिंह, भारत विकास परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष देवेंद्र पंड्या, शाखा सचिव डायालाल कलाल, गोपाल पंड्या, अशोक वी. कलाल, भंवरलाल डेचिया, महावीर इंटरनेशनल के आईटी संयोजक मयंक जैन, सचिव यतिन जैन, पीयूष जैन, दीपक जैन, अखिल जैन और तलवार सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • डूंगरपुर के धम्बोला थाना क्षेत्र के लिखी बड़ी गांव में रविवार को एक बेहद हृदयविदारक हादसा हुआ, जहां वात्रक एनीकट में नहाने गए चार भाई-बहनों की डूबने से मौत हो गई। इस भीषण हादसे ने बाबू सिंह डामोर के पूरे परिवार को कभी न भूलने वाला असहनीय दर्द दिया है। माता-पिता ने एक ही झटके में अपने तीनों बच्चों को खो दिया, जबकि उनके साथ उनकी मासी की बेटी की भी दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान हिना डामोर (24), प्रतीक डामोर (20), इशिता डामोर (15) और पालनपुर निवासी रौनक (20) के रूप में हुई है। हिना अंग्रेजी साहित्य में एमए कर चुकी थीं, प्रतीक ने हाल ही में 12वीं में 88 प्रतिशत और एसटीसी प्रवेश परीक्षा में 340 अंक पाकर शिक्षक बनने का सपना संजो रखा था, वहीं सबसे छोटी इशिता कक्षा 11वीं की छात्रा थी। यह हादसा रविवार सुबह करीब 10 बजे का है, जब चारों युवक-युवतियां वात्रक एनीकट पर नहाने गए थे। पानी की गहराई का सही अंदाजा न लग पाने के कारण वे गहरे पानी में डूब गए। इस घटना के दौरान ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए वहां मौजूद दो अन्य बच्चों राजवीर और जयसिंह को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन इन चारों को नहीं बचाया जा सका। जब एक ही परिवार के तीन भाई-बहनों के शव गांव पहुंचे तो पूरे गांव में कोहराम मच गया और माता-पिता का विलाप सुनकर हर आंख नम हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पूर्व सांसद ताराचंद भागोरा, थानाधिकारी देवेंद्र देवल, एसआई अशोक मीणा, एएसआई सोहनलाल मीणा, मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार, लिखी बड़ी उपसरपंच राजेश प्रजापत, तहसीलदार राजेश मीणा, कानूनगो सुहाग पंचाल, पटवारी गोकुल मनात, भरत पग्गी और सुरेश भोई सहित कई पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया है। इस भयानक हादसे से पूरे चौरासी क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।
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    डूंगरपुर के धम्बोला थाना क्षेत्र के लिखी बड़ी गांव में रविवार को एक बेहद हृदयविदारक हादसा हुआ, जहां वात्रक एनीकट में नहाने गए चार भाई-बहनों की डूबने से मौत हो गई। इस भीषण हादसे ने बाबू सिंह डामोर के पूरे परिवार को कभी न भूलने वाला असहनीय दर्द दिया है। माता-पिता ने एक ही झटके में अपने तीनों बच्चों को खो दिया, जबकि उनके साथ उनकी मासी की बेटी की भी दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान हिना डामोर (24), प्रतीक डामोर (20), इशिता डामोर (15) और पालनपुर निवासी रौनक (20) के रूप में हुई है। हिना अंग्रेजी साहित्य में एमए कर चुकी थीं, प्रतीक ने हाल ही में 12वीं में 88 प्रतिशत और एसटीसी प्रवेश परीक्षा में 340 अंक पाकर शिक्षक बनने का सपना संजो रखा था, वहीं सबसे छोटी इशिता कक्षा 11वीं की छात्रा थी।

यह हादसा रविवार सुबह करीब 10 बजे का है, जब चारों युवक-युवतियां वात्रक एनीकट पर नहाने गए थे। पानी की गहराई का सही अंदाजा न लग पाने के कारण वे गहरे पानी में डूब गए। इस घटना के दौरान ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए वहां मौजूद दो अन्य बच्चों राजवीर और जयसिंह को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन इन चारों को नहीं बचाया जा सका।

जब एक ही परिवार के तीन भाई-बहनों के शव गांव पहुंचे तो पूरे गांव में कोहराम मच गया और माता-पिता का विलाप सुनकर हर आंख नम हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पूर्व सांसद ताराचंद भागोरा, थानाधिकारी देवेंद्र देवल, एसआई अशोक मीणा, एएसआई सोहनलाल मीणा, मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार, लिखी बड़ी उपसरपंच राजेश प्रजापत, तहसीलदार राजेश मीणा, कानूनगो सुहाग पंचाल, पटवारी गोकुल मनात, भरत पग्गी और सुरेश भोई सहित कई पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया है। इस भयानक हादसे से पूरे चौरासी क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।
    user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
    मुकेश कुमार आर. पंड्या
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • डूंगरपुर के धंबोला पुलिस थाना क्षेत्र के लिखी बड़ी गांव में आज सुबह नदी में नहाने गए चार बच्चों की डूबने से मौत हो गई। सुबह के समय कुल छह बच्चे नदी पर नहाने गए थे, जहां नहाते समय यह हादसा हुआ। हादसे में डूबने से लिखी बड़ी निवासी इशिता बाबू डामोर (उम्र 15 साल), प्रतीक पिता बाबू डामोर (उम्र 20 साल), हिना बाबूलाल डामोर (उम्र 24 साल) और उनके घर मेहमान आई पालनपुर (गुजरात) निवासी रोनक पिता गौतम परमार (उम्र 20 साल) की मृत्यु हो गई। इस दौरान दो अन्य बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जिनमें पालनपुर (गुजरात) निवासी राजवीर पिता कोहराम सिंह (उम्र 15 साल) और मेहसाणा (गुजरात) निवासी जयसिंह पिता सुरेश सिंह डामोर (उम्र 11 साल) शामिल हैं। सभी मृतकों के शवों को सीएचसी (CHC) सिमलवाड़ा में शिफ्ट कराया गया है। घटना के बाद मौके पर पुलिस जाब्ता मौजूद है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी हुई है।
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    डूंगरपुर के धंबोला पुलिस थाना क्षेत्र के लिखी बड़ी गांव में आज सुबह नदी में नहाने गए चार बच्चों की डूबने से मौत हो गई। सुबह के समय कुल छह बच्चे नदी पर नहाने गए थे, जहां नहाते समय यह हादसा हुआ। हादसे में डूबने से लिखी बड़ी निवासी इशिता बाबू डामोर (उम्र 15 साल), प्रतीक पिता बाबू डामोर (उम्र 20 साल), हिना बाबूलाल डामोर (उम्र 24 साल) और उनके घर मेहमान आई पालनपुर (गुजरात) निवासी रोनक पिता गौतम परमार (उम्र 20 साल) की मृत्यु हो गई।

इस दौरान दो अन्य बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जिनमें पालनपुर (गुजरात) निवासी राजवीर पिता कोहराम सिंह (उम्र 15 साल) और मेहसाणा (गुजरात) निवासी जयसिंह पिता सुरेश सिंह डामोर (उम्र 11 साल) शामिल हैं। सभी मृतकों के शवों को सीएचसी (CHC) सिमलवाड़ा में शिफ्ट कराया गया है। घटना के बाद मौके पर पुलिस जाब्ता मौजूद है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी हुई है।
    user_तेजसिंह राठौड
    तेजसिंह राठौड
    Nurse डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
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